Adarsh Ayurvedic Pharmacy

Adarsh Ayurvedic Pharmacy Discover Ayurveda's wisdom, remedies, and health tips for a natural, balanced, and healthy life.
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10/12/2025

दांत में दर्द, पीलापन मसूड़ों का दर्द होगा दूर | Pyria, Teeth Pain & Gum Swelling Home Remedies

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10/12/2025

शुगर लेवल मैनेज करना चाहते हैं तो इन नेचुरल तरीकों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं

डायबिटीज में रोजमर्रा की डाइट का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। अनियमित खानपान से ब्लड शुगर स्तर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। मीठे पदार्थों का सेवन कम करना और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नियंत्रित रखना उपयोगी माना जाता है, क्योंकि शरीर कार्ब्स को ग्लूकोज में बदल देता है। इस कारण शुगर स्तर प्रभावित हो सकता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना सहायक हो सकता है।

हाइड्रेटेड रहना भी आवश्यक माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर बेहतर तरीके से काम करता है। डायबिटीज की स्थिति में पानी को प्राथमिकता देनी चाहिए और शुगरी ड्रिंक्स जैसे सोडा या कोल्ड ड्रिंक्स से बचना बेहतर माना जाता है।

शुगर स्तर को संतुलित रखने के लिए लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ उपयोगी हो सकते हैं। अत्यधिक नमक और अत्यधिक चीनी वाले फूड्स को सीमित रखना फायदेमंद माना जाता है। दिन में कम से कम दो बार ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग करना एक अच्छा अभ्यास हो सकता है। हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, योग और रिलैक्सेशन तकनीकें तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती हैं।

यदि किसी प्रकार की समस्या या असुविधा महसूस हो तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना हमेशा उचित होता है।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
Email - aapdeepak.hdr@gmail.com

Contact - 9897902760

09/12/2025

आंवले की कांजी का कमाल - घर पे कैसे बनाये? | Best Probiotic Drink | Gut Health, Immunity & VitaminC

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In this video, Dr. (Vaid) Deepak Kumar from Adarsh Ayurvedic Pharmacy explains the powerful Ayurvedic benefits of Amla Kanji, a traditional fermented drink that supports digestion, gut health, vitamin C, skin glow, hair strength, and natural immunity as part of a healthy lifestyle.

This homemade fermented drink is made using Amla, green chili, rai (mustard seeds), carrot, beetroot, salt, and natural spices. Dr. Deepak Kumar shows the step-by-step method so you can easily prepare Amla Kanji at home.

What this video covers:
– Amla Kanji benefits
– How to make Amla Kanji at home
– Why Amla is a natural source of Vitamin C
– How this fermented drink supports digestion & gut flora
– Its role in skin glow, hair health & daily detox
– Why it can be a healthy morning drink instead of tea

Amla Kanji is a refreshing fermented beverage that fits well into daily routine. When consumed with a balanced lifestyle, it helps support better digestion, metabolism, and overall wellness.

👉 Watch the full video to learn the right preparation method and consumption guidelines.
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08/12/2025

इस तरह से खाये अपना खाना नहीं होंगे बीमार | Best 8 Ways to Eat Food | Healthy Diet | Healthy Food


08/12/2025

स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बेहद आवश्यक है

स्तन कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य विषय है, लेकिन समय पर जानकारी, पहचान और सही मार्गदर्शन से बेहतर प्रबंधन संभव है। नीचे इससे जुड़ी कुछ सामान्य जानकारी साझा की जा रही है, जिसका उद्देश्य केवल जन-जागरूकता है।

स्तन कैंसर के सामान्य लक्षण

स्तन में लगातार दर्द या असहजता

किसी भी प्रकार की गांठ या सूजन

त्वचा में लालिमा, खिंचाव या बदलाव

निप्पल से असामान्य स्राव

स्तन के आकार या निप्पल की बनावट में बदलाव

बगल में गांठ का महसूस होना

नोट: ये लक्षण अन्य कारणों से भी हो सकते हैं। सही निदान के लिए डॉक्टर से जांच जरूरी है।

संभावित कारण

पारिवारिक इतिहास

हार्मोनल असंतुलन

अस्वस्थ जीवनशैली

लंबे समय तक तनाव

धूम्रपान और प्रदूषण

शारीरिक गतिविधि की कमी

आधुनिक चिकित्सा में उपलब्ध उपचार विकल्प
डॉक्टर रोग की स्थिति और मरीज के स्वास्थ्य के अनुसार उपचार का चुनाव करते हैं, जैसे:

सर्जरी

रेडिएशन थेरेपी

कीमोथेरेपी

हार्मोनल थेरेपी

आयुर्वेद की भूमिका
आयुर्वेद का मुख्य उद्देश्य शरीर की समग्र मजबूती, रोग प्रतिरोधक क्षमता का संतुलन और जीवनशैली में सुधार पर आधारित होता है। आयुर्वेदिक उपायों को सहायक देखभाल के रूप में अपनाया जा सकता है, लेकिन किसी भी प्रकार का उपचार शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श आवश्यक है।

