नंदुरबार/जयभारत स्वस्त औषधी कार्य -जेनेरिक मेडीसीन स्टोअर्स नंदुरबार

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नंदुरबार/जयभारत स्वस्त औषधी कार्य -जेनेरिक मेडीसीन स्टोअर्स नंदुरबार सर्व प्रकारचे औषधी स्वस्त दरात उपलब्? Jay Bharat Swast Aushadhi Karya
P.T.Complex Shankar Hari Nagar Koknihill Nandurbar 425412

१)नंदुरबार स्वस्त औषधी कार्य मीना कॉम्प्लेक्स काकाचा ढाबा ज़वळ नंदुरबारAshish Sonawane (9823110455)२) जयभारत स्वस्त औषधी...
26/10/2021

१)नंदुरबार स्वस्त औषधी कार्य मीना कॉम्प्लेक्स काकाचा ढाबा ज़वळ नंदुरबार
Ashish Sonawane (9823110455)

२) जयभारत स्वस्त औषधी कार्य पी.टी.कॉम्प्लेक्स शंकर हरी नगर कोकणिहिल नंदुरबार
Rahul Sonawane (7972314572)

11/06/2021
14/08/2020

Must Watch 🙏🙏🙏

14/07/2020

⚫️कृपया पूर्ण वाचा⚫️

कोविड मेडिकल किट घरी आवश्यक आहे:

1. पॅरासिटामोल
2. माउथवॉश आणि गारगल साठी बीटाडाइन
3. व्हिटॅमिन सी आणि डी 3
5. बी कॉम्प्लेक्स
6. वाफ + वाफ + कॅप्सूल
7. ऑक्सिमीटर
O. ऑक्सिजन सिलिंडर (केवळ आपत्कालीन परिस्थितीसाठी)
9. आरोग्य सेतु अ‍ॅप
१०. व्यायाम व्यायाम

कोविड चे तीन टप्पे:

1. केवळ नाकात कोविड - बरे होण्यासाठी वेळ अर्धा दिवस आहे. (स्टीम इनहेलिंग), व्हिटॅमिन सी सहसा ताप येत नाही. एसिम्प्टोमॅटिक

२. घशात कोविड - घसा खवखवणे, बरे होण्यासाठी वेळ 1 दिवस (गरम पाण्याचा गार्गल, पिण्यास गरम पाणी, जर तात्पुरते असेल तर पॅरासिटामोल. व्हिटॅमिन सी, बीकॉप्लेक्स. लक्षणे जास्त तीव्र असल्यास अँटीबायोटिक.

Lung. फुफ्फुसातील कोविड-
खोकला आणि श्वसनासाठी त्रास,दम 4 ते 5 दिवस. (व्हिटॅमिन सी, बी कॉम्प्लेक्स, गरम पाण्याचे गार्गल, ऑक्सिमीटर, पॅरासिटामॉल, ऑक्सिजन सिलेंडर गंभीर असल्यास, भरपूर गरम पाणी आवश्यक आहे श्वासोच्छवासाचा प्राणायाम कपालभारती सारखे व्यायाम करा.

इस्पितळात कधी जायचे अशी अवस्थाः
ऑक्सिजनच्या पातळीवर लक्ष ठेवा. जर ते 93 (सामान्य 98-100) च्या जवळ गेले तर आपल्याला ऑक्सिजन सिलेंडर आवश्यक आहे. जर घरी उपलब्ध असेल तर इतर कोणत्याही रुग्णालयात दाखल होणार नाही.

*निरोगी रहा, सुरक्षित रहा!*
*कृपया भारतातील आपल्या संपर्कांवर चर्चा करा. हे कोणाला मदत करेल हे आपल्याला कधीच ठाऊक नाही.*
*टाटा समूहाने चांगला उपक्रम सुरू केला आहे, ते गप्पांच्या माध्यमातून डॉक्टरांचा विनामूल्य सल्ला सल्ला देत आहेत. ही सुविधा आपल्यासाठी सुरू केली गेली आहे जेणेकरून आपल्याला डॉक्टरांकडे जाण्याची आवश्यकता नाही आणि आपण घरीच सुरक्षित असाल.*

