Adarsh Ayurvedic Pharmacy

Adarsh Ayurvedic Pharmacy Discover Ayurveda's wisdom, remedies, and health tips for a natural, balanced, and healthy life.
(445)

16/02/2026

ये तीन चीजों से मिलेगा वात रोग से छुटकारा | How to Cure Vaat Dosh?

16/02/2026

हर व्यक्ति के लिए यह जानना आवश्यक है कि उनकी उम्र और लंबाई के अनुसार कितना वजन सामान्य है और कितना अधिक

हर व्यक्ति के लिए यह समझना जरूरी है कि उसकी उम्र और लंबाई के अनुसार कितना वजन सामान्य माना जाता है और कितना अधिक।

महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए आदर्श वजन अलग-अलग हो सकता है, क्योंकि यह शारीरिक संरचना, आयु और जीवनशैली पर निर्भर करता है।

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या बेहद आवश्यक है। कई स्वास्थ्य रिपोर्ट्स के अनुसार, बढ़ता हुआ वजन विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

अधिक वजन होने पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और लिवर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए वजन को संतुलित रखना समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

अध्ययनों से यह स्पष्ट है कि संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर वजन को नियंत्रित रखा जा सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए आदर्श वजन अलग हो सकता है। इसलिए उम्र और लंबाई के अनुसार वजन का अनुमान लगाना उपयोगी रहता है।

स्वस्थ वजन का अनुमान

कई लोग जानना चाहते हैं कि उनका आदर्श वजन क्या होना चाहिए। इसके लिए बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का उपयोग किया जा सकता है।

सामान्य रूप से 18.5 से 24.9 के बीच की BMI को स्वस्थ श्रेणी माना जाता है, जबकि 25 से 30 के बीच की BMI अधिक वजन की श्रेणी में आती है।

ध्यान दें कि BMI शरीर की पूरी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन नहीं करता। इसे अन्य चिकित्सीय परीक्षणों और विशेषज्ञ की सलाह के साथ समझना अधिक उचित होता है।

बच्चों के लिए आदर्श वजन

बढ़ते बच्चों का वजन उनके समुचित विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। नीचे दी गई तालिका सामान्य संदर्भ के लिए है:

उम्र | लंबाई (सेमी) | वजन (किलोग्राम)
4 माह | 62 | 6.5
6 माह | 64 | 7.5
9 माह | 70 | 8.5
12 माह | 74 | 9–10
डेढ़ साल | 80 | 10–11
दो साल | 85 | 11.75–13

पुरुषों की हाइट के अनुसार वजन (सामान्य संदर्भ)

लंबाई (फिट) | वजन (किलोग्राम)
4'6 | 29–34
4'8 | 34–40
4'10 | 38–45
5'0 | 43–53
5'2 | 48–58
5'4 | 53–64
5'6 | 58–70
5'8 | 63–76
6'0 | 72–88

महिलाओं के लिए स्वस्थ वजन (सामान्य संदर्भ)

लंबाई (फिट) | वजन (किलोग्राम)
4'6 | 28–34
4'8 | 32–39
4'10 | 36–44
5'0 | 40–49
5'2 | 44–55
5'4 | 49–59
5'6 | 53–64
5'8 | 57–69
6'0 | 65–79

यह आंकड़े सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दिए गए हैं। आदर्श वजन व्यक्ति की उम्र, शारीरिक संरचना, जीवनशैली और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। अपने स्वास्थ्य से संबंधित सही जानकारी और मार्गदर्शन के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

15/02/2026

कैसी भी शारीरिक कमजोरी होगी दूर ये दो चीजें करें प्रयोग | Remove Sexual & Body Weakness | Weakness | Veins Problem | Fatigue

आप सभी को आदर्श आयुर्वेदिक फार्मेसी की ओर से महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये | Happy Mahashivratri 2026
15/02/2026

आप सभी को आदर्श आयुर्वेदिक फार्मेसी की ओर से महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये | Happy Mahashivratri 2026

