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06/02/2026

पेट फूलने पर खाएं ये चीजें | How to Cure Bloating? Digestive Health | Gas

06/02/2026

महिलाओं की हेल्थ के लिए बहुत जरूरी हैं ये 5 विटामिन
जानें कैसे करें डाइट में शामिल

महिलाओं के शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ जरूरी विटामिन और मिनरल्स का संतुलन बेहद आवश्यक होता है। सही पोषण न केवल ऊर्जा बनाए रखता है, बल्कि हड्डियों, रक्त और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है। आइए जानते हैं ऐसे 5 जरूरी पोषक तत्वों के बारे में:

1. विटामिन डी
विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने, इम्यून सिस्टम को बेहतर रखने और मूड को संतुलित करने में सहायक होता है। सूर्य की रोशनी इसका प्रमुख स्रोत है, लेकिन भोजन के माध्यम से भी इसकी पूर्ति करना जरूरी है।

2. विटामिन बी-12
विटामिन बी-12 रक्त कोशिकाओं के निर्माण, नर्वस सिस्टम की सेहत और ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी और एकाग्रता में कमी हो सकती है।

3. आयरन
आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। आयरन की कमी से एनीमिया, थकान और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और आयरन-युक्त खाद्य पदार्थ इसके अच्छे स्रोत हैं।

4. कैल्शियम
कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। यह मांसपेशियों के सही कार्य और रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया में भी मदद करता है। दूध, दही और हरी सब्जियां कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।

5. फोलिक एसिड
फोलिक एसिड विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान महत्वपूर्ण होता है। यह शिशु के मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड के विकास में सहायक है और रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी भूमिका निभाता है।

संतुलित आहार और सही जीवनशैली अपनाकर इन पोषक तत्वों की पूर्ति की जा सकती है।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

05/02/2026

चश्मा हटाने के लिए खाये ये 3 चीजें | How to Imrove Weak Eyesight Naturally?

05/02/2026

सर्दी में खाने वाली पंजीरी: ऊर्जा और पोषण का अच्छा विकल्प

सर्दियों में पंजीरी का सेवन पारंपरिक रूप से किया जाता है। यह ऊर्जा और पोषण प्रदान करने वाला एक संतुलित आहार विकल्प मानी जाती है। पंजीरी बनाने में सूखे मेवे, गेहूं का आटा और घी जैसे सामान्य घरेलू पदार्थों का उपयोग किया जाता है।

पंजीरी की सामग्री

गेहूं का आटा – 1 कप

घी – 1/2 कप

गोंद – 2–3 बड़े चम्मच

सूखा नारियल (कद्दूकस किया हुआ) – 1/4 कप

मखाने – 1/2 कप

बादाम – 10–12 (बारीक कटे हुए)

काजू – 10–12 (बारीक कटे हुए)

किशमिश – 2 बड़े चम्मच

गुड़ या शक्कर – 1/2 कप (पिसा हुआ)

इलायची पाउडर – 1/2 चम्मच

बनाने की विधि

एक भारी तले की कड़ाही में घी गरम करें।

गरम घी में गोंद डालकर हल्का सुनहरा और फूलने तक तलें। ठंडा होने पर दरदरा पीस लें।

उसी घी में मखानों को कुरकुरा होने तक भूनें, ठंडा करके हल्का पीस लें।

अब कड़ाही में गेहूं का आटा डालें और धीमी आंच पर सुनहरा व खुशबूदार होने तक भूनें।

इसमें सूखा नारियल, बादाम, काजू और किशमिश डालकर हल्का भून लें।

कड़ाही को आंच से उतारकर मिश्रण को ठंडा होने दें।

ठंडा होने पर पिसा हुआ गुड़ या शक्कर और इलायची पाउडर मिलाएं।

अंत में पिसा हुआ गोंद और मखाने डालकर अच्छी तरह मिला लें।

सेवन और भंडारण

पंजीरी को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें।

सर्दियों में नाश्ते के रूप में या भोजन के बाद सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है।

शक्कर की जगह देसी गुड़ का उपयोग अधिक उपयुक्त माना जाता है।

लेखक विवरण

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

सुबह बासी मुँह इन 5 चीज़ों का सेवन क्यों उपयोगी माना जाता है? Best Food to Eat on Empty Stomach
04/02/2026

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04/02/2026

आटे के साथ में मिलाएं ये चीजें कमजोरी होगी छूमंतर | Weakness | Joint Pain | Heart Health | Fat loss



In this video, Dr. (Vaid) Deepak Kumar from Adarsh Ayurvedic Pharmacy explains the benefits of adding natural and nutritious ingredients to daily flour (atta) to support overall health and wellness. This simple dietary practice can help improve daily nutrition and support people dealing with lifestyle-related concerns.

