Devi Ahilya Cancer Hospital

Devi Ahilya Cancer Hospital Devi Ahilya Cancer Hospital is the world’s best Electro Homeopathic Cancer Hospital situated in Indor
(1)

इंदौर के प्रतिष्ठित देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक अजय हार्डिया और उप निदेशक डॉ आशीष हार्डिया को दैनिक भास्कर के ...
28/04/2026

इंदौर के प्रतिष्ठित देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक अजय हार्डिया और उप निदेशक डॉ आशीष हार्डिया को दैनिक भास्कर के करमवीर सम्मान 2026 के लिए चुना गया है, जो अपने क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाली इंदौर की प्रमुख हस्तियों को सम्मानित करने के लिए प्रदान किया जाता है।

प्रिय साथियों, सादर नमस्कार।आज मैं आप सभी से अत्यंत गंभीर और निर्णायक क्षण में संवाद कर रहा हूँ। इलेक्ट्रो होम्योपैथी, ज...
26/04/2026

प्रिय साथियों, सादर नमस्कार।
आज मैं आप सभी से अत्यंत गंभीर और निर्णायक क्षण में संवाद कर रहा हूँ। इलेक्ट्रो होम्योपैथी, जिसका इतिहास संघर्ष, सेवा और समर्पण से भरा रहा है, आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ से उसका भविष्य तय होना है। यह केवल एक चिकित्सा पद्धति की मान्यता का प्रश्न नहीं, बल्कि लाखों रोगियों के विश्वास, सस्ती और सुलभ चिकित्सा के अधिकार, तथा हमारे वर्षों के परिश्रम का परिणाम है।

हाल ही में स्वास्थ्य एवं अनुसंधान विभाग, भारत सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसका विषय था — “Current address of your institute for updation of records in the proposal”

इस ई-मेल में स्पष्ट किया गया है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी की मान्यता का विषय वर्तमान में अंतर-विभागीय समिति (IDC) के विचाराधीन है। साथ ही संस्थानों से उनके अद्यतन विवरण — पूर्ण पता, संपर्क नंबर, ई-मेल आईडी तथा संस्थान का छायाचित्र — तत्काल उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

साथियों, यह कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है। यह संकेत है कि सरकार अब इस चिकित्सा पद्धति को गंभीरता से परखने और अंतिम निर्णय की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके अंतर्गत—

संस्थानों का निरीक्षण

शिक्षण एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता का मूल्यांकन

क्लिनिकल डेटा का परीक्षण

औषधि निर्माण प्रक्रिया की जांच

जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का गहन परीक्षण किया जाएगा। यह हमारे लिए अंतिम अवसर भी हो सकता है।

यदि हम इस निरीक्षण में खरे नहीं उतरे, यदि हम अपने कार्यों को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत नहीं कर पाए, यदि हम आपसी मतभेदों में उलझे रहे— तो यह सुनहरा अवसर हमारे हाथों से निकल सकता है, और भविष्य में मान्यता प्राप्त करना अत्यंत कठिन, लगभग असंभव हो जाएगा।

इसलिए मैं आप सभी से कुछ स्पष्ट और विनम्र आग्रह करना चाहता हूँ—

1. एकजुटता ही सबसे बड़ी शक्ति है
व्यक्तिगत मतभेद, संगठनात्मक विवाद और आपसी आरोप-प्रत्यारोप इस समय सबसे बड़ा नुकसान कर सकते हैं। हमें यह समझना होगा कि यह लड़ाई “व्यक्ति” की नहीं, “पद्धति” के अस्तित्व की है।

2. क्लिनिकल डेटा को प्राथमिकता दें
आपके पास जो भी सफल उपचार के प्रमाण हैं— केस स्टडी, रिपोर्ट, फोटो, वीडियो— उन्हें व्यवस्थित करें। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

3. मानक और गुणवत्ता पर ध्यान दें
शिक्षण संस्थान हों या क्लिनिक— सभी को अपने कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी।

