28/03/2017
होमियोपैथी के विषय में कुछ तथ्य हैं जिनके बारे में शायद आप न जानते हों।
जैसा कि हम जानते हैं कि मनुष्य को उपचार की कई विधियां जैसे एलोपैथी, आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी के बारे में पता है।
एलोपैथी को मुख्यधारा में इस्तमाल किया जाने वाला उपचार भी कहा गया है और यह सबसे ज़्यादा कारगर उपचार भी माना जाता है।
एलोपैथी में केमिकल वाली गोलियां होती हैं और दवाइयां होती हैं जो कई तरह के विकार को ठीक कर देती है। हम में से कई लोग एलोपैथी उपचार करते हैं। आयुर्वेद या होमियोपैथी को वैकल्पिक उपचार माना जाता है और ज़्यादा मशहूर नहीं हैं। हालांकि, कई लोग यह मानते हैं कि यह वैकल्पिक उपचार ही ज़्यादा फायदेमंद होते हैं और इनमें कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होते क्योंकि इनमें भारी मात्रा में केमिकल नहीं होते। होम्योपैथिक दवा लेने से पहले बरतिये कुछ एहतियात होमियोपैथी ने वैकल्पिक उपचार के रूप में अपनी अच्छी जगह बना ली है और धीरे धीरे लोगों में इसकी पहुँच बढ़ रही है।
तथ्य 1
होमियोपैथी का मानना है कि दवाई से शरीर के रोग से लड़ने की क्षमता बढ़नी चाहिए ताकि सिर्फ दिख रहे लक्षण का ही समाधान न निकले पर परेशानी से जड़ से छुटकारा पाया जा सके।
तथ्य 2 ज़्यादातर होम्योपैथिक दवाइयां इंसान के पूरे स्वास्थ्य को सुधारने में विश्वास रखते हैं और सिर्फ एक लक्षण पर केंद्रित नहीं होती।
तथ्य 3 कई लोग यह मानते हैं कि जब असर दिखाने की बात आती है तो होमियोपैथी दवाइयां धीरे काम करती हैं। हालांकि, एक्जिमा, आर्थराइटिस और अस्थमा जैसी बीमारियों में होमियोपैथी ने अच्छे परिणाम दिए हैं।
तथ्य 4 इस मान्यता के खिलाफ कि होमियोपैथी छोटी बीमारियों में असरदार साबित होती है, इसने बड़ी बीमारियां जैसे निमोनिया, टॉन्सिलाइटिस, हेपेटाइटिस, साइनोसाइटिस आदि का कारगर उपचार किया है।
तथ्य 5 शोध से पता चला है कि संक्रमण में होम्योपैथिक, एंटीबायोटिक से ज़्यादा कारगर साबित होता है। एंटीबायोटिक माइक्रोब को उस समय के लिए दबा देता है पर होमियोपैथी शरीर की बिमारी से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।
तथ्य 6 कई लोग यह मानते हैं कि होमियोपैथी ‘फेथ हीलिंग’ करता है और इससे प्लासीबो इफ़ेक्ट आता है। हालांकि, सच्चाई यह है कि होमियोपैथी साइंस से जुड़ा है और यह काफी कारगर भी है।
तथ्य 7 होमियोपैथी में कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होते क्योंकि यह दवाई ज़्यादातर पेड़ पौधे, खनिज और प्राकृतिक चीज़ों से बनती हैं।
तथ्य 8 होमियोपैथ द्वारा दिए गए निर्देश को मानना चाहिए, जैसे दवाई कब खाएं, कितनी बार खाएं, दवाई के साथ किस तरह का खान पान होना चाहिए ताकि दवाई ज़्यादा असरदार हो।