Rajiv dixitji official

Rajiv dixitji official Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Rajiv dixitji official, Medical and health, Jaipur.
(23)

मैं भारत को भारतीयता की मान्यता के आधार पर फिर से खड़ा करना चाहता हूं उस कार्य में लगा हुआ हूं 🙏
🇮🇳आजादी बचाओ आंदोलन🇮🇳
🙏स्वदेशी बचाओ अभियान🙏
Instagram - rajiv_dixitji_official (520K)

हींग 45 तरह के रोगों को दूर करती है….।।।।।【१】  हींग का तड़का सब्जी या दाल में लगते ही उसका स्वाद बदल जाता है। हींग वह मसा...
14/03/2026

हींग 45 तरह के रोगों को दूर करती है….।।।।।

【१】 हींग का तड़का सब्जी या दाल में लगते ही उसका स्वाद बदल जाता है। हींग वह मसाला है, जी सभी को क्रियाशील या एक्टिव कर देती है। इसके सेवन से दूषित वायु का पेट से निष्कासन होता रहता है।

【२】 आयुर्वेदिक निघण्टु में उल्लेख है कि-दांतों-मसूढ़ों में दर्द है, तो 20 mg हिंग, लौंग 10 नग, इलायची 5 नग एवं सेंधानमक 2 ग्राम 100 मिलीलीटर पानी में उबालकर आधा रहने पर गुनगुने पानी से गरारे करें।

【३】 सुबह शाम अमृतम डेन्ट की मंजन,,,,
सुबह-शाम दांतों में 3 मिनिट तक लगाकर कुल्ला करें।

【४】 वैद्य विशारद स्वानुभव पुस्तक के एक फार्मूले के अनुसार- 100 mg चोखी हींग को आम मिंगी 20 ग्राम, कपूर 3 ग्राम कूटकर उसे 20 ML पुदीने के रस, 2 ग्राम सेंधानमक, 2 ग्राम कालीमिर्च, 10 ग्राम, 1 ग्राम अजवायन, 1 ग्राम कालादाना गुड़ और नीबू रस के साथ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर सूखा लेवें।

सुबह एक गोली सादे जल से लेवें और 2 घण्टे तक जल के अलावा कुछ न लेवें।

यह गोली पेट की अनेक समस्या का अंत कर देती है। अफारा, गैस की तकलीफ, हैजा की बीमारी में फायदेमंद है।

【५】हींग का सेवन से रक्त में कोलेस्ट्रॉल व ट्राई ग्लिसराइड को कम होकर ह्र्दयगत रोगों से रक्षा होती है।

【६】हींग में पाया जाने वाला क्यूमेरिन नामक तत्व में खून को पतला करने में गुणकारी है, इससे खून का थक्का नहीं बनता।

【७】पुराने वैद्य गण ह्र्दयगत विकारों में हिंवाष्टक चूर्ण का निरन्तर उपयोग कराते थे, जिससे वायु विर्सजन होता रहता था।

【८】भारत भैषज्य ग्रन्थ के मुताबिक- 10 mg हींग को गुड़ में मिलाकर खाने पर हिचकी आना बंद हो जाती है।

【९】स्वास्थ्य विशेषांक के हिसाब से- पेशाब आने में दिक्कत हो या मधुमेह से अधिक पीड़ित हों तो 100 मिलीग्राम हींग को जीरा, सौंफ के अर्क के साथ मिलाकर सुबह खाली पेट लेने से काफी राहत मिलती है।

【१०】एक गिलास गर्म पानी में हीग मिलाकर पीने से यौन शक्ति में इजाफा होता है। इससे पुरुष और महिला के यौन अंगों में खून का दौरा बढ़ जाता है और यौन सम्बन्ध में रुचि बढ़ जाती है।

【११】कैंसर नाशक हींग–हींग के नियमित उपभोग से कैंसर का खतरा घट जाता है। इसमें पाए जाने वाले ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट के कारण फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान से बचाव होता है और इस प्रकार कैंसर होने की संभावना कम होती है।

