Dr. Aalok Sharma Interventional Cardiologist

Dr. Aalok Sharma Interventional Cardiologist Consultant Interventional Cardiologist

28/11/2022

76year old female who presented with a NSTEMI

PM - HTN HLD GERD Depression

CV - Echo Global Hypokinesis LVEF 45-50%

Medicine - Omeprazole Albuterol Venlafaxine Sertraline Aspirin Atorvastatin Nifedipine Hydrochlorothiazide
Adjunct Pharmacotherapy Clopidogrel Bivalirudin

LCA angiography 70-80% stenosis in the distal left circumflex (LCx) CA

LCA angiography sequential focal lesions in the LAD

(RCA) angiography
no significant disease in the RCA

Angiography after IC vasodilators given showing resolution of the focal lesion confirming coronary spasm

Optical coherence tomography of the LAD

OCT pullback of the LAD with no evidence of obstructive coronary disease supporting diagnosis of a coronary spasm

Placement of a Promus Element 3.0/24mm stent in the LCx

Post dilatation of the stent placed in the LCx with a Quantum Apex 3.0/20mm balloon

Final angiography showing successful intervention of the LCx and treatment of the LAD spasm

Underwent intervention of LCx While performing LCA angiography a focal lesion was seen in the LAD IC vasodilators were given and lesion resolved confirming coronary spasm OCT imaging was performed confirming absence of plaque within the LAD at the location of the focal defect Troponin I peaked at 19.1 ng/mL and CK-MB peaked at 147 ng/mL Patient was discharged home the next day without further sequelae

13/11/2022

89 yearold female who presented with chest pain and found to have a NSTEMI

PM History

HTN HLD Former to***co use COPD Lung cancer s/p XRT Breast cancer s/p lumpectomy/XRT hypothyroidism

CV
Echocardiography Anterior and anterolateral wall hypokinesis LVEF 40-45%

Medi
Adjunct Clopidogrel Bivalirudin
Amlodipine Prednisone Albuterol Levothyroxine Pharmacotherapy

Right coronary artery (RCA) angiography

chronically occluded proximal right coronary artery (RCA)

Left coronary artery angiography

total occlusion in the middle left anterior descending (LAD)

no significant stenosis in the left circumflex (LCx) coronary artery

Aspiration thrombectomy of the LAD using a Pronto Catheter.

Angiography after aspiration thrombectomy showing a guide catheter (VL 3.5/6 Fr) induced non-flow limiting Type C dissection of the left main (LM) extending into the LCx LM luminal narrowing is also present due to formation of a hematoma causing external compression of the vessel

Deployment of a VeriFLEX 5.0/20 mm stent in the LM extending into the proximal LCx

Angiography of the LCA after stent placement.

Final angiography showing successful treatment of the LM dissection with unchanged totally occluded mid LAD

Underwent unsuccessful intervention of the LAD CTO
Aspiration thrombectomy was performed and this was followed by lesion preparation with serial balloon inflations
Procedure was complicated by a guide catheter (VL 3.5/6 Fr) induced non-flow-limiting Type C dissection of the LM extending into the LCx
In addition LM luminal narrowing was also present and due to the formation of a hematoma which was causing external compression of the vessel.
LM dissection was treated with placement of a stent directly
Troponin-I peaked at 33.5 ng/mL and CK-MB peaked at 311 ng/mL
The patient was discharged home after 6 days without any sequelae

11/10/2022

डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एव शत्-शत् नमन

महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर चिंतक समाजवादी और सम्मानित राजनीतिज्ञ राजनेता वंशवादी राजनीति समाजवाद के वीर योद्धा हमेशा लोकतंत्र के लिए घातक मानने वाले समतासमानता और समत्व भाव से कार्य करने वालों को योगी मानने वाले डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एव शत्-शत् नमन

डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने देश का गौरव बढ़ाया देश की रक्षा के लिए आपका योगदान स्वर्णाक्षरों में अंकित है और चिरकाल तक रहेगा

माँ भारती के लिए आपका योगदान सदियों तक प्रेरणा प्रदान है हर देशवासी को राष्ट्र सेवा हेतु प्रेरित करता रहेगा

आपके प्रखर विचार सामाजिक समानता के लिए अनंतकाल तक मार्गदर्शक बने रहेंगे आपके सर्वोच्च योगदान की गौरवपूर्ण वीरगाथा अविस्मरणीय है

डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एव शत्-शत् नमन

👉 जाति प्रथा के विरुद्ध विद्रोह से ही देश में जागृति आयेगी

👉 ज्ञान और दर्शन से सब काम नहीं होता ज्ञान और आदत दोनों को ही सुधारने से मनुष्य सुधरता है

👉 जाति तोड़ने का सबसे अच्छा उपाय है कथित उच्च और निम्न जातियों के बीच रोटी और बेटी का संबंध

👉 नारी को गठरी के समान नहीं बल्कि इतनी शक्तिशाली होनी चाहिए कि वक्त पर पुरुष को गठरी बना अपने साथ ले चले

👉 मर्यादा केवल न करने की नहीं होती है करने की भी होती है बुरे की लकीर मत लांघो लेकिन अच्छे की लकीर तक चहल पहल होनी चाहिए

👉 अशिक्षित को शिक्षा दो अज्ञानी को ज्ञान शिक्षा से ही बन सकता हैं मेरा भारत देश महान

09/10/2022

मेरी सभी माताओं भाई बहन और बेटियों को महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण की रचना कर प्रभु श्रीराम की गाथा उनके त्याग मर्यादाओं के पालन एवं कर्तव्य परायणता भरे जीवन के संदेश एवं आदर्शों को देश दुनिया में पहुंचाया है

गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वर गुरु साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम

जैसे पके हुए फलो को गिरने की सिवा कोई भय नहीं वैसे ही पैदा हुए मनुष्य को मृत्यु के सिवा कोई भय नहीं

रामायण जैसा महाकाव्य गुरूवर आपने रच दिया सत्य से और कर्तव्य से जीवन जीने का सच दिया

मानव ने जब मानव को मारा है तब-तब मानवता ही हारा है असत्य-अधर्म का इस धरती से नाश हो सत्य और धर्म का चारों तरफ़ वास हो

