01/02/2026
आयुष्मान महानारायण तेल — वेद, विज्ञान और आरोग्य का अद्भुत संगम
"शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्"
(शरीर ही सभी कर्तव्यों को पूरा करने का मुख्य साधन है - कालिदास/उपनिषद सार)
जब शरीर के जोड़ और मांसपेशियां साथ छोड़ने लगें, तो जीवन की गति थम सी जाती है। ऐसे में आधुनिक विज्ञान जहां केवल दर्द को दबाने (Painkillers) की बात करता है, वहां लाभकारी आपके लिए लाया है प्राचीन ऋषियों का आशीर्वाद — आयुष्मान महानारायण तेल।
आइए, भैषज्य रत्नावली के 'वातव्याधि अधिकार' अध्याय और चरक संहिता के सूत्रों का गहराई से अध्ययन करें और जानें कि यह तेल वास्तव में एक चमत्कार क्यों है।
🏺 1. निर्माण विधि: तेलपाक और सेसा विधि का रहस्य
बाजार में मिलने वाले साधारण तेलों और आयुष्मान महानारायण तेल में सबसे बड़ा अंतर इसकी निर्माण प्रक्रिया है। इसे 'मूर्छित तिल तेल' (Murchhit Til Tel) के आधार पर तैयार किया जाता है।
* मूर्च्छना संस्कार: प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, कच्चे तिल के तेल में 'आम दोष' (कच्चापन) होता है जो रोम छिद्रों को ब्लॉक कर सकता है। हमारी विधि में तेल को पहले जड़ी-बूटियों के साथ संस्कारित (Purified) किया जाता है, जिससे इसकी त्वचा में समाने की क्षमता (Absorption Rate) 100 गुना बढ़ जाती है।
* क्षीर पाक (दूध का प्रयोग): इस तेल में शतावरी रस और दूध का प्रयोग किया गया है। आयुर्वेद में दूध को 'जीवनिये' माना गया है, जो वात के रूखेपन (Dryness) को खत्म कर नसों को 'स्नेहन' (Lubrication) देता है।
🌿 2. घटक द्रव्यों (Ingredients) की वैज्ञानिक और शास्त्रीय मीमांसा
इस तेल में 50 से अधिक दुर्लभ जड़ी-बूटियों का समावेश है। आइए प्रमुख घटकों को वेदों की दृष्टि से देखें:
अ. दशमूल (The 10 Roots of Vitality)
(बेल छाल, सोना पाठा, गंभारी, पाटला, अरणी, शालपर्णी, पृश्निपर्णी, बृहती, कंटकारी, गोखरू)
* शास्त्र मत: चरक संहिता में 'दशमूल' को "त्रिदोष शामक" और विशेष रूप से "शोथहर" (सूजन नाशक) कहा गया है।
* कार्य: यह न केवल दर्द खींचता है, बल्कि ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) में घिसी हुई कार्टिलेज के आसपास की सूजन को कम करता है।
ब. अष्टवर्ग के प्रतिनिधि (Rare Vitality Herbs)
(जीव, ऋषभक, मेदा, महामेदा, काकोली, क्षीर काकोली, ऋद्धि, वृद्धि)
* महत्व: ये जड़ी-बूटियां अब अत्यंत दुर्लभ हैं और हिमालय की ऊंचाइयों पर पाई जाती हैं। प्राचीन काल में इनका उपयोग राजा-महाराजा 'कायाकल्प' (Rejuvenation) के लिए करते थे।
* कार्य: ये मांसपेशियों (Muscles) और स्नायु (Ligaments) को टूटने से बचाती हैं और उन्हें पुनर्जीवित (Regenerate) करती हैं।
स. शक्तिशाली वात नाशक (The Pain Destroyers)
* रास्ना (Rasna): आयुर्वेद में कहा गया है — "रास्ना वातहराणाम" (रास्ना सभी वात रोगों की सर्वश्रेष्ठ औषधि है)। यह सायटिका और कमर दर्द का काल है।
* अश्वगंधा (Ashwagandha): इसका अर्थ है 'घोड़े जैसी गंध और ताकत'। यह नसों (Nervous System) को ताकत देता है, जिससे सुन्नपन (Numbness) और कंपवात (Parkinson's symptoms) में लाभ मिलता है।
* बला (Bala): जैसा नाम, वैसा काम। यह शरीर को 'बल' प्रदान करता है और लकवा (Paralysis) जैसे गंभीर रोगों में मांसपेशियों में जान फूंकने का काम करता है।
द. सुगंध और संचारक (Aromatics & Bio-enhancers)
* कर्पूर, केसर, अगर और जटामांसी: ये केवल सुगंध नहीं देते। ये 'योगीवाही' हैं, यानी ये तेल को त्वचा की 7 परतों के भीतर ले जाकर मज्जा धातु (Bone Marrow) तक औषधि का प्रभाव पहुंचाते हैं।
🧘♂️ 3. यह तेल कैसे काम करता है? (Mechanism of Action)
जब आप आयुष्मान महानारायण तेल की मालिश करते हैं, तो यह केवल त्वचा पर नहीं रहता।
* अवशोषण: यह त्वचा के रोम कूपों (Bhrajaka Pitta) द्वारा सोखा जाता है।
* वायु शमन: यह बढ़ी हुई 'वायु' (जो दर्द का मुख्य कारण है) को शांत करता है।
* स्नेहन: यह जोड़ों के बीच सूख चुके द्रव्य (Synovial Fluid) की कमी को पूरा करने में मदद करता है, जिससे 'कट-कट' की आवाज और घर्षण बंद होता है।
🏆 4. लाभकारी का वादा (Our Commitment)
लाभकारी के निर्माता निर्देशक प्रवीण पंडित जी का मानना है कि "शुद्धता ही सबसे बड़ी सेवा है।"
लाभकारी हाइब्रिड कॉमर्स पर उपलब्ध यह तेल सिंथेटिक मिनरल ऑयल से मुक्त है। यह वही तेल है जिसका वर्णन महाभारत काल में योद्धाओं के घाव और थकान मिटाने के लिए किया जाता था।
किसके लिए लाभकारी?
✅ घुटनों और जोड़ों के पुराने दर्द के लिए।
✅ लकवा (Paralysis) और फालिज के रोगियों के लिए।
✅ जिम जाने वाले युवाओं की Muscle Recovery के लिए।
✅ कंप्यूटर पर काम करने वालों की गर्दन (Cervical) दर्द के लिए।
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कीमत: ₹350 (100 ML)
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