Aarogyam Ayurvedic Hospital

Aarogyam Ayurvedic Hospital well Experienced Dr.with all basic facilities....

A hospital where we can trust....
Trust is a very big word but that place try it's best to fulfill all the requirements of a patient we can do blind Faith on there staff.

02/01/2024

हमारे बुजर्ग हम से वैज्ञानिक रूप से बहुत आगे थे। थक हार कर वापिश उनकी ही राह पर वापिश आना पड़ रहा है।

1. मिट्टी के बर्तनों से स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों तक और फिर कैंसर के खौफ से दोबारा मिट्टी के बर्तनों तक आ जाना।

2. अंगूठाछाप से दस्तखतों (Signatures) पर और फिर अंगूठाछाप (Thumb Scanning) पर आ जाना।

3. फटे हुए सादा कपड़ों से साफ सुथरे और प्रेस किए कपड़ों पर और फिर फैशन के नाम पर अपनी पैंटें फाड़ लेना।

4. सूती से टैरीलीन, टैरीकॉट और फिर वापस सूती पर आ जाना ।

5. जयादा मशक़्क़त वाली ज़िंदगी से घबरा कर पढ़ना लिखना और फिर IIM MBA करके आर्गेनिक खेती पर पसीने बहाना।

6. क़ुदरती से प्रोसेसफ़ूड (Canned Food & packed juices) पर और फिर बीमारियों से बचने के लिए दोबारा क़ुदरती खानों पर आ जाना।

7. पुरानी और सादा चीज़ें इस्तेमाल ना करके ब्रांडेड (Branded) पर और फिर आखिरकार जी भर जाने पर पुरानी (Antiques) पर उतरना।

8. बच्चों को इंफेक्शन से डराकर मिट्टी में खेलने से रोकना और फिर घर में बंद करके फिसड्डी बनाना और होश आने पर दोबारा Immunity बढ़ाने के नाम पर मिट्टी से खिलाना....

9. गाँव, जंगल, से डिस्को पब और चकाचौंध की और भागती हुई दुनियाँ की और से फिर मन की शाँति एवं स्वास्थ के लिये शहर से जँगल गाँव की ओर आना।

इससे ये निष्कर्ष निकलता है कि टेक्नॉलॉजी ने जो दिया उससे बेहतर तो प्रकृति ने पहले से दे रखा था।

🚩जय हिंद जय भारत🚩

जय आयुर्वेद 🙏
10/10/2023

जय आयुर्वेद 🙏

01/01/2023

Cravings? Here's what the reason could be and how to curb them:
1. Sweets cravings: Vitamin B12, Fiber, Iron or Protein deficiency
Include fresh fruits, veggies, cinnamon, optimal protein

2. Tea and coffee cravings: Sulphur, Phosphorus deficiency
Include nuts, eggs, onion, garlic, cabbage

3. Cheese cravings: Essential fatty acids deficiency
Include omega 3 - flaxseed oil, peanut oil, chia seeds, walnuts

4. Pasta or pastry cravings: Chromium deficiency
Include onion, tomatoes, cinnamon, grapes, apple

5. Bread cravings: Nitrogen deficiency
Include high protein foods

6. Popcorn cravings: Stress
Include vitamin C, B Vitamins with green leafy veggies

7. Chocolate cravings: Magnesium deficiency
Include whole grains, dry seeds and nuts

8. Soda cravings: Calcium deficiency
Include sesame seeds, Ragi, broccoli, mustard

9. Salt cravings: Electrolyte imbalance, PMS, dehydration
Include tomatoes, lettuce, citrus fruits and vinegar

10. Alcohol cravings: Low blood sugar levels
Include banana, fresh green veggies and lean protein

Note: Occasional cravings are good for you; satisfy them gently and smartly with your favourite food :)

