Go Vigyan Anusandhan Kendra

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शिवतत्व की साधना के साथ गो-सेवा के माध्यम से सनातन संस्कृति की चेतना को सशक्त करने का यह पवित्र अवसर। आइए, इस महाशिवरात्...
15/02/2026

शिवतत्व की साधना के साथ गो-सेवा के माध्यम से सनातन संस्कृति की चेतना को सशक्त करने का यह पवित्र अवसर। आइए, इस महाशिवरात्रि पर करुणा, सेवा और संतुलन के मार्ग पर आगे बढ़ें।
🌺 गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र की ओर से आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌺

महिंद्रा एंड महिंद्रा के पूर्व सीईओ तथा वर्तमान में महिंद्रा हॉलीडेज़ के सीईओ माननीय  श्री सी. पी. गुरनानी जी ने अपने पर...
07/02/2026

महिंद्रा एंड महिंद्रा के पूर्व सीईओ तथा वर्तमान में महिंद्रा हॉलीडेज़ के सीईओ माननीय श्री सी. पी. गुरनानी जी ने अपने परिवारजनों सहित गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र का सौजन्यपूर्ण भ्रमण किया। इस महत्त्वपूर्ण दौरे का संयोजन केंद्र के मार्गदर्शक मंडल सदस्य श्री श्रेयस आशीष जायसवाल जी द्वारा किया गया।

केंद्र आगमन पर परियोजना प्रबंधक श्री प्रशांत पीसे ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात श्री नितिन मालवी ने गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र की परिकल्पना, उद्देश्य तथा विभिन्न अनुसंधान एवं जनोपयोगी गतिविधियों की जानकारी दी। श्री अंकित काले ने केंद्र में संचालित पंचगव्य एवं गोमय आधारित उत्पादों के इन-हाउस उत्पादन, उनकी उपयोगिता तथा ग्रामीण आजीविका में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

भ्रमण के दौरान श्री गुरनानी जी एवं उनके परिवारजनों ने विधिवत गो-पूजन किया तथा गौमाता को गो-चारा अर्पित किया। प्रस्थान से पूर्व मा.श्री गुरनानी जी ने “काऊनॉमिक्स” के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए जा रहे सतत एवं समर्पित प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयोग ग्रामीण समाज के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सशक्तिकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

यह दौरा गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं गौरवपूर्ण क्षण रहा।

माफसु में डॉ. परिणय फुके की नियुक्ति महाराष्ट्र के लिए शुभ संकेतवरिष्ठ आमदार डॉ परिणय फुके की महाराष्ट्र पशु व मत्स्य वि...
06/02/2026

माफसु में डॉ. परिणय फुके की नियुक्ति महाराष्ट्र के लिए शुभ संकेत

वरिष्ठ आमदार डॉ परिणय फुके की महाराष्ट्र पशु व मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय (माफसु) के कार्यकारी मंडल में नियुक्ति महाराष्ट्र राज्य के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत है।

डॉ. फुके एक अत्यंत प्रतिभावान, जुझारू एवं दूरदर्शी जननेता हैं। उनके माफसु के बोर्ड में सम्मिलित होने से पशु विज्ञान, विशेषकर गौ-विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊर्जा, समन्वय और वैज्ञानिक दिशा प्राप्त होगी।

यह अपेक्षा की जाती है कि माफसु एवं गो-विज्ञान संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से गौ माता एवं भारतीय देशी नस्लों से जुड़े अनेक जटिल विषयों—विशेषकर नंदी की रक्षा, उनका वैज्ञानिक उपयोग, नस्ल सुधार, एवं संरक्षण—पर समन्वित और परिणामकारी कार्य होगा।

डॉ. परिणय फुके की यह भूमिका निश्चित रूप से महाराष्ट्र में गौ-संरक्षण, पशु विज्ञान अनुसंधान एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण अध्याय सिद्ध होगी।

गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष पदमेश जी गुप्ता ने  डॉ परिणय फुके जी, महाराष्ट्र राज्य विधान परिषद सदस्य, की प्रति...
06/02/2026

गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष पदमेश जी गुप्ता ने डॉ परिणय फुके जी, महाराष्ट्र राज्य विधान परिषद सदस्य, की प्रतिष्ठित माफसु के कार्यकारी सदस्य दायित्व पर नियुक्ति पर शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए विश्वास जताया है कि डॉ परिणय फुके जी के अनुभव से गो विज्ञान केन्द्र को भारतीय प्रजाति की गौ के संरक्षण में मदद मिलेगी एवं सेवा कार्य में विस्तार होगा.

ज्ञातव्य है कि गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने अध्यक्ष श्री पदमेश जी गुप्ता के नेतृत्व में भारतीय गौवंश की नस्ल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में सुनियोजित और वैज्ञानिक प्रयासों से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

गो विज्ञान केंद्र द्वारा माफसू के संग आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) एवं सरोगेट मदर तकनीक के माध्यम से देशी नस्लों की गुणवत्तापूर्ण वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।

गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र का यह कार्य राष्ट्रीय स्तर पर गौ- विज्ञान अनुसंधान केंद्र का प्रेरणास्पद उदाहरण बनकर उभरा है।
Padmesh Gupta

06/02/2026

मान्यवर,
गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित पंचगव्य चिकित्सा एवं पंचगव्य औषधियों के सकारात्मक परिणाम का अनुभव कथन अवश्य सुनिए!

डॉ प्रकाश ईटनकर जी फार्मसी क्षेत्र के अभ्यासक-संशोधक हैं जिनका पंचगव्य विषय पर भी विज्ञाननिष्ठ अभ्यास एवं संशोधन मान्यता प्राप्त है. वर्तमान में आप राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज नागपूर विद्यापीठा में फार्मसी विभाग में ज्येष्ठ प्राध्यापक एवं Innovation, Icubation & Linkages विभाग के माननीय निदेशक भी हैं. आप गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र के मा. कार्यकारिणी सदस्य हैं.

अगर आपको अथवा किसी अपने को स्वास्थ्य संबंधी सलाह/ उपचार की आवश्‍यकता हो तो कृपया अपॉइंटमेंट हेतु *9405701253* नंबर पर अथवा आधिकारिक सहायतार्थ *gauvigyan@gmail.com* पर संपर्क करें एवं शिवाजी नगर सभागृह में पंचगव्य चिकित्सा की वरिष्ठ वैद्या नंदिनी ताई भोजराज एवं वैद्या श्यामला ताई रेखडे से मिलकर समाधान कर सकते हैं. 🙏

नागपुर में आयोजित भव्य श्रीमद भागवत सप्ताह में गो विज्ञान अनुसंधान के माननीय अध्यक्ष श्री पदमेश जी गुप्ता ने सपत्नीक महा...
05/02/2026

नागपुर में आयोजित भव्य श्रीमद भागवत सप्ताह में गो विज्ञान अनुसंधान के माननीय अध्यक्ष श्री पदमेश जी गुप्ता ने सपत्नीक महाराजश्री के दर्शन लिए.
पूजनीय श्री राजेंद्रदास जी महाराज- मलूक पीठ के पीठाधीश्वर हैं. महाराजजी रामानंद संप्रदाय (सबसे बड़े वैष्णव संप्रदाय) की पवित्र विरक्त परंपरा में दीक्षित हैं एवं श्रीराम-कृष्ण-नारायण के अनन्य भक्त हैं। आप विख्यात भागवत कथाकार हैं.

महाराज जी ने गोविज्ञान केंद्र के कार्यों को उत्साह से जाना l आपश्री ने विशेष रूपेण गौआधारित कृषि तंत्र एवं विविध पंचगव्य उत्पाद की प्रशंसा की.