महत्वपूर्ण सूचना
यह पोस्ट केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे किसी भी प्रकार के चिकित्सीय निदान या उपचार का विकल्प न माना जाए। किसी भी बीमारी की स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar
Email: aapdeepak.hdr@gmail.com

Contact: 9897902760

07/12/2025

बीमारी से बचना है रात में भिगोकर खाएं ये चीजें | Best food for Cholesterol, Weakness, Heart & Stomach


07/12/2025

हमारी किचन की राजकुमारी “काली मिर्च” के पारंपरिक उपयोग और संभावित लाभ

(यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता हेतु है, व्यक्तिगत परिणाम अलग हो सकते हैं)

लो ब्लड प्रेशर में
कुछ लोग 3 दाने काली मिर्च के साथ 21 किशमिश का सेवन करते हैं। यह शरीर में सामान्य ऊर्जा को सपोर्ट कर सकता है।

जुकाम के समय
4–5 दाने काली मिर्च पीसकर दूध में उबालकर सुबह-शाम लेने से ठंड में आराम महसूस हो सकता है।

कफ की स्थिति में
एक चम्मच शहद में 2–3 बारीक कुटी काली मिर्च और एक चुटकी हल्दी मिलाकर लेने से गले में राहत मिल सकती है।

थकान और गले की खराश
काली मिर्च शरीर की थकावट को कम करने और गले को आराम देने में सहायक मानी जाती है।

ब्लड सर्कुलेशन और गैस
काली मिर्च रक्त संचार को सपोर्ट करने के साथ-साथ गैस और पेट फूलने की समस्या में भी सहायक हो सकती है।

काली मिर्च की चाय
काली मिर्च की चाय सर्दी, खांसी और वायरल में आराम देने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग की जाती है। यह पाचन में भी सहायक मानी जाती है।

त्वचा से जुड़ी समस्याएं
कुछ पारंपरिक उपयोगों में काली मिर्च का प्रयोग त्वचा की समस्याओं में किया जाता है। उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

भूख न लगना
नींबू की शिकंजी में एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर पीने से भूख में सुधार महसूस हो सकता है।

मानसिक असंतुलन की स्थिति में
कुछ पारंपरिक विधियों में काली मिर्च का उपयोग बताया गया है, लेकिन ऐसी समस्याओं में डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी होती है।

पलकों पर फुंसी
काली मिर्च को पानी में घिसकर बाहरी रूप से लगाने का पारंपरिक उपयोग बताया गया है। आंखों के आसपास प्रयोग करते समय विशेष सावधानी रखें।

पुराना जुकाम
काली मिर्च को गुड़ और दही के साथ लेने का पारंपरिक उपयोग किया जाता है। यह कुछ लोगों में आराम दे सकता है।

जोड़ों का दर्द
काली मिर्च से बने तेल से मालिश करने से जोड़ों में आराम महसूस हो सकता है।

जी मिचलाना
काली मिर्च चबाने से कुछ लोगों को मिचली में राहत महसूस हो सकती है।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह सभी जानकारियां पारंपरिक अनुभवों और सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। यह किसी बीमारी का इलाज नहीं हैं। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपने वैद्य या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar
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Contact: 9897902760

Best Food for Healthy Heart. खाने में शामिल करें ये चीजें दिल की सेहत का रखे ख्याल |
06/12/2025

Best Food for Healthy Heart. खाने में शामिल करें ये चीजें दिल की सेहत का रखे ख्याल |








06/12/2025

कैसे पहचानें थायराइड से जुड़ी परेशानी के संकेत? शरीर के इन हिस्सों में हो सकता है दर्द – सावधानी रखें

जब शरीर में थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तो इसके कुछ संकेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में महसूस हो सकते हैं। ये लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, इसलिए सही जानकारी और समय पर डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

गर्दन में दर्द व सूजन
थायराइड ग्रंथि गर्दन के सामने होती है। हार्मोन में असंतुलन होने पर इस क्षेत्र में दर्द, जकड़न और सूजन महसूस हो सकती है।

जबड़े और कानों तक दर्द
कुछ लोगों में गर्दन से होता हुआ दर्द धीरे-धीरे जबड़े और कानों तक भी फैल सकता है। ऐसी स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जोड़ों में दर्द
कुछ मामलों में घुटनों और अन्य जोड़ों में दर्द की समस्या देखी जा सकती है, खासकर जब लंबे समय तक थकान बनी रहे।

पैरों और तलवों में जलन या दर्द
ज्यादा देर खड़े रहने या चलने पर पैरों और तलवों में दर्द या जलन जैसी परेशानी हो सकती है।

