05/10/2017
FOR MALE......
आधुनिक जीवन शैली पुरुषों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है. ऐसे में पुरुषों को अपने स्वास्थ्य के बारे में पहले हीं सचेत हो जाना चाहिए, इससे पहले कि उनके खानपान या दैनिक जीवन की कोई आदत उन्हें बाद में महँगी पड़े. अगर आप अभी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तो आपको किसी न किसी बीमारी का सामना करना पड़ेगा. तो आइए ऐसे टिप्स जानते हैं, जो पुरुषों के लिए उपयोगी हैं.
पुरुषों के लिए हेल्थ टिप्स :
जंक फ़ूड के नियमित सेवन से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी आती है. इसलिए अगर जंक फ़ूड आपके
दैनिक भोजन का हिस्सा है, तो आपको अपनी इस आदत को जल्द-से-जल्द अलविदा कह देना चाहिए.
आपको अपने नाश्ते में आपको दो केले जरुर शामिल करने चाहिए. केले दिन भर आपके काम करने की
उर्जा बरकरार रखेंगे और साथ हीं दिल की कई बीमारियों से भी आपको दूर रखेंगे.
अगर आप बहुत अधिक पैकिंग फ़ूड खाते हैं, तो आपको अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है.
क्योंकि ऐसे फूड्स में ऐसे मेटल्स का उपयोग किया जाता है, जो पुरुषों के लिए अच्छे नहीं होते हैं.
व्यायाम या सैर के बिना खुद को स्वस्थ्य रखने की कोशिश करना मूर्खतापूर्ण प्रयास है, इसलिए अगर
आप खुद को स्वस्थ्य रखना चाहते हैं, तो व्यायाम या सैर को अपने दैनिक जीवन में शामिल जरुर करें.
सोडा, कॉफ़ी, रेड मीट, चिप्स इत्यादि का कभी कभार हीं सेवन करें. क्योंकि इनका नियमित सेवन
आपको लम्बे समय में नुकसान हीं पहुंचाएगा.
खाने में अच्छी गुणवत्ता वाले तेल का उपयोग करें. खराब गुणवत्ता वाले तेल पुरुषों के लिए
नुकसानदायक होते हैं.
मोटापा पुरुषों की यौन क्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है, इसलिए मोटापे से खुद को दूर रखिए.
अगर व्ययाम करने के लिए आपके पास समय नहीं है, तो घर और दफ्तर में लिफ्ट की बजाए
सीढ़ियों का उपयोग करें.
अपने खाने में मौसमी फल और मौसमी सब्जी को शमिल करें. यह आदत आपको स्वस्थ्य रखने
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
सुबह नाश्ता जरुर करें, और ध्यान रखें कि रात का खाना हल्का होना चाहिए.
डिनर 8 बजे तक में कर लेना चाहिए.
वही व्यक्ति स्वस्थ्य रह सकता है, जो सुबह जल्दी उठता हो. तो अगर आपको भी देर से उठने की आदत है,
तो जल्द हीं अपनी इस आदत को बदल डालिए.
सलाद और अंकुरित अनाज को अपने भोजन का हिस्सा जरुर बनाएँ.
भोजन करते समय एक समय में रोटी और चावल दोनों न खाएँ.
तेलों की मालिश बालों और पूरे शरीर में सप्ताह में कम-से-कम 3 बार जरुर करें.
अनावश्यक रूप से दूसरों की जिम्मेदारियाँ न उठाएँ, पैसा कमाने वाली मशीन न बनें….
घूमने भी जाएँ और अन्य गतिविधियों के लिए भी समय निकलें. रविवार का समय खुद को दें.
लैपटॉप को जांघों पर रखकर काम न करें, इससे पौरुष क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं. !!
FOR FEMALE.........
कुछ ऐसी स्वास्थ्य समस्याएँ होती है, जो सिर्फ महिलाओं को होती है. लेकिन महिलाएँ अक्सर इन छोटी-छोटी चीजों के बारे में लापरवाह होती हैं और जिसके कारण उन्हें बाद में समस्याओं का सामना करना पड़ता है. तो आइए जानते है कि एक महिला अपने स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल कैसे रख सकती है.