【१२】कीड़े का काटना–मकड़ी या किसी कीड़े के काटने या डंक मारने पर पके केले के टुकड़े के साथ चुटकी भर हिंग निगलने से दर्द और सूजन में आराम आता है।

【१३】मधुमक्खी डंक मार दे तो हिंग को पानी में घिस पर गाढ़ा पेस्ट बना कर लगाने से आराम मिलता है।

【१४】महर्षि चरक के अनुसार हींग का सब्जी, दाल में नित्य उपयोग दमा के रोगियों के लिए रामबाण औषधि है।

【१५】स्त्री विकारों का असरकारक–महिलाओं के मासिकधर्म की तकलीफों का अंत-तुरन्त… 20 मिलीग्राम शुद्ध हींग भुजंकर, 10 मुनक्के, 5 छोटी हरड़, 5 ग्राम मेथीदाना, 3 ग्राम कस्तूरी मैथी, जीरा, सौंफ, मुलेठी 1-1 ग्राम व काला नमक सबको एक गिलास पानी में मिला कर रात्रि में किसी मिट्टी के पात्र में रात भर गलने दें।

सुबह इसे आधा रहने तक उबाले। एक महीने इस काढ़े को नियमित सुबह खाली पेट पीने से लिकोरिया, सफेद पानी की शिकायत, पीसीओडी जैसा भयंकर रोग भी जड़ से दूर हो जाता है।

【१६】हींग से सेवन से अनेक अज्ञात मासिक धर्म सम्बंधित परेशानियाँ जैसे- माहवारी के समय होने वाला पेटू,पेट दर्द,कमरदर्द एवं अनियमितता आदि में कारगर चिकित्सा है।

【१७】गजब की सुंदरता बढ़ाने के लिए यह घरेलू उपाय कारगर है। इसे 13 साल की बच्ची से 50 वर्ष तक महिलाओं को लेना हितकारी है।

~विशेष-जिन महिलाओं की योनि में ढ़ीलापन आ गया हो, उन्हें 100 mg हींग में 5 ग्राम मेथीदाना, नागकेशर 500 mg और 10 ग्राम मुल्तानी मिट्टी किसी कपड़े में बांधकर रात मको योन्य के अंदर रखें। इससे योनि की बदबू भी मिट जाती है। सुबह कपड़े को फेंक देंवें।

【१८】शुद्ध हींग पानी में 4 से 5 घण्टे तक घोलने पर सफेद हो जाती है।

【१९】माचिस की जलती हुई तीली हींग के पास लाने से चमकदार लौ निकलती है तथा यह पूरी तरह जल जाती है।

【२०】आमतौर पर बाजार में मिलने वाली पिसी या खड़ी, दरदरी हींग में गोंद, चावल का आटा या स्टार्च, मिलाते हैं, ताकि कड़वापन कम हो सके।

【२१】हींग को तेज गरम देशी घी में भुजंकर आयुर्वेदिक दवाओं में उपयोग किया जाता है।

【२२】हींग पाचनतंत्र को ठीक करने में बहुत लाभकारी छोटे बच्चों के पेट फूलने पर या जब पेट में वायु की तकलीफ होती है, तो हींग को पानी में घोल कर पेट पर लेप लगाने से तुरन्त राहत मिलती है।

【२३】कफ-खासी की श्रेष्ठ ओषधि हींग–

छाती में जमा कफ निकालने के लिए हींग के साथ त्रिफला, सेंधानमक, शहद और अदरक का रस मिलाकर जल सहित मंदी आंच में पाककर सुबह खाली पेट लेने से कुकर खाँसी, अस्थमा तथा सूखी खांसी भी ठीक हो जाती है।

【२४】जिद्दी खांसी का रामबाण फार्मूला–

पुरानी से पुरानी जिद्दी खांसी जड़ से मिटाने का एक अवधूत साधु द्वारा बताया गया एक टोटका या उपाय जरूर आजमाएं। तीन दिन करें यह