4. Proposlist Holder संस्थानों के साथ सहयोग करें
यदि आपका संस्थान सीधे प्रस्ताव सूची में नहीं है, तब भी आप अपने कार्य और डेटा के माध्यम से किसी Proposlist Holder के साथ जुड़कर इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।

5. समय का महत्व समझें
यह वह समय है जब हमें सक्रिय होना है, न कि प्रतीक्षा करनी है।

साथियों,

इलेक्ट्रो होम्योपैथी केवल एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए आशा की किरण है जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। यदि इसे उचित मान्यता मिलती है, तो भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नई क्रांति आ सकती है— सस्ती, सुलभ और प्रभावी उपचार की दिशा में।

हमारे पूर्वजों और वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस पद्धति को जीवित रखने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया है। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसे उसका उचित स्थान दिलाएं।

आइए, हम सब मिलकर इस अवसर को इतिहास में बदल दें।

एकजुट होकर, प्रमाण के साथ, और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें— ताकि आने वाली पीढ़ियाँ हमें उस पीढ़ी के रूप में याद करें जिसने इलेक्ट्रो होम्योपैथी को उसका अधिकार दिलाया।

आपका सहयोग ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।

सादर,
अजय हार्डिया, निदेशक,
देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल

26/04/2026

A post-surgery patient who had undergone chemotherapy and radiation was admitted to Devi Ahilya Cancer Hospital in Indore for treatment of severe pain, inability to eat orally, and various other complications. After receiving Electro Homeopathy Herbal Medicine treatment, the patient experienced significant relief from all complications and symptoms and was discharged satisfied. The patient's relatives expressed their opinions on the care provided.

कैंसर के इलाज में कितना खर्च लगेगा? Devi Ahilya Cancer Hospital Indorehttps://youtu.be/ycc1GPQynTo?si=liTJWRm0jYTfNKHG ....
26/04/2026

कैंसर के इलाज में कितना खर्च लगेगा? Devi Ahilya Cancer Hospital Indore
https://youtu.be/ycc1GPQynTo?si=liTJWRm0jYTfNKHG ...

with Sharing !Devi Ahilya Hospital & Research CentreCancer Pain & Palliative...

24/04/2026

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में जब मरीज देश के कई बड़े अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी राहत नहीं पा पाते, तब उम्मीद और भरोसा ही उनका सबसे बड़ा सहारा बनता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहाँ एक इसोफेगस (भोजन नली) कैंसर से पीड़ित मरीज ने निराशा के बीच इंदौर स्थित Devi Ahilya Cancer Hospital का रुख किया—और महज़ 7 दिनों में सकारात्मक बदलाव महसूस किया।

मरीज के अनुसार, जहाँ पहले उन्हें भोजन करने में लगभग 30 मिनट का समय लगता था और अत्यधिक तकलीफ होती थी, वहीं अब वे मात्र 15 मिनट में सहजता से खाना खा पा रहे हैं। यह बदलाव न केवल शारीरिक राहत का संकेत है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें नई ऊर्जा और विश्वास प्रदान करता है। स्वयं मरीज ने कहा—“अब मैं पहले से बेहतर महसूस कर रहा हूँ।”

मरीज के साथ उनकी पुत्री भी अस्पताल में मौजूद थीं, जिन्होंने उपचार के बाद संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ का इलाज और सेवाएँ दोनों ही बेहतर हैं। उन्होंने अन्य मरीजों से भी अपील की कि वे इस अस्पताल में आकर उपचार का लाभ लें।

दरअसल, 2019 में स्थापित यह अस्पताल आज कैंसर मरीजों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। यहाँ इलेक्ट्रो होम्योपैथी और हर्बल आधारित उपचार पद्धति के माध्यम से कैंसर का इलाज किया जाता है, जिसमें पौधों से बनी औषधियों का उपयोग कर शरीर की आंतरिक प्रणाली को संतुलित करने पर जोर दिया जाता है।

