15/05/2023
सन 2015 एक 23 वर्षीय युवक जो अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री कंप्लीट कर के अपने परिवार का पालनहार बनने जा रहा था, ट्रेन से अपने घर लौट रहा था, को ट्रेन में कुछ उपद्रवियों ने लूटने का प्रयास किया, अपने को लूट से बचाने के प्रयास मैं यह युवक ट्रेन से गिर जाता है और इसका एक पांव घुटने के नीचे से कट जाता है, रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से कमर के नीचे के हिस्से में लकवा हो जाता है और यह न केवल काम नहीं कर पाता बल्कि महसूस भी नहीं कर पाता है।
इलाज मैं बहुत अधिक खर्च और परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण यह युवक पिछले 7 से अधिक वर्षों बिस्तर पर लेटे रहने के लिए बाध्य था। इसको यूरीन कंट्रोल भी नही था।
किसी प्रकार इसको हमारे क्लिनिक फूट केयर जयपुर के बारे में पता लगा और यह मदद के लिए आया।
हमारे स्टाफ ने इसकी बात को समझा और सीताराम शांति फाउंडेशन एवम नानगीस एनजीओ की मदद से इसको एक कृत्रिम पैर और दूसरे पैर मैं कैलिपर लगाया।
इन डिवाइसेज की मदद से यह युवक सात वर्षों के बाद अपने पैरों पर खड़ा हो पाया।
राह अभी काफी कठिन है और ढेर सारा काम अभी बाकी है, लेकिन इस नवयुवक का उत्साह, उमंग और खुशी देखते ही बनती है। और यह हमें और अच्छा करने के लिए प्रेरित करती रहती है।
फूट केयर जयपुर का पूरा परिवार सीताराम शांति फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री नरेंद्र जी मित्तल साहब का तहे दिल से आभार व्यक्त करता है, की उन्होंने सदैव आगे बढ़कर इस नेक कार्य मैं हमारी मदद की है और दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश में सदैव आगे आ कर कार्य किया है।
अंत में, एक और संतुष्ट मरीज हमारे लाखों के परिवार में जुड़ गया। फूट केयर जयपुर, सीताराम शांति फाउंडेशन एवम नानगीज़ एनजीओ इस नवयुवक और उसके परिवार को अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करते हैं, और ईश्वर का धन्यवाद देते हैं की उन्होंने हमें इस पावन कार्य को करने के लिए प्रेरित किया।