■~ घरेलू उपाय-पहले मिट्टी का छोटा मटका लेकर उसकी बाहरी साथ पर हींग के पानी का लेप करके सूखा लें।

रात को सोने से एक घण्टे पहले तीन छुहारे कूटकर 200 ग्राम गुठली सहित लेकर दूध में इसी मिट्टी के मटके में अच्छी तरह ओटाएँ। गुनगुना रहने पर केवल दूध पीकर, बचे छुआरे को फ्रिज में रखें।

दूसरी रात इसी छुआरे में दूध डालकर फिर उबाले और दूध अकेला पीकर छुआरे फ्रिज में रख देंवें। तीसरी रात बचे छुआरों में फिर दूध मिलाकर उसी मटके में उबाले तथा छुआरे सहित दूध का सेवन करें।

तीनों दिन दूध पीने के बाद पानी नहीं पियें।

दूध उबालने के बाद मटके को रोज पानी से धोकर-साफ करके उल्टा करके रखें। दूसरे दिन पुनः हींग के पानी से लेप कर, दूध उबालें।

तीनों दिन दूध पीने के बाद पानी नहीं पीना है।

परहेज- रात में दही, अरहर की दाल नहीं खाएं।

【२५】हींग दीपण, पाचन, वातानुलोमक होती है।

【२६】कफ की दुगन्ध दूर करती है।

【२७】सूखे कफ को ढिला कर बाहर निकाल कर फेफड़ों के संक्रमण को मिटा देती है।

【२८】वात नाड़ियों को बलदायक है।

【२९】हींग गर्भाशय संकोचक होती है।

【३०】हींग पेट के सूक्ष्म कृमि, कीड़े का नाशकर खुजली, सफेद दाग, दाद में लाभकारी है।

【३१】हींग मधुमेह जैसे रोगों को पसीने द्वारा निकालकर प्रतिहार करती है।

【३२】हींग को देशी घी में भुजंकर लेने से कभी उल्टी जैसा मन नहीं होता।

【३३】अमाशय (Stomach) आंतों की शिथिलता, कमजोरी, चिकनापन हींग के सेवन से कम होता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण बहुत ही लाभकारी है।

【३४】विषमज्वर में प्रतबन्धन कई दृष्टि से अन्न के साथ हींग का व्यवहार किया जाता है।

【३५】महिलाओं को प्रसव के बाद इसके उपयोग से आर्तवशुद्धि होती है।

【३६】बार बार होने वाले गर्भपात को रोकने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता था।

【३७】गर्भ रुकते ही ६ग्राम हींग की ६० गोलियां बनाकर प्रारम्भ में एक गोली दिन में 2 बार देते थे। बाद में हर माह मात्रा बढ़ाते हुए 10 गोली रोज देते थे। और 6 महीने बाद इसकी मात्रा कम करते जाते थे।

【३८】36 गढ़ के नागलोक, फुंकार आदि ग्रामीण नामक स्थान में नारियल के दूध में हींग को बहुत उबालकर सर्पदंश के स्थान पर लगाते हैं।

【३९】किसी विषैले कीड़े के काटने पर ओझा लोग हींग का पानी नाक में टपकाते हैं।

【४०】बिच्छू के काटने पर हींग लगाने से दर्द व जहर कम होता है।

【४१】बच्चों के पेट फूलने पर हींग को पानी में उबालकर पेट में लगाने से आध्मान शूल दूर होता है।

【४२】हींग को अफीम के साथ मिलकर उसे भयंकर दांत या मसूढ़ों पर लगाने से तुरन्त राहत मिलती है। इसे गड्ढे में रखें।

【४३】हींग, सेंधानमक तथा लहसुन तीनों को मिलाकर तेल बनाकर कर्णरोग, बहरापन, कमसुनाई पड़ना आदि दूर होते हैं।