सुख में दुख हैं और दुःख में सुख है इस भाव को जो समझ जाता है उसके अहंकार का नाश हो जाता हैं और वो जीवन में परम आनन्द पाता हैं

अधर्म पर धर्म की विजय असत्य पर सत्य की विजय बुराई पर अच्छाई की विजय पाप पर पुण्य की विजय अत्याचार पर सदाचार की विजय क्रोध पर दयाक्षमा की विजय और अज्ञान पर ज्ञान की विजय अधर्म पर धर्म की जीत अन्याय पर न्याय की विजय बुरे पर अच्छे की जय जयकार यही है

महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

05/10/2022

मेरी सभी माताओं भाई बहन और बेटियों को दशहरा विजयदशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

पावन पर्व भगवान प्रभु श्री राम विजयदशमी पर विजय का प्रतीक हैं श्रीराम बुराई पर अच्छाई का प्रतीक हैं श्री राम दशहरा पर्व की शुभकामनाएं

अधर्म पर धर्म की विजय असत्य पर सत्य की विजय बुराई पर अच्छाई की विजय पाप पर पुण्य की विजय अत्याचार पर सदाचार की विजय क्रोध पर दयाक्षमा की विजय और अज्ञान पर ज्ञान की विजय अधर्म पर धर्म की जीत अन्याय पर न्याय की विजय बुरे पर अच्छे की जय जयकार यही है दशहरा का त्योहार

भगवान प्रभु श्री राम आपको अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने का आशीर्वाद दें आपके जीवन से सभी तरह से संकट दूर हों सत्य की हमेशा जीत होती है और बुराई पर अच्छाई की जीत प्रभु आपको हमेशा ज्ञान और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें

भगवान प्रभु श्री राम की तरह आप सफलता की राह पर चलते रहें और आप जीवन के हर चरण में जीत हासिल करे दशहरा विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

त्यौहार के रंगों और रोशनी की तरह आपका जीवन दुनिया में सभी खुशी और समृद्धि से भरे

29/04/2022

डॉ. आलोक शर्मा

हार्ट में चुभन क्‍यों होती है जानिये कारण -

हार्ट हमारे शरीर का खास ह‍िस्‍सा है इसका काम है शरीर में ब्‍लड की सप्‍लाई करना अगर हार्ट अनहेल्‍दी होगा तो उसका असर आपके पूरे शरीर पर पड़ेगा हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए आपको उसमें हो रहे बदलावों पर गौर करना चाह‍िए हार्ट के लक्षणों पर डॉक्‍टर अक्‍सर चर्चा करते हैं ताक‍ि लोगों को इसकी जानकारी होती रहे ऐसा ही एक लक्षण है हार्ट में चुभन की समस्‍या हार्ट में चुभन महसूस होना कोई आम बात नहीं है इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं

1. हार्ट में चुभन के कारण -

1. फेफड़े की बीमारी जैसे न‍िमोन‍िया की समस्‍या होने पर सीने में दर्द या सीने में चुभन की समस्‍या हो सकती है। इसके अलावा सांस फूलने खांसी की समस्‍या हो सकती है

2. पैन‍िक अटैक होने आने पर आपको हार्ट बर्न या हार्ट बर्न की समस्‍या हो सकती है इसके अलावा आपको हार्ट पल्‍प‍िटेशन पसीना आना सांस फूलने की समस्‍या हो सकती है

3. कार्ट‍िलेज में सूजन होने के कारण भी हार्ट बर्न की समस्‍या होती है गहरी सांस लेने की समस्‍या पसल‍ियों में सूजन की समस्‍या हो सकती है

4. गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिसीज के कारण भी सीने में जलन या चुभन और मुंह का स्‍वाद खराब होने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं

5. अगर आपको हार्ट में चुभन होती है तो तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं ये हार्ट अटैक के लक्षण भी हो सकते हैं साइलेंट हार्ट अटैक महसूस नहीं होता है पर आपको लक्षणों से पहचान करनी है ज‍िन लोगों का ब्‍लड प्रेशर बढ़ा हुआ होता है या शुगर के मरीज हो तो आपको खास ख्‍याल रखना चाह‍िए ईसीजी की मदद से साइलेंट हार्ट अटैक का पता लगाया जाता है

2. हार्ट अटैक के लक्षण भी हो सकते हैं -

अगर आपको सीने में दर्द या चुभन हो तो उसे हल्‍के में न लें ये साइलेंट हार्ट अटैक के कारण भी हो सकता है जब आपको साइलेंट हार्ट अटैक आता है तो सीने में दर्द या चुभन महसूस हो सकती है इस तरह के हार्ट अटैक में लक्षणों की पहचान करना मुश्‍क‍िल होता है और तुरंत इलाज न म‍िलने पर मरीज की जान खतरे में भी पड़ सकती है हार्ट में चुभन के अलावा आपको जी म‍िचलने की समस्‍या कमजोरी होना गले या जबड़े में तकलीफ होने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं अगर आपको ऐसे लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें

3. हार्ट को हेल्‍दी कैसे रखें -


1. अन‍िद्रा की समस्‍या होने पर हार्ट में चुभन हो सकती है इसल‍िए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लें

2. तेल और वसायुक्‍त भोजन को पूरी तरह से अवॉइड करें

3. हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए आपको सलाद हरी सब्‍ज‍ियों का सेवन करना चाह‍िए

4. रोजाना व्‍यायाम करें और स‍िगरेट व एल्‍कोहल से परहेज करें

5. हार्ट को हल्‍दी रखने के ल‍िए तनाव को हमेशा दूर रखें तनाव कम करने के ल‍िए योगा और मेड‍िटेशन करें

इन आसान ट‍िप्‍स को फॉलो करके आप भी अपने हार्ट को हेल्‍दी रख सकते हैं

अगर आपको ऐसे लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें

डॉ. आलोक शर्मा
एम.बी.बी.एस (गोल्ड मेडलिस्ट)
एम.डी मेडिसिन (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
डी.एम कार्डियोलॉजी (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
सलाहकार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एम्स