🔹 Ingredients Discussed in This Video:
✅ Bathua
✅ Chana (Gram)
✅ Jau (Barley)
✅ Alsi (Flaxseed)
✅ Oats and other natural grains

🔹 Key Benefits of a Healthy Flour Mix:
✔️ Supports balanced nutrition for people with diabetes
✔️ Helps manage weakness and supports daily energy
✔️ Supports heart health and blood pressure balance
✔️ Helpful for joint comfort and body strength
✔️ Aids digestion and supports immunity

🌿 Why Add These Ingredients to Your Atta?
Mixing seasonal greens, pulses, and whole grains into flour is a traditional approach to improving food quality. These ingredients are rich in fiber, plant-based nutrients, and essential elements that support digestion, strength, and overall wellness when included in a balanced diet.

🎥 Watch the full video to learn how to prepare this healthy flour mix at home, when to consume it, and who can benefit the most.

04/02/2026

बालों की देखभाल में चिया सीड्स की भूमिका और उनके फायदे

चिया सीड्स को पोषण से भरपूर आहार माना जाता है। संतुलित मात्रा में और सही तरीके से सेवन करने पर यह बालों की सेहत को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

हेयर ग्रोथ को सपोर्ट करता है
चिया सीड्स में अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो बालों की सामान्य ग्रोथ प्रक्रिया को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। नियमित और संतुलित आहार के साथ इसका सेवन बालों के पोषण में योगदान देता है।

बालों को मजबूती प्रदान करता है
इसमें प्रोटीन, फॉस्फोरस, विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो हेयर फाइबर के पोषण में सहायक होते हैं। इससे बालों की मजबूती बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

बालों की प्राकृतिक शाइन बनाए रखने में सहायक
चिया सीड्स में जिंक पाया जाता है, जो बालों को बाहरी डैमेज से बचाने और स्कैल्प की देखभाल में भूमिका निभा सकता है। इससे बालों की प्राकृतिक चमक बनी रह सकती है।

बालों के झड़ने की समस्या में सहायक
चिया सीड्स में मौजूद कॉपर ब्लड सर्कुलेशन और स्कैल्प हेल्थ को सपोर्ट करता है। संतुलित सेवन से बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है, जिससे हेयर फॉल की समस्या को मैनेज करने में मदद मिलती है।

चिया सीड्स सेवन करने का सही तरीका
चिया सीड्स को भिगोकर सेवन करना बेहतर माना जाता है।

रातभर पानी या दूध में भिगोकर सुबह सेवन करें

स्मूदी या शेक में मिलाकर लें

किसी भी ठंडी डिश में मिलाकर खाया जा सकता है

नोट: किसी भी खाद्य पदार्थ का प्रभाव व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करता है। यदि बालों से जुड़ी कोई गंभीर समस्या हो, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित है।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

02/02/2026

दिल, दिमाग, आंखें और लिवर को करे मजबूत | Best Tips for Heart, Liver, Eyes & Brain | Healthy Food | Eyesight

02/02/2026

सुबह खाली पेट ये 5 चीज़ें लेने से शरीर को मिल सकते हैं कई फायदे

सुबह का समय शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय ली गई सही चीज़ें पाचन, ऊर्जा और सामान्य स्वास्थ्य को सपोर्ट कर सकती हैं। नीचे बताई गई चीज़ें पारंपरिक अनुभव और सामान्य जानकारी पर आधारित हैं।

1. गुनगुना पानी
सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पीने से शरीर में हाइड्रेशन बना रहता है। यह पाचन प्रक्रिया को सपोर्ट करता है और दिन की अच्छी शुरुआत में मदद करता है।

2. शहद
खाली पेट सीमित मात्रा में शहद लेने से शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा मिल सकती है। यह पाचन और इम्यून सपोर्ट के लिए जाना जाता है।

3. अखरोट
अखरोट पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और प्रोटीन शरीर के मेटाबॉलिज़्म और दिमागी कार्यक्षमता को सपोर्ट कर सकते हैं।

4. मेथी दाना
रात में भिगोया हुआ मेथी दाना सुबह लेने से पाचन तंत्र को सहारा मिल सकता है। यह संतुलित आहार के साथ वजन और शुगर मैनेजमेंट में सहायक माना जाता है।

5. तुलसी के पत्ते
तुलसी के पत्ते पारंपरिक रूप से इम्यून सपोर्ट और ओरल हेल्थ के लिए उपयोग किए जाते हैं। सुबह चबाने से ताजगी महसूस हो सकती है।

नोट:
यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी विशेष स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

01/02/2026

गिलोय से करे वात, पित्त और कफ को नियंत्रण | How to Balance Vaat, Pitt & Kaf? | Giloy Benefits Hindi