【४४】नाक में फुंसी होने पर हींग के साथ गीला चुना मिलाकर लगाने से फुंसी बेथ जाती है।

【४५】अघोरी की तिजोरी से बालों के लिए चमत्कारी उपाय–

घर में ही बनाएं…हींग हर्बल हेयर क्वाथ….
एक मिट्टी का नया मटका लेकर उस पर 10 दिन तक रोज हींग का अंदर-बाहर लेप लगाकर सुखाएं। यह पात्र शुद्ध हो जाएगा।

■~ इस मिट्टी के पात्र में 10 दिन बाद अमृतम आंवला चूर्ण, अमृतम बहेड़ा चूर्ण, अमृतम त्रिफला चूर्ण, अमृतम भृङ्गराज चूर्ण,सभी एक-एक चम्मच। शिकाकाई, अनंतमूल, निलिनी पत्ती सभी 20-20 ग्राम सबको मिलाकर लगभग 1 लीटर पानी में 12 घण्टे भिगोकर रखें। इसके बाद इसे एक चौथाई रहने तक उबालकर छान लेवें।

■~ छने हुए काढ़े में अलसी के बीज उबालकर उसका रस निकालें। निकले हुए रस में आधा चम्मच नारियल तेल, नीलगिरी तेल, हेम्प ऑयल सभी को मिलाकर अच्छी तरह फेंटकर बालों में लगाकर एक दिन सूखने देंवें। फिर सादे जल या अमृतम हेयर थेरेपी शेम्पू से बाल धोकर हल्की धूप में सुखाएं।

■~ हींग हर्बल क्वाथ के फायदे-
बालों का कोई भी रोग, कीड़ा लग्न, बाल पतले होना, झड़ना-टूटना, रंग फीका पड़ना, रफ होना, जूं, रूसी, खुजली आदि विकार इसके उपयोग से 7 से 10 बार लगाने पर ठीक हो जाते हैं।

कुन्तल केयर हर्बल मॉल्ट का तीन महीने सेवन करें, ताकि पाचनतंत्र की गड़बड़ी से उत्पन्न केशरोग ठीक हो सकें।

आस पराई जो करे, जो होतन ही मर जाये…
दुनिया को हींग देने वाला भारत अभी दूसरे देशों के भरोसे बैठा है। भारत की बहुत सी जनता “हींग खाकर केवल हिंगने के अलावा दूसरी चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देती। यह दुुःख का भी विषय है।

कभी बादाम केर्लीफोनिया से आयात होता था, अब भारत बहुत आत्म निर्भर हो रहा है। यहां मान्यता है कि बादाम खाने से अक्ल आती है, लेकिन गुरुजन बताते हैं कि- ठोकर, धोखा खाने से भी अक्ल आ जाती है। अच्छी गर्व की बात यह है कि-भारत के बादाम की अनेक देशों में मांग बढ़ रही है।

लोगों को शायद कम पता होगा कि हींग घर या किसी उद्योग में निर्मित नहीं जाती बल्कि यह हींग के वृक्षों से प्राप्त होता है। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि दुनिया में सर्वाधिक हींग का प्रयोग भारत में सबसे ज्यादा होता है लेकिन उत्पादन न के बराबर…….? हींग भारत में बहुत ही कम मात्रा में पैदा होता है।

किसी जमाने में आगरा शहर हींग के कारोबार में विश्वविख्यात था। आज भी “आगरा में हींग की मंडी” के नाम से पूरा एक बाजार है लेकिन अब व्यापार उतना नहीं होता।

उत्तरप्रदेश के हापुड़-हाथरस की हींग वर्तमान में सबसे सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। हाथरस के लोहट बाजार अकेले में हींग को साफ-शुद्ध, प्रॉसेस करने वाली करीब 65 से अधिक यूनिट स्थापित है। यहां लगभग 1000 करोड़ का कारोबार हिंग से होता है।

हींग के धंधे का बहुत बड़ा बाजार है- देश की राजधानी दिल्ली। यहां खारी बाबड़ी इलाका बहुत बड़ी मंडी बन चुका है।

हींग तेरे नाम अनेक….

