Dr.Vijay Madanlal Rathor

Dr.Vijay Madanlal Rathor Dev-Drishti Cervical & Lumber Physio care
शरीर का स्वच्छता प्रहरी...

आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🇮🇳राधे राधे 🙏
26/01/2026

आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🇮🇳

राधे राधे 🙏

🌿 मुंह के लकवे की एक प्रेरणादायक कहानी 🌿कहते हैं, चेहरा इंसान की पहचान और आत्मविश्वास का आईना होता है।लेकिन जब उसी चेहरे...
24/01/2026

🌿 मुंह के लकवे की एक प्रेरणादायक कहानी 🌿
कहते हैं, चेहरा इंसान की पहचान और आत्मविश्वास का आईना होता है।
लेकिन जब उसी चेहरे पर अचानक #लकवा आ जाए, तो केवल मरीज ही नहीं, पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट जाता है।
इस बार मैं आपको ऐसे ही एक मरीज की कहानी बता रहा हूँ, जिन्हें मुंह का लकवा (Bell’s Palsy) हो गया था।
लकवे के कारण चेहरे का एक हिस्सा सुन्न हो गया था, एक आंख पूरी तरह बंद नहीं हो पा रही थी और मुंह एक तरफ तिरछा हो गया था।
रात में सोते समय भी प्रभावित साइड की आंख खुली रह जाती थी, जिससे मरीज को लगातार परेशानी और डर बना रहता था।
अचानक इस स्थिति को देखकर परिवारजन अत्यंत घबरा गए और तुरंत डॉक्टर को दिखाया।
डॉक्टर द्वारा आवश्यक जांच के बाद स्टेरॉइड एवं एंटी-वायरल दवाइयां शुरू करवाई गईं और साथ ही #फिजियोथैरेपी इलाज लेने की सलाह दी गई।
मुंह के लकवे में सबसे पहला और सबसे बड़ा सवाल मरीज के मन में यही होता है —
“क्या मैं फिर से पहले जैसा हो पाऊँगा?”
क्योंकि जब चेहरा ही तिरछा हो जाए, तो व्यक्ति का आत्मविश्वास, सामाजिक जीवन और मानसिक स्थिति सभी प्रभावित हो जाते हैं।
इसके बाद मरीज को मेरे द्वारा पर नियमित और वैज्ञानिक तरीके से फिजियोथैरेपी उपचार दिया गया।
इलाज शुरू होने के 1 से 2 सप्ताह के भीतर ही चेहरे की मूवमेंट में सुधार दिखाई देने लगा।
यही वह क्षण था, जब मरीज और उनके परिवार को पहली बार यह विश्वास हुआ कि यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
नियमित फिजियोथैरेपी और चेहरे की एक्सरसाइज से
3 से 4 सप्ताह में मरीज लगभग 80% तक ठीक हो गया।
चेहरे की जकड़न कम हुई, आंखों की मूवमेंट बेहतर हुई और मुस्कान फिर से लौटने लगी।
जैसे-जैसे सुधार होता गया, वैसे-वैसे मरीज और परिवार की चिंता कम होती गई।
आज, नियमित फिजियोथैरेपी और एक्सरसाइज के चलते मरीज लगभग 95% तक ठीक हो चुका है।
दोनों आंखें सामान्य रूप से खुलने-बंद होने लगी हैं, चेहरा सीधा हो गया है और चेहरे की खोई हुई मूवमेंट दोबारा लौट आई है।
अभी भी मरीज को नियमित एक्सरसाइज करवाई जा रही है, क्योंकि
👉 नियमित फिजियोथैरेपी से दोबारा मुंह का लकवा होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
आज मरीज और उसका परिवार दोनों संतुष्ट और प्रसन्न हैं।
यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि
समय पर इलाज, सही मार्गदर्शन और नियमित फिजियोथैरेपी से Bell’s Palsy पूरी तरह ठीक हो सकता है।

