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10/08/2020

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#जानिए दूध में तुलसी डालकर पीने के सेहत लाभ*

1 दमा के मरीजों के लिए यह उपाय फायदेमंद है। खास तौर से मौसम में बदलाव होने पर होने वाली सांस संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दूध और तुलसी का यह मिश्रण बेहद लाभकारी होता है।

2 सि‍र में दर्द या माइग्रेन की समस्या होने पर यह उपाय आपको रोहत देगा। जब भी माइग्रेन का दर्द हो आप इसे पी सकते हैं, रोजाना इसका सेवन करने से आपकी समस्या भी खत्म हो सकती है।

3 तनाव अगर आपके जीवन का भी अभिन्न अंग बन गया है, तो दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पिएं, आपका तनाव दूर होगा और धीरे-धीरे तनाव की समस्या ही समाप्त हो जाएगी।

4 हृदय की समस्याओं में भी यह लाभदायक है। सुबह खाली पेट इस दूध को पीने से हृदय संबंधी रोगों में लाभ पाया जा सकता है। इसके अलावा यह किडनी में होने वाली पथरी के लिए भी अच्छा उपचार है।

5 तुलसी में कैंसर कोशिकाओं से लड़ने का गुण होता है, अत: इसका सेवन आपको कैंसर से बचा सकता है। इसके अलावा सर्दी के कारण होने वाली सेहत समस्याओं में भी यह कारगर उपाय साबित होगा।



*स्वस्थ रहें खुश रहें।*

Health Tips
22/07/2020

Health Tips

18/07/2020

*👉🏿सप्ताह में एक दिन भूखे रहने के फायदे*

*1 हफ्ते में एक दिन भूखे रहने से शरीर का आंतरिक शुद्ध‍िकरण होता है। इससे शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और शरीर स्वस्थ होता है।*

*2. एक दिन भूखे रहने से अपच, गैस, कब्ज,डायरिया,एसिडिटी,जलन आदि में फायदेमंद है। इस दौरान आप फलों का सेवन जरूर कर सकते हैं।*

*3. एक दिन भूखे रहने से शरीर में ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है।जिससे इनसे जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम्स में लाभ होता है।*

*4. एक दिन भूखे रहना दिल के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि इससे कोलेस्ट्रॉल कम होता है जो हार्ट संबंधी परेशानियों का प्रमुख कारण है।*

*5. पाचन तंत्र बेहतर काम करे इसलिए भी आपको एक दिन का भोजन छोड़ देना चाहिए। सप्ताह में कम से कम 1 दिन भोजन से दूरी बनाने से पाचन तंत्र को राहत मिलती है और वह बेहतर कार्य करने के लिए तैयार होता है।*

आयुर्वेद
15/07/2020

आयुर्वेद

13/07/2020

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*छाछ*👌👌👌👌
*आयुर्वेद शास्त्र में छाछ की तुलना अमृत के साथ की है. शरीर के भीतर के घातक पदार्थ मूत्र के द्वारा बाहर निकालकर फेंकने की ताकत छाछ (तक्र) में है. शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को बढ़ाने की ताकत इसमें है. छाछ का नियमित सेवन करने से शरीर बलवान होता है.*
*इसमें एक अति महत्व की बात है कि 3 दिन पूर्ण रूप से दूसरा कुछ भी बिना खाए केवल छाछ पर रहने से बहुत ज्यादा लाभ मिलता है. अपने शरीर का पंचकर्म अपने आप हो जाता है. शरीर से अनावश्यक चर्बी झड़ जाती है. इतना ही नहीं चेहरे के ऊपर अच्छा तेज आजाता है और काले दाग निकल जाते हैं. चेहरा तेजपुंज फुर्तीला और तेजस्वी दिखाई देने लगता है.*
*छाछ में विटामिन B - 12, कैल्शियम , पोटेशियम ,'फॉस्फोरस ऐसे अनेक तत्व रहते हैं, जो शरीर के लिए लाभदायक रहते हैं. जिसका पेट साफ नहीं होता , पेट से आवाज निकलती है , उसे छाछ पीने से वह बीमारियां समाप्त होने लगती है. छाछ पीने से शरीर के 90% कमियां भर के निकल आती है. उष्णता तुरंत कम होके अच्छी शांत नींद लगने लगती है. साधारण व्यक्ति भी अगर हर रोज छाछ पिए तो उसके शरीर की उष्णता कम होती है और ताकत बढ़ती है.*

