Swasthya Sangwari Korba, MATI MANCH

Swasthya Sangwari Korba, MATI MANCH माटी मंच

17/05/2017
14/04/2017
14/04/2017

झोलाछाप डॉक्टर के संबंध में पहली बात ,
ग्रामीण इलाकों में कार्य करने वाले इन डॉक्टर लोगो को हमेशा झोलाछाप की उपाधि देकर अपमानित किया जाता है,लेकिन यही डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे सेवा देते है ,दिन हो या रात ये अपना नींद चैन त्याग कर सेवा करते है, यहां तक की ग्रामीण जनता जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है, जो रोज कमाने और रोज खाने वाले होते है ।
इनके पास इन छोटे डॉक्टर की इलाज का दवाईओ समेत 50 से 100 रुपये देने के लिये नही होते है, तो यही तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर इनका इलाज उधार में बिना पैसो के इलाज करते है तो और वह पैसा भी
इन्हें कब मिलेगा उसका कोई ठिकाना नही होता ।
दूसरी बात,
यह कि आज तक मैंने किसी भी M.B.B.S या M. D.की डिग्री वाले डॉक्टर को किसी गरीब का इलाज उधार में करते न देखा है,और न ही सुना है।
तीसरी बात,
कई बार इन M,B,B,S डॉक्टरों दुवारा कई मरीजो को 10,10 इंजेक्शन लिख कर यह कहकर भेज दिया जाता की ये उधर किसी झोलाछाप डॉक्टर से सुवह शाम लगवा लेना।तो इन डॉक्टर को बंद करवाने के बाद इन इंजेक्शनओ को कौन लगाएगा अतः डिग्री वाले डॉक्टरों को भी अब इंजेक्शन लिखना बंद कर देना चाहिए ।
चौथी बात,
आज जितने भी एम, बी ,बी, ऐस, और एम,डी, डॉक्टर है इनका फीस 250 से 300 रुपये हैं । इतने पैसो में तो झोलाछाप डॉक्टर दो से तीन मरीजो का इलाज कर देते है ।
ग्रामीण जनता जो गरीब है,जो मजदूरी करके 150 से 200 रोज का कमाता हैं।वह व्यक्ति यदि किसी डिग्री वाले डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाता हैं, तो उसका 300 रुपये तो फीस में चला जाता है अब आगे डिग्री वाले डॉक्टर बिना टेस्ट के कोई इलाज नही करते ,खून जांच ,पेशाब जांच और कई प्रकार के जांच व टेस्ट में 500 से 1000 का खर्चा करवा देते है।बाकी सब टेस्ट हो जाने के बाद अंत मे डॉक्टर 1000 से 1500 का दवाई लिख कर बिदा कर देता है,तो इस तरह एक मरीज के पीछे 2500 से 3000 रुपये का खर्चा हो जाता हैं यदि किसी गरीब परिवार में महीने में दो लोग बीमार पड़ गए तो उस गरीब की पूरे महीने की कमाई इलाज में चला जाता है,और उस महीने का घरेलू खर्च पूरा कर्जा मे।
पांचवी बात,
आज ग्रामीण डॉक्टरों को दवाई देने से मना किया जा रहा है और पांचवी पास मितानिनों से गांव गांव दवाई बटवा रहे है सरकार को कितनी परवाह हैं ग्रामीणों के स्वास्थ्य की ।अच्छा आज ग्रामीण इलाको में हर गल्ला दुकान में भी सभी प्रकार का टेबलेट मिल जाता है । आप किसी भी गल्ले दुकान पर जाकर बुखार का गोली मांगो मिल जाएगा ,पेचिस का मांगों मिल जाएगा ,सिर दर्द का मांगों मिल जाएगा मलेरिया बुखार का मांगों मिल जाएगा घाव सूखने का टैब, मिल जाएगा ।
तो निष्कर्ष यह निकलता है कि इन मितानिनों व गल्ले दुकान वालो को इन झोलाछाप डॉक्टरों से ज़्यादा ज्ञान है इस कारण इनको दवाई देने की पूरी छूट है।
अरे हां मैं तो भूल गया ,पेट दर्द का भी मिलता है।
आपको क्या लगता है क्या सरकार इन इंडोक्टरों को बंद करवाकर सही कर रही या गलत
यदि मेरी बात आपके दिल को छुए और आपने भी किसी झोलाछाप से कभी सेवा ली है और संतुष्ट हुए हैं तो अपनी राय जरूर दे।