22/04/2022

डॉ. आलोक शर्मा

हाई ब्लड प्रेशर में लापरवाही बरतना पड़ सकता है आपको भारी

एक वक़्त था जब हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी को लोग हवा में उड़ा दिया करते थे लेकीन आज के टाइम में इस बीमारी ने देखते ही देखते काफी बड़ा रूप ले लिया है जिसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ये समस्या शरीर पर अकेले अटैक नहीं करती बल्कि कई और सीरियस बीमारियों को भी शरीर में पैदा कर देती है

हाई ब्लड प्रेशर से दुनिया भर के लोग परेशान हैं. इस बीमारी के खतरनाक होने का आईडिया आप इस बात से लगा सकते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर वक़्त से पहले होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है. लेकिन सबसे हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि जो बीमारी कभी सिर्फ बड़ी उम्र के लोगों को होती थी आज खराब लाइफस्टाइल और स्ट्रेस भरी लाइफ के चलते इसके लक्षण कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रहे हैं

1. हाई ब्लड प्रेशर के कारण -

1. प्राइमरी रीज़न्स -

कुछ लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या जेनेटिकली होती है कुछ जेनेटिक अब्नोर्मलिटीज़ के कारण आपको ये बीमारी आपके माता-पिता से मिलती है

1. फिजिकल चेंज -

कुछ फिजिकल चेंजिज जैसे उम्र बढ़ने किडनी के काम में बदलाव होने और लिक्विड सब्सटेंस का बैलेंस बिगड़ने के कारण भी आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है

2. एक खराब लाइफ स्टाइल -

हाई ब्लड प्रेशर का एक बड़ा कारण आपकी खराब लाइफ स्टाइल है जिसमें फिजिकल एक्टिविटीज में कमी आना मेन कारण है इसके अलावा खाने में सोडियम यानी नमक की मात्रा का ज़्यादा होना भी इस स्थिति को और खराब करता है

2. सेकेंडरी रीज़न्स -

1. किडनी की आर्टरीज में ब्लॉकेज के कारण
2. बॉडी में किसी ट्यूमर के द्वारा हार्मोन सीक्रेट करने के कारण
3. स्टेरॉयड के ज़्यादा सेवन करने के कारण
4. कुछ विशेष दवाइयों के कारण

3.तनाव -

हाई ब्लड प्रेशर का सबसे बड़ा कारण तनाव है अगर आप हर वक्त तनाव में रहते हैं तो इससे ब्लड सर्कुलेशन पर ज्यादा जोर पड़ता है जो हाई बीपी का कारण बन सकता है

4. आलस -

ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण आसल भी है जिन लोगों की शारीरिक सक्र‍ियता बहुत कम होती है उन लोगों में ब्लड प्रेशर की शिकायतें भी काफी देखी गई हैं। इतना ही नहीं अगर इसे ज्यादा दिनों तक नज़रअंदाज़ किया जाए तो ब्लड प्रेशर बढ़ने से स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट का खतरा भी काफी बढ़ जाता है

5. मौसम में बदलाव -

सर्दियों के मौसम में अक्‍सर तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जाता है इस दौरान तापमान कम होने के कारण ब्लड सेल्स यानी नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कतें होती हैं ये भी ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण हैं

6. किडनी से जुड़ी बीमारियां -

बीपी बढ़ने का कारण किडनी से जुड़ी बीमारियां भी हैं अगर आप इन बीमारियों के लिए नियमित रूप से दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो इससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है क्योंकि ये दवाइयां अचानक बीपी बढ़ाने का काम करती हैं इसलिए ध्यान रहे अगर आपको पहले से कोई बीमारी है और इसके लिए आप दवाइयां ले रहे हैं तो डॉ को ये ज़रूर बताएं की आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है

7. गलत खानपान -

उच्च रक्तचाप के कारण में खानपान खराब होना भी शामिल है अगर आपका बीपी अचानक ही बढ़ जाता है तो इसका अर्थ ये है कि आपका खानपान ठीक नहीं है इसलिए अपने खानपान पर खास ध्यान दें क्योंकि हो सकता है आप अपने आहार में ऐसी चीजें ले रहे हैं जो आपके बीपी को हाई करने का काम कर रही है ये अचानक बीपी बढ़ने का कारण है हालांकि कई बार उम्र बढ़ने के कारण भी बीपी की समस्या हो जाती है

2. ब्लड प्रेशर बढ़ने से पहले हमें क्या करना चाहिए -

अगर आप ब्लड प्रेशर के शुरूआती स्टेज में हैं तो इससे पहले ये बीमारी आपको खतरनाक स्तर तक ले जाए पहले ही टेस्ट करवा लें इसके अलावा समय- समय पर डॉ से मिलते रहें और अपना ब्लड प्रेशर जांच भी करवाते रहें साथ ही खानपान का खास ध्यान रखें और रोज़ाना सुबह-सुबह घूमने की आदत डालें क्योंकि आलस भी हाई ब्लड प्रेशर का कारण है

3. ब्लड प्रेशर है या नहीं ये कैसे पता करें -

रक्तचाप बढ़ने के कारण काफी आम हैं। हर दूसरा व्यक्ति उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित है ऐसे में अगर आपको पता करना है कि आप ब्लड प्रेशर के शिकार हैं या नहीं तो इस स्थिति में समय-समय पर अपनी जांच करवाते रहें जांच के बाद पता लगता है कि आप ब्लड प्रेशर के पहले स्टेज में है तो डॉक्टर कुछ परहेज और हल्की दवाइयां लेने की सलाह देते हैं जिससे ये बीमारी ठीक हो जाती है लेकिन अगर आप ब्लड प्रेशर के दूसरे स्टेज में हैं तो इस स्थिति मे एंटी-हाइपरटेंसिव दवाइयों का सेवन करने को कहा जाता है साथ ही कुछ टेस्ट भी करवाए जाते हैं जिससे बीपी के कारणों का पता लगाया जा सके

4. ब्‍लड प्रेशर बढ़ने पर पीड़ित व्‍यक्ति कैसा महसूस करता है -

आमतौर पर ज्यादातर लोगों को बीपी से जुड़ी समस्या होने पर किसी भी तरह के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं यही कारण है कि हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर नाम से भी जाना जाता है बीपी बढ़ने पर आपको घबराहट महसूस होती है और पसीना आने लगता है अगर आपको भी ये लक्षण दिखाई देते हैं तो अपना बीपी जांच करवाते रहें

