02/12/2025
सुप्रभात
अपनी ज़िंदगी को धीरे-धीरे फिर से बनाने में कोई शर्म नहीं है। हर चीज़ रातों-रात ठीक नहीं हो जाती। कुछ ठीक होने में सालों लग जाते हैं। कन्फ्यूजन के बाद कुछ क्लैरिटी आती है। कुछ शांति तभी मिलती है जब बाकी सब कुछ बिखर जाता है। जल्दबाजी न करें। आप कोई डेडलाइन वाला प्रोजेक्ट नहीं हैं। आप एक इंसान हैं जो सबसे मुश्किल हिस्सों से खुद को संभालना सीख रहे हैं। यह अपने आप में गर्व करने लायक बात है।
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