हिंदी- हींग, बंगाली- हिंगु।

मराठी- हिंग। तेलगु- इङ्गव, इंगुरा।

ता.- पेरूँगीयम, पेरुग्यम,

कन्नड़- हिंगु।

फारसी- अंगुजह, अंगुजा, अंधुजेह-इलरी।

गुजराती- हिंगड़ो, वधारणी, हिंग वधारणी।

अरबी- हिल तीत्, हिलतीस।

अंग्रेजी में हींग को असेफीटिडा (Asafoetida)

कहते हैं। हिंग लेटिन भाषा में नाम –

फेरूला नार्थेक्स (Ferula foetida Regel) है।

बाजार में बिक्रय होने वाली हिंग के नाम…

चोखी हींग, हीरा हींग, राब हींग, तलाव हींग अच्छी मानी जाती है।

हींग सर्वप्रसिद्ध वस्तु एक मुस्लिम विदेशी पेड़ का निर्यास यानि रस है। हिंग की अनेक जातियां है और विभिन्न स्थानों पर होती हैं।

देश दुनिया में सही हिंग की जानकारी न होने पर 90 फीसदी मिलावटी हिंग बिकती है। शुद्ध हींग की कीमत लगभग 40 से 50000/- रुपये किलो है। अमृतम के सभी उत्पादों में शुद्ध हिंग का ही उपयोग या मिश्रण किया जाता है।

हींग में कई तरह के विटामिन, खनिज जैसे कैल्शियम , फास्फोरस , आयरन , केरोटीन , राइबोफ्लेविन , और नियासिन आदि होते हैं।

हींग में फेरूलिक एसिड नामक फीटो केमिकल की अधिक मात्रा का होना इसके औषधीय गुण का मुख्य कारण होता है।

फेरूलिक एसिड में एंटी कैंसर , एंटी इंफ्लेमटरी , एंटी ट्यूमर , एंटी वायरल , एंटी बेक्टिरियल , एंटी स्पास्मोडिक , तथा एंटीऑक्सीडेंट गुण समाहित रहते है।

प्रत्येक वृक्ष से ३०० से ५०० ग्राम हींग मिल सकती है। देशी हींग की अपेक्षा काबुली हींग सर्वश्रेष्ठ होती है।

हींग के दो प्रकार हैं- एक हींग काबूली सुफाइद (दुधिया सफेद हींग) और दूसरी हींग लाल। हींग का तीखा व कटु स्वाद है और उसमें सल्फर की मौजूदगी के कारण एक अरुचिकर तीक्ष्ण गन्ध निकलता है।

मिलावटी हींग–

हींग में कंकड़, बालू, मिट्टी, मूल के टुकड़े, गोदन्ती, बबूल गोंद, आटा आदि मिलाया जाता है। कभी-कभा जिन के कपड़े को वार्निश लगाकर डली बनाकर बेचते हैं।

हींग के वृक्ष से दूधिया रंग रबड़ की तरह जैसा पदार्थ निकलता है, जिसे धूप में सुखाने के बाद जो गोंद बन जाता है यही हींग है।

बंधानी हींग (Compounded Asafoetida) शुद्ध हींग न होकर निम्नलिखित घटको का मिश्रण होती है:

हींग 30%, मैदा, चावल का आटा, अरबी गोंद।

शुद्ध हींग बहुत तीक्ष्ण होता हे अतः इसे गेहूं के आटे मे मिलाकर तैयार करते हे।

हींग का महत्व व मसाले की कुछ विचित्र बातें…

जिस प्रकार रिश्तों में धर्मपत्नी के भाई अर्थात साले का योगदान होता है, वैसे ही मसाले में हींग का है। बस, हिंग का महत्व थोड़ा कम है और साले का दम से है। हींग गुम पेट में तहलका मचा देता है और साला कभी-कभा खुशी में गम ला देता है। कई बार दुःख में साथ भी निभाता है।