5. ब्‍लड प्रेशर बढ़ने का कारण क्‍या होता है

करीब 95% केस में बीपी हाई होने के कारणों का पता नहीं चल पाता है यह पुरुषों में स्त्रियों के मुकाबले अधिक देखने को मिलता है ब्लड प्रेशर हाई होने के कारण 55 साल से अधिक उम्र भी है। इस उम्र के बाद लोगों में बीपी की शिकायत हो जाती है

6. दिन में सोने से बीपी बढ़ता है या कम होता है -

वैसे तो हरेक व्यक्ति के लिए 6 से 8 घंटे की नींद ज़रूरी है अगर आप दिन में एक झपकी लेते हैं तो इससे बीपी की समस्या होने की संभावना कम हो जाती है इसके अलावा हार्ट से जुड़ी अन्य बीमारियों की आशंका भी खत्म हो जाती है। लेकिन ये सच है कि ब्लड प्रेशर हाई होने के कारण नींद में कमी भी है

7. हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण -

1. सिर में दर्द रहना
2. सिर भारी सा रहना
3. हार्ट बीट का फास्ट हो जाना
4. सिर चकराना
5. छाती में दर्द

8. हाई ब्लड प्रेशर के कारण होने वाली बीमारियां -

1.कोरोनरी धमियों में ब्लॉकेज की परेशानी
2. हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक और दिल से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियां
3. किडली से जुड़ी बीमारियां
4. पैरों की आर्टीज में ब्लॉकेज की परेशानी
5. आंखों और रेटिना पर गहरा असर

9.बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने के तरीके

1. लिमिटेड नमक खाएं -

अगर कोई चीज़ सबसे ज़्यादा ब्लड प्रेशर को ट्रिगर करने का काम करती है तो वो है नमक ये ब्लड प्रेशर को सीधे प्रभावित करता है इसलिए आपको अपने खान-पान में इसकी मात्रा को सीमित और संतुलित करना चाहिए इसके अलावा आप उन चीज़ों को भी खाने से बचें जिनमें बहुत ज़्यादा नमक हो जैसे-

1. अचार पापड़
2.चिप्स नमकीन प्रोसेस्ड फूड्स चीज ब्रैड, बिस्किट
3. मसाला सोडा
4. प्रोसेस्ड फूड्स
5. सोया सोस कैचअप

10. खूब पानी पिएं -

हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना एक बेहतरीन उपाय है ये शरीर के लिए तो अच्छा है ही साथ में ये आपके बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को बैलेंस रखने में भी आपकी मदद कर सकता है.

11. हाई ब्लड प्रेशर का खाना -

हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए एक हेल्दी डाइट लेना बेहद ज़रूरी है ऐसे में आपकी सेहत के लिए सबसे अच्छी चीज़ें हैं

1. फल
2. सब्जियां
3. साबुत अनाज
4. सलाद

अगर आपको अपने आप में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए

डॉ. आलोक शर्मा
एम.बी.बी.एस (गोल्ड मेडलिस्ट)
एम.डी मेडिसिन (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
डी.एम कार्डियोलॉजी (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
सलाहकार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एम्स

20/04/2022

डॉ. आलोक शर्मा

क्यों आता है दिल का दौरा

दिल का दोरा पड़ने के जोखिम कारकों में शामिल हैं सिगरेट धूम्रपान डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर अधिक वजन हाई कोलेस्ट्रॉल कम शारीरिक गतिविधि दिल के दौरे का पारिवारिक इतिहास तनावऔर चिंता हैं

दिल का दौरा जिसे मायोकार्डियल इंफार्क्शन या एमआई भी कहा जाता है रक्त के थक्के द्वारा कोरोनरी धमनी के अचानक रुकावट से हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है कोरोनरी धमनियां रक्त वाहिकाएं होती हैं जो हृदय की मांसपेशियों को रक्त और ऑक्सीजन की पहुंचाती करती हैं एक कोरोनरी धमनी की रुकावट से हृदय की मांसपेशियों को रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती जिससे हृदय की मांसपेशियों को चोट लगती है हार्ट की मांसपेशियों में चोट लगने से सीने में दर्द और सीने में दबाव महसूस होता है. अगर 20 से 40 मिनट के भीतर हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह ठीक नहीं किया गया तो हृदय की मांसपेशी की मृत्यु होने लगेगी छह से आठ घंटे तक मांसपेशियां मरती रहती हैं

1. दिल का दौरा क्यों पड़ता है

जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं कोलेस्ट्रॉल शरीर के कई हिस्सों में रक्त वाहिकाओं के अंदर जमा हो जाता है जिसमें कोरोनरी धमनियां भी शामिल हैं जिससे ब्लड फ्लो में धीरे-धीरे रुकावट आती है इस क्रमिक संकुचन को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है महिलाओं की तुलना में पुरुषों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है महिलाओं को संभवतमहिला सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के प्रभाव से संरक्षित किया जाता है यह सुरक्षात्मक प्रभाव कम से कम रजोनिवृत्ति तक रहता है

2. दिल का दोरा पड़ने के जोखिम कारकों में शामिल हैं

1. सिगरेट धूम्रपान
2.डायबिटीज
3.हाई ब्लड प्रेशर
4. अधिक वजन,
5. हाई कोलेस्ट्रॉल
6. कम शारीरिक गतिविधि
7. दिल के दौरे का पारिवारिक इतिहास
8. तनाव और चिंता हैं

3. दिल का दौरा पड़ने के 8 कारण -

1. आनुवंशिकी -

अगर आपके परिवार में स्ट्रोक और हृदय रोग का इतिहास है तो आपके लिए यह सलाह है कि आप अपननी डाइट और लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाए रखें 50 साल से अधिक आयु के पुरुष जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है उनमें दौरे पड़ने की संभावना अधिक होती है प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं के मामले में एस्ट्रोजन के हाई लेवल को सुरक्षात्मक बल के रूप में कार्य करने के लिए कहा जाता है लेकिन रजोनिवृत्ति के बाद जोखिम बढ़ जाता है