मांसपेशियों में दर्द
थायराइड असंतुलन के कारण मांसपेशियों में भी दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है।

बचाव और सावधानी के लिए सामान्य सुझाव:
आयोडीन युक्त संतुलित आहार लेना, नियमित योग और प्राणायाम करना, तले-भुने और अत्यधिक मसालेदार भोजन से दूरी रखना फायदेमंद हो सकता है। किसी भी तरह के लक्षण लगातार बने रहने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

हमारी फार्मेसी द्वारा तैयार पारंपरिक आयुर्वेदिक उत्पाद जैसे थायो एक्सपर्ट, कांचनार गुग्गुल और गंडमाला कंडन रस को लेकर कई लोग सकारात्मक अनुभव साझा करते हैं। इनका उपयोग केवल विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।

यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। यह किसी भी प्रकार से रोग के निदान या उपचार का दावा नहीं करती।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
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05/12/2025

2 मिनट करें ये काम गैस से तुरंत छुटकारा | Instant Relief in Gas Problem | Stomach Pain | Gas Attack

05/12/2025

साइनस की समस्या में सहायक घरेलू उपाय

साइनस को साइनोसाइटिस भी कहा जाता है। यह नाक से जुड़ी एक आम समस्या है, जिसमें कई बार सांस लेने में असहजता, चेहरे में भारीपन और सिरदर्द जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।

इसके पीछे एलर्जी, मौसम में बदलाव, धूल-मिट्टी, संक्रमण, अस्थमा या नाक की संरचना से जुड़ी स्थितियां कारण हो सकती हैं।

कई लोग इस स्थिति में दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन कुछ सरल घरेलू उपाय भी शरीर को सहज महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सामान्य उपाय:

1. नमक वाले पानी का नाक स्प्रे
पानी में थोड़ा सा नमक और बेकिंग सोडा मिलाकर नाक की सफाई की जा सकती है। यह नाक के रास्ते को साफ रखने में सहायक हो सकता है। इसे दिन में 1–2 बार किया जा सकता है।

2. भाप (स्टीम)
भाप लेने से नाक के मार्ग खुले रहने में मदद मिल सकती है और जकड़न कम महसूस हो सकती है। गर्म पानी से भाप लेते समय पर्याप्त दूरी रखें ताकि त्वचा को नुकसान न हो।

3. तरल पदार्थ का सेवन
खुद को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। गुनगुना पानी, हल्का सूप, या फलों का रस शरीर को तरल बनाए रखने में सहयोग करता है।

4. पर्याप्त आराम
अच्छी नींद और पूरा आराम शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को सहारा देता है और कमजोरी कम महसूस हो सकती है।

5. गुनगुने पानी से सेंक
गर्म पानी में तौलिया भिगोकर नाक और गालों पर रखने से चेहरे के भारीपन और दबाव में कुछ हद तक आराम मिल सकता है।

महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer):
यह सभी उपाय सामान्य जानकारी के लिए हैं। इनका प्रभाव व्यक्ति के शरीर, उम्र और स्थिति पर निर्भर करता है। किसी भी गंभीर, लंबे समय तक बनी रहने वाली या बढ़ती हुई समस्या में योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। यह पोस्ट किसी भी तरह के इलाज या रोग-निवारण का दावा नहीं करती।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
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04/12/2025

ये बीज करेंगे दिल को मजबूत | Best Seeds for Heart Detox | Flax Seeds Benefits | BP Control


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Service to humanity is service to God. This is the principle doctrine of “GMP Certified Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya, Kankhal.” This Aushdhalaya has been rendering free services to the poor and the needy.

Mr. Deepak Kumar the talented expert Vaidya belongs to the dynasty of renowned Veteran Vaidya (Late) Shri Lallu Ji, and Late Shri Vijay Kumar Ji who laid the foundation of Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya (Regd) in 1947. It is worth remembering that Shri DEEPAK KUMAR was honored with Rastriya Swasthaya Samman Puraskar in 2004 by Central State Minister for Science and Technology, Government of India, Honorable Bacchi Singh Rawat in auspicious Alankaran Samaroh , in presence of Shri G.B.G. Krishanmurty former Chief Election Commissioner, Shri Romesh Bhandari former U.P. Governor, Shri B. Satyanarayan Reddy, former Governor(U.P.), Dr. A.R. Kidwai former Governor, Bihar.

Vaidya Deepak Kumar has been Honored with Arch of Excellence (Medicare) Award in 2006 by All India Achievers Conference, New Delhi on the occasion of 55th National Seminar on “INDIVIDUAL ACHIEVEMENTS & NATION BUILDING”

Vaidya Deepak Kumar has also been Honored with Health Excellence Award in 2007 by All India Business & Community Foundation(AIBCF) on the Occasion of National Seminar on “EMERGING INDIA :CHALLENGES & OPPORTUNITIES”