Women Health Tips in Hindi
व्यायाम करने से पीरियड सम्बन्धित समस्याएँ कम होती है, लेकिन व्यायाम एक सीमा में हीं करना चाहिए.
अगर आप ज्यादा भोजन करती हैं, तो आपको उन्हें बर्न करने के लिए ज्यादा शारीरिक श्रम भी करना चाहिए.
अपने शरीर का नियमित मसाज करें.
सुबह समय से नाश्ता जरुर करें.
अपने स्तनों की खुद जाँच करती रहें, कि कहीं उनमें ब्रेस्ट कैंसर का कोई लक्षण तो नहीं दिखाई दे रहा है.
लापरवाही भरी जीवनशैली महिलाओं की अनेक बीमारियों का कारण बनती है.
दिन में न सोएँ.
चाय के साथ नमकीन या बिस्कुट न लें, इससे मोटापा बढ़ने की सम्भावना कम होगी.
हाथ या पैरों के बाल हटाने के लिए कभी भी रेजर का उपयोग न करें.
अनियमित खान-पान और तनाव की वजह से बहुत सारी महिलाओं की योनी के बाल भी उम्र से पहले हीं सफेद हो जाते हैं. इसलिए समय पर और शरीर को लाभ पहुँचाने वाला भोजन करना चाहिए. सामान्य रूप में 50 वर्ष से अधिक उम्र हो जाने पर महिलाओं की योनी के बाल सफेद होना शुरू होते हैं.
आलू के रस या ओलिव आयल से मसाज करने से स्ट्रेच मार्क्स कम हो जाते हैं.
अगर आपके मासिक श्राव का रंग हरा या पीला हो जाए तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.
अगर आपके होंठों का रंग असामान्य हो, तो यह लीवर सम्बन्धित समस्या का संकेत हो सकता है.
गर्भाशय मसाज – गर्भाशय मूत्राशय के पीछे पेल्विक कैविटी के नीचे वाले भाग में होता है. अतः शरीर के इस हिस्से में मालिश करने से मुड़े हुए गर्भाशय को सीधे होने में मदद मिलती है.
ओवरी मसाज – अण्डाशय, गर्भाशय के सामने स्थित होते हैं. यह बिल्कुल पेल्विक हड्डियों से जुड़े होते हैं. इस हिस्से में सेल्फ मसाज के जरिये भीतरी हिस्से में आक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह होता है जिससे अण्डों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है.
अगर आपके ब्रेस्ट में रैशेज हो जाए, तो आप बेबी पाउडर का इस्तेमाल कर सकती हैं. फंगल रैसेज की समस्या है, तो मीठा खाना कम करें. रैशेज वाले जगह पर तुलसी के पत्तों का पेस्ट लगाने से फायदा पहुंचेगा. हल्दी को ऐलोवेरा और दूध के साथ मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाने से भी फायदा पहुंचेगा
नवविविहाहिताओं में हनीमून सिस्टाइस की समस्या होना एक आम बात है. हनीमून सिस्टाइस मूत्र मार्ग के संक्रमण को कहते हैं. हालांकि यौन संबंध के अलावा भी कई कारणों से ये शिकायत हो सकती है पर ज्यादातर यौन संबंध बनाते समय अनजाने कारण महिलाओं के मूत्रद्वार में जीवाणु चले जाते है. संभोग के बाद हमेशा पेशाब करें और योनि को साफ करें. बार-बार पेशाब लगना, पेशाब करने के दौरान जलन, बुखार, बदबूदार पेशाब होना और पेशाब का रंग धुंधला या फिर हल्का लाल होना और पेट के निचले हिस्से में दबाव महसूस होना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं. इस बीमारी से बचने के लिये खूब ज्यादा पानी पिएं. अरारोट पाउडर के इस्तेमाल से यूटीआई से राहत मिल सकती है. अरारोट यूरीनरी ट्रैक्ट को आराम पहुंचाता है. इसलिए इंफेक्शन के दौरान इससे दर्द में राहत मिलती है. गर्म पानी के बैग या बोतल से पेट के निचले हिस्से की सिंकाई करें. इस गर्माहट से पेट के निचले हिस्से का रक्तसंचार बेहतर होगा और जलन और दर्द में कमी आएगी.