15/02/2026

आंखों की रोशनी बढ़ाने वाले आहार

बादाम दूध
सप्ताह में कम से कम तीन बार भीगे हुए बादाम से बना दूध पी सकते हैं। इसमें विटामिन ई पाया जाता है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। नियमित सेवन से त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकता है। स्वाद के लिए इसमें चुटकी भर काली मिर्च पाउडर मिलाया जा सकता है।

गाजर का जूस
गाजर में बीटा-कैरोटीन होता है, जो आंखों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए सहायक माना जाता है। दिन में एक बार ताजा गाजर का जूस लिया जा सकता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल या थोड़ी मात्रा में शहद मिलाया जा सकता है।

सौंफ का पानी
सौंफ को रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह छानकर खाली पेट इसका पानी पिया जा सकता है। यह पाचन और आंखों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।

आंवला दूध
आंवला पोषक तत्वों से भरपूर होता है। सुबह खाली पेट आंवला मिश्रित दूध का सेवन किया जा सकता है। यह आंखों के सामान्य स्वास्थ्य और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के लिए सहायक माना जाता है।

विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ
बादाम, गाजर, सूरजमुखी के बीज और पपीता जैसे खाद्य पदार्थों में विटामिन ई और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें संतुलित आहार में शामिल करना आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।

नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

14/02/2026

चाय मसाला रेसिपी

सामग्री

सोंठ – 100 ग्राम

इलायची – 50 ग्राम

काली मिर्च – 50 ग्राम

दालचीनी – 25 ग्राम

लौंग – 25 ग्राम

सौंफ – 25 ग्राम

जायफल पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच

तुलसी के पत्ते – 10–12

गुलाब की पंखुड़ी (वैकल्पिक)

विधि

सबसे पहले सोंठ को छोटे टुकड़ों में काट लें।

एक पैन गर्म करें और उसमें सोंठ को मध्यम आँच पर तब तक भूनें जब तक उसका नमी भाग समाप्त न हो जाए। फिर प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें।

उसी पैन में लौंग, काली मिर्च और इलायची डालकर हल्का भूनें।

इसके बाद दालचीनी और सौंफ डालें।

अंत में तुलसी के पत्ते और गुलाब की पंखुड़ी डालकर सभी मसालों को लगभग एक मिनट तक भूनें। जैसे ही सुगंध आने लगे, गैस बंद कर दें।

सभी मसालों को प्लेट में फैलाकर पूरी तरह ठंडा होने दें।

मिक्सर जार में पहले सोंठ को बारीक पीसकर अलग रख लें।

फिर बाकी भूने मसालों को भी बारीक पीस लें।

अंत में सोंठ पाउडर और जायफल पाउडर मिलाकर एक बार फिर मिक्स कर लें।

आपका चाय मसाला पाउडर तैयार है। इसे सूखे और साफ डिब्बे में भरकर रखें।

यह रेसिपी सामान्य उपयोग के लिए है। किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति में उपयोग से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित है।

Dr. (Vaid) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar
Email: aapdeepak.hdr@gmail.com

Mobile: 9897902760

13/02/2026

जानिए खाना खाने और पानी पीने का सही तरीका | Best Way to Eat & Drink

13/02/2026

Arogya

जलेबी सिर्फ मिठाई नहीं, आयुर्वेदिक परंपराओं में वर्णित एक पारंपरिक व्यंजन

जलेबी एक पारंपरिक भारतीय पकवान है जिसे सामान्यतः दूध, दही या रबड़ी के साथ सेवन किया जाता है। प्राचीन ग्रंथों और लोक परंपराओं में इसके कुछ पारंपरिक उपयोगों का उल्लेख मिलता है। नीचे दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित है।

