04/03/2020
*विश्व मोटापा दिवस* *World Obesity Day, 04.03.2020*
मोटापा वह स्थिति है जब चर्बी शरीर के अंदर और त्वचा के नीचे इतनी ज्यादा इकट्ठी हो जाती है कि वह स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालने लगती है। मोटापा मापने का पैमाना बीएमआई (BMI) होता है। 18 से 25 की बीएमआई सामान्य, 25 से 30 की ओवरवेट और 30 से ज्यादा मोटापे में आती है।
*मोटापे के कई कारण हो सकते है। इनमें से प्रमुख है:-*
1. मोटापा और शरीर का वजन बढ़ना, ऊर्जा के सेवन और ऊर्जा के उपयोग के बीच असंतुलन के कारण होता है।
2. अधिक चर्बीयुक्त आहार का सेवन करना भी मोटापे का कारण है।
3. कम व्यायाम करना और स्थिर जीवन-यापन मोटापे का प्रमुख कारण है।
4. असंतुलित व्यवहार औऱ मानसिक तनाव की वजह से लोग ज्यादा भोजन करने लगते हैं, जो मोटापे का कारण बनता है।
5. शारीरिक क्रियाओं के सही ढंग से नहीं होने पर भी शरीर में चर्बी जमा होने लगती है।
6. बाल्यावस्था और युवावस्था के समय का मोटापा व्यस्क होने पर भी रह सकता है।
7. कई लोग दिन मे खाना खाने के बाद सोने की आदत रखते हैं, इससे मोटापा आ जाने की संभावना बढ जाती है।
8. हाइपोथाइरॉयडिज़्म (अवटु अल्पक्रियता) Hypothyroidism
*मोटापे से जुड़ी समस्याएं*
मोटापे के कारण कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं जिनमें टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) , हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (उच्च कोलेस्ट्रॉल), गैस्ट्रोओस्फोजियल रिफ्लक्स डिजिज (GERD), उच्च रक्तचाप (High Blood pressure), हृदय रोग (Heart disease), अवसाद (Depression), जोड़ों की ओस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis), जोड़ों का दर्द (Joint pains), स्लीप एपनिया (Sleep apnoea) और श्वसन समस्याएं, यूरिनरी स्ट्रेस इंकांटिनेंस (Urinary stress incontinence), अस्थमा (Asthma) और फेफड़ों की समस्याएं और प्रजनन संबंधी (Infertility) समस्याएं।
*मोटापे के प्रमुख्य लक्षण निम्न प्रकार से हैं:*
*1. सांस फूलना* – बार-बार साँस फूलने की समस्या का होना मोटापे का लक्षण है जो कई कारणों से हो सकता है और कई रोगों का कारण बनता है।
*2. पसीना में वृद्धि* – अचानक से बार-बार पसीना आना और वह भी बहुत, यह दर्शाता है कि व्यक्ति मोटापे से ग्रसित है।
*3. खर्राटे* - आमतोर पर मोटापे से बेहाल लोगों को नींद में बहुत खर्राटे लेते देखा जा सकता है मोटापा बढ़ने के साथ-साथ यह समस्या और भी बढ़ती जाती है।
*4. शारीरिक गतिविधि के साथ सामंजस्य करने में अचानक असमर्थता का अनुभव करना* – सामान्य रूप से कोई भी शारीरिक गतिविधि करने में असमर्थ होते जाने का संबध भी मोटापे से है और ये मोटापे का सबसे प्रमुख्य लक्षण भी हैं।
*5. प्रतिदिन बहुत थकान महसूस करना*- आमतौर पर बिना किसी अतिरिक्त कार्यभार के लगातार थकान का अनुभव करना भी मोटापे का ही एक लक्षण है।
*6. पीठ और जोड़ों में दर्द* – मोटापे की समस्या से ग्रसित लोगों में पीठ और जोड़ों के दर्द सामान्य रूप से देखा जा सकता है।
*7. आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में कमी का अनुभव* – शारीरिक समस्याओं के कारण किसी भी काम को करने की क्षमता में कमी आ जाती है और स्वयं पर विश्वास भी नहीं होता जिसके चलते आत्मसम्मान में भी कमी आ जाती है।
*8. अकेला महसूस करना* – मोटापे में अकेलापन अनुभव करना एक आम बात है। शारीरिक परिवर्तनों के चलते लोग स्वयं को सबसे अलग और एकाकी महसूस करते हैं।
*9. जरुरत से ज्यादा या कम सोना*- यदि हम जरुरत से ज्यादा सोते है तो यह भी हमारे मोटापे का बहुत बड़ा लक्षण होता है।
*मोटापा कम करने के कुछ उपाय*
1. कम उर्जा वाले वयंजनों का सेवन करें। जैसे भूने चने, मूंग दाल, दलिया आदि का सेवन करें। इनमें फैट कम होता है।
2- दो बडे़ चम्मच मूली के रस शहद में मिलाकर बराबर मात्रा में पानी के साथ पिएं, ऐसा करने से माह के बाद मोटापा कम होने लगेगा।
3- हर रोज सुबह-सुबह एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच शहद घोलकर मिला लीजिए। इस घोल को पीने से शरीर से वसा की मात्रा कम होती है।
4- सुबह नाश्ते में अंकुरित अनाज लीजिए। मूंग, चना और सोयाबीन को अंकुरित करके खाने से से उनमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा दोगुनी हो जाती है।
5- मौसमी हरी सब्जियों का प्रयोग ज्यादा मात्रा में करें। मौसमी सब्जियां जैसे - मेथी, पालक, बथुआ, चौलाईसाग हैं। इनमें कैल्शियम अधिक मात्रा में होता है।
6- सोयाबीन का सेवन कीजिए। इसमें ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होता है और इसमें पाया जाने वाला आइसोफ्लेवंस नामक प्रोटीन शरीर से चर्बी को कम करता है।
7- खाने में गेहूं के आटे की चपाती बंद करके जौ और चने के आटे की चपाती लेना शुरू करें। जौ और चने में कार्बोहाइड्रेट पदार्थ होते हैं जो आसानी से पच जाते हैं।
8- अधिक चिकनाईयुक्त दूध, बटर तथा इससे बने पनीर का सेवन बंद कर दें। क्योंकि इनमें वसा ज्यादा मात्रा में होता है जो कि मोटापे का कारण बन सकता है।
9- फास्ट फूड, जंक फूड, कचौरी, समोसे, पिज्जा बर्गर न खाएं। कोल्ड ड्रिंक न पिएं, क्योंकि कोल्डा ड्रिंक की 500 मिलीलीटर मात्रा में 20 चम्मच शुगर होती है जिससे मोटापा बढ़ता है।
10- नींबू का रस गुनगुने पानी में निचोड़कर पीयें, इससे भोजन अच्छे से पचता है और शरीर भी हल्का लगता है। सर्दियों में नींबू वाली चाय पिएं तो इससे पेट में गैस नहीं बनती।
11- व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल कीजिए। व्यायाम जैसे - साइकलिंग, जॉगिंग, सीढी़ चढ़ना-उतरना, रस्सी कूदना, टहलना, घूमना इस प्रकार के व्यायाम नियमित रूप से करने से वजन घटाया जा सकता है।
*मोटापे से बचाव*
मोटापे के उपचार के लक्ष्य तक पहुँचने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए उचित शारीरिक भार को बनाये रखने के लिए और मोटापे से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाना आवश्यक है। भार घटाने से सम्बंधित सभी कार्यक्रम व्यक्ति के भोजन की आदतों में परिवर्तन और शारीरिक गतिविधियों में वृद्धि को ही महत्त्व देते हैं।
कुछ भोजन और फल ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी डाइट में शामिल कर के शरीर में जमी अत्यधिक वसा को कम किया जा सकता है| इसके लिए भोजन में कम कैलोरी वाला खाना शामिल करें और खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा होनी चाहिए| अगर खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा होगी तो आपका पेट भरा भरा रहेगा और भूख भी जल्दी नहीं लगेगी जिससे आपके शरीर का वजन कम होने में सहायता मिलेगी|
*मोटापे से बचने के उपायों में मुख्यता शामिल हैं।*
1. आहार में परिवर्तन
2. व्यायाम और गतिविधि
3. व्यवहार में बदलाव
4. भार घटाने की दवाएं
5. Hormones को ठीक रखने की डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा।
*मोटापा घटाने की सर्जरी* *Bariatric surgery*
इन उपायों को यदि न अपनाया जाए तो मोटापे की चिकित्सा के अंतर्गत भार घटाने के लिए सर्जरी ही अंतिम पड़ाव है।
जो बहुत अधिक मोटे हैं और आहार में सुधार, व्यायाम तथा/अथवा दवाइयां जैसी वजन घटाने वाली चिकित्सक की निगरानी में की जाने वाली रणनीतियों से वजन नहीं घट रहा हो तो वजन घटाने वाली सर्जरी का सहारा लिया जाता है। यह बहुत अधिक मोटे लोगों के लिए जीवन रक्षक एवं जीवन में बदलाव लाने वाला उपचार है।
आपका अपना
डॉ कमल मित्तल
मानव केअर आयुर्वेदा
करनाल 946752663
हरियाणा