श्री पदमेश जी ने महाराजश्री को गोतीर्थ गोविज्ञान केंद्र पधारने हेतु आग्रहपूर्वक निमंत्रण प्रेषित किया जिसे महाराजश्री ने आनंदपूर्वक स्वीकृती प्रदान की.

04/02/2026

मान्यवर,
4 फरवरी को *विश्व कॅन्सर दिवस* के रूप में मनाया जाता है. इस दिन के निमित्त से कॅन्सर के विषय पर जन- जागृती, भ्रांति एवं प्रचलित डर भी दूर किए जाते हैं, जिससे कॅन्सर को सही तरीके से समझा जा सके.

पंचगव्य चिकित्सा भी एक कॅन्सर हेतु एक प्रभावी चिकित्सा है, यह आधुनिक चिकित्सा जगत भी मान्य करता है. गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र वर्तमान समय में एम्स के साथ कॅन्सर अनुसंधान में कार्यरत है.

गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित पंचगव्य चिकित्सा एवं पंचगव्य औषधियों के सकारात्मक परिणाम का अनुभव कथन अवश्य सुनिए!

अगर आपको अथवा किसी अपने को स्वास्थ्य संबंधी सलाह/ उपचार की आवश्‍यकता हो तो कृपया अपॉइंटमेंट हेतु *9405701253* नंबर पर अथवा आधिकारिक सहायतार्थ *gauvigyan@gmail.com* पर संपर्क करें एवं शिवाजी नगर सभागृह में पंचगव्य चिकित्सा की वरिष्ठ वैद्या नंदिनी ताई भोजराज एवं वैद्या श्यामला ताई रेखडे से मिलकर समाधान कर सकते हैं. 🙏

02/02/2026

मान्यवर,
गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित पंचगव्य चिकित्सा एवं पंचगव्य औषधियों के सकारात्मक परिणाम का अनुभव कथन अवश्य सुनिए!

अगर आपको अथवा किसी अपने को स्वास्थ्य संबंधी सलाह/ उपचार की आवश्‍यकता हो तो कृपया अपॉइंटमेंट हेतु *9405701253* नंबर पर अथवा आधिकारिक सहायतार्थ *gauvigyan@gmail.com* पर संपर्क करें एवं शिवाजी नगर सभागृह में पंचगव्य चिकित्सा की वरिष्ठ वैद्या नंदिनी ताई भोजराज एवं वैद्या श्यामला ताई रेखडे से मिलकर समाधान कर सकते हैं. 🙏

गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने अध्यक्ष श्री पदमेश जी गुप्ता के नेतृत्व में भारतीय गौवंश की **नस्ल संरक्षण एवं संवर्धन** क...
01/02/2026

गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने अध्यक्ष श्री पदमेश जी गुप्ता के नेतृत्व में भारतीय गौवंश की **नस्ल संरक्षण एवं संवर्धन** के क्षेत्र में सुनियोजित और वैज्ञानिक प्रयासों से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

गो विज्ञान केंद्र द्वारा माफसू के संग आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) एवं सरोगेट मदर तकनीक के माध्यम से देशी नस्लों की गुणवत्तापूर्ण वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। कम दुग्ध उत्पादन वाली,निराश्रित, कत्ल खानों से बचायी हुई गायों को सरोगेट के रूप में उपयोग कर, श्रेष्ठ भारतीय नस्लों के भ्रूण का सुरक्षित विकास किया गया।
इन संरचित प्रयासों के परिणामस्वरूप एक ही गाय से प्रतिदिन 15 से 20 लीटर दुग्ध उत्पादन की संभावनाएँ साकार हुई हैं।

सहायक सिद्ध हो रही है।
गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र की यह पहल देशी नस्लों की जेनेटिक शुद्धता, उत्पादकता और दीर्घकालीन संरक्षण में सहायक सिद्ध हो रही है। केंद्र ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का सफल समन्वय प्रस्तुत किया है। इस मॉडल से गौपालकों की आय वृद्धि के साथ-साथ भारतीय गौवंश का पुनरुत्थान संभव हुआ है।

गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र का यह कार्य राष्ट्रीय स्तर पर गौ- विज्ञान अनुसंधान केंद्र का प्रेरणास्पद उदाहरण बनकर उभरा है।

प्रसिद्ध मराठी अखबार लोकमत ने इन्हीं प्रयासों को बड़ी प्रमुखता से प्रकाशित किया है. आइए अवलोकन करते हैं:

गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र में गौ आधारित जैविक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान भाइयों के लिए एक **मार्गदर्शन शिव...
31/01/2026

गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र में गौ आधारित जैविक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान भाइयों के लिए एक **मार्गदर्शन शिविर एवं चर्चा सत्र** का सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य रासायनिक खेती के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए गौ आधारित, स्वदेशी एवं पर्यावरण-अनुकूल जैविक कृषि पद्धतियों की वैज्ञानिक जानकारी किसानों तक पहुँचाना था।

इस कार्यक्रम में **22 गांवों से 170 से अधिक किसान भाई** उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए। विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने खेती में गौ आधारित उत्पादों के उपयोग, मिट्टी की उर्वरता संरक्षण, उत्पादन लागत में कमी, फसल गुणवत्ता में वृद्धि तथा मानव-स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभावों को लेकर गहन रुचि दिखाई।

शिविर में गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र के **कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. हेमंत जांभेकर जी** की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने अपने मार्गदर्शन में गौ आधारित जैविक कृषि के वैज्ञानिक आधार, अनुसंधान निष्कर्षों तथा इसके दीर्घकालीन आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

साथ ही, **डॉ. संजय एकापुरे जी (कोषाध्यक्ष, कृषि एवं गौ विशेषज्ञ)** एवं **कार्यकारिणी सदस्य श्री सतीश मोहोड जी** ने किसानों का सविस्तार मार्गदर्शन किया। उन्होंने खेती से जुड़े व्यावहारिक प्रश्नों—जैसे गोबर-गोमूत्र आधारित इनपुट्स की तैयारी, फसल रोग प्रबंधन, लागत-लाभ विश्लेषण तथा चरणबद्ध रूप से जैविक खेती अपनाने की प्रक्रिया—पर समाधानकारक एवं सरल उत्तर देकर किसानों की शंकाओं का निराकरण किया।

चर्चा सत्र में किसानों ने अपने अनुभव साझा किए तथा यह स्वीकार किया कि गौ आधारित जैविक कृषि न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि मिट्टी, पर्यावरण एवं समाज के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। **सभी उपस्थित किसानों ने गौ आधारित जैविक कृषि को अपनाने का सामूहिक संकल्प** व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र द्वारा निरंतर **प्रशिक्षण शिविर, खेत-स्तरीय मार्गदर्शन, अनुसंधान, प्रायोगिक प्रदर्शन, पंचगव्य उत्पादों का विकास एवं किसानों से सतत संवाद** जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। इन सतत पहलों के माध्यम से केंद्र का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, खेती की लागत घटाना तथा गौ आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

यह शिविर गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र के उन्हीं सतत प्रयासों की एक सशक्त कड़ी सिद्ध हुआ, जिसने किसानों में आत्मविश्वास, जागरूकता और टिकाऊ कृषि की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने की प्रेरणा प्रदान की।

जब गणतंत्र के मूल्यों में विज्ञान की चेतना जुड़ती हैऔर संस्कृति में गौ-संरक्षण का संकल्प बसता है,तभी सशक्त भारत का निर्म...
26/01/2026

जब गणतंत्र के मूल्यों में विज्ञान की चेतना जुड़ती है
और संस्कृति में गौ-संरक्षण का संकल्प बसता है,
तभी सशक्त भारत का निर्माण होता है।

गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र की ओर से
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।


#गणतंत्रदिवस







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