07/08/2022

आओ डाक्टर के बिना स्वस्थ रहें भाग-1
1 = केवल सेंधा नमक प्रयोग करें, थायराईड, बी पी और पेट ठीक होगा।
2 = केवल स्टील का कुकर ही प्रयोग करें, अल्युमिनियम में मिले हुए लेड से होने वाले नुकसानों से बचेंगे
3 = कोई भी रिफाइंड तेल ना खाकर केवल तिल, मूंगफली, सरसों और नारियल का प्रयोग करें। रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं जो शरीर में कई तरह की बीमारियाँ पैदा करते हैं ।
4 = सोयाबीन बड़ी को 2 घण्टे भिगो कर, मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें।
5 = रसोई में एग्जास्ट फैन जरूरी है, प्रदूषित हवा बाहर करें।
6 = काम करते समय स्वयं को अच्छा लगने वाला संगीत चलाएं। खाने में भी अच्छा प्रभाव आएगा और थकान कम होगी।
7 = देसी गाय के घी का प्रयोग बढ़ाएं। अनेक रोग दूर होंगे, वजन नहीं बढ़ता।
8 = ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा।
9 = ज्यादा से ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। आयरन की कमी किसी को नहीं होगी।
10 = भोजन का समय निश्चित करें, पेट ठीक रहेगा। भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा पोषण देगा।
11 = नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें। पोषक विटामिन और फाइबर मिलेंगें।
12 = सुबह के खाने के साथ देशी गाय के दूध का बना ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा।
13 = चीनी कम से कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में हड्डियां ठीक रहेंगी।
14 = चीनी की जगह बिना मसले का गुड़ या देशी शक्कर लें।
15 = छौंक में राई के साथ कलौंजी का भी प्रयोग करें, फायदे इतने कि लिख ही नहीं सकते।
16 = चाय के समय, आयुर्वेदिक पेय की आदत बनाएं व निरोग रहेंगे।
17 = एक डस्टबिन रसोई में और एक बाहर रखें, सोने से पहले रसोई का कचरा बाहर के डस्ट बिन में डालें।
18 = रसोई में घुसते ही नाक में घी या सरसों का तेल लगाएं, सर और फेफड़े स्वस्थ रहेंगें।
19 = करेले, मैथी और मूली यानि कड़वी सब्जियां भी खाएँ, रक्त शुद्ध रहेगा।
20 = पानी मटके वाले से ज्यादा ठंडा न पिएं, पाचन व दांत ठीक रहेंगे।
21 = प्लास्टिक और अल्युमिनियम रसोई से हटाएं, दोनों केन्सर कारक हैं।
22‌ = माइक्रोवेव ओवन का प्रयोग कैंसर कारक है।
23 = खाने की ठंडी चीजें कम से कम खाएँ, पेट और दांत को खराब करती हैं।
24 = बाहर का खाना बहुत हानिकारक है, खाने से सम्बंधित ग्रुप से जुड़कर सब घर पर ही बनाएं।
25 = तली चीजें छोड़ें, वजन, पेट, एसिडिटी ठीक रहेंगी।
26 = मैदा, बेसन, छौले, राजमां और उड़द कम खाएँ, गैस की समस्या से बचेंगे।
27 = अदरक, अजवायन का प्रयोग बढ़ाएं, गैस और शरीर के दर्द कम होंगे।
28 = बिना कलौंजी वाला अचार हानिकारक होता है।
29 = पानी का फिल्टर R O वाला हानिकारक है। U V वाला ही प्रयोग करें, सस्ता भी और बढ़िया भी।
30 = रसोई में ही बहुत से कॉस्मेटिक्स हैं, इस प्रकार के ग्रुप से जानकारी लें।
31 = रात को आधा चम्मच त्रिफला एक कप पानी में डाल कर रखें, सुबह कपड़े से छान कर इस जल से आंखें धोएं, चश्मा उतर जाएगा। छानने के बाद जो पाउडर बचे उसे फिर एक गिलास पानी में डाल कर रख दें। रात को पी जाएं। पेट साफ होगा, कोई रोग एक साल में नहीं रहेगा।
32 = सुबह रसोई में चप्पल न पहनें, शुद्धता भी, एक्यू प्रेशर भी।
33 = रात का भिगोया आधा चम्मच कच्चा जीरा सुबह खाली पेट चबा कर वही पानी पिएं, एसिडिटी खतम।
34 = एक्यूप्रेशर वाले पिरामिड प्लेटफार्म पर खड़े होकर खाना बनाने की आदत बना लें तो भी सब बीमारियां शरीर से निकल जायेंगी।
35 = चौथाई चम्मच दालचीनी का कुल उपयोग दिन भर में किसी भी रूप में करने पर निरोगता अवश्य होगी।
36 = रसोई के मसालों से बनी चाय मसाला स्वास्थ्यवर्धक है।
37 = सर्दियों में नाखून के बराबर जावित्री कभी चूसने से सर्दी के असर से बचाव होगा।
38 = सर्दी में बाहर जाते समय 2 चुटकी अजवायन मुहं में रखकर निकलिए, सर्दी से नुकसान नहीं होगा।
39 = रस निकले नीबू के चौथाई टुकड़े में जरा सी हल्दी, नमक, फिटकरी रख कर दांत मलने से दांतों का कोई भी रोग नहीं रहेगा।
40 = कभी - कभी नमक - हल्दी में 2 बून्द सरसों का तेल डाल कर दांतों को उंगली से साफ करें, दांतों का कोई रोग टिक नहीं सकता।
41 = बुखार में 1 लीटर पानी उबाल कर 250 ml कर लें, साधारण ताप पर आ जाने पर रोगी को थोड़ा थोड़ा दें, दवा का काम करेगा।
42 = सुबह के खाने के साथ घर का जमाया देशी गाय का ताजा दही जरूर शामिल करें, प्रोबायोटिक का काम करेगा।
