31/12/2025
जैसे-जैसे सर्दी अपनी पकड़ मजबूत करती है, एक गौपालक छोटी-सी आग जलाता है—
न अपने आराम के लिए, न दिखावे के लिए, बल्कि अपनी गायों और उनके नवजात बछड़ों के लिए।
न कोई कैमरा, न कोई तालियाँ।
बस जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और मौन करुणा अपना काम करती हुई।