बुजुर्ग लोग कहते थे- हींग रखने वाला, …आला गन्ध से महकता बहुत है और दीवाल खराब कर देता है। सालों के लिए यह कहावत सबने सुनी ही होगी कि-

दीवार बिगाड़ी आलों ने, घर बिगाड़ा सालों ने।

इसका मतलब या अर्थ वही बता पायेगा, जिसने अनुभव लिया होगा।

हजारों वर्ष पूर्व भारत में सर्वाधिक हींग उत्पादक देश था, लेकिन लुटेरे सिकन्दर ने भारत में बहुत तबाही मचाकर अनेक संस्कृतियों को जड़ मूल से नष्ट कर दिया था।

इन हींग पौधों को जड़मूल से नष्ट कर बहुत से पौधे अपने साथ ले गया था। अधिकांश मुस्लिम लुटेरों को भारत के इतिहास में महान बताया, पढ़ाया जाता है जबकि उसने भारत को जमकर लुटा। उत्पात मचाया। बलात्कार किये। मन्दिर तोड़े और जाने कितना अनिष्ट किया। फिर कहते हैं सिकन्दर महान था।

हींग मुख्यत: काबुल, हिरात, खुरासान, फारस एवं अफगानिस्तान और ईरान में पैदा होता हैं। इस पेड़ से एक भयंकर गन्ध युक्त गाढा दूध निकलता है, जो रबड़ की तरह खिंचता से महसूस होता है। हींग के बारे में एक रोचक तथ्य यह भी है कि हींग की तीक्ष्ण गंध के कारण इसे शैतान की लीद (डेविल्स डुंग/Devil’s Dung) भी कहा जाता है।

हींग के पौधे 2 से 3 सेंटीमीटर तक ऊंचा होता है। पत्ते अनेक भागों में विभक्त, अजमोद या अजवायन के पत्तों के समान कटे किनारे वाले तथा 30 से 60 सेंटीमीटर लम्बे होते हैं। इन पौधों से निकला दूध इसे रेज़ीन कहते हैं।

हींग एक बारहमासी शाक है। इस पौधे के विभिन्न वर्गों के भूमिगत प्रकन्दों व ऊपरी जडों से रिसनेवाले शुष्क वानस्पतिक दूध को हींग के रूप में प्रयोग किया जाता है।

14/03/2026
श्री राजीव दीक्षित जी ज्ञान
14/03/2026

श्री राजीव दीक्षित जी ज्ञान

14/03/2026

पथरी का इलाज
#पथरी_का_इलाज

#पथरी_से_निजात

14/03/2026

Constitution के बारे में क्या कहा था भीमराव अंबेडकर ने

देसी टमाटर (Desi Tomato) दिखने में साधारण जरूर लगता है, लेकिन इसके फायदे बहुत खास होते हैं। ज़्यादातर लोग इसके कुछ आम ला...
13/03/2026

देसी टमाटर (Desi Tomato) दिखने में साधारण जरूर लगता है, लेकिन इसके फायदे बहुत खास होते हैं। ज़्यादातर लोग इसके कुछ आम लाभ जानते हैं, पर नीचे दिए गए फायदे ऐसे हैं जिनसे कई लोग अभी भी अनजान हैं 🍅👇

---

🍅 1️⃣ देशी टमाटर में ज्यादा लाइकोपीन होता है

देसी टमाटर में संकर (Hybrid) टमाटर की तुलना में लाइकोपीन अधिक पाया जाता है।
👉 लाइकोपीन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो
• शरीर की सूजन कम करता है
• दिल की बीमारियों से बचाता है
• त्वचा को धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है

---

🍅 2️⃣ प्राकृतिक खट्टापन पाचन सुधारता है

देसी टमाटर का हल्का खट्टा स्वाद पेट में पाचक रस बढ़ाता है।
👉 इससे
• भूख खुलकर लगती है
• गैस और अपच कम होती है
• भारी खाना भी जल्दी पचता है