***********
*हृदय की बीमारी के आयुर्वेदिक इलाज*
हमारे देश भारत मे 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे, उनका नाम था महाऋषि वागवट जी !!
उन्होने एक पुस्तक लिखी थी, जिसका नाम है अष्टांग हृदयम!! (Astang Hridayam)
इस पुस्तक मे उन्होने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे !
यह उनमे से ही एक सूत्र है !!
वागवट जी लिखते है कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है ! मतलब दिल की नलियों मे Blockage होना शुरू हो रहा है तो इसका मतलब है कि रक्त (Blood) मे Acidity (अम्लता) बढ़ी हुई है !
अम्लता आप समझते है, जिसको अँग्रेजी में Acidity भी कहते हैं और यह अम्लता दो तरह की होती है !
एक होती है पेट कि अम्लता !
और
एक होती है रक्त (Blood) की अम्लता !
आपके पेट मे अम्लता जब बढ़ती है तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है, खट्टी खट्टी डकार आ रही है, मुंह से पानी निकल रहा है और अगर ये अम्लता (Acidity) और बढ़ जाये तो इसे Hyperacidity कहते हैं !
फिर यही पेट की अम्लता बढ़ते - बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अम्लता (Blood Acidity) होती है और जब Blood मे Acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त दिल की नलियों में से निकल नहीं पाता और नलियों में Blockage कर देता है और तभी Heart Attack होता है ! इसके बिना Heart Attack नहीं होता और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं ! क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है !!
*एसीडिटी का इलाज क्या है*??
वागबट जी आगे लिखते है कि जब रक्त (Blood) में अम्लता (Acidity) बढ़ गई है ! तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करें जो क्षारीय है !
आप जानते है दो तरह की चीजे होती है !
अम्लीय (Acidic)
और
क्षारीय (Alkaline)
अब अम्ल और क्षार (Acid and Alkaline) को मिला दें तो क्या होता है ?
हम सब जानते हैं Neutral होता है !!
तो वागबट जी लिखते हैं कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय (Alkaline) चीजे खाओ ! तो रक्त की अम्लता (Acidity) Neutral हो जाएगी, और जब रक्त मे अम्लता Neutral हो गई तो Heart Attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं होगी ।
ये है सारी कहानी !!
अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो क्षारीय है और हम खाये ??
आपके रसोई घर मे ऐसी बहुत सी चीजे है जो क्षारीय है ! जिन्हें अगर आप खायें तो कभी Heart Attack न आयेगा और अगर आ गया तो दुबारा नहीं आएगा !
आपके घर में जो सबसे ज्यादा क्षारीय चीज है वह है लौकी, जिसे हम दुधी भी कहते है और English मे इसे Bottle Gourd भी कहते हैं जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है !
इससे ज्यादा कोई क्षारीय चीज ही नहीं है इसलिये आप हर रोज़ लौकी का रस निकाल कर पियें या अगर खा सकते है तो कच्ची लौकी खायें ।
वागवतट जी के अनुसार रक्त की अम्लता कम करने की सबसे ज्यादा ताकत लौकी में ही है, इसलिए आप लौकी के रस का सेवन करें !
*कितना मात्रा में सेवन करें*
रोज 200 से 300 ग्राम लौकी का रस ग्राम पियें !
कब पिये ?
सुबह खाली पेट (Toilet) शौच जाने के बाद पी सकते है. या फिर नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते हैं!
इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय भी बना सकते हैं ! जिसके लिए इसमें 7 से 10 पत्ते के तुलसी के डाल लें क्योंकि तुलसी बहुत क्षारीय है !
इसके साथ आप पुदीने के 7 से 10 पत्ते भी मिला सकते है, क्योंकि पुदीना भी बहुत क्षारीय होता है।
इसके साथ आप इसमें काला नमक या सेंधा नमक भी जरूर डाले ! ये भी बहुत क्षारीय है। याद रखे नमक काला या सेंधा ही डालें, दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डालें !
ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है।
तो मित्रों आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करे 2 से 3 महीने आपकी सारी Heart की Blockage ठीक कर देगा। 21 वे दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा और फिर आपको कोई आपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी !
घर मे ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा और आपका अनमोल शरीर और लाखों रुपए आपरेशन के बच जाएँगे और जो पैसे बच जायें उसे अगर इच्छा हो किसी गौशाला मे दान कर दें क्योंकि डाक्टर को देने से अच्छा है किसी गौशाला दान दे !
हमारी गौ माता बचेगी तो भारत बचेगा !! सुप्रभातम्। 🙏🙏

