26/12/2025
अंग-विच्छेदन (Amputation) के बाद कृत्रिम अंग (Artificial Limb / Prosthesis) लगवाना जीवन में एक बड़ा बदलाव होता है। यह सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि दोबारा आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत है। सही प्रोस्थेटिक फिटमेंट, उचित गेट ट्रेनिंग, और धैर्यपूर्वक अनुकूलन (Adaptation)—ये तीनों मिलकर सफल पुनर्वास (Rehabilitation) सुनिश्चित करते हैं।
यह लेख एक अनुभवी प्रोस्थेटिस्ट के द्वारा लिखा गया है, ताकि मरीज और परिवार दोनों आसानी से समझ सकें और जीवन में सही फैसले ले सकें।
1. प्रोस्थेटिक फिटमेंट क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
प्रोस्थेटिक फिटमेंट का अर्थ है—मरीज के स्टम्प (Residual Limb), मेडिकल स्थिति, उम्र, वजन, कार्यात्मक ज़रूरत और जीवनशैली के अनुसार सही सॉकेट और कंपोनेंट्स का चयन और फिटिंग।
गलत फिटमेंट के नुकसान:
दर्द, घाव या स्किन इन्फेक्शन
चलने का गलत पैटर्न (Wrong Gait Pattern)
जल्दी थकान और आत्मविश्वास में कमी
लंबे समय में पीठ, कूल्हे या घुटने में दर्द
सही फिटमेंट के फायदे:
आरामदायक चलना
बेहतर संतुलन और सुरक्षा
आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार
2. प्रोस्थेटिक फिटमेंट की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)
(i) क्लिनिकल असेसमेंट
स्टम्प की शेप, स्किन कंडीशन, सूजन, मांसपेशियों की ताकत और मरीज की गतिविधि का स्तर देखा जाता है।
(ii) सॉकेट डिज़ाइन और ट्रायल
सॉकेट प्रोस्थेसिस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। ट्रायल के दौरान प्रेशर पॉइंट्स और कम्फर्ट चेक किया जाता है।
(iii) कंपोनेंट्स का चयन
घुटना, टखना, फुट या घुटने के ऊपर/नीचे के अनुसार कंपोनेंट्स चुने जाते हैं—ताकि चलना प्राकृतिक लगे।
(iv) फाइनल फिटमेंट
मरीज को पहनना, उतारना, खड़े होना और शुरुआती कदम सिखाए जाते हैं।
3. गेट ट्रेनिंग (चलने की ट्रेनिंग) का महत्व
केवल प्रोस्थेसिस पहन लेना पर्याप्त नहीं है। गेट ट्रेनिंग के बिना मरीज गलत चलने की आदत डाल सकता है, जिसे बाद में सुधारना कठिन हो जाता है।
गेट ट्रेनिंग में सिखाया जाता है:
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