16/02/2026
Gut-Brain Connection (आंत और मस्तिष्क का संबंध) कोई काल्पनिक बात नहीं है, बल्कि यह एक वैज्ञानिक सच्चाई है। इसे अक्सर "Gut-Brain Axis" कहा जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो, आपका पेट और आपका दिमाग आपस में 24/7 बातें करते हैं। यही कारण है कि जब आप घबराते हैं, तो आपके पेट में "तितलियाँ" (butterflies) महसूस होती हैं या तनाव होने पर पेट खराब हो जाता है।
यहाँ इसके मुख्य पहलू दिए गए हैं:
1. यह कैसे काम करता है? (The Vagus Nerve)
हमारे शरीर में एक बहुत लंबी नस होती है जिसे Vagus Nerve कहते हैं। यह सीधे पेट को दिमाग से जोड़ती है। यह एक टू-वे हाईवे की तरह है:
* दिमाग से पेट: तनाव होने पर दिमाग पेट को सिग्नल भेजता है जिससे पाचन धीमा हो जाता है।
* पेट से दिमाग: पेट की स्थिति (जैसे सूजन या गैस) दिमाग को सिग्नल भेजती है, जिससे आपका मूड खराब हो सकता है।
2. पेट: आपका "दूसरा दिमाग"
हमारे पेट में करोड़ों नसों का एक जाल होता है जिसे Enteric Nervous System (ENS) कहते हैं।
* दिलचस्प बात यह है कि शरीर का लगभग 90% सेरोटोनिन (Serotonin)—जिसे "हैप्पी हार्मोन" कहा जाता है—पेट में बनता है, दिमाग में नहीं।
* अगर पेट का स्वास्थ्य खराब है, तो डिप्रेशन और एंग्जायटी (घबराहट) जैसी भावनाएं बढ़ सकती हैं।
3. माइक्रोबायोम (Microbiome) का रोल
हमारे पेट में खरबों बैक्टीरिया रहते हैं। इनमें 'अच्छे' और 'बुरे' दोनों होते हैं।
* अच्छे बैक्टीरिया: ये ऐसे केमिकल बनाते हैं जो दिमाग को शांत रखते हैं।
* असंतुलन: जब बुरे बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं (जंक फूड या एंटीबायोटिक्स के कारण), तो वे ऐसे टॉक्सिन्स छोड़ते हैं जो चिड़चिड़ापन और थकान पैदा करते हैं।
इसे बेहतर कैसे रखें?
| क्या करें | क्यों करें |
|---|---|
| प्रोबायोटिक्स (दही, छाछ) | ये पेट में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं। |
| फाइबर युक्त भोजन | यह बैक्टीरिया का खाना है, जिससे पाचन सही रहता है। |
| तनाव कम करें (योग/ध्यान) | तनाव सीधे पेट की परत को नुकसान पहुँचाता है। |
| नींद पूरी करें | नींद की कमी पेट के माइक्रोबायोम को बिगाड़ देती है। |
> एक छोटा सा टिप: अगली बार जब आप बिना किसी कारण के उदास या चिड़चिड़े महसूस करें, तो एक बार चेक करें कि आपने पिछले 24 घंटों में क्या खाया है। अक्सर जवाब आपकी थाली में होता है।
-
-
-
-
-
-
-
- #स्वास्थ्यकानयाअध्याय