---

🍅 3️⃣ खून साफ करने में सहायक

देसी टमाटर शरीर से विषैले तत्व (Toxins) बाहर निकालने में मदद करता है।
👉 नियमित सेवन से
• त्वचा पर निखार आता है
• मुंहासे कम होते हैं
• खून की अशुद्धियाँ कम होती हैं

---

🍅 4️⃣ गर्मियों में प्राकृतिक बॉडी कूलर

देसी टमाटर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स भरपूर होते हैं।
👉 यह
• लू से बचाता है
• शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता
• थकान और चक्कर कम करता है

---

🍅 5️⃣ जोड़ों के दर्द में लाभकारी

इसमें मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व शरीर की सूजन कम करते हैं।
👉 गठिया और जोड़ों के दर्द में आराम मिल सकता है।

---

🍅 6️⃣ त्वचा को बनाता है प्राकृतिक रूप से चमकदार

देसी टमाटर विटामिन C और आयरन का अच्छा स्रोत है।
👉 यह
• कोलेजन निर्माण बढ़ाता है
• झुर्रियाँ कम करता है
• त्वचा को टाइट और जवान बनाए रखता है

---

🍅 7️⃣ पुरुषों की सेहत के लिए विशेष फायदेमंद

देसी टमाटर प्रोस्टेट ग्रंथि की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
👉 नियमित सेवन से पुरुषों में बढ़ती उम्र की समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।

---

🍅 8️⃣ मधुमेह रोगियों के लिए बेहतर

देसी टमाटर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।
👉 यह
• ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ने देता
• वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है

---

🍅 9️⃣ इम्यूनिटी को प्राकृतिक रूप से मजबूत करता है

देसी टमाटर में विटामिन A, C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं।
👉 शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है।

---

🍅 🔟 कैंसर से बचाव में सहायक

देसी टमाटर में मौजूद लाइकोपीन और अन्य एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं।
👉 खासकर प्रोस्टेट और पेट से जुड़े कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक।

टमाटर सिर्फ सब्जी का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह औषधीय गुणों का खजाना है। इसे "गरीबों का सेब" भी कहा जाता है क्योंकि य...
13/03/2026

टमाटर सिर्फ सब्जी का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह औषधीय गुणों का खजाना है। इसे "गरीबों का सेब" भी कहा जाता है क्योंकि यह कम कीमत में बेहतरीन पोषण देता है।

यहाँ टमाटर के कुछ अद्भुत फायदे दिए गए हैं:

1. दिल की सेहत (Heart Health)
टमाटर में लाइकोपीन (Lycopene) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे दिल के दौरे का खतरा कम होता है।

2. चमकदार त्वचा और बाल
अगर आप ग्लोइंग स्किन चाहते हैं, तो टमाटर आपका सबसे अच्छा दोस्त है।

* यह सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से त्वचा की रक्षा करता है।
* इसमें मौजूद विटामिन C कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे झुर्रियां कम होती हैं।

3. वजन घटाने में सहायक
टमाटर में पानी की मात्रा अधिक और कैलोरी बहुत कम होती है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे आप अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं।

4. आंखों की रोशनी
टमाटर में विटामिन A और बीटा-कैरोटीन प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये तत्व आंखों की रोशनी बढ़ाने और रतौंधी (Night Blindness) जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं।

5. मजबूत हड्डियाँ
टमाटर में विटामिन K और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने और बोन टिश्यू की मरम्मत करने में सहायक है।

टमाटर के पोषक तत्व (प्रति 100 ग्राम)
| पोषक तत्व | मात्रा (लगभग) |
|---|---|
| पानी | 95% |
| विटामिन C | 14 मिग्रा |
| पोटैशियम | 237 मिग्रा |
| कैलोरी | 18 kcal |
> प्रो टिप: टमाटर को कच्चा खाने के बजाय थोड़ा पकाकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि पकाने से इसमें मौजूद लाइकोपीन शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित (Absorb) होता है।