2. धूम्रपान -

धूम्रपान हृदय रोगों का भी कारण बनता है यह रक्त वाहिकाओं की दीवारों के साथ एंडोथेलियम परतों पर खराब कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल जमा होने के कारण रक्त वाहिकाओं के संकुचन का कारण बन सकता है जिससे रक्त प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है

3. फैटी डाइट -

सेचुरेटेड फैट वाली डाइट कोरोनरी धमनियों में फैट को जमा कर सकती है और दिल के दौरे के खतरे को काफी बढ़ा सकता है संतृप्त और ट्रांस-वसा जैसे घी और मक्खन खराब कोलेस्ट्रॉल और दिल के दौरे की दर को बढ़ाते हैं

4. शराब -

शराब की थोड़ी मात्रा भी एक दिन में आधा पिंट बीयर लंबे समय में हृदय रोगों का कारण बन सकती है पीने से धमनियों की समय से पहले बुढ़ापा आ सकता है नियमित या अत्यधिक शराब के सेवन से हृदय की मांसपेशी कमजोर हो सकती है, जिसे कार्डियोमायोपैथी कहा जाता है और आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है

5. हाई कोलेस्ट्रॉल -

ज्यादातर मामलों में दिल का दौरा धमनियों में कोलेस्ट्रॉल से भरे ब्लॉकेज के कारण होते हैं रक्त वसा या लिपिड में दो प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं
1. कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) 2. उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल)
एलडीएल कोलेस्ट्रॉल जिसे आमतौर पर खराब कोलेस्ट्रॉल है

6. डायबिटीज -

डायबिटीज रोगी का शरीर धीरे-धीरे इंसुलिन के प्रति अपनी संवेदनशीलता खो देता है जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है जिसे बिगड़ा हुआ ग्लूकोज टॉलरेंस भी कहा जाता है अगर लेवल को नियंत्रण में नहीं रखा जाता है तो गंभीर क्षति धमनी की दीवारों को नुकसान पहुंचा सकती है जिससे स्ट्रोक हो सकता है

7. हाई ब्लड प्रेशर -

हाई ब्लड प्रेशर में धमनियों के भीतर दबाव सामान्य से अधिक होता है जो धमनियों की प्राकृतिक लोच को बाधित करता है जो प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ता है और कोरोनरी रोग या स्ट्रोक का कारण बनता है

8. मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता -

मोटापा कई बीमारियों को जन्म दे रहा है और हृदय रोग लिस्ट में सबसे ऊपर हैं मोटे व्यक्ति की डाइट सेचुरेडेट फैट से भरा होता है जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है

डॉ. आलोक शर्मा
एम.बी.बी.एस (गोल्ड मेडलिस्ट)
एम.डी मेडिसिन (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
डी.एम कार्डियोलॉजी (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
सलाहकार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एम्स

20/04/2022

डॉ. आलोक शर्मा

कोविड-19 से रिकवरी के दौरान खून के थक्के बनने से आ रहे हार्ट अटैक हृदय रोगियों को ज्यादा परेशानी

कोविड-19 से जूझ रहे लोग एक नई तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं कोरोना से रिकवर होने के दौरान कई मरीजों को हृदय के रोग हो रहे हैं और कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक की वजह से जान जा रही है कोरोना के इलाज के दौरान कई दवाएं दी जा रही हैं जो खून के थक्के भी बना सकती हैं पर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह सबके साथ नहीं हो रहा रिकवरी के दौरान सावधानी रखी जाए तो मरीज की जान को कोई खतरा नहीं है

जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज या डायबिटीज है, उनमें से 15-20 प्रतिशत को ही समस्याएं बढ़ रही हैं। इनमें से 5% को हार्ट अटैक आने का खतरा है पर सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को हो रहा है जिन्हें पहले हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी नहीं रही है या उन्हें लक्षणों के अभाव में इसकी जानकारी ही नहीं हुई है कोरोना इन्फेक्शन से रिकवरी के दौरान सामने आ रहे है

1. कोविड-19 से रिकवर होने के बाद भी लोग हार्ट डिजीज का सामना कर रहे हैं

1. हां कोविड-19 की जानलेवा दूसरी लहर युवाओं को ज्यादा प्रभावित कर रही है और कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां मरीजों को हार्ट डिजीज की कोई हिस्ट्री न होने के बाद भी हार्ट अटैक आया है युवा मरीजों में यह मामले पल्मोनरी एलेमा फेफड़ों में अधिक फ्लुइड होने से सामने आ रहे हैं इस वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है और रेस्पिरेटरी ऑर्गन काम करना बंद कर देते हैं

2. इसी तरह एक्यूट मायोकार्डिटिस होने का खतरा बढ़ जाता है जो कि हार्ट मसल्स में होने वाली सूजन है इस केस में मरीज के जीवित रहने की संभावना काफी कम हो जाती है जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज है उनमें कोविड-19 से रिकवर होने के बाद दिल में सूजन और खून के थक्के जमने की समस्या बढ़ जाती है

2. सीने में दर्द कोविड-19 से जुड़े हार्ट डिजीज का एक लक्षण है

1. हां कोविड-19 से जूझ रहे मरीजों के सीने में दर्द एक आम शिकायत बन गई है जिन्हें माइल्ड यानी बहुत ही हल्के लक्षण हैं वह भी सीने में दर्द की शिकायत कर रहे हैं दरअसल यह समझना होगा कि कोविड-19 इन्फेक्शन अलग-अलग लोगों में अलग-अलग होता है- माइल्ड मॉडरेट या गंभीर

2. दरअसल कोविड-19 इन्फेक्शन की वजह से फेफड़ों में सूजन हो सकती है जिसका असर हार्ट पर भी पड़ता है जो लोग पहले से किसी न किसी हार्ट डिजीज से जूझ रहे हैं उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है उनकी धमनियों आर्टरी में ब्लॉकेज हार्ट अटैक तक जा सकता है

