02/11/2025
इरम यूनानी मेडिकल कॉलेज, लखनऊ में शैक्षणिक वर्ष 2025 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए पंद्रह दिवसीय "ट्रांज़ीशनल करिकुलम" कक्षाओं का शुभारंभ।
दिनांक: 02/नवंबर, रविवार
इरम एजुकेशनल सोसाइटी, लखनऊ की चिकित्सा शिक्षा शाखा "इरम यूनानी मेडिकल कॉलेज, लखनऊ में वर्तमान वर्ष 2025 में प्रवेश लेने वाले छात्रों का स्वागत करने , उन्हें यूनानी चिकित्सा के महत्व और उपयोगिता से अवगत कराने , उनके मन एवं उनके पाक्षिक प्रशिक्षण कक्षाओं को प्रबुद्ध करने के लिए तथा अव्यक्त क्षमताओं को विकसित करने और यूनानी चिकित्सा शिक्षा पद्धति से संबंधित एनसीआईएसएम, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी और लागू किए गए सभी नियमों तथा विनियमों से अवगत कराने के लिए आज एक स्वागत समारोह के रूप में औपचारिक शुरुआत की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसाइटी के प्रबंधक डॉ. ख्वाजा सैयद मोहम्मद बज्मी यूनुस ने की, मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर जमाल अख्तर निदेशक, यूनानी सेवाएं, उत्तर प्रदेश लखनऊ, विशिष्ट अतिथि इंजीनियर ख्वाजा सैयद मोहम्मद सैफी यूनुस सचिव इरम एजुकेशनल सोसाइटी, अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में इंजीनियर ख्वाजा सैय्यद फैजी युनूस निदेशक, इरम एजुकेशनल सोसाइटी लखनऊ एवं इरम यूनानी मेडिकल कॉलेज की निदेशक डॉ. शाज़िया बेगम तथा नए छात्रों और उनके अभिभावकों की उपस्थिति में, हकीम अजमल खान सेमिनार हॉल में प्रातः 11:00 बजे, डॉ. मुहम्मद मुज़्ज़मिल की मधुर आवाज में क़ुरआन पाक के पाठ से समारोह का शुभारंभ हुआ , तत्पश्चात परंपरा के अनुसार छात्रों ने तराना इरम प्रस्तुत किया।
जराहत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ज़ुबैर अहमद ने कार्यक्रम का संचालन किया, कार्यक्रम के औपचारिक प्रारंभ से पूर्व अतिथियों का गुलदस्ता, शॉल और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अब्दुल हलीम कासमी ने स्वागत एवं उद्घाटनीय भाषण के बाद, सचिव ख्वाजा सैयद मोहम्मद सैफी यूनुस ने विशेष रूप से ट्रांज़ीशनल करिकुलम के महत्व पर एक विद्वतापूर्ण और दार्शनिक चर्चा की, जिसमें ऐतिहासिक संदर्भ में इसकी वास्तविकता और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता को स्पष्ट किया तथा इसकी आवश्यकता को समझने पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर जमाल अख्तर ने इरम यूनानी मेडिकल कॉलेज को भारत के अग्रणी यूनानी चिकित्सा संस्थानों में शामिल होने पर बधाई दी और छात्रों को कॉलेज में उपलब्ध सभी सुविधाओं का पूरा उपयोग करने और भविष्य में खुद को बेहतर बनाने की सलाह दी।
इंजीनियर ख़्वाजा सैयद मोहम्मद फैज़ी यूनुस) निदेशक, एरम एजुकेशनल सोसाइटी( ने कहा कि “ट्रांज़िशनल करिकुलम” केवल एक शिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बौद्धिक और भावनात्मक विकास का माध्यम है। यह उन्हें चिकित्सा शिक्षा के नए चरण में आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ प्रवेश करने में सहायता प्रदान करेगा
समारोह के अध्यक्ष डॉक्टर ख़्वाजा सैयद मोहम्मद बज़मी यूनुस (मैनेजर, एरम एजुकेशनल सोसाइटी) ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि “एरम एक ऐसा संस्थान है जहाँ ज्ञान और नैतिकता का सुंदर संगम देखने को मिलता है। यहाँ शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और मानव सेवा की भावना को जगाना है।” उन्होंने विद्यार्थियों को यूनानी चिकित्सा के स्वर्णिम सिद्धांतों को समझने और अपने शिक्षकों के अनुभव से अधिकतम लाभ उठाने की प्रेरणा दी।
समारोह का समापन डॉक्टर सना हसन के धन्यवाद शब्दों के साथ हुआ।
ज्ञात हो कि उपरोक्त प्रशिक्षण कक्षाएं अगले पंद्रह दिनों तक जारी रहेंगी, जिसमें चिकित्सा जगत एवं अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों के विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण भाषण होंगे।