👉 क्या होता है मुंह का लकवा या Bells plasy....
Bell’s palsy एक ऐसी बीमारी है जिसमें चेहरे की एक साइड (दाईं या बाईं) की नस अचानक कमजोर या सुन्न हो जाती है। इसकी वजह से चेहरे के मांसपेशियों पर कंट्रोल कम हो जाता है।
👉इसके मुख्य लक्षण
चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा दिखना,एक आंख पूरी तरह बंद न होना या बार-बार पानी आना,मुंह एक तरफ खिंच जाना
मुस्कुराने, सीटी बजाने या आंख झपकाने में दिक्कत,स्वाद में कमी (जीभ के आगे वाले हिस्से में),कान के आसपास दर्द या भारीपन
👉यह क्यों होता है?
अधिकतर मामलों में वायरल इंफेक्शन (जैसे सर्दी-जुकाम के बाद),चेहरे की नस ( ) में सूजन,ठंडी हवा लगना,कभी-कभी तनाव या कम इम्युनिटी के कारण मुंह का लकवा होता है।
👉ध्यान दें: यह ब्रेन स्ट्रोक नहीं है, हालांकि शुरुआत में लोग भ्रमित हो जाते हैं।
👉इलाज क्या है?
मुंह का लकवा पूरी तरह फिजियोथैरेपी से ही ठीक होता है परन्तु प्रारंभ में डॉक्टर की सलाह से गोली-दवाइयों का उपयोग भी करते है।
फिजियोथेरेपी / फेस एक्सरसाइज,आंख की सुरक्षा (आई ड्रॉप, रात में आई पैच),गरम सेक व सही मसाज करना आवश्यक है।
👉ठीक होने में कितना समय लगता है?
ज़्यादातर मरीज 3–6 हफ्तों में सुधार दिखाते हैं
कुछ मामलों में 2–4 महीने लग सकते हैं।
समय पर इलाज शुरू करने से रिकवरी तेज होती है।
👉फिजियोथैरेपी ईलाज आप कमेंट में जरूर पढ़ें.....
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पढ़िए 🦵 Knee Replacement के एक मरीज के कहानी और फिजियोथेरेपी की अहमियत:ग्राम मजेसरा की एक महिला मरीज लंबे समय से दोनों घ...
19/01/2026

पढ़िए 🦵 Knee Replacement के एक मरीज के कहानी और फिजियोथेरेपी की अहमियत:
ग्राम मजेसरा की एक महिला मरीज लंबे समय से दोनों घुटनों के तीव्र दर्द से पीड़ित थीं। दर्द से राहत पाने के लिए उन्होंने कई चिकित्सकों से परामर्श लिया, लेकिन संतोषजनक सुधार नहीं हो सका। समस्या बढ़ने पर विशेषज्ञ की सलाह से वे अहमदाबाद गईं, जहाँ आवश्यक जाँच के बाद उनका घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement Surgery) किया गया।
सर्जरी सफल रही, परंतु ऑपरेशन के बाद उनका घुटना पूरी तरह सीधा नहीं हो पा रहा था। इसके कारण उन्हें चलने-फिरने, बैठने-उठने और दैनिक गतिविधियों में कठिनाई होने लगी।
🔍 समस्या का कारण
विशेषज्ञ मूल्यांकन में यह स्पष्ट हुआ कि:
सर्जरी के बाद
समय पर, सही तरीके से और नियमित फिजियोथेरेपी न होने के कारण
घुटने में जकड़न (Stiffness) विकसित हो गई थी।
🏥 फिजियोथेरेपी उपचार
इसके पश्चात मरीज को Dev Drishti Physiotherapy Clinic में विशेषज्ञों की निगरानी में संरचित व आधुनिक मशीन-आधारित फिजियोथेरेपी दी गई।
✨ उपचार के परिणाम
जो घुटना पूरी तरह सीधा नहीं हो पा रहा था, वह अब 90–110 डिग्री तक मुड़ने लगा
दर्द में उल्लेखनीय कमी आई
मरीज अब बिना किसी सहारे अपने दैनिक कार्य कर पा रही हैं
🎯 फिजियोथेरेपी के मुख्य उद्देश्य
✔️ घुटने की मूवमेंट बढ़ाना
✔️ मांसपेशियों की ताकत सुधारना
✔️ घुटने को पूरी तरह सीधा करना
✔️ सामान्य चलने-फिरने की क्षमता लौटाना
📌 महत्वपूर्ण संदेश
👉 केवल सर्जरी करवा लेना ही पर्याप्त नहीं होता
👉 Knee Replacement के बाद फिजियोथेरेपी उतनी ही आवश्यक है जितनी सर्जरी
👉 समय पर सही रिहैबिलिटेशन = सफल Knee Replacement
🏠 Knee Replacement के बाद घर पर देखभाल व एक्सरसाइज गाइड
🔹 पहले 1–2 हफ्ते
✔️ फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से फिजियोथेरेपी शुरू करें
✔️ बर्फ से सिकाई – दिन में 2–3 बार (10–15 मिनट)
✔️ सूजन कम करने हेतु पैर ऊँचा रखकर आराम
✔️ वॉकर/स्टिक के सहारे धीरे-धीरे चलना
ज़रूरी एक्सरसाइज
👉 Ankle Pump
👉 Quadriceps Tightening
👉 Heel Slide
🔹 2–4 हफ्ते
✔️ घुटने की मूवमेंट 90–110° तक बढ़ाएँ
✔️ मांसपेशियों को मजबूत करें
✔️ सपोर्ट के साथ सीढ़ी चढ़ना-उतरना
एक्सरसाइज
👉 Straight Leg Raise
👉 Sitting Knee Extension
👉 Mini Squats (हल्के व नियंत्रित)
🔹 4–8 हफ्ते
✔️ बिना सहारे चलना
✔️ घर के सामान्य कार्य करना
✔️ सही तरीके से बैठना-उठना
एक्सरसाइज
👉 Resistance Band Exercises
👉 Balance Training
👉 Low Resistance Cycling
❌ क्या न करें
❌ ज़मीन पर पालथी मारकर न बैठें
❌ बहुत नीचे वाले टॉयलेट का उपयोग न करें
❌ अचानक मुड़ना या कूदना नहीं
❌ भारी वजन न उठाएँ
🚨 खतरे के संकेत (तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें)
👉 तेज दर्द या अचानक सूजन बढ़ना
👉 बुखार या घाव से पानी/पस आना
👉 पैर में अधिक गर्मी या लालिमा
🔑 निष्कर्ष-
नियमित फिजियोथेरेपी + सही एक्सरसाइज = सफल और दर्द-मुक्त Knee Replacement
यदि आपके या आपके परिवार में किसी ने घुटने का ऑपरेशन करवाया है, तो ऑपरेशन के तुरंत बाद बताई गई एक्सरसाइज और फिजियोथेरेपी को गंभीरता से अपनाएँ।