27/03/2022

5 mint nikaalo aur padho

*1. सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए*?

उत्तर - हल्का गर्म

*2. पानी पीने का क्या तरीका होता है*?

उत्तर - सिप सिप करके व नीचे बैठ कर

*3. खाना कितनी बार चबाना चाहिए*?

उत्तर. - 32 बार

*4. पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए*?

उत्तर. - सुबह

*5. सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए*?

उत्तर. - सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

*6. सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए*?

उत्तर. - जूस

*7. दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए*?

उत्तर. - लस्सी / छाछ

*8. रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए*?

उत्तर. - दूध

*9. खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए*?

उत्तर. - रात को

*10. आईसक्रीम कब खानी चाहिए*?

उत्तर. - कभी नही

*11. फ्रिज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद*
*खानी चाहिए*?

उत्तर. - 1 घण्टे बाद

*12. क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए*?

उत्तर. - नहीं

*13. बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा*
*लेना चाहिए*?

उत्तर. - 40 मिनट

*14. रात को कितना खाना खाना चाहिए*?

उत्तर. - न के बराबर

*15. रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए*?

उत्तर. - सूरज छिपने से पहले

*16. पानी खाना खाने से कितने समय पहले*
*पी सकते हैं*?

उत्तर. - 48 मिनट

*17. क्या रात को लस्सी पी सकते हैं*?

उत्तर. - नहीं

*18. सुबह नाश्ते के बाद क्या करना चाहिए*?

उत्तर. - काम

*19. दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना*
*चाहिए*?

उत्तर. - आराम

*20. रात को खाना खाने के बाद क्या करना*
*चाहिए*?

उत्तर. - 500 कदम चलना चाहिए

*21. खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना चाहिए*?

उत्तर. - वज्रासन

*22. खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर*
*करना चाहिए.*?

उत्तर. - 5 -10 मिनट

*23. सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए*?

उत्तर. - ठंडा पानी।

*24. रात को किस समय तक सो जाना चाहिए*?

उत्तर. - 9 - 10 बजे तक

*25. तीन जहर के नाम बताओ*?

उत्तर.- चीनी , मैदा , सफेद नमक

*26. दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना*
*चाहिए*?

उत्तर. - अजवायन

*27. क्या रात को सलाद खानी चाहिए*?

उत्तर. - नहीं

*28. खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए*?

