17/08/2025
यकृत: एक अनमोल धरोहर की देखभाल
मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है यकृत (लिवर)। यह शरीर का "रासायनिक कारखाना" कहलाता है, क्योंकि यह भोजन को ऊर्जा में बदलने, खून को शुद्ध करने और आवश्यक पोषक तत्वों को संग्रहित करने जैसे अनगिनत काम करता है। अक्सर लोग हृदय, फेफड़े या किडनी के बारे में तो बात करते हैं, लेकिन यकृत के महत्व और इसकी देखभाल पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते। जबकि सच यह है कि यदि लिवर अस्वस्थ है, तो पूरा शरीर प्रभावित हो जाता है।
लिवर की संरचना और कार्य
लिवर हमारे पेट के दाहिनी ओर, पसलियों के ठीक नीचे स्थित होता है। इसका वजन लगभग 1.5 किलोग्राम तक होता है, जो इसे शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग बनाता है। लिवर का मुख्य कार्य पाचन में सहायता हैं I लिवर पित्त (Bile) का निर्माण करता है, जो वसा (Fats) को तोड़ने में मदद करता है। भोजन से प्राप्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में जमा करता है और ज़रूरत पड़ने पर ऊर्जा के लिए रिलीज करता है। लिवर खून के थक्के जमाने और संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक प्रोटीन बनाता है। लिवर विटामिन व खनिज संग्रह – आयरन, विटामिन A, D, E, K और B12 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को संग्रहीत करता है। लिवर शराब, दवाओं और अन्य हानिकारक रसायनों को तोड़कर डिटॉक्सिफिकेशन का कार्य करता है।
लिवर से जुड़ी आम बीमारियाँ
फैटी लिवर (Fatty Liver Disease)
– यह स्थिति तब होती है जब लिवर में वसा (Fat) अधिक मात्रा में जमा हो जाती है। यह शराब के सेवन (Alcoholic Fatty Liver) या अस्वस्थ जीवनशैली ,मधुमेह या अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल (Non-Alcoholic Fatty Liver) से हो सकता है।
हेपेटाइटिस (Hepatitis)
– यह लिवर में सूजन है, जो वायरस (Hepatitis A, B, C, D, E), शराब या दवाओं के कारण हो सकती है। लंबे समय तक रहने पर यह सिरोसिस में बदल सकता है।
सिरोसिस (Cirrhosis)
– इसमें लिवर की स्वस्थ कोशिकाएँ नष्ट होकर उनकी जगह पर रेशेदार ऊतक (Fibrosis) बनने लगता है। यह अवस्था स्थायी होती है और लिवर की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।
लिवर कैंसर (Liver Cancer)
– लंबे समय तक हेपेटाइटिस या सिरोसिस रहने पर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह लिवर की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है।
लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय
संतुलित आहार लें I ताज़ी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज, दालें और कम वसा वाला भोजन लिवर को स्वस्थ रखते हैं। जंक फूड, तैलीय व तली-भुनी चीज़ें, अधिक शक्कर और सोडा पेय से परहेज़ करें। शराब से दूरी बनाएं I अत्यधिक शराब लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाकर सिरोसिस और कैंसर का कारण बन सकती है। व्यायाम और योग करें I रोज़ाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, योगासन और प्राणायाम लिवर को फिट रखते हैं और फैटी लिवर से बचाते हैं। आजकल की जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण लिवर से संबंधित रोग बढ़ते जा रहे हैं। यदि मधुमेह हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल है तो उसपर नियंत्रण रखें I मोटापा, खासकर पेट की चर्बी, लिवर में वसा जमा करने का प्रमुख कारण है। स्वस्थ वजन बनाए रखना बेहद ज़रूरी है। पर्याप्त पानी पिएँ I पानी शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है और लिवर की कार्यक्षमता बनाए रखता है। दवाओं का सेवन सोच-समझकर करें Iबिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ या सप्लीमेंट्स लेना लिवर को नुकसान पहुँचा सकता है।
नियमित स्वास्थ्य जांच
समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और अल्ट्रासाउंड करवाना चाहिए, खासकर यदि परिवार में लिवर रोग का इतिहास हो। – हेपेटाइटिस A और B से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, जिन्हें लगवाना चाहिए।
लिवर हमारे शरीर का "मौन प्रहरी" है, जो चुपचाप दिन-रात कार्य करता है। लेकिन जब यह बीमार पड़ता है, तो पूरी जीवनशैली प्रभावित हो जाती है। अच्छी बात यह है कि लिवर की अधिकांश बीमारियाँ समय रहते देखभाल और सही जीवनशैली से रोकी जा सकती हैं।
📝 लेखक: डॉक्टर विवेक गुप्ता
सीनियर लिवर ट्रांसप्लांट एवम गैस्ट्रो सर्जन
मेदांता, लखनऊ
(स्वास्थ्य विषयक जागरूकता लेख)