#शरीर_में_स्फूर्ति_भर_जाएगी

 #शरीर_में_स्फूर्ति_भर_जाएगी35 की उम्र के बाद भी शरीर की तंदुरुस्ती को बरकरार रखने के लिए ये व्यायाम अवश्य करें।✴️पहला व...
18/01/2026

#शरीर_में_स्फूर्ति_भर_जाएगी

35 की उम्र के बाद भी शरीर की तंदुरुस्ती को बरकरार रखने के लिए ये व्यायाम अवश्य करें।

✴️पहला व्यायाम

पैरों को सटाकर और हाथ कमर पर रखकर खड़े हो जाएं।

अब जितना संभव हो दाएं पैर को सामने की ओर लाकर पंजे को जमीन से छुएं।

फिर दाईं ओर फैलाकर जमीन छुएं। इसी तरह पीछे की ओर ले जाकर जमीन छुएं। बाद में प्रारंभिक स्थान पर लाकर रख दें। इस दौरान बायां पैर यथास्थिति पर ही रहेगा।

दाएं पैर को स्थिर रखते हुए बाएं पैर से ये प्रक्रिया दोहराएं। इसे 10-10 के सेट में करें।

✴️दूसरा व्यायाम

पैरों को सटाए रखते हुए ही हाथों को कमर पर रखें।
दाएं पैर को सामने फैलाएं। फिर चित्रानुसार दाईं ओर फैलाएं। इसके बाद क्षमतानुसार पीछे की ओर ले जाएं। इस दौरान बायां पैर अपनी जगह पर ही रहेगा।

अब बारी आएगी बाएं पैर की। इसे भी पहले सामने की ओर फिर बाईं ओर और फिर पीछे की ओर चित्रानुसार ले जाएं। इसे भी 10-10 या 15-15 के सेट में करें।

✴️तीसरा व्यायाम

ये व्यायाम करने के लिए हाथों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। बस पैरों को आपस में सटाकर रखना है।

हाथों को स्थिर रखते हुए या फिर मस्ती में चलाते हुए भी शरीर का वजन पहले दाएं पैर के पंजे और बाएं पैर की एड़ी पर लाएं। इसके तुरंत बाद बाएं पैर के पंजे और दाएं पैर की एड़ी पर वजन ले आएं। इसे सी-सों की तरह बारी-बारी से करें।

इस प्रक्रिया को 20 बार दोहराएं।
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प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाताओं के परिश्रम को समर्पित पावन पर्व 'लोहड़ी पर्व व मकर संक्रांति' की सभी देश वासियों...
14/01/2026