अस्पताल के निदेशक Ajay Hardia, जो पिछले 35 वर्षों से चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय हैं, इस पद्धति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में न केवल कैंसर, बल्कि किडनी, लिवर सहित कई अन्य बीमारियों के उपचार में भी इलेक्ट्रो होम्योपैथी का प्रयोग किया जा रहा है।

यह पद्धति बिना कीमोथेरेपी, रेडिएशन या सर्जरी के भी मरीजों को राहत देने में सक्षम है और अब तक हजारों मरीज यहाँ उपचार प्राप्त कर चुके हैं।

हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि मरीज किसी भी वैकल्पिक उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह लें और सभी पहलुओं को समझें। कैंसर जैसी जटिल बीमारी में वैज्ञानिक और प्रमाणित उपचार पद्धतियों का महत्व सर्वोपरि रहता है।

यह घटना केवल एक मरीज की कहानी नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो कैंसर से जूझ रहे हैं। Devi Ahilya Cancer Hospital जैसे संस्थान यदि मरीजों को राहत और विश्वास दे पा रहे हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत है।

गौरैया संरक्षण अभियान 'स्परो फेस्ट 2026' की थीम 'जब गौरैया चहचहाएंगी, तभी प्रकृति मुस्कराएगी' के तहत सेंट मेरी चैम्पियन ...
23/04/2026

गौरैया संरक्षण अभियान 'स्परो फेस्ट 2026' की थीम 'जब गौरैया चहचहाएंगी, तभी प्रकृति मुस्कराएगी' के तहत सेंट मेरी चैम्पियन पब्लिक स्कूल में एक शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नन्हे बच्चों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में अजय हार्डिया, मनीषा शर्मा डीएसपी उमाकांत चौधरी, साधना सूडानी और विद्यालय परिवार के कई गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन गाला मीडिया के मनीष शर्मा ने किया था।

22/04/2026

Revolution in cancer treatment? Energy-based research yields impressive results.
21/04/2026

Revolution in cancer treatment? Energy-based research yields impressive results.

3 likes. "कैंसर के इलाज में क्रांति? एनर्जी आधारित शोध के जबरदस्त नतीजे | Energy-based therapy against cancer"

भारत का अनोखा कैंसर अस्पताल | India’s unique cancer hospital | Devi Ahilya Cancer Hospital
21/04/2026

भारत का अनोखा कैंसर अस्पताल | India’s unique cancer hospital | Devi Ahilya Cancer Hospital

12 likes. "भारत का अनोखा कैंसर अस्पताल | India’s unique cancer hospital | Devi Ahilya Cancer Hospital"

21/04/2026

मनोज विश्वाकर्मा खिलचीपूर जिला राजगढ़ निवासी विगत 2 वर्षों से अहारनाल Esophagus Cancer से पीड़ित हैं यह एलोपैथी का समस्त इलाज ले चुके हैं यानी ऑपरेशन कीमोथेरेपी रेडियेशन करवा चुके हैं बीमारी रुकने के जगह बढ़ कर Lung में पहुच गई जिस कारण मरीज़ को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ा दिन रात दर्द और बैचेनी रात की नींद लेना मुश्किल हो गया कई एलोपैथी की दर्द नाशक गोलियों भी बेअसर साबित हो रही थी मरीज़ को देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पीटल के बारे में पता चला और इलाज के लिये एक सप्ताह भर्ती होकर इलेक्ट्रो होम्योपैथी हर्बल मेडिसन का ईलाज लिया मरीज़ ने पहले दिन से सभी एलोपैथी की दवाइयां बंद की गई इलेक्ट्रो होम्योपैथी की मेडिसिन ने मरीज़ के दर्द सहित सभी complications को ठीक करते हुए मरीज़ खुशी खुशी अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर गया सुनिए मरीज़ एवं उसकी पत्नी की अस्पताल के प्रति कृतज्ञता की कहानी उनके शब्दों मे 🌼🌻🌼

15/04/2026

Address

1. Anand Nagar, Chitawad Road, Navlakha
Indore
452001

Telephone

+919827058514

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Devi Ahilya Cancer Hospital posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Devi Ahilya Cancer Hospital:

Share

Category