18/08/2025
हाइपरटेंशन के सामान्य मिथक (Common Myths)
1. मिथक: “हाइपरटेंशन हमेशा सिरदर्द या चक्कर देता है।”
सत्य: अक्सर यह बिना लक्षण के होता है (“silent killer”)।
2. मिथक: “आप महसूस कर सकते हैं कि BP बढ़ा है।”
सत्य: BP केवल मापने से ही सही पता चलता है।
3. मिथक: “सिर्फ तनाव से ही उच्च BP होता है।”
सत्य: तनाव योगदान दे सकता है, लेकिन आनुवंशिक, जीवनशैली और अन्य कारक अधिक महत्वपूर्ण हैं।
4. मिथक: “BP सामान्य हो जाए तो दवा बंद कर दें।”
सत्य: हाइपरटेंशन अक्सर जीवनभर की स्थिति होती है, दवा बिना डॉक्टर की सलाह के बंद करना खतरनाक हो सकता है।
5. मिथक: “सिर्फ मोटापे वाले लोगों को ही हाई BP होता है।”
सत्य: मोटापा जोखिम बढ़ाता है, लेकिन सामान्य वजन वाले लोग भी हाई BP पा सकते हैं।
6. मिथक: “सिर्फ प्राकृतिक उपाय/सप्लीमेंट से हाई BP ठीक हो सकता है।”
सत्य: जीवनशैली मदद करती है, लेकिन कभी-कभी दवा आवश्यक होती है, खासकर गंभीर या लंबे समय से होने वाले केस में।
7. मिथक: “नमक कम करना केवल तब जरूरी है जब BP पहले से बढ़ा हो।”
सत्य: नमक कम करना सभी के लिए फायदेमंद है।