आंतों में मल क्यों चिपक जाता है?* आयुर्वेद में पेट और आंतों की समस्या का मुख्य कारण अग्नि (पाचन शक्ति) की कमजोरी और “आम”...
13/03/2026

आंतों में मल क्यों चिपक जाता है?
* आयुर्वेद में पेट और आंतों की समस्या का मुख्य कारण अग्नि (पाचन शक्ति) की कमजोरी और “आम” का बनना माना गया है। जब भोजन सही से नहीं पचता तो शरीर में आम (टॉक्सिन) बन जाता है और यह आंतों की दीवारों में चिपककर मल को जमा कर देता है। इससे कब्ज, गैस, पेट भारी रहना और कई रोग हो सकते हैं।
आंतों में मल चिपकने के मुख्य कारण:-
1️⃣ कम पानी पीना
अगर शरीर में पानी की कमी होती है तो मल सूख जाता है और आंतों में चिपकने लगता है। इससे मल त्याग कठिन हो जाता है।
2️⃣ फाइबर की कमी
फल, सब्जियां और साबुत अनाज कम खाने से मल की मात्रा कम हो जाती है और वह आंतों में चिपक सकता है।
3️⃣ तला-भुना और भारी भोजन
अत्यधिक तला-भुना, फास्ट फूड और ज्यादा मसालेदार भोजन पाचन अग्नि को कमजोर कर देते हैं।
4️⃣ कमजोर पाचन शक्ति
जब पाचन अग्नि कमजोर होती है तो भोजन पूरी तरह पच नहीं पाता और आम (toxins) बनता है, जो आंतों में जमकर मल को चिपका देता है।
* आयुर्वेदिक उपाय:-
1️⃣ सुबह गुनगुना पानी
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से आंतों की सफाई होती है और पाचन क्रिया सक्रिय होती है।
2️⃣ त्रिफला चूर्ण
रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला गुनगुने पानी के साथ लेने से आंतें साफ होती हैं और कब्ज दूर होती है।
त्रिफला आंतों को साफ करके आम और टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है।
3️⃣ इसबगोल की भूसी + दही
इसबगोल में प्राकृतिक फाइबर होता है जो मल को नरम बनाकर आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है।
4️⃣ घी वाला दूध
रात को हल्का गर्म दूध में थोड़ा गाय का घी मिलाकर पीने से आंतों में चिकनाई आती है और कब्ज की समस्या कम होती है।
आयुर्वेद का सिद्धांत
आयुर्वेद के अनुसार
पाचन अग्नि कमजोर होने पर आम (toxins) बनता है
* यही आम शरीर की नाड़ियों और आंतों में रुकावट पैदा करता है।
* सही आहार और औषधियों से इसे बाहर निकालना जरूरी है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों के संदर्भ:-
* चरक संहिता (Charaka Samhita) त्रिफला को पाचन सुधारने और आंतों को साफ करने वाली औषधि बताया गया है।
* सुश्रुत संहिता (Sushruta Samhita) कब्ज और पाचन रोगों में त्रिफला और आहार सुधार का उल्लेख मिलता है।
* अष्टांग हृदयम् (Ashtanga Hridayam) पाचन अग्नि और आम को कई रोगों का मुख्य कारण बताया गया है।
* अगर आंतों में मल जमा हो जाए तो कब्ज, गैस और कई रोग शुरू हो सकते हैं।
* आयुर्वेद के अनुसार सही आहार और कुछ सरल उपायों से आंतों की सफाई और पाचन को मजबूत किया जा सकता है।

12/03/2026

सभी तरह का दर्द एकदम ठीक होगा
#सभी_दर्द_ठीक
#दर्द_से_राहत
#दर्द_मुक्त

12/03/2026

जन गण मन किसके लिए गया जाता है?
JanaGanaMana




Address

Jaipur
302020

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Rajiv dixitji official posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram