06/11/2019
आयरन टेस्ट क्या होता है?
आयरन टेस्ट द्वारा खून में आयरन की मात्रा की जांच की जाती है, जिससे यह पता चलता है, कि शरीर में आयरन का चयापचय/उपापचय (Metabolism) कितने अच्छे से हो रहा है। आयरन एक प्रकार का मिनरल (खनिज) होता है, जो हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) के लिए आवश्यक होता है। हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिकाओं में एक प्रकार का प्रोटीन होता है जो शरीर में ऑक्सीजन का संचार करता है। शरीर में ऊर्जा, अंदरूनी अंगों के कार्यों और मांसपेशियों के लिए भी आयरन की जरूरत पड़ती है। शरीर का लगभग 70% आयरन लाल रक्त कोशिकाओं में स्थित हीमोग्लोबिन में होता है और बाकी का आयरन अन्य प्रकार के प्रोटीन (खून में ट्रांसफेरीन या अस्थिमज्जा में फेरीटिन) तथा शरीर के ऊतकों में जमा होता है।
आयरन टेस्ट क्यों किया जाता है?
निम्न स्थितियों की जांच करने के लिए आयरन टेस्ट किया जाता है:
1-लोहे की कमी की वजह से एनीमिया की जांच करने के लिए
2-हेमोक्रोमेटोसिस नामक एक स्थिति की जांच के लिए
3-पोषण संबंधी समस्या की जांच के लिए
4-यह देखने के लिए कि क्या आयरन और पोषण संबंधी उपचार कार्य कर रहे हैं।
आयरन टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है?
आयरन टेस्ट, रक्त में लोहे की मात्रा की जांच करता है, यह जानने के लिए कि शरीर में लोहे का चयापचय कितने अच्छे से हो रहा है।
आयरन की अधिकता से नुकसान।
आयरन जैसे मानव शरीर के लिए जरूरी है। वैसे ही शरीर में आयरन की अधिक मात्रा बहुत ही नुकसानदायक है। शरीर में आयरन की मात्रा अधिक होने से दिल की बीमारियां, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। लीवर डैमेज, कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस आदि रोग होने का खतरा रहता है।
कमी के लक्षण और नुकसान!
आयरन की कमी के कारण हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार समस्याएं होने लगती हैं। जब हमारे शरीर में आयरन की कमी होती है तो बैठे बैठे आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। अत्यधिक कमजोरी व थकावट, शरीर का रंग पीला पड़ना, जीभ में सूजन, दिल की धड़कन तेज़ होना, साँस लेने में दिक्कत, हाथों व पैरों में दर्द और ठंडा, सिरदर्द, बाल झड़ना, भूख ना लगना, खून की कमी, जल्दी-जल्दी बीमार होना, ये सारी समस्याएं आयरन की कमी के कारण होती हैं।
अतः आप अपने शरीर को स्वस्थ और रोग मुक्त बनाने के लिए आयरन की सम्पूर्ण मात्रा युक्त दैनिक आहार का उपयोग करें।