12/11/2025
🌆 जन्म स्थान और प्रारंभिक जीवन
• पूरा नाम: पियूष मिश्रा
• जन्म: 13 जनवरी 1963
• जन्म स्थान: ग्वालियर, मध्य प्रदेश, भारत 🇮🇳
• यहीं उन्होंने अपना बचपन बिताया और यहीं से उनकी कलात्मक यात्रा की शुरुआत हुई।
• उन्होंने ग्वालियर के भारतेंदु नाटक मंडल में थिएटर से शुरुआत की। हाँ, पियूष मिश्रा ने खुद कई इंटरव्यूज़ और मंचों पर अपने अल्कोहल एडिक्शन (शराब की लत) के बारे में खुलकर स्वीकार किया है — और ये उनकी ज़िंदगी का एक बेहद संघर्षपूर्ण और प्रेरक अध्याय रहा है।
आइए थोड़ा विस्तार से समझते हैं 👇
⸻
🥃 शराब की लत और संघर्ष
• पियूष मिश्रा ने खुलकर कहा है कि एक समय ऐसा था जब वे लगातार शराब पीते थे,
और इससे उनकी ज़िंदगी, रिश्ते और करियर पर बहुत असर पड़ा।
• उन्होंने कहा था —
“मैंने अपने सबसे अच्छे साल शराब में बर्बाद कर दिए… अगर वह लत न होती तो शायद मैं और ज़्यादा काम कर पाता।”
• उनके मुताबिक, थिएटर और सिनेमा की दुनिया का तनाव, असुरक्षा और भावनात्मक अकेलापन उन्हें धीरे-धीरे शराब की ओर ले गया।
⸻
💪 मुक्ति और आत्मबोध
• बाद में, उन्होंने खुद संकल्प लेकर शराब छोड़ दी।
• उन्होंने कहा कि उन्होंने “खुद को अपने काम में डुबो दिया, संगीत में सुकून ढूँढ लिया।”
• इस बदलाव के बाद ही उन्होंने “गुलाल”, “रॉकस्टार”, और “बल्लिमारान” जैसे अद्भुत काम किए।
⸻
🎤 उनकी बातों में आत्मस्वीकृति और ईमानदारी
पियूष मिश्रा की खासियत यह है कि वे अपने अतीत को छिपाते नहीं, बल्कि
उसे सीख और प्रेरणा के रूप में पेश करते हैं।
उन्होंने कहा —
“मैं शराब में डूबा हुआ इंसान था, लेकिन अब मैं अपने शब्दों में जीता हूँ।”
⸻
✍️ उनकी एक कविता की पंक्ति (जो उनके जीवन संघर्ष को दर्शाती है):
“आरंभ है प्रचंड, बोले मस्तकों के झुंड,
आज ज़ंग की घड़ी की तुम गुहार दो…”
यह गीत गुलाल फिल्म से है,
जिसमें उनकी क्रांति, आत्मसंघर्ष और पुनर्जन्म की भावना झलकती है।
सुदर्शन नशा मुक्ति केंद्र आगरा झाँसी हाईवे मेहरा टोल प्लाज़ा न्यू आरटीओ भवन के पास हरिखेडा बालाजी आश्रम के सामने मुरार ग्वालियर ऑफिस नम्बर- 96915 80542 , 7974809916