25/06/2021
Homeopathy in cosmetics( सौंदर्य में होम्योपैथी का योगदान)
पिंपल्स/एक्ने या चेहरे पर फुंसिया
खूबसूरत चेहरा दूसरो को भी प्रभावित करता है, पर जब इस पर फुंसियों या उनके निशानों की वजह से दाग लग जाता है। तो आपका आत्मविश्वास कम होने लगता है। आप दूसरो के सामने जाने से या पेश आने से घबराने लगते हैं।
आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में अपन जल्दी इलाज के चक्करों में चेहरे पर हानिकारक कॉस्मेटिक्स का प्रयोग करने लग जाते हैं,जिससे एक बार तो फुंसिया/दाग दिखना बंद हो जाते हैं,पर वो छोड़ते ही वो पहले से भी ज्यादा वापिस होने लगते हैं।
एवम् अगर ऐसी हानिकारक कॉस्मेटिक्स को ज्यादा समय तक प्रयोग कर लिया तो फिर चेहरे की बाहरी त्वचा बहुत ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है, एवम् खुजली/जलन/सूखापन/नॉर्मल क्रीम भी शूट नहीं ना करना ,जैसे लक्षण आने लगते हैं।
ऐसे में होम्योपैथी आपको अंदर से सही करके फुंसियों को ठीक करने के साथ साथ आपके चेहरे की रंगत को भी निखारती है। एवं दाग धब्बों को भी पूरा सही करती है। एवम् आपके चेहरे को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाती है।