05/11/2021
अक्सर हम आयुर्वेद में कुछ नया तलासते रहते है क्योंकि यह इतना विस्तृत है कि हमें हर एक दवा की जानकारी नहीं होती है , कई बार जब हम कुछ पढ़ते है या फिर हमें अपने से ज्यादा अनुभवी चिकित्सको से बात करने का मौका मिलता है तो कुछ नया पता चलता है और हम सोचने पर मजबूर हो जाते है कि क्या यह भी हो सकता है ??
आज हम एक ऎसी ही दवा के बारे में बताने जा रहे है जो अरिष्ठ कल्पना का एक प्रकार है ।
इस दवा का नाम है मृत संजीवनी सुरा !! जैसा कि नाम से ही समझ आ रहा होगा की यह एक सुरा है जिसमें 16% तक एल्कोहोल रहता है इसका मतलब है कि बाजार में आने वाली रेड वाईन के बराबर मात्रा में इसमें एल्कोहोल होता है ।
पर यह दवा पूर्णतः आयुर्वेदिक दवाओं के मिश्रण जैसे कि - अश्वगंधा, देवदारू,पंचमूल, जायफल, मेषश्रृंगी, बबूल एवं धतूरा आदि अनेक प्रकार की औषधियों से तैयार की जाती है जो स्वास्थ्य संबंधी अनेक फायदे पहुंचाती है ।
*मृत संजीवनी सुरा के फायदे :-
आधुनिक मतानुसार -
1. वजन की वृद्धि ।
2. रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि ।
3. बल एवं उत्तेजना वर्धक ।
4. तेज ज्वर एवं आंत्र शोथ में उपयोगी ।
5. वाजीकर एवं काम उद्दीपक ।
आयुर्वेद मतानुसार -
1. देह दृढ़कर ,पुष्टिकारक ।
2. वर्णकर , अग्निवर्धक ।
3. जीर्ण ज्वर , विसूचिका नाशक ।
4. शीतहर (शरीर ठंडा पड़ जाना में)।
मात्रा - 2 से 3 मि ली /प्रति दिन ,बराबर पानी के साथ (रात में भोजन के पश्चात ) अथवा कुशल वैद्य के परामर्श अनुसार ।
नोट - दवा का मात्रा से अधिक सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव दर्शाता है एवं यह एक मादक गुण रखने वाली औषधि है ।