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नारियल पानी के उपयोगी गुण | Healthy Benefits of Coconut Water
17/03/2026

नारियल पानी के उपयोगी गुण | Healthy Benefits of Coconut Water




16/03/2026

बाजरे की खिचड़ी

बाजरे की खिचड़ी सर्दियों में खाया जाने वाला एक पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन है। इसे बनाना आसान है और यह संतुलित भोजन का एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

बाजरे की खिचड़ी बनाने की सामग्री

बाजरा – 1 कप (धोकर 4–5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें)

मूंग दाल – 1/2 कप (धोकर लगभग 30 मिनट भिगो दें)

देसी घी – 2 टेबलस्पून

जीरा – 1 टीस्पून

हींग – एक चुटकी

अदरक – 1 इंच (कद्दूकस किया हुआ)

हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी हुई)

हल्दी पाउडर – 1/2 टीस्पून

नमक – स्वादानुसार

पानी – लगभग 4–5 कप (आवश्यकतानुसार)

बनाने की विधि

बाजरा तैयार करें
भिगोए हुए बाजरे को मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें, इससे खिचड़ी आसानी से पकती है।

तड़का तैयार करें
कुकर में घी गर्म करें। उसमें जीरा और हींग डालकर तड़का लगाएं। इसके बाद अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का भून लें।

दाल और मसाले मिलाएं
अब मूंग दाल और हल्दी पाउडर डालकर लगभग 1 मिनट तक चलाते हुए भूनें। इसके बाद पिसा हुआ बाजरा डालकर अच्छी तरह मिला लें।

पकाएं
अब 4–5 कप पानी और स्वादानुसार नमक डालें। कुकर बंद करके 3–4 सीटी आने तक पकाएं।

परोसने का तरीका
कुकर ठंडा होने के बाद खिचड़ी निकालें। चाहें तो ऊपर से थोड़ा घी डालकर गर्मागर्म परोसें। इसे दही, अचार या पापड़ के साथ भी खाया जा सकता है।

अतिरिक्त सुझाव

चाहें तो खिचड़ी में गाजर, मटर या बीन्स जैसी सब्जियां भी मिलाई जा सकती हैं।

घी की मात्रा अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा रख सकते हैं।

Dr. (Vaid) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar
Email: aapdeepak.hdr@gmail.com

Phone: 9897902760

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14/03/2026

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14/03/2026

गुर्दे हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग हैं

गुर्दे हमारे शरीर की मूत्र प्रणाली का एक अहम हिस्सा हैं। यह रक्त को फिल्टर करने में मदद करते हैं और शरीर में मौजूद अतिरिक्त तरल पदार्थ तथा अपशिष्ट तत्वों को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालने में सहायक होते हैं। शरीर के संतुलन और सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में गुर्दों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

किडनी के स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें

गुर्दे रक्त से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ को छानने का कार्य करते हैं, जिससे शरीर का संतुलन बना रहता है। इसलिए उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है।

1. पर्याप्त पानी पीना
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। सही हाइड्रेशन शरीर के सामान्य कार्यों को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

2. नींबू पानी
नींबू में प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना कई लोग अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करते हैं।

3. अजमोद की चाय
अजमोद का उपयोग पारंपरिक रूप से विभिन्न घरेलू प्रयोगों में किया जाता रहा है। इसे पानी में उबालकर छानकर चाय की तरह पिया जा सकता है।

4. क्रैनबेरी जूस
बिना चीनी वाला क्रैनबेरी जूस कई लोग अपने आहार में शामिल करते हैं। इसे सामान्य रूप से मूत्र मार्ग के स्वास्थ्य से जुड़े आहार में लिया जाता है।

नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

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Contact: 9897902760

13/03/2026

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13/03/2026

Akhrot ka Halwa

Ingredients:
1 cup walnuts
1/2 cup milk
3 tablespoons desi ghee
2 tablespoons sugar
1/2 teaspoon cardamom powder

Method:

Put the walnuts in a mixer jar and grind them coarsely.

Heat desi ghee in a pan. Add the walnut powder and roast it on low flame for about 5 minutes.

When the walnut powder turns light brown, add milk and cardamom powder. Cook while stirring continuously until the milk dries.

Now add sugar and cook until the moisture from the sugar evaporates. When the ghee begins to separate from the mixture, the halwa is ready.

Garnish with sliced almonds and serve warm.

This halwa is commonly enjoyed during winter and can be included occasionally as part of a balanced diet.

Dr. (Vaid) Deepak Kumar
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12/03/2026

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12/03/2026

छोटी पीपल के पारंपरिक उपयोग

छोटी पीपल (Pippali) आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधे के रूप में वर्णित है। पारंपरिक रूप से इसका उपयोग पाचन शक्ति को सहारा देने, शरीर को पोषण प्रदान करने और सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है। उचित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के साथ इसका सेवन किया जाता है।

पाचन और सामान्य स्वास्थ्य के लिए
छोटी पीपल को पारंपरिक रूप से पाचक और पोषक माना जाता है। कुछ लोग इसे सुबह दूध और शहद के साथ लेते हैं। आयुर्वेदिक परंपराओं में इसे जठराग्नि को सहारा देने तथा गैस, अफरा और अपच जैसी स्थितियों में उपयोगी बताया गया है।