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाताओं के परिश्रम को समर्पित पावन पर्व 'लोहड़ी पर्व व मकर संक्रांति' की सभी देश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह पर्व सभी के जीवन में खुशियां, ऊर्जा और नई उमंग लेकर आए, यही कामना है।

राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
12/01/2026

राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

06/01/2026

रोटी को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटना, मतलब परिवार को 'धीमा जहर (slow Poison) खिलाना। गर्मीं से एल्युमिनियम पिघलकर खाने में मिलता है, जो किडनी फेल और हड्डियों के गलने का सबसे बड़ा कारण है। मॉडर्न न बनें,देसी सूती कपड़े का ही इस्तेमाल करें, वही सुरक्षित है।

🧠 मानव पाचन तंत्र के प्रमुख अंग(Human Digestive System – Educational Chart)1️⃣ मुख (Mouth) • भोजन को चबाने और लार के साथ...
06/01/2026

🧠 मानव पाचन तंत्र के प्रमुख अंग

(Human Digestive System – Educational Chart)

1️⃣ मुख (Mouth)
• भोजन को चबाने और लार के साथ मिलाने का काम
• लार में एमाइलेज एंज़ाइम होता है जो कार्बोहाइड्रेट पचाना शुरू करता है

2️⃣ ग्रसनी (Pharynx)
• भोजन को मुँह से अन्ननलिका तक पहुँचाने का रास्ता

3️⃣ अन्ननलिका (Esophagus)
• मांसपेशियों की मदद से भोजन को पेट तक पहुँचाती है
• इसे पेरिस्टाल्टिक मूवमेंट कहते हैं

4️⃣ आमाशय / पेट (Stomach)
• भोजन को पीसकर गाढ़े घोल में बदलता है
• हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) और एंज़ाइम छोड़ता है
• प्रोटीन का पाचन यहीं से शुरू होता है

5️⃣ छोटी आंत (Small Intestine)

तीन भाग होते हैं:

✅ डुओडेनम (Duodenum)
• पित्त रस और अग्न्याशय रस यहीं मिलते हैं

✅ जेजुनम (Jejunum)
• पोषक तत्वों का अधिकतम अवशोषण

✅ इलियम (Ileum)
• विटामिन, मिनरल और पानी का अवशोषण

6️⃣ यकृत (Liver)
• पित्त (Bile) बनाता है
• विषैले पदार्थों को डिटॉक्स करता है
• फैट पाचन में मदद करता है
• ग्लूकोज स्टोर करता है

7️⃣ पित्ताशय (Gall Bladder)
• पित्त को संग्रह करता है
• जरूरत पड़ने पर छोटी आंत में छोड़ता है

8️⃣ अग्न्याशय (Pancreas)
• पाचन एंज़ाइम बनाता है
• इंसुलिन और ग्लूकागन हार्मोन बनाता है
• शुगर कंट्रोल करता है

9️⃣ बड़ी आंत (Large Intestine)
• पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का अवशोषण
• मल को गाढ़ा बनाना
• लाभकारी बैक्टीरिया का घर

🔟 मलाशय (Re**um)
• मल को अस्थायी रूप से संग्रह करता है

1️⃣1️⃣ गुदा (A**s)
• मल को शरीर से बाहर निकालने का मार्ग

✅ पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के उपाय

✔ पर्याप्त पानी पिएँ
✔ फाइबर युक्त आहार लें
✔ समय पर भोजन करें
✔ जंक फूड कम करें
✔ योग व प्राणायाम अपनाएँ
✔ तनाव से दूर रहें

📘 नोट:
यह जानकारी शैक्षणिक और जन-जागरूकता के लिए है। किसी गंभीर समस्या में डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।





अभी पिछले तीन दिवस से मेरे पास एक ऐसे मरीज आ रहे है जिनकी गर्दन में नस दबी हुई है। जिसके कारण उनके सीधे हाथ की दो उंगलिय...
24/12/2025