01/02/2026

त्वचा से सेहत तक: पारंपरिक उपयोगों में सरसों के तेल के लाभ

भारतीय रसोई में सरसों का तेल एक अहम स्थान रखता है। सब्ज़ी बनाने से लेकर विभिन्न प्रकार के आचारों तक, इसका उपयोग वर्षों से होता आ रहा है। सरसों का तेल न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि आचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करता है।

रसोई के अलावा, परंपरागत रूप से सरसों के तेल का उपयोग त्वचा और बालों की देखभाल में भी किया जाता रहा है। खासकर सर्दियों में यह त्वचा की रूखापन कम करने और शरीर को आराम देने में सहायक माना जाता है।

आइए जानते हैं सरसों के तेल के कुछ पारंपरिक और सामान्य उपयोग

1. पाचन और भूख से जुड़ा सहयोग
सरसों के तेल में बना भोजन स्वादिष्ट होने के साथ पाचन को सपोर्ट करने वाला माना जाता है। पारंपरिक रूप से इसे भूख बढ़ाने में सहायक समझा जाता है। ध्यान रखें कि तेल को अधिक जलाकर उपयोग न करें, क्योंकि अधिक गर्म तेल से भोजन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

2. बॉडी मसाज के लिए उपयोग
सर्दियों में सरसों के तेल से मालिश करने से शरीर को आराम और गर्माहट मिलती है। नहाने के बाद हल्की मात्रा में लगाने से त्वचा को नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

3. जोड़ों में असहजता के लिए मालिश
बुज़ुर्गों में जोड़ों की अकड़न या असहजता होने पर सरसों के तेल से हल्की मालिश करना पारंपरिक रूप से उपयोग में लाया जाता है, जिससे आराम महसूस हो सकता है।

4. दांतों की देखभाल में पारंपरिक प्रयोग
सरसों के तेल और नमक से मसूड़ों की मालिश करना एक पुराना घरेलू तरीका है। इसे सामान्य ओरल केयर रूटीन के पूरक के रूप में अपनाया जाता है।

5. सांस से जुड़ी परेशानी में सहायक देखभाल
परंपरागत रूप से सरसों के तेल से छाती की हल्की मालिश को आरामदायक माना गया है। किसी भी श्वसन रोग में चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।

6. हल्की चोट या त्वचा की देखभाल
घरेलू परंपराओं में सरसों के तेल को त्वचा की देखभाल और सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। किसी भी गंभीर चोट में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

7. फटे होंठ और रूखी त्वचा
सरसों का तेल होंठों और त्वचा की नमी बनाए रखने में सहायक हो सकता है। सर्दियों में इसका सीमित उपयोग लाभकारी माना जाता है।

8. बालों की देखभाल
हल्का गुनगुना सरसों का तेल बालों की मसाज के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है। यह रूखापन कम करने और स्कैल्प की देखभाल में मदद कर सकता है।

9. नाखूनों की देखभाल
नाखूनों पर तेल की मालिश से वे साफ और स्वस्थ दिख सकते हैं। इसे सामान्य ग्रूमिंग रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

सरसों का तेल भारतीय जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसे संतुलित मात्रा में भोजन और बाहरी देखभाल के लिए उपयोग किया जा सकता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में घरेलू उपायों के साथ विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

31/01/2026

7 दिन पिए ये सात जूस और पाएं चमकता चेहरा | Best Skincare Diet | Glowing Skin | Body Detox


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Service to humanity is service to God. This is the principle doctrine of “GMP Certified Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya, Kankhal.” This Aushdhalaya has been rendering free services to the poor and the needy.

Mr. Deepak Kumar the talented expert Vaidya belongs to the dynasty of renowned Veteran Vaidya (Late) Shri Lallu Ji, and Late Shri Vijay Kumar Ji who laid the foundation of Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya (Regd) in 1947. It is worth remembering that Shri DEEPAK KUMAR was honored with Rastriya Swasthaya Samman Puraskar in 2004 by Central State Minister for Science and Technology, Government of India, Honorable Bacchi Singh Rawat in auspicious Alankaran Samaroh , in presence of Shri G.B.G. Krishanmurty former Chief Election Commissioner, Shri Romesh Bhandari former U.P. Governor, Shri B. Satyanarayan Reddy, former Governor(U.P.), Dr. A.R. Kidwai former Governor, Bihar.

Vaidya Deepak Kumar has been Honored with Arch of Excellence (Medicare) Award in 2006 by All India Achievers Conference, New Delhi on the occasion of 55th National Seminar on “INDIVIDUAL ACHIEVEMENTS & NATION BUILDING”

Vaidya Deepak Kumar has also been Honored with Health Excellence Award in 2007 by All India Business & Community Foundation(AIBCF) on the Occasion of National Seminar on “EMERGING INDIA :CHALLENGES & OPPORTUNITIES”