09/04/2017

देश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल एम्स ( AIIMS New DELlHI ) में इलाज कराना हुआ और आसान। आधार कार्ड नम्बर दीजिये और आन लाइन रजिस्ट्रेशन कराइये। एम्स ने इसकी शुरुआत कर दी है। जी हाँ एम्स ने ये पहल आज से शुरू कर दिया है। अब आपको ओपीडी कार्ड बनाने के लिये लम्बी लम्बी लाइन में लगना नहीं पड़ेगा और ना ही किसी दलाल के चक्कर में पड़ना पड़ेगा। इसके लिए आपको सिर्फ aiims की वेबसाइट पर जाना है और ओपीडी पर क्लिक करना है। इसमें ऑप्शन आयेगा न्यू रजिस्ट्रेशन एवं ओल्ड रजिस्ट्रेशन का। आपको अपना आधार कार्ड नं० डालना है। उसमें आपकी सारी डिटेल आ जायेगी। अब आपको जिस विभाग में दिखाना है उस पर क्लिक करना है। उसके बाद पेमेंट का ऑप्शन आयेगा। आपको क्रेडिट कार्ड या एटीएम कार्ड का नं० डालना है और ओके पर क्लिक करना है। बस हो गया आपका रजिस्ट्रेशन। अब आपके मोबाइल पर मेसेज आ जायेगा जिसमें रजिस्ट्रेशन नं० से लेकर डाक्टर का नाम और दूसरी सारी जानकारी आपके मोबाइल पर आ जायेगा .कृपया यह जानकारी आगे भी प्रेषित करने का कष्ट करें !
आप सबसे निवेदन है, आप हमारे माटी मंच के स्वास्थ्य संगवारी में जुड़कर जन-स्वास्थ्य में अपना सहयोग दे, आप फेसबुक के द्वारा भी हमारी संस्था की नई जानकारियां प्राप्त कर सकते है फेसबुक में हमारे साथ जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे www.facebook.com/swasthyasangwari/

माटी-मंच स्वास्थ्य संगवारी
कोरबा
⁠⁠⁠⁠08:55⁠⁠⁠⁠⁠

माटी मंच

06/04/2017

माटी मंच का स्वास्थ्य संगवारी मिशन का कार्यालय हुआ प्रारम्भ
माटी मंच के स्वास्थ्य संगवारी मिशन के प्रथम चरण की शुरुआत आज रामनवमी के पावन दिवस पर हो गई है। प्रथम चरण में भारत मे संचालित विभिन्न सामाजिक धार्मिक संस्थायों द्वारा गम्भीर बीमारियों का मुफ्त इलाज वाले हॉस्पिटलों में गरीब असहाय लोगो का पंजीयन कर उन्हें मुफ्त चिकित्सा दिलाने का काम किया जाएगा, इसके साथ देश के ख्याति प्राप्त चिकित्सको से ऑन लाईन माटी मंच के स्वस्थ संगवारी मिशन के अध्यक्ष डॉ आकाश चौहान संपर्क कराएंगे।जिससे अच्छे 40 से 50 साल के अनुभवी डॉक्टर अलग अलग बीमारियों के संपर्क में रहेंगे। जो ऑन लाईन पेमेंट लेकर चिकित्सा सलाह देते है। इससे लोगो का समय व आने जाने के पैसे की बचत होगी।
इसके साथ शासन से अनुभन्ध कर कम दर पर एयर एंबुलेंस, 10 मिनट जिन स्टेशनों में ट्रेन रुकती है वहाँ से ट्रेन एम्बुलेंस की व्यवस्था जिसमे डॉक्टर,नर्स के साथ-साथ ऑक्ससीजन सिलेंडर की सुविधा रहेगी।
माटी मंच के इस अभियान की जानकारी आप आगे बढ़ाकर किसीका जीवन बचा सकते है। अधिक जानकारी के लिए 9111012954 व 7587788333 पर सम्पर्क या 17 महानदी विस्तार काम्प्लेक्स घंटाघर कोरबा से प्राप्त कर सकते है।