*छाछ पीने के यह 10 फायदे हम जानेंगे और कोल्ड ड्रिंक पीना बंद करेंगे*
1) *छाछ पीने से मोटापा कम होता है*
2) *बार-बार पेशाब की तकलीफ है तो छाछ में नमक डालकर पीने से तकलीफ कम होती है*
3) *दही का पानी या छाछ पीने से मुंह के छाले कम हो जाते हैं*
4) *छाछ में अजवाइन डालकर पीने से पेट के अंदर के जंतु समाप्त हो जाते हैं*
5) *छाछ में गुड़ डालकर पीने से पेशाब में होने वाली जलन की तकलीफ कम होती है*
6) *छाछ में जायफल का पाउडर डालकर पीने से सर दर्द कम होता है*
7) *खाली पेट छाछ पीने से पेट दर्द की तकलीफ कम होती है*
8) *छाछ में शक्कर और काली मिर्च का पाउडर डालकर पीने से पित्त एसिडिटी की तकलीफ कम होती है*
9) *छोटे बच्चों के जब दांत निकलते हैं तो उनको चार चार चम्मच छाछ दिन में तीन चार बार पिलाने से दांत में होने वाली तकलीफ कम होती है*
10) *सबसे महत्व की बात की 3 दिन बिना कुछ खाए पिए छाछ पीने से अपने शरीर का पंचकर्म अपने आप हो जाता है*
*जिन्होंने पहले पैसे खर्च करके पंचकर्म किया है उन्होंने यह 3 दिन का प्रयोग करके देख लेना. आपके स्वयं ध्यान में आ जाएगी बात*
*तबीयत तो ठीक होगी ही और पैसा भी बचेगा, ऐसे 3 दिन का छाछ का प्रयोग 6 महीने में एक बार अवश्य करना चाहिए. भविष्य में होने वाले बड़े बीमारियों से भी टाला जा सकता है. होने वाली तकलीफ और औषधियों का खर्च भी बचेगा*
*तो फिर छाछ 🥛🥛 पीना शुरू करेंगे, आज से ही कोल्ड ड्रिंक को बंद कर देंगे*

*☝ जय जय सियाराम ☝*

13/07/2020
13/07/2020

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आँवला रस के इन फायदों को जान आप भी रह जायेंगे हैरान

आँवला जूस पीने के फायदे

आँवला रस/जूस वार्धक्य निवृति व यौवन-सुरक्षा करनेवाला तथा पित्त व वायु द्वारा होने वाली ११२ बिमारियों को मार भागने वाली सर्वश्रेष्ठ रसायन है | इसके रस से शरीर में शीघ्र ही शक्ति, स्फूर्ति, शीतलता व ताजगी का संचार होता है | यह अस्थियों, दाँत व बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है | आँवला रस रक्त व शुक्रधातु की वृद्धि करता है | इसके नियमित सेवन से नेत्रज्योति बढती है तथा मस्तिष्क व ह्रदय को ताजगी, ठंडक व शक्ति मिलती है | यह वृद्धावस्था को दूर रख चिरयौवन व दीर्घायुष्य प्रदान करता है | आँवला रस आँखों व पेशाब की जलन, अम्लपित्त, श्वेतप्रदर, बवासीर आदि पित्तजन्य अनेक विकारों को दूर करता है |

विशेष प्रयोग :

शरीरपुष्टि : आँवले के रस (Amla Juice)में २ ग्राम अश्वगंधा चूर्ण व मिश्री मिला के लेने से शरीरपुष्टि, वीर्यवृद्धि एवं वंध्यत्त्व में लाभ होता है | स्त्री-पुरुषों के शरीर में शुक्रधातु की कमी का रोग निकल जाता है और संतानप्राप्ति की ऊर्जा बढ़ती है |
मधुमेह : २–४ ग्राम हल्दी मिला के लेने से स्वप्नदोष, मधुमेह व पेशाब में धातु जाना आदि में लाभ होता है |
श्वेतप्रदर : मिश्री के साथ लेने से स्त्रियों के अधिक मासिक व श्वेतप्रदर रोगों में लाभ होता है |
बलवृद्धि :१०-१५ मि.ली. रस में उतना ही पानी मिला के मिश्री, शहद अथवा शक्कर का मिश्रण करके भोजन के बीच में लेने वाला व्यक्ति कुछ ही सप्ताह में निरोगी काय व बलवृद्धि का एहसास करता है, ऐसा कइयों का अनुभव है (वैध्य सम्मत)|
पेशाब की जलन :
• आधा कप आंवले के रस (Amla Juice)में 2 चम्मच शहद मिलाकर पिएं।

