Ayurveda Sansaar

Ayurveda Sansaar Ayurveda Sansaar is a clinic where the chronic diseases are treated which has no treatment anywhere. The people who have left hope comes here for treatment.

The diseases having no treatment anywhere are treated here like: Polio, Epilepsy, Migraine, Paralysis, Liver Cirrhosis, ceribrum palsy etc.

02/05/2020

Korona कोरोना
परिचय बचाव एवं चिकित्सा

चाइनीज वायरस मुकुट की तरह का होने की वजह से यह नाम पड़ा इसका साईज ६२ नैनो मीटर या ५ मायक्रान होता है । इसका बाह्य आवरण फैट ( वसा ) से और अंतर भाग प्रोटीन से बना होता है । यह वसा की उपस्थित मे फलता -फूलता है। इसलिए यह किसी भी fat emulsifier की उपस्थित में नष्ट हो जाता है alchohol भी fat emulsifier होता है। साथ ही क्षारिय पदार्थ भी वसा को नष्ट करने मे सक्षम होते है।
वसा से ही कफ बनता है प्रकरांतर से मुंह और गले मे सबसे पहले पाया जाता है अतः यहीं पर ही इसे फलने फूलने का मौका मिल जाता है ।
लक्षण - सबसे पहले हल्का ज्वर महसूस होता है श्वास भारी होने लगती है पश्चात जुकाम,बुखार में तेजी,खांसी गले में दर्द,श्वास लेने में तकलीफ, छींक सीने मे जकणन आदि लक्षण प्रकट होने लगते है ।
बचाव - आपस में जितनी दूरी हो सके बना के रखे दूसरों के मोबाइल,गाड़ी,रूमाल,तौलिया,वस्त्र आदि का उपयोग न करें।बाहरी लोगों से नगद रूपया,कागज,सामान आदि का लेन-देन करने के पश्चात साबुन या क्षारिय पदार्थ से हाथ मुँह जरुर धो ले। किसी भी संदेहास्पद जगह की यात्रा के पश्चात पानी में फिटकरी ( हल्का दूधिया ) घोलकर साबुन या लिक्विड सोप से स्नान जरुर कर ले और कपड़ों को भी इसी तरह वायरस मुक्त कर ले ।
चिकित्सा - तमाम अनुभवों के विश्लेषण के पश्चात निम्नलिखित औषधियों का प्रयोग सबसे ज्यादा उपयुक्त जानकर प्रस्तावित करता हूँ ।
१- सुदर्शन वनस्पति - इस वायरस में समस्या इसका सूक्ष्म शरीर और कोशिकाओं के अंदर घुसकर रहना और अपनी जनसंख्या वॄद्धि करना है ;अर्थात कोई ऐसी औषधि चाहिए जो विषाणुओं (वायरस )को बाहरी तौर पर ही न मारे वरन् कोशिकाओं के भीतर घुस कर मारे। सदियों से यह औषधि हमारे जीवन का अभिन्न अंग रही थी हर घर मे लगाई जाती थी । पाश्चात्य चिकित्सा का प्रभाव बढ़ जाने से गायब होती चली गई। यह विषाणु रोधी (anti virus) ,मलेरिया रोधी (anti malerial), वात पित्त नाशक(anti inflammatory) है ।यह औषधि मुँह मे जाते ही अपना प्रभाव दिखाना शुरु कर देती है ।पहली खुराक से ही रोग नष्ट होने लगता है ।इसका प्रयोग मैने कठिन से कठिन रोगों पर किया है।निरोगी व्यक्ति भी इसके सेवन से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कुछ ही खुराक से बढाॖ सकता है।
सेवन विधि - इसके पत्तों का रस २० मिली के लगभग और १ग्राम स्फटिका भस्म मिलाकर हल्का गुनगुना कर के धीरे धीरे पीना चाहिए; ६-६ घंटे के अंतराल पर । मेरा मानना है कि मात्र ४ खुराक मे ही रोगी ठीक हो जायेगा ।(प्रारम्भिक अवस्था में )
यदि रोग तीसरे चरण में हो अर्थात फेफड़े मे तकलीफ हो तो इसके १ घंटे बाद हरताल गोदंती भस्म १ ग्राम शहद में मिलाकर या गरम पानी में घोलकर देना चाहिए ।
यह वनस्पति न उपलब्ध हो तो इससे बनी औषधियों का भी प्रयोग कर सकते हैं यथा - सुदर्शन चूर्ण, महासुदर्शन चूर्ण, सुदर्शन क्वाथ,सुदर्शन घन बटी,महासुदर्शन घन वटी (डाबर),त्रिसून (झंडू) आदि ।क्वाथ २० मिली १ग्राम स्फटिका भस्म ४ घंटे के अंतराल से। गोलियों को २-२ गोली गरम पानी में घोलकर १ग्राम स्फटिका भस्म मिलाकर ४-४ घंटे के अंतराल पर देना चाहिए।
स्फटिका ना हो तो टंकण या गोदंती भस्म का भी प्रयोग कर सकते है ।
यह वनस्पति "सुदर्शन" है अपने घर में जरुर लगाए।
पथ्यापथ्य - मीठी और वसा युक्त आहार ग्रहण न करे। इससे वायरस को फलने फूलने का मौका मिल जाता है
उप कथन- इस औषधि के सेवन से वमन हो सकता है;हो सके तो प्रयास करके और वमन करे।घबराये नही इससे कफ खत्म होगा और राहत मिलेगी।
और अधिक जानकारी के लिए (9415778022) WhatsApp no. पर सम्पर्क कर सकते हैं।
आप सभी स्वस्थ रहे; सुरक्षित रहे। अपने घर मे रहे;अपनों के साथ रहे।
।।दीर्घायु भवति।।
।।शुभम भूयात्।।
शुभकामनाओं के साथ
गगन चंद्र सिंघानिया एवं वैदिक ऑर्गेनिक परिवार ।