जलेबी के पारंपरिक आयुर्वेदिक उल्लेख

• कुछ लोक परंपराओं में मूली के रस के साथ जलेबी सेवन का उल्लेख मिलता है।
• प्राचीन संदर्भों में इसे “जलोदर” जैसे रोगों के प्रसंग में वर्णित किया गया है।
• दही के साथ जलेबी का सेवन पारंपरिक आहार संयोजन के रूप में बताया गया है।
• दूध-जलेबी का सेवन विशेष अवसरों पर किया जाता रहा है।
• कुछ ग्रंथों में प्रातःकालीन सेवन का उल्लेख मिलता है।

यह ध्यान रखें कि ये सभी संदर्भ पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए प्रमाणित चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।

धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ

• आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा वर्णित पूजा पद्धतियों में कुछ विशेष पकवानों का उल्लेख मिलता है।
• जलेबी को कई स्थानों पर माता भगवती के भोग में अर्पित करने की परंपरा है।
• इमरती (उड़द दाल से निर्मित) का उल्लेख कुछ धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं में मिलता है।

जलेबी बनाने का ऐतिहासिक उल्लेख

प्राचीन ग्रंथों में जलेबी बनाने की विधि संस्कृत में वर्णित है।

• कुछ पुराणों में इसे “रस कुंडलिका” नाम दिया गया है।
• “भोज कुतुहल” में इसे “जल वल्लिका” कहा गया है।
• “गुण्यगुणबोधिनी” में भी इसकी विधि का वर्णन मिलता है।

जलेबी का आकार कुंडली जैसा होता है, जो भारतीय पाक परंपरा की विशिष्ट पहचान है।

यह जानकारी केवल शैक्षिक और सांस्कृतिक उद्देश्य से साझा की गई है। इसे किसी रोग के उपचार या चिकित्सा सलाह के रूप में न लें।

Dr. (Vaid) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar
aapdeepak.hdr@gmail.com

9897902760

Call now to connect with business.

12/02/2026

क्या आप भी होते है बार बार बीमार? ये चूर्ण करेगा थकान और कमजोरी दूर | Body Weakness | Stamina | Energy

12/02/2026

इस तरह से खाएं अंजीर होंगे से भी ज्यादा रामबाण फायदे | 2x Body Strength | Stamina Boost, Liver Detox

12/02/2026

आंखों के रंग से जानें आपके व्यक्तित्व के राज

क्या आपकी आंखों का रंग आपके व्यक्तित्व को दर्शाता है? इस लेख में जानें कि भूरी, नीली, हरी, ग्रे और काली आंखों के रंग से स्वभाव और आदतों के बारे में क्या संकेत मिल सकते हैं।

हमारे शरीर के कई हिस्से हमारे व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देते हैं, लेकिन आंखों का रंग खास महत्व रखता है। आंखें केवल सुंदरता ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि स्वभाव और व्यवहार के बारे में भी कुछ सामान्य संकेत दे सकती हैं। आइए जानते हैं कि आंखों के रंग के आधार पर व्यक्तित्व से जुड़े कौन-से गुण अक्सर बताए जाते हैं।

हरी आंखों वाले
हरी आंखें अपेक्षाकृत कम पाई जाती हैं। ऐसे लोगों को अक्सर आत्मविश्वासी, उत्साही और नए अनुभवों के लिए तैयार माना जाता है। ये लोग चुनौतियों का सामना करने में आगे रहते हैं और नई चीजें सीखने में रुचि रखते हैं।

भूरी आंखों वाले
भूरी आंखें सबसे अधिक सामान्य होती हैं। ऐसे लोगों को शांत, स्थिर और व्यवहारिक स्वभाव का माना जाता है। ये परिवार और मित्रों के प्रति समर्पित रहते हैं और परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं।

नीली आंखों वाले
नीली आंखों वाले लोगों को प्रायः विचारशील और संवेदनशील माना जाता है। वे गहराई से सोचने वाले और दूसरों की भावनाओं को समझने वाले हो सकते हैं। संबंधों में स्नेह और समझदारी इनकी विशेषता मानी जाती है।

