12/02/2026
एक सीट, दो टिकट… और ट्रेन में OPD खुल गई! 😂
B3 कोच में चढ़ते ही ड्रामा शुरू
“सीट नंबर 51 मेरी है!”
“नहीं जी, 51 मेरी है!”
दोनों के पास कन्फर्म टिकट… बहस शुरू
रेलवे ने भी जोर का झटका धीरे से दे दीया
TTआया, लिस्ट देखी और बोला –
“मैडम, आपका नाम तो इस ट्रेन की लिस्ट में है ही नहीं!”
मैडम (मैं):
“कैसे नहीं है! ये देखिए कन्फर्म टिकट!”
TT:
“मैडम, आपकी ट्रेन HZN तेजस है…
और आप चढ़ गई हैं NDLS तेजस में!”
मेरी तो वहीं हालत खराब हो गई 😳
एक नाम की दो ट्रेनें,
वो भी एक ही टाइम, एक ही स्टेशन से!
और एक ही destination दोनों का
ट्रेन चल चुकी थी और अगला स्टॉप दो घंटे बाद आना था – सूरत
मन में आया –
“हे भगवान, ये तूने किस बात की सज़ा देदी मेरे को 😅
फिर
मैंने टीटी से बोला की जल्दी बाजी में गलती से मैं इस ट्रेन पर चढ़ गई
TT ने मुझे तिरछी नज़र से घूरा और बोला ऐसे कैसे गलती हो जाती है मैडम
मुझे लगा कहीं वो मुझसे पैसे या फाइन ना मांगने लगे मैंने झट से उसे अपना I card दिखाते हुए बोला Sir मैं government doctor हूँ,
और गलती दुनिया में किसी से भी हो सकती है ।
दोनों ट्रेन का नाम एक है, चल एक जगह से रही है जा एक जगह रही है।
I card देख TT बोला मैडम आप परेशान मत हो
मैं आपकी असली ट्रेन के TT को आपका टिकट ह्वाट्सऐप पर भेज देता हूँ,
आपका रिज़र्वेशन कैंसल नहीं होगा।
बड़ौदा उतरकर सही ट्रेन पकड़ लेना।”
मैं: “थैंक यू सर, रेलवे अभी ज़िंदा है!” 🙏
TT गया तो बगल वाली फीमेल घूर-घूर कर देखने लगीं
फिर बोलीं –
“आप डॉक्टर हो?”
मैं – “हाँ।”
“गाइनी?”
मैं – “हाँ।”
बस फिर क्या था…
बैग से अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट निकल आई! 🤣
“डॉक्टर साहब, ज़रा देख लीजिए,
दूसरे डॉक्टर ने ऑपरेशन बोला है।”
मैंने भी ट्रेन की स्पीड में राय दे दी –
“हाँ जी, सही बोला है।” 😏
ट्रेन में फ्री सेकंड ओपिनियन क्लिनिक खुल गया!
दो घंटे बाद सूरत उतरी,
चाय-नाश्ता किया ☕🥪
और फिर सही ट्रेन पकड़कर दिल्ली रवाना!
Moral of the story:
कभी ट्रेन का नाम देख कर ना चढ़े
Train number dekh कर चढ़े
😀😀😀😀
और किसी को है ऐसा एक्सपीरियंस