25/03/2017

*कोरबा में बढ़ते अपराध को रोकने माटी मंच द्वारा 04 नाईट विजन एच् डी बुलेट केमरे 20 मीटर व्यू के साथ 01 डी बी आर फिटिंगव् वायरिंग करके सी पी प्लस कंपनी की सामग्री सब्सिडी में 14000.00 में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।*
*जिस भी संस्था व्यक्ति को घर या दुकान की सुरक्षा हेतु नामी कंपनी सी पी प्लस के केमरे लगवाने हो वो सब्सिडी में माटी मंच से प्राप्त कर सकते है।*
संपर्क;- माटी मंच 9111012952, 9827472751

22/03/2017

Accidental Death & Compensation:
(Income Tax Return Required)
अगर किसी व्यक्ति की accidental death होती है और वह व्यक्ति पिछले तीन साल से लगातार इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल कर रहा था तो उसकी पिछले तीन साल की एवरेज सालाना इनकम की दस गुना राशि उस व्यक्ति के परिवार को देने के लिए सरकार बाध्य है ।
जी हाँ , आपको आश्चर्य हो रहा होगा यह सुनकर लेकिन यह बिलकुल सही सरकारी नियम है , उदहारण के तौर पर अगर किसी की सालाना आय क्रमशः पहले दूसरे और तीसरे साल चार लाख पांच लाख और छः लाख है तो उसकी औसत आय पांच लाख का दस गुना मतलब पचास लाख रूपए उस व्यक्ति के परिवार को सरकार से मिलने का हक़ है।
ज़्यादातर जानकारी के अभाव में लोग यह क्लेम सरकार से नहीं लेते हैं ।
जाने वाले की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता है लेकिन अगर पैसा पास में हो तो भविष्य सुचारू रूप से चल सकता है ।
अगर लगातार तीन साल तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो ऐसा नहीं है कि परिवार को पैसा नहीं मिलेगा लेकिन ऐसे केस में सरकार एक डेढ़ लाख देकर किनारा कर लेती है लेकिन अगर लगातार तीन साल तक लगातार रिटर्न फ़ाइल किया गया है तो ऐसी स्थिति में केस ज़्यादा मजबूत होता है और यह माना जाता है कि मरने वाला व्यक्ति अपने परिवार का रेगुलर अर्नर था और अगर वह जिन्दा रहता तो अपने परिवार के लिए अगले दस सालो में वर्तमान आय का दस गुना तो कमाता ही जिससे वह अपने परिवार का अच्छी तरह से पालन पोषण कर पाता ।
सब सर्विस वाले लोग हैं और रेगुलर अर्नर हैं लेकिन बहुत से लोग रिटर्न फ़ाइल नहीं करते है जिसकी वजह से न तो कंपनी द्वारा काटा हुआ पैसा सरकार से वापस लेते हैं और न ही इस प्रकार से मिलने वाले लाभ का हिस्सा बन पाते हैं ।
इधर जल्दी में हमारे कई साथी / भाई एक्सीडेंटल डेथ में हमारा साथ छोड़ गए लेकिन जानकारी के अभाव में उनके परिवार को आर्थिक लाभ नहीं मिल पाया ।
अगर आप को कोई शंका है तो आप भी अपने वकील से पूरी जानकारी लें और रिटर्न जरूर फ़ाइल करें ।
Source - forwarded
Section 166 of the Motor act, 1988 (Supreme Court Judgment under Civil Appeal No. 9858 of 2013, arising out of SLP (C) No. 1056 of 2008) Dt 31 Oct 2013.

वार्ड 28 में फेस 1 व् 2 में सड़क डामरीकरण 47 लाख एवं वार्ड 22 व् 28 में 33 लाख के डामरीकरण का भूमि पूजन किया पार्षद वार्ड...
22/03/2017

वार्ड 28 में फेस 1 व् 2 में सड़क डामरीकरण 47 लाख एवं वार्ड 22 व् 28 में 33 लाख के डामरीकरण का भूमि पूजन किया पार्षद वार्ड 28 व् संयोजक माटी मंच अमरनाथ अग्रवाल ने।

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17, Mahanadi Vistar Complex Near Ravi Deiry, Niharika
Korba
495677

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