31/03/2026
Colon Cancer (बड़ी आंत का कैंसर) आज भारत में तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में से एक बनता जा रहा है, खासकर शहरी जीवनशैली के कारण। यह कैंसर बड़ी आंत में बनने वाली छोटी गांठों (polyps) से शुरू होता है, जो समय के साथ कैंसर में बदल सकती हैं। भारत में यह बीमारी अधिकतर 40–60 वर्ष की उम्र में देखी जाती है और इसके मुख्य कारणों में कम फाइबर वाला भोजन, processed food, मोटापा, कम physical activity, smoking और alcohol शामिल हैं।
Colon cancer के शुरुआती लक्षण कई बार स्पष्ट नहीं होते, लेकिन मल में खून आना, लंबे समय तक कब्ज या दस्त, पेट में दर्द, अचानक वजन कम होना, कमजोरी या मल त्याग की आदतों में बदलाव इसके संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
Colon cancer की पहचान के लिए colonoscopy सबसे महत्वपूर्ण जांच मानी जाती है। इस टेस्ट के दौरान डॉक्टर एक पतली कैमरा ट्यूब की मदद से बड़ी आंत को अंदर से देखते हैं। Colonoscopy के जरिए polyps का पता लगाया जा सकता है, biopsy ली जा सकती है और कई बार शुरुआती stage में polyps को तुरंत हटाया भी जा सकता है। यही वजह है कि colonoscopy को colon cancer की early detection का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
इलाज की बात करें तो आज Medical Oncology में colon cancer के लिए कई आधुनिक उपचार उपलब्ध हैं। शुरुआती stage में surgery की जाती है, जबकि कई मामलों में chemotherapy दी जाती है ताकि बची हुई कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जा सके या कैंसर के फैलाव को रोका जा सके। कुछ मरीजों में targeted therapy और immunotherapy जैसे advanced treatments भी उपयोग किए जाते हैं।
अच्छी बात यह है कि colon cancer उन कैंसरों में से है जिन्हें समय पर screening और colonoscopy से बहुत शुरुआती stage में पकड़ा जा सकता है। इसलिए 45 वर्ष की उम्र के बाद नियमित जांच, स्वस्थ खान-पान, व्यायाम और जागरूकता इस बीमारी से बचाव के सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।
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