उत्तर. - नीचे बैठकर व खूब चबाकर

*29. चाय कब पीनी चाहिए*?

उत्तर. - कभी नहीं

*30. दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए*?

उत्तर. - हल्दी

*31. दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए*?

उत्तर. - कैंसर ना हो इसलिए

*32. कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है*?

उत्तर. - आयुर्वेद

*33. सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए*?

उत्तर. - अक्टूबर से मार्च (सर्दियों में)

*34. ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए*?

उत्तर. - जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु)

*35. मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए*?

उत्तर. - मार्च से जून (गर्मियों में)

*36. सुबह का पानी कितना पीना चाहिए*?

उत्तर. - कम से कम 2 - 3 गिलास।

*37. सुबह कब उठना चाहिए*?

उत्तर. - सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले।

20/03/2022

👉🏻दूध ना पचे तो ~ सोंफ ,
👉🏻दही ना पचे तो ~ सोंठ,
👉🏻छाछ ना पचे तो ~जीरा व काली मिर्च
👉🏻अरबी व मूली ना पचे तो ~ अजवायन
👉🏻कड़ी ना पचे तो ~ कड़ी पत्ता,
👉🏻तैल, घी, ना पचे तो ~ कलौंजी...
👉🏻पनीर ना पचे तो ~ भुना जीरा,
👉🏻भोजन ना पचे तो ~ गर्म जल
👉🏻केला ना पचे तो ~ इलायची
👉🏻ख़रबूज़ा ना पचे तो ~ मिश्री का उपयोग करें...
1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है ।
3. हाई वी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. कूबड़ निकलना- फास्फोरस की कमी ।
6. कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं
7. दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी ।
8. सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी ।
9. सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें ।
10. अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें ।
11. जम्भाई- शरीर में आक्सीजन की कमी ।
12. जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।
13. ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।
14. किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।
15. गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है ।
16. अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।
17. वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।
18. परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।
19. पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है ।
20. RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है ।
21. सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।
22. पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है ।
23. भोजन के लिए पूर्व दिशा.

Om Namah shivaya🙏
02/03/2022

Om Namah shivaya🙏

20/02/2022

*शरीर में विटामिन "D" का महत्व*
============
आजकल विटामिन डी की कमी शरीर में बहुतायत में होती जा रही है। इसके कारण वैसे तो बहुत है लेकिन मुख्य कारण है
1. सूर्य के सम्पर्क मे
न रहना
2. सुबह जल्दी न
उठना
3. देर रात तक
जागना
4. बंद कमरे मे
ज्यादातर रहना
5. घर में धूप का न
पहुंचना
👉🏿 *विटामिन D की कमी से क्या परेशानी हो सकती है।*
1. जोड़ो मे दर्द
joint Pain
2. ज्यादा पसीना
आना
Excessive
Swetting
3. शुष्क त्वचा Dry
skin
4. कमजोर पाचन
Digestive
Problem
5. मूड ठीक न रहना
Mood
swings
6. हर समय थकान
रहना Fatigue
7. हड्डियो मे
कमजोरी Week
Bones_
*Vitamin"D"*
*deficiency*
1. *osteoporosis*
2. *Heart*
*Disease*
3. *Cancer*
4. *Muscle Week*
5. *Week Brian*
============
*Vitamin D Levels*
20-40 ng/ ml
Less then 24-Difficiency
25-50- normal
50-100 sufficient
100> -150 <
👉🏿 *Above 150 -Toxin*
अगर विटामिन D 25 से कम है तो आपको
- lrritation
- Sleeping
problem
- Skin gets
Yellow
- B-Complex
deficiency
- Calcium
deficiency
हो सकती है।

धन्वंतराये नमः 🙏
03/11/2021

धन्वंतराये नमः 🙏

फल खाये.......डिब्बा बंद चीज़ो से परहेज़ रखे 🙏
12/10/2021

फल खाये.......
डिब्बा बंद चीज़ो से परहेज़ रखे 🙏

Address

Machhroli
Jhajjar
124108

Telephone

+918684935093

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Aarogyam Ayurvedic Hospital posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Aarogyam Ayurvedic Hospital:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram

Category