3. कोविड-19 से जूझ रहे ऐसे मरीजों को बहुत तेज दर्द का अनुभव हो सकता है इसकी वजह सूजन भी हो सकती है कुछ मामलों में यह श्वांस लेना भी मुश्किल कर सकती है कोरोना वायरस रोगियों में दिखने वाली आम समस्या है फेफड़ों का फाइब्रोसिस जिससे ऑक्सीजन सेचुरेशन प्रभावित होता है

3. कोविड-19 के बाद ह्दय संबंधी रोग को कैसे पहचानें

1.कोरोना से रिकवर होने के दौरान कई लक्षण रिपोर्ट हुए हैं ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं कोविड-19 के बाद थकान आम लक्षण है जो किसी भी अन्य गंभीर बीमारी की तरह ही है लोग सांस लेने में दिक्कत सीने में दर्द घबराहट भी महसूस कर सकते हैं

2. यह सभी समस्याएं हार्ट डिजीज से जुड़ी हो सकती हैं पर बहुत गंभीर बीमार होने के बाद के आफ्टर इफेक्ट्स लंबे समय तक निष्क्रिय रहना और बिस्तर पर कई हफ्ते बिताना भी इसकी वजह हो सकता है। वैसे कोरोना मरीजों को कंपकंपी बेहोशी सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत होती है तो यह हार्ट डिजीज का इशारा हो सकता है

4. कोविड-19 के बाद अगर ह्दय संबंधी कोई लक्षण दिखता है तो क्या करें

लक्षण गंभीर होने पर डॉक्टर से संपर्क करे खासकर सांस की तकलीफ के मामले में सांस लेने में कठिनाई हमेशा एक गंभीर समस्या का संकेत नहीं है पर ऑक्सीजन सेचुरेशन के कम स्तर (90% से कम) के साथ इसका होना चिंताजनक है सीने में दर्द फेफड़ों की सूजन के कारण भी हो सकता है सीने में उठा अचानक और तेज दर्द फेफड़े में खून के थक्के पल्मोनरी एम्बॉलिज्म के कारण भी हो सकता है

5. कुछ लोग कोविड से रिकवर होने के बाद डायबिटीज से डायग्नोस हो रहे हैं

लोग टाइप-2 डाइबिटीज से डायग्नोस हो रहे हैं कोविड-19 हार्ट मसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे हार्ट के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है यह इन्फेक्शन धमनियों और शिराओं की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है जिससे इनमें सूजन और खून के धक्के जम रहे हैं यह शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकता है

6. कोविड मरीजों पर खून को पतला करने की दवाओं का इस्तेमाल करे

1. कोविड-19 के गंभीर केसेज में खून के थक्के जमने की समस्या देखने को मिली है स्टेरॉयड्स और खून को पतला करने वाले ब्लड थिनर का इस्तेमाल इलाज के तौर पर हो रहा हैस्टेरॉयड्स में सूजन कम करने के गुण होते हैं वहीं ब्लड थिनर खून के थक्के जमने से रोकते हैं

2. समस्या के आधार पर इन दवाओं का इस्तेमाल हो रहा है यह भी पाया गया है कि ब्लड थिनर के इस्तेमाल से कुछ मरीजों में रिकवरी अच्छी रही है हालांकि यह सलाह दी जाती है कि अगर कोई ब्लड थिनर का इस्तेमाल कर रहा है तो वैक्सीन लगाते समय इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर दें

7. इन तीन लक्षण पर तुरंत लें मेडिकल सहायता

कोरोना वायरस के अब तक कई वैरिएंट मिल चुके हैं कोरोना के बदलते वैरिएंट के साथ तेजी से लक्षणों में भी बदलाव देखने को मिला भारत में फैले डेल्टा वैरिएंट के लक्षणों से ओमिक्रॉन वैरिएंट के लक्षणों में काफी फर्क पाया गया इसके अलावा कोरोना के अधिकतर लक्षण साधारण सर्दी जुकाम से मिलते जुलते हैं ऐसे में लोग असमंजस में रहते हैं कि उनमें मिल रहे लक्षण कोरोना के हैं या सर्दी बुखार के। संक्रमण के लक्षणों की पहचान न कर पाने के कारण कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है डेल्टा अल्फा बीटा गामा और अब ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों में ऐसे अजीब लक्षण मिल रहे हैं

अगर सर्दी-बुखार के सामान्य लक्षणों के साथ ही अजीब लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराने की जरूरत है

1.कोरोना वायरस के लक्षण हैं

1. आम लक्षण -

1. बुख़ार
2. खांसी
3. थकान
4. स्वाद और गंध न पता चलना

2. कम सामान्य लक्षण -

1. गले में खराश
2. सिरदर्द
3. खुजली और दर्द
4. दस्त
5. त्वचा पर चकत्ते आना या हाथ या पैर की 6. उंगलियों का रंग बदल जाना
7. लाल या सुजी हुई आंखें

3. गंभीर लक्षण -

1. सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलना
2. बोल न पाना या हिल-डुल न पाना या
3. उलझन
4. सीने में दर्द
5. गंभीर लक्ष्ण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें अपने डॉक्टर के पास या अस्पताल में जाने से पहले हमेशा फ़ोन करके जाएं

जो लोग स्वस्थ्य हैं और उन्हें वायरस के थोड़े-बहुत लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उन्हें घर पर ही रहना चाहिए
वायरस से संक्रमित होने के बाद इसके लक्षण दिखाई देने में आम तौर पर 5-6 दिन लगते हैं कुछ मामलों में लक्षण दिखने में 14 दिन भी लग सकते हैं

डॉ. आलोक शर्मा
एम.बी.बी.एस (गोल्ड मेडलिस्ट)
एम.डी मेडिसिन (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
डी.एम कार्डियोलॉजी (गोल्ड मेडलिस्ट) एम्स
सलाहकार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एम्स

02/04/2022

डॉ. आलोक शर्मा

अप्रैल के इस महीने में ही देश के कई इलाकों में भयंकर गर्मी पड़ रही है

हृदय रोगियों के लिए घातक हो सकता है ये मौसम
अधिक गर्मी के कारण नींद की कमी बेचैनी और प्यास से उनके दिल की धड़कन बढ़ सकती है और वो एरिद्मिया के शिकार हो सकते हैं

