14/01/2021
आप सभी को मकर संक्रांति के इस पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ..16 सितंबर 2018 को गेवरा रोड रेल्वे स्टेशन से रायपुर जंक्शन तक की रेलयात्रा का एक ऐसा संस्मरण जो भुलाये भी नही भूलता.. उस रेलयात्रा में सहयात्री बूढ़ी माता जी की वो आपबीती जिसने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया और मजबूर कर दिया उस संस्मरण को कहानी के रूप में आप सबके बीच में पेश करने के लिये मेरी सबसे पहली कहानी के रूप में... स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन माताजी और उनके रिश्तेदारों के नाम और पहचान गोपनीय रखी गयी है । तो आज तिल के लड्डूओं और खिचड़ी के साथ आनंद उठाइये एक सत्य घटना पर आधारित एक सच्ची कहानी का ....
""वो भी एक माँ ही थी "", को प्रतिलिपि पर पढ़ें :
https://hindi.pratilipi.com/series/robqajl4lhad?utm_source=android&utm_campaign=content_series_share
भारतीय भाषाओमें अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और सुनें, बिलकुल निःशुल्क!
16 सितंबर 2018 को गेवरा रोड रेल्वे स्टेशन से रायपुर जंक्शन तक की रेलयात्रा का एक ऐसा संस्मरण जो भुलाये भी नही भूलता.. उस ....