• हरे आंवले का रस 50 मिलीलीटर, शक्कर या शहद 25 ग्राम थोड़ा पानी मिलाकर सुबह-शाम पीएं। यह एक खुराक का तोल है। इससे पेशाब खुलकर आयेगा जलन और कब्ज ठीक होगी। इससे शीघ्रपतन दूर भी होता है।
खून के बहाव (रक्तस्राव) : स्राव वाले स्थान पर आंवले का ताजा रस लगाएं, स्राव बंद हो जाएगा।
धातुवर्द्धक (वीर्यवृद्धि) : एक चम्मच घी में दो चम्मच आंवले का रस मिलाकर दिन में 3 बार कम-से-कम 7 दिनों तक ले सकते हैं।
आंखों (नेत्र) के रोग में :
• आंवले के रस को आंखों में डालने अथवा सहजन के पत्तों का रस 4 ग्राम तथा सेंधानमक लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग इन्हें एक साथ मिलाकर आंखों में लगाने से शुरुआती मोतियाबिंद (नूतन अभिष्यन्द) नष्ट होता है।
• आंवले का रस पीने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। आंवले के साथ हरा धनिया पीसकर खाने से भी आंखों के रोग में लाभ होता है।
हिक्का (हिचकी) :
• आंवले के 10-20 मिलीलीटर रस और 2-3 ग्राम पीपल का चूर्ण, 2 चम्मच शहद के साथ दिन में सुबह और शाम सेवन करने से हिचकी में लाभ होता है।
• 10 मिलीलीटरआंवले के रस में 3 ग्राम पिप्पली चूर्ण और 5 ग्राम शहद मिलाकर चाटने से हिचकियों से राहत मिलती है।
वमन (उल्टी) :
• आंवले के 20 मिलीलीटर रस में एक चम्मच मधु और 10 ग्राम सफेद चंदन का चूर्ण मिलाकर पिलाने से वमन (उल्टी) बंद होती है।
• आंवले के रस में पिप्पली का बारीक चूर्ण और थोड़ा सा शहद मिलाकर चाटने से उल्टी आने के रोग में लाभ होता है।
मूत्रकृच्छ (पेशाब में कष्ट या जलन होने पर) :
• आंवले की ताजी छाल के 10-20 मिलीलीटर रस में दो ग्राम हल्दी और दस ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम पिलाने से मूत्रकृच्छ मिटता है।
• आंवले के 20 मिलीलीटर रस(Amla Juice)में इलायची का चूर्ण डालकर दिन में 2-3 बार पीने से मूत्रकृच्छ मिटता है।
खूनी अतिसार (रक्तातिसार) : यदि दस्त के साथ अधिक खून निकलता हो तो आंवले के 10-20 मिलीलीटर रस में 10 ग्राम शहद और 5 ग्राम घी मिलाकर रोगी को पिलायें और ऊपर से बकरी का दूध 100 मिलीलीटर तक दिन में 3 बार पिलाएं।
रक्तगुल्म (खून की गांठे) : आंवले के रस में कालीमिर्च डालकर पीने से रक्तगुल्म खत्म हो जाता है।
मूत्रातिसार (सोमरोग) : एक पका हुआ केला, आंवले का रस 10 मिलीलीटर, शहद 5 ग्राम, दूध 250 मिलीलीटर, इन्हें एकत्र करके सेवन करने से सोमरोग नष्ट होता है।
तेज अतिसार (तेज दस्त) : 5-6 आंवलों को जल में पीसकर रोगी की नाभि के आसपास उनकी थाल बचाकर लेप कर दें और थाल में अदरक का रस भर दें। इस प्रयोग से अत्यंत भयंकर नदी के वेग के समान दुर्जय, अतिसार का भी नाश होता है।
योनि की जलन, सूजन और खुजली :
• आंवले का रस 20 मिलीलीटर, 10 ग्राम शहद और 5 ग्राम मिश्री को मिलाकर मिश्रण बना लें, फिर इसी को पीने से योनि की जलन समाप्त हो जाती है।
• आंवले के रस (Amla Juice) में चीनी को डालकर 1 दिन में सुबह और शाम प्रयोग करने से योनि की जलन मिट जाती है।
सेवन विधि : १५-२० मि.ली. रस (आगे-पीछे २ घंटे तक दूध न लें | रविवार व शुक्रवार को न लें |)
अन्य प्रयोग :
• सप्तमी, नवमी, अमावस्या, रविवार, सूर्यग्रहण, चन्द्रग्रहण तथा संक्राति – इन तिथियों को छोडकर बाकी के दिन आँवले का रस शरीर पर लगाकर स्नान करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है | (स्कंद पुराण, वैष्णव खंड)
• मृत व्यक्ति की हड्डियाँ आँवले के रस से धोकर किसी भी नदी में प्रवाहित करने से उसकी सद्गति होती है | (स्कंद पुराण, वैष्णव खंड)

Health Tips
13/07/2020

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