गर्मियों का मौसम ब्लड प्रेशर के रोगियों और हृदयरोग के पीड़ितों की परेशानियां बढ़ा सकता है शरीर का तापमान हमेशा 98.6 डिग्री फेरनहाइट के आसपास रहता है यही वह तापमान है जब हमारा शरीर अपनी सर्वोच्च कार्यक्षमता से काम कर सकता है यदि शरीर का तापमान बढ़ता है तो वह स्वयं का तापमान नियंत्रित करने का प्रयास करता है पसीना निकलना तापमान को नियंत्रित करने की सबसे मुख्य प्रक्रिया है पसीना निकलने के बाद जब वाष्पित होता है तो शरीर का तापमान ठंडा होने लगता है इस प्रक्रिया में दिल की धड़कनों की गति बढ़ जाती है रक्त धमनियां चौड़ी हो जाती हैं इसी तरह ब्लड प्रेशर भी लो हो जाता है

तापमान में बढने पर हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है शरीर में पानी की कमी होने से यह परेशानी होती है इससे बचने के लिए जरूरी है कि खुद को हाइड्रेट रखें और तेज धूप में बाहर जाने से बचें

अप्रैल के इस महीने में ही देश के कई इलाकों में भयंकर गर्मी पड़ रही है राजस्थान समेत कई इलाकों में

तापमान गातार बढ़ रहा है बढ़ती गर्मी में लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं इनमें सबसे आम परेशानी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक की होती है वैसे तो हीट स्ट्रोक किसी को भी हो सकता है लेकिन दिल के मरीजों में इसका खतरा ज्यादा रहता है ऐसे में यह जरूरी है कि हार्ट के मरीज गर्मियों के इस मौसम में अपना खास ध्यान रखें

1.ये दवाएं भी करती है असर -

ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों के इलाज में बीटा ब्लाकर्स' और मूत्रवर्धक दवाएं दी जाती हैं ये दवाएं शरीर में तापमान को नियंत्रित करने वाली प्रक्रियाओं पर असर डालती हैं पसीने के साथ नमक भी निकल जाता है कुछ मरीज डॉ की सलाह के बगैर ही गर्मियों में नमक की मात्रा यह सोचकर बढ़ा देते हैं कि पसीने में निकले नमक की पूर्ति हो जाएगी ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारियों से संबंधित दवाओं का बदलाव हमेशा डॉ की सलाह से ही करें

2. खुद लू न लगने दें -

लू लगने को हीट स्ट्रोक भी कहा जाता है तेज गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है पसीने के साथ नमक और पानी का बड़ा हिस्सा शरीर से निकल जाता है इससे खून गर्म हो जाता है कभी कभी मरीज का तापमान 105 डिग्री फेरनहाइट तक हो जाता है मरीज को सिर में भारीपन महसूस होता है नाड़ी की गति बढ़ने लगती है खून की गति भी तेज हो जाती है सांस की गति अनियंत्रित हो जाती है शरीर में ऐंठन होने लगती है तेज बुखार हो जाता है हाथ और पैरों के तालुओं में जलन होने लगती है आंखों में जलन होती है साथ ही अचानक बेहोशी भी आने लगती है उपचार नहीं होने की दशा में मरीज की मौत भी हो सकती है

3. अधिक गर्मी है घातक हृदय रोगियों के लिए -

जिन मरीजों को लो ब्लड प्रेशर की शिकायत है या दिल की किसी बीमारी से जूझ रहे हों तो उन्हें अधिक सावधानी रखने की जरूरत है अत्यधिक गर्मी में दिल की धड़कनों की गति इतनी बढ़ सकती है

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अधिक गर्मी पड़ने पर शरीर का तापमान बढ़ने लगता है शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है साथ ही अन्य अंगों और धमनियों पर भी दबाव बढ़ता है शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है जिससे हीट स्ट्रोक आ जाता है अन्य लोगों की तुलना में दिल के मरीजों को इससे बीपी की शिकायत भी बढ़ जाती है और हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है

4. इन लक्षणों पर ध्यान दें -

1. अचानक तेज पसीना आना

2. उल्टी या दस्त

3. सिर में तेज दर्द

4. चक्कर आना

5. मांसपेशियों में दर्द होना

6. बेहोशी आना

7. तेज बुखार

8. सांस लेने में तकलीफ

9. शरीर टूटना

10. बार-बार मुंह सूखना

11. हाथ-पैरों में कमजोरी निढाल होना

12. लू लगने पर काफी पसीना आ सकता है

13. एकदम पसीना आना बंद भी हो सकता है

5. इस तरह करें बचाव अधिक गर्मी से

हार्ट के मरीजों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए. दोपहर 11 से 4 बजे तक बाहर बिलकुल न निकलें अगर बहुत जरूरी काम है तो सिर को ढककर और साथ में पानी की बोतल लेकर बाहर जाएं कोशिश करें कि बहुत देर तक धूप में न रहे और जिन इलाकों में ज्यादा गर्मी पड़ रही है वहां भी न जाएं नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें खानपान का ध्यान रखें और फल व हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करें बाहर हैं तो ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें दिल के मरीजों के लिए यह भी जरूरी है कि वह अपनी दवाओं का सेवन भी करते रहें तला-भुना खाने से बचें

1. तेज धूप में बहुत जरूरी हो तो ही बाहर निकलें अन्यथा सुबह या शाम को ही बाहर जाएं

2. नियमित अंतराल पर प्यास न भी लगे तब भी पानी पीते रहें।

3. जिन मरीजों को किसी वजह से पानी की मात्रा कम रखने की सलाह दी गई हो उन्हें डॉ से पूछ कर ही पानी की मात्रा तय करना चाहिए

4. ढीले और सूती वस्त्र ही पहनें

5. तेज धूप और गर्मी में अत्यधिक शारीरिक श्रम न करें

6. ब्लड प्रेशर लो होने पर थकान होती है और पसीना आता है साथ ही दिल की धड़कन भी तेज हो जाती है इन लक्षणों के सामने आते ही अस्पताल जाएं

7. मरीज के शरीर को ठंडा रखें और उसे लगातार पानी या ओआरएस का घोल पिलाते रहें

8. कमरे के पंखे या एसी बंद न करें

9. यदि मरीज होश में हो तो उसे नहला सकते हैं। इससे उसके शरीर का तापमान कम हो जाएगा