अभी पिछले तीन दिवस से मेरे पास एक ऐसे मरीज आ रहे है जिनकी गर्दन में नस दबी हुई है। जिसके कारण उनके सीधे हाथ की दो उंगलियां सुन्न हो चुकी है। उनको किसी भी वस्तु को पकड़ने में परेशानी आने लगी । इस अवस्था मे जब उन्होंने जाकर डॉ को बताया तो डॉ ने कुछ दिन की गोली दवाई देकर कह दिया ठीक हो जाओगे।
परन्तु कई महीनों तक उनको आराम नही हुआ। डॉ उंगलियों का ईलाज करते रहे जबकि बीमारी की मुख्य जड़ थी गर्दन में दबी नस। अंत मे डॉ ने कहा दिया गर्दन का ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। अगर मरीज गर्दन का ऑपरेशन करवा लेता तो जीवन भर कई सावधानियां मरीज को रखना पड़ती ओर कई प्रकार के कष्ट उसको झेलना पड़ते।
गर्दन में नस दबने के कारण ही आपको हाथ मे दर्द शुरू होता है,हाथ सुन्न होने लगता है,आप के हाथ की ताकत कम होने लगती है,गर्दन में दर्द होता है और अंत मे उंगलियां भी सुन्न हो जाती है।
इसीलिए मेरा आग्रह है कि बिना जॉच के कभी भी ईलाज न कराए।
आपकी गर्दन में नस इन कारणों से दबती है।
A- दो हड्डियों के बीच की डिस्क बाहर की ओर निकलकर नस पर दबाव डाल देती है। ( ) जिससे C5–C6, C6–C7 लेवल पर ज्यादा दबाव होता है और इससे हाथ में दर्द, झनझनाहट, सुन्नपन होने लगता है।
B-उम्र बढ़ने या गलत पोस्चर से गर्दन की हड्डियों में घिसाव होता है।( )
C-मोबाइल/लैपटॉप लंबे समय तक ज्यादा झुककर देखना,गलत तकिया लगाना,लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में बैठना।
D- गर्दन व कंधे की मांसपेशियां को सख्त होना।
E-एक्सीडेंट होंना, अचानक गिरना व अचानक गर्दन का मुड़ना।

F-सिर या कंधे पर भारी वजन उठाने से भी नस दब सकती है।
अगर नस दबी है तो आपको ये लक्षण आपके शरीर मे दिखाई देते है।
A-गर्दन से कंधे/हाथ तक दर्द,
B-उंगलियों में झनझनाहट या सुन्नपन होगा।
C-हाथ कमजोर होने लगेगा।
D-जब भी गर्दन घुमाएंगे तो दर्द होगा।

🏠 घरेलू इलाज (Home Treatment)
A- दिन में 2 बार 10–15 मिनट के लिए गर्दन और कंधों पर गर्म सेक करे।इससे मांसपेशियों की जकड़न कम होती है। सिकाई ज्यादा गर्म नही होना चाहिए।
B-सही तकिया और सोने की स्थिति को सही करे,बहुत ऊँचा या बहुत सख्त तकिया नही लगाना है।
C-गर्दन को सपोर्ट देने वाला cervical pillow नर्म ओर पतला होना चाहिए।
D- दर्द होने पर पेट के बल नही सोना है।
E- मोबाइल या लैपटॉप चलाते समय आँखों के लेवल पर रखें।
झुककर देखने से बचें
F-हर 30–40 मिनट में गर्दन को ऊपर,दाए, बाए घुमाए।
G-गर्दन नीचे बिल्कुल नही करना है। गर्दन के बेल्ट (Cervical collar) का उपयोग जरूर करे।
H-हल्की गर्दन की एक्सरसाइज़ दिन में 2 बार करे।
1-सीधा बैठकर ठुड्डी हल्की पीछे खींचें
5 सेकंड रोकें व 10 बार करे।
2-गर्दन दाएँ–बाएँ घुमाए।
5 सेकंड रोके व 10 बार करे।
3-कंधे को 10-10 बार आगे–पीछे घुमाएँ।
I-तिल के तेल / नारियल तेल से हल्की मालिश करे। बहुत ज़ोर से दबाकर मालिश नही करना है।
J-ज्यादा तनाव नही ले। तनाव से मसल कठोर होती है। गहरी साँस ले,हल्की वॉक करे व पर्याप्त नींद जरूर ले।
मरीज को ये सावधानियां जरूर रखना है।
A-झटका देकर गर्दन नही घुमाना है।B-गर्दन या हाथ को मसलवाना नही है।
C-भारी वजन बिल्कुल नही उठाना है।
D-बहुत देर तक एक ही पोज़िशन में नही बैठना है।
अगर फिर भी हाथ की ताकत कम हो,आपको कमजोरी लगे और
उंगलियों में लगातार सुन्नपन होरहा हो और
5–7 दिन में आराम न मिले तो तुरन्त #फिजियोथैरेपिस्ट को जरूर दिखाए।

बेटे  #देव को जन्मदिवस पर ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद....."बेटा खूब पढ़ो,आगे बढ़ो...."
15/12/2025

बेटे #देव को जन्मदिवस पर ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद.....
"बेटा खूब पढ़ो,आगे बढ़ो...."

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