भीमताल, नैनीताल, उत्तराखंड 263136
Email - Vedikorg@gmail.com

26/08/2018

पीलिया एक खतरनाक बीमारी है इसे ठीक करने के लिए कई उपाय है परंतु सबसे कारगर उपाय आप लोगो को बताने जा रहा हूँ
देसी गाय का दूध लेकर शाम को दही जमा दे पान वाले के यहाँ से चुना ले आएं सुबह मुँह अंधेरे उठे दही ले एक कटोरी, मटर के दाने के बराबर चुना लेकर उसे एक चम्मच दही में मिला ले, पुनः उस घोल को पूरे दही में अच्छे से मिला दे अब पूरा दही खा ले-धीरे धीरे। ऐसा एक सप्ताह तक करे।
साथ ही निम्न औसधि का सेवन 15-30 दिन तक जरूर करें
गिलोय सत्व 10 ग्राम , अभ्रक भस्म10 ग्राम , पुनर्नवादि मंडूर 10 ग्राम इनको मिलाकर 30 पुड़िया बना ले सुबह शाम एक- एक पुड़िया शहद के साथ ले और ऊपर से लोहासव 20 ml 20 मल पानी मिलाकर पीले।कैसा भी पीलिया बिगड़ गया हो तो भी ठीक हो जाता है।
अगर फिर भी ठीक न हो तो संपर्क करे

13/11/2017

जिनको यूरिक एसिड की समस्या है उन्हें जैविक खाना ही खाना है। बाजार में न मिले तो सब्ज़ी तो अपने घर मे ऊगा सकते है। जैविक खेती से उच्च गुडवत्ता वाली फसले चाहिए तो आप अलख जैविक इन्नोवेटिव प्राईवेट लिमिटेड से या हमसे सम्पर्क करें

18/10/2016

मस्तिष्क ज्वर -Japanese encephalitis (JE) is a disease spread through mosquito bites. Symptoms usually take 5-15 days to develop and include fever, headache, vomiting, confusion, and difficulty moving. Symptoms that develop later include swelling around the brain and coma. JE is a serious disease that may cause disabilities or death.
यह मच्छरों के काटने से होता है, तीव्र ज्वर, सिरदर्द, वमन,चित्त भ्रम चलने फिरने मे तकलीफ आदि लक्षण प्रकट होते है. जिससे विकलांगता या मृत्यु हो सकती है
चिकित्सा - ब्राह्मी बटी स्वर्ण युक्त बच्चो को १-१ गोली मधु के साथ बड़ो को २-२ गोली दिन मे तीन बार यह स्वनुभूति चिकित्सा है.
गिलोय का स्वारस १० मिली बच्चों को पानी के साथ बड़ों को २० मिली समान जल के साथ देना उत्तम रहता है
इस चिकित्सा से बच्चों मे विकलांगता नही आती है और ज्वर २४ घंटे में उतर जाता है
पथ्य मोसम्बी या सेब का रस पिलाना अच्छा रहता है . जब तक ज्वर न उतर जाए खाना नही देना चाहिये भुने मखाने देना उत्तम रहता है

07/10/2015

Treatment Of half headaches
Take a cup of fresh cow curd, eat it with fingers at the time of sunrise mostly around 5 AM while sitting on house door (Deorhi) half in-half out without talking to any one .
This work should be done only once .
Take a spoon of small Harada churn in morning for a week with normal water.
Removed your half headache for long time

For hepatitis...
04/08/2015

For hepatitis...

28/04/2015

Treatment for high sugar (above 300):
- 5 gm harad powder
- 1 gm bhaang leaf powder
- 200mg sphatika bhasma
With water of vijaysar(a type of wood)

How to make water of vijaysar??
Put 100 gm of vijaysar wood in warm water for a whole night and next morning take out that piece of vijaysar from water. And then take the above medicine with this water.

People with high sugar should take this for twice a day ( morning and evening). This treatment will give u relief in just few minutes

20/02/2015
12/12/2014

Haran ka churan : a boon for asthama patients.
If u get attack of asthama just have a pinch of haran ka churan and it will neutralize the attack...

Suryanamaskarthe most powerful yogasan.Performed usually early in the morning facing the morning rising Sun with empty s...
16/06/2013

Suryanamaskar
the most powerful yogasan.
Performed usually early in the morning facing the morning rising Sun with empty stomach.
It not only provides physical health benefits, but also mental or emotional as well as spiritual benefits.

yogasans...
11/06/2013

yogasans...

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Bhimtal, Naukuchiatal Road
Nainital
263136

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+919415778022

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