6. गर्मियों में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ये टिप्स अपनाकर आप इन गर्मियों में अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं -

गर्मी में पानी कम पीना कितना खतरनाक हो सकता है -

गर्मी के मौसम में शरीर की पानी की जरूरतें बढ़ जाती हैं इसलिए अगर आप पानी पीने में लापरवाही बरतते हैं तो आपको डिहाइड्रेशन हो सकता है डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में सोडियम पोटैशियम और पानी की कमी हो सकती है इससे हृदय की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा हो सकता है जो लोग पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं उनके लिए भी ये मौसम खतरनाक हो सकता है दरअसल पानी की कमी से पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है ऐसे में अगर कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर कम करने की दवा भी ले रहा है तो स्थिति ऐसी बनती है एक तरफ को पानी कम पीने के कारण हार्ट रेट बढ़ जाता है दूसरी तरह ब्लड प्रेशर की दवा अंदर जाकर ब्लड प्रेशर कम कर देती है इससे अचानक व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट की समस्या हो सकती है

1. शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने के लिए पानी लगातार पीते रहें खासकर एक्सरसाइज के समय और एक्सरसाइज के बाद पानी पीना बहुत जरूरी है

2. इस मौसम में चाय-कॉफी कम पिएं क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी पैदा करते हैं इसके बजाय छाछ लस्सी फलों का जूस आदि पिएं

3. ब्लड प्रेशर रोगियों के लिए तो नमक खतरनाक है ही लेकिन सामान्य लोग भी गर्मी के मौसम में नमक का सेवन कम करें

4. एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय कई बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं जिससे पेट को बहुत अधिक मेहनत न करनी पड़े खाने को पचाने में

5. खाने में रसीले फल और सब्जियों को शामिल करें ताकि आपको न्यूट्रिएंट्स भी मिलें और पानी भी इसके लिए तरबूज खरबूजा खीरा ककड़ी टमाटर प्याज अदरक संतरा केला और दूसरे फलों को शामिल करें

6. अपना ब्लड प्रेशर चेक करते रहें और किसी भी प्रकार की असुविधा या समस्या होने पर तुरंत बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें

7. बहुत ठंडी चीजें जैसे- आइसक्रीम बर्फ चिल्ड पानी या शर्बत आदि लेने से बचें यानी ठंडी चीजें खा-पी सकते हैं लेकिन बहुत अधिक ठंडी चीजें नहीं

7. ये वे लक्षण हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

1. थकान -

बदलते मौसम में अक्सर लोग जल्दी थक जाते हैं अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो सावधान हो जाएं इससे आप के हार्ट पर असर पड़ सकता है असल में कार्डियक अरेस्ट होने पर किसी व्यक्ति के शरीर में खून की मात्रा कम हो जाती है लेकिन लोग गर्मी की थकान समझकर उसे नजरअंदाज करते हैं ऐसी गलती आप न करें तुरंत डॉ से सलाह लें

2. बेहोशी -

गर्मी के मौसम में अक्सर लोग बेहोश होते हैं तो समझते हैं कि पानी की कमी या तेज धूप से हुआ होगा आपको बता दें जब एक नॉर्मल फ्लो में हमारा दिल खून का संचार नहीं कर पाता है तो इस स्थिति में बेहोशी की नौबत आ जाती है ध्यान देने वाली बात तो ये है कि अगर आपने समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है

3. माइग्रेन -

बढ़ती गर्मी में माइग्रेन की समस्या बढ़ जाती है इसकी मुख्य वजह गर्मी नहीं होती दरअसल इस मौसम में माइग्रेन के मरीजों के दिल पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है और गर्मी के संपर्क में आने से हार्ट को पूरा करने वाली खून की नसों के अंदर थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है इससे हार्ट अटैक हो सकता है

4. बढ़ता मोटापा -

लोग गर्मी के मौसम के टहलते वक्त जल्दी थक जाते हैं जल्दी धूप निकलने की वजह से मॉर्निंग वॉक का समय कम कर देते हैं ऐसे में शरीर में फैट बढ़ने लगता है जो सीधा हार्ट पर असर डालता है वजन बढ़ने के साथ ही हमारे दिल का आकार भी बड़ा हो जाता है दिल के आकार के बढ़ जाने से हार्ट अटैक या फिर स्ट्रोक जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है वजन बढ़ने से दिल आठ ग्राम तक भारी हो जाता है आकार में 5% तक की बढ़ोतरी हो जाती है

5. डिहाइड्रेशन -

अक्सर लोग डिहाइड्रेशन को पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ये जानलेवा हो सकती है अधिक गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन से ग्रस्त व्यक्तियों को दिल का दौरा पड़ने की आशंका बहुत अधिक होती है बहुत अधिक समय तक तेज धूप या गर्मी में रहने पर ब्लड प्रेशर में गिरावट आ जाती है

8. क्या करें

1. रोजाना ज्यादा थकान महसूस हो तो
नजरअंदाज न करें डॉ से सलाह लें

2. अगर कोई बेहोश हो जाए तो उसे पानी जूस दें और कपड़े ढीले कर दें

3. सुबह का नाश्ता जरूरी है अंकुरित अनाज नाश्ते में लें

4. ठंडे पानी से नहाएं इससे दिल की बीमारी से भी फायदा मिलेगा

5. गर्मी में हार्ट के मरीज 6-7 लीटर पानी पिएं

9. क्या न करें -

1. दिल के मरीज ज्यादा काम करने से बचें
सिर में दर्द हो जी मिचलाए चक्कर आए कमजोरी लगे तो इग्नोर न करें

2. मांसपेशियों में ऐंठन और सांस तेज चले तो घरेलू नुस्खे अपनाने की गलती न करें

3. त्वचा में ठंडापन व नमी हो तो डॉ से संपर्क करें

4. नाड़ी के तेज चलने पर डॉ की सलाह ले

ऐसे किसी भी प्रकार के लक्षण अगर आपको अपने आप में दिखते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए

डॉ. आलोक शर्मा
एम.बी.बी.एस (गोल्ड मेडलिस्ट)
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