काली आंखों वाले
काली आंखें गहराई और गंभीरता का संकेत मानी जाती हैं। ऐसे लोगों को अक्सर आत्मनियंत्रित और निजी स्वभाव का बताया जाता है। वे अपनी भावनाओं को आसानी से व्यक्त नहीं करते और निजी जीवन को सीमित दायरे में रखना पसंद करते हैं।

ग्रे आंखों वाले
ग्रे आंखें कम देखने को मिलती हैं। ऐसे लोगों को विश्लेषणात्मक सोच वाला और सूक्ष्म दृष्टि रखने वाला माना जाता है। वे किसी भी विषय को समझने से पहले उसे गहराई से परखने की कोशिश करते हैं और न्यायप्रिय दृष्टिकोण रख सकते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना
यह लेख आंखों के रंग और व्यक्तित्व के संभावित संबंध पर सामान्य जानकारी प्रदान करता है। इसे किसी वैज्ञानिक, चिकित्सकीय या मनोवैज्ञानिक सलाह का विकल्प न समझें। किसी भी व्यक्तिगत मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

आंखों के रंग से व्यक्तित्व के बारे में क्या संकेत मिलते हैं
आंखों का रंग कुछ सामान्य प्रवृत्तियों की ओर संकेत कर सकता है, जैसे भूरी आंखें स्थिरता से जुड़ी मानी जाती हैं, नीली आंखें संवेदनशीलता से और हरी आंखें उत्साह से। हालांकि व्यक्तित्व कई अन्य कारकों जैसे परिवेश, अनुभव और शिक्षा से भी प्रभावित होता है।

Dr. (Vaid) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar
Email: aapdeepak.hdr@gmail.com

Mobile: 9897902760

11/02/2026

ये फल रखेगा आपके बुढ़ापे को दूर | Best Anti - Ageing Fruit | Vitamin C | Hairfall | White Hair | Immunity

Address

Adarsh Ayurvedic Pharmacy, Daksh Mandir Road, Kankhal
Haridwar
249408

Opening Hours

Monday 9am - 12pm
4pm - 6pm
Wednesday 9am - 12pm
4pm - 6pm
Thursday 9am - 12pm
4pm - 6pm
Friday 9am - 12pm
4pm - 6pm
Saturday 9am - 12pm
4pm - 6pm
Sunday 9am - 12pm
4pm - 6pm

Telephone

+919897902760

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Adarsh Ayurvedic Pharmacy posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Adarsh Ayurvedic Pharmacy:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram

Adarsh Ayurvedic Pharmacy

Service to humanity is service to God. This is the principle doctrine of “GMP Certified Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya, Kankhal.” This Aushdhalaya has been rendering free services to the poor and the needy.

Mr. Deepak Kumar the talented expert Vaidya belongs to the dynasty of renowned Veteran Vaidya (Late) Shri Lallu Ji, and Late Shri Vijay Kumar Ji who laid the foundation of Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya (Regd) in 1947. It is worth remembering that Shri DEEPAK KUMAR was honored with Rastriya Swasthaya Samman Puraskar in 2004 by Central State Minister for Science and Technology, Government of India, Honorable Bacchi Singh Rawat in auspicious Alankaran Samaroh , in presence of Shri G.B.G. Krishanmurty former Chief Election Commissioner, Shri Romesh Bhandari former U.P. Governor, Shri B. Satyanarayan Reddy, former Governor(U.P.), Dr. A.R. Kidwai former Governor, Bihar.

Vaidya Deepak Kumar has been Honored with Arch of Excellence (Medicare) Award in 2006 by All India Achievers Conference, New Delhi on the occasion of 55th National Seminar on “INDIVIDUAL ACHIEVEMENTS & NATION BUILDING”

Vaidya Deepak Kumar has also been Honored with Health Excellence Award in 2007 by All India Business & Community Foundation(AIBCF) on the Occasion of National Seminar on “EMERGING INDIA :CHALLENGES & OPPORTUNITIES”