21/10/2020
एक बार बादलों की हड़ताल हो गई, बादलों ने कहा वो अगले दस सालों तक पानी नहीं बरसाएंगे। ये बात जब किसानों ने सुनी तो उन्होंने अपने हल वगैरह बाँध कर घर के कोने में रख दिए।
लेकिन...........
एक किसान नियमानुसार अपने हल चलाता रहा। एक दिन हड़ताल किए बादलों में से कुछ बादल नीचे से गुजर रहे थे। उन्होंने देखा कि एक किसान हल चला रहा है, जबकि इसको पता है कि अगले दस सालों तक हम पानी नहीं बरसाने वाले हैं। फिर उन्होंने किसान से बोला, क्यों भाई पानी तो हम बरसाएंगे नहीं, वो भी अगले दस सालों तक, फ़िर क्यों हल चला रहे हो?
किसान बोला, कोई बात नहीं जब बरसेगा तब बरसेगा। लेकिन..... मैं हल इसलिए चला रहा हूँ कि दस साल में कहीं मैं हल चलाना न भूल जाऊँ। किसान की इतनी बात सुनकर बादल भी घबरा गए और सोचने लगे कि हम भी कहीं बरसना न भूल जाएँ!
फ़िर क्या था, उस किसान की मेहनत और अपने काम के प्रति जिम्मेदारी व लगन रंग लाई और क्षण भर बाद सभी बादल बरसने लगे। अर्थात्... वो किसान "जीत" गया और जो किसान हल चलाना बंद कर दिए थे वो सभी "हार" गये, हाथ मलते रह गये।
इसलिए अपने काम में जिम्मेदारी और लगन के साथ हमेशा लगे रहिये, भले ही परिस्थितियाँ अभी आपके बिपरीत हैं लेकिन, आने वाला समय नि:संदेह आपके लिए अच्छा होगा।।
🙏🙏कहानी से सीख🙏🙏
"सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन व विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य व परिश्रम करना नहीं छोड़ते।।"