वजन प्रबंधन में सहायक
परंपरागत रूप से छोटी पीपल का उपयोग संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ वजन प्रबंधन में सहायक के रूप में किया जाता है। कुछ लोग इसका अल्प मात्रा में चूर्ण शहद के साथ लेते हैं या दूध में उबालकर सेवन करते हैं।

प्रतिरक्षा समर्थन के लिए
आयुर्वेद में छोटी पीपल को शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा शक्ति को सहयोग देने वाली औषधियों में माना गया है। इसे कई पारंपरिक आयुर्वेदिक योगों में भी शामिल किया जाता है।

हृदय स्वास्थ्य के संदर्भ में
कुछ पारंपरिक प्रयोगों में छोटी पीपल का चूर्ण शहद के साथ लेने का उल्लेख मिलता है। इसे संतुलित जीवनशैली और स्वस्थ आहार के साथ उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

श्वसन स्वास्थ्य के लिए
आयुर्वेद में छोटी पीपल का उपयोग श्वसन तंत्र को सहारा देने के लिए विभिन्न पारंपरिक काढ़ों और योगों में किया जाता रहा है।

सिर दर्द में पारंपरिक प्रयोग
कुछ पारंपरिक विधियों में छोटी पीपल को अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है। ऐसे प्रयोग हमेशा आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करने चाहिए।

वात संबंधी समस्याओं में
आयुर्वेद में छोटी पीपल को वात संतुलन में सहायक औषधियों में गिना जाता है। पारंपरिक रूप से इसके विभिन्न रूपों का उपयोग शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है।

सर्दी-जुकाम के पारंपरिक नुस्खों में
कई घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खों में छोटी पीपल को सौंठ और काली मिर्च जैसी जड़ी-बूटियों के साथ प्रयोग किया जाता है।

महत्वपूर्ण सूचना:
किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या घरेलू नुस्खे का उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

11/03/2026

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11/03/2026

बुजुर्ग प्याज को फोड़कर ही क्यों खाते थे?

दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे बुजुर्ग प्याज को अक्सर फोड़कर खाते थे, जबकि आजकल हम अधिकतर उसे काटकर सलाद के रूप में खाते हैं?

प्याज हजारों वर्षों से भारत सहित दुनिया के कई देशों में उगाया और खाया जाता रहा है। यह भोजन में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ कई पोषक तत्वों का स्रोत भी माना जाता है।

कुछ पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, जब प्याज को काटा जाता है तो उसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक सल्फर यौगिक हवा के संपर्क में आकर रासायनिक क्रिया करते हैं। यही कारण है कि प्याज काटते समय अक्सर आंखों में जलन और आंसू आते हैं। इसी वजह से पुराने समय में कई लोग प्याज को चाकू से काटने की बजाय हल्का फोड़कर या तोड़कर खाना पसंद करते थे।

प्याज की प्रत्येक परत के ऊपर एक पतली झिल्ली होती है। पारंपरिक तरीके में प्याज को फोड़ने से यह झिल्ली आसानी से अलग हो जाती है, जबकि काटने पर यह साथ में कट जाती है। इसी कारण कुछ लोग इसे फोड़कर खाना बेहतर मानते थे।

प्याज में क्वेरसेटिन (Quercetin) नामक एक प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में सहायक माना जाता है। यह तत्व सेब, चाय और अन्य खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। प्याज में विभिन्न विटामिन और खनिज भी होते हैं जो संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं।

हमारे बुजुर्ग अक्सर खेत से ताजा हरा प्याज लेकर सीधे भी खा लेते थे, जैसे हम सेब या अमरूद खाते हैं। यह उनकी सरल और प्राकृतिक खान-पान की आदतों का हिस्सा था।

आज के समय में प्याज को सलाद, सब्जी या अन्य व्यंजनों में कई तरीकों से खाया जाता है। चाहे आप इसे काटकर खाएं या फोड़कर, महत्वपूर्ण बात यह है कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखें।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

शरीर के लिए लाभकारी घरेलू उपाय | Daily Health Tips
09/03/2026

शरीर के लिए लाभकारी घरेलू उपाय | Daily Health Tips

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Service to humanity is service to God. This is the principle doctrine of “GMP Certified Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya, Kankhal.” This Aushdhalaya has been rendering free services to the poor and the needy.

Mr. Deepak Kumar the talented expert Vaidya belongs to the dynasty of renowned Veteran Vaidya (Late) Shri Lallu Ji, and Late Shri Vijay Kumar Ji who laid the foundation of Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya (Regd) in 1947. It is worth remembering that Shri DEEPAK KUMAR was honored with Rastriya Swasthaya Samman Puraskar in 2004 by Central State Minister for Science and Technology, Government of India, Honorable Bacchi Singh Rawat in auspicious Alankaran Samaroh , in presence of Shri G.B.G. Krishanmurty former Chief Election Commissioner, Shri Romesh Bhandari former U.P. Governor, Shri B. Satyanarayan Reddy, former Governor(U.P.), Dr. A.R. Kidwai former Governor, Bihar.

Vaidya Deepak Kumar has been Honored with Arch of Excellence (Medicare) Award in 2006 by All India Achievers Conference, New Delhi on the occasion of 55th National Seminar on “INDIVIDUAL ACHIEVEMENTS & NATION BUILDING”

Vaidya Deepak Kumar has also been Honored with Health Excellence Award in 2007 by All India Business & Community Foundation(AIBCF) on the Occasion of National Seminar on “EMERGING INDIA :CHALLENGES & OPPORTUNITIES”