*खाली लिंक आहे, मी सर्वांनी या सुविधेचा लाभ घेण्यासाठी विनंती करतो.*
*https://www.tatahealth.com/online-doctor-consultation/general-physician*
*+91 74069 28123* *विलगिकरण रुग्णालयातील सल्ला, आम्ही घरी करू शकतो*
*पुढीलऔषधे रुग्णालयात घेतली जातात.*
*1. व्हिटॅमिन सी -1000*
*2. व्हिटॅमिन ई (ई)*
*3. (10 ते 11) तासांमधून, उन्हात 15-20 मिनिटे बसा*
*4 Eg. अंड्याचे जेवण* *रोज एकदा.*
*5. आम्ही किमान 7-8 तास विश्रांती घेतो / झोपतो*
*6. आम्ही दररोज 1.5 लिटर पाणी पितो*
*7. सर्व जेवण उबदार असावे (थंड नाही).*
*रोगप्रतिकारक यंत्रणा बळकट करण्यासाठी आम्ही हॉस्पिटलमध्ये इतकेच करतो*

*लक्षात घ्या की कोरोनाव्हायरसचे पीएच 5.5 ते 8.5 पर्यंत असते*
*म्हणूनच, व्हायरसच्या उच्चाटनासाठी आपल्याला जे करायचे आहे ते म्हणजे व्हायरसच्या आंबटपणाच्या पातळीपेक्षा जास्त क्षारीय पदार्थांचे सेवन करणे.*
*जसेः केळी*
*हिरवा लिंबू - 9.9 पीएच*
*पिवळा लिंबू - 8.2 पीएच*
*एवोकॅडो - 15.6 पीएच*
*लसूण - 13.2 पीएच*
*आंबा - 8.7 पीएच*
*टेंजरिन - 8.5 पीएच*
*अननस - 12.7 पीएच*
*वॉटरक्रिस - 22.7 पीएच*
*संत्री - 9.2 पीएच*
*आपल्याला कोरोना विषाणूची लागण कशी होईल हे कसे कळेल?*

*1. घसा खवखवणे*
*2. कोरडा घसा*
*3. कोरडा खोकला*
*4. उच्च ताप*
*5. श्वास लागणे*
*6. गंध वास कमी होणे*

*कोमट पाण्यात लिंबू पिळून पिल्याने फुफ्फुसांपर्यंत पोहोचण्यापूर्वी व्हायरसच्या सुरवातीस दूर करते*

*ही माहिती स्वतःजवळ ठेवू नका. आपल्या सर्व कुटुंब आणि मित्रांना ते पाठवा.*

*धन्यवाद👏🏻*

बरेच लोकांना अल्कोहोलीक सेनीटायझरचा वासा मुळे त्रास होतो चक्करयेने मळमळ होने म्हणुन आम्ही घेउन आलों आहोत  #स्वस्त_दरात_ल...
07/07/2020

बरेच लोकांना अल्कोहोलीक सेनीटायझरचा वासा मुळे त्रास होतो चक्करयेने मळमळ होने म्हणुन आम्ही घेउन आलों आहोत #स्वस्त_दरात_लेमन_आणि_चेरी_फ़्लेवरचे_सेनीटायझर

पत्ता: १) जयभारत स्वस्त औषधि(जेनरिक मेडिकल)पी.टी.कॉम्प्लेक्स,शंकरहरी नगर कोकणीहिल दूधळे रोड नंदुरबार
२) नंदुरबार स्वस्त औषधि(जेनरिक मेडिकल) मीना कोम्पलेस तळोदा रोड़, काकाचा ढाबा जवळ,नंदुरबार

नंदूरबार/भारत स्वस्त औषध सेवा( जेनेरिक मेडिकल)
22/06/2018

नंदूरबार/भारत स्वस्त औषध सेवा( जेनेरिक मेडिकल)

01/12/2017

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिन के गुजरात दौरे के दौरान सूरत में किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया है और इस दौरान देश को सस्ते इलाज मुहैया कराने का दावा किया, साथ ही जेनेरिक दवाइयों के इस्तेमाल पर जोर दिया. तो चलिए जानते हैं क्या होती हैं जेनेरिक दवाएं. बाकी दवाओं से ये कैसे अलग हैं. साथ ही ये भी बताएंगे कि इससे इलाज कैसे सस्ता हो सकता है और ये क्यों सस्ती मिलती हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात पर विशेष जोर दे रहे हैं कि डॉक्टर्स को जेनेरिक दवाएं प्रीस्क्रिप्शन में लिखनी चाहिए. इससे इलाज सस्ता होगा. दरअसल, जेनरिक दवाइयां सस्ती होती हैं, दवाइयों का खर्चा इससे कम आएगा और कुलमिलाकर इलाज सस्ता हो जाएगा.

क्या होती है जेनेरिक दवा-
किसी एक बीमारी के इलाज के लिए तमाम तरह की रिसर्च और स्टडी के बाद एक रसायन (साल्ट) तैयार किया जाता है जिसे आसानी से उपलब्ध करवाने के लिए दवा की शक्ल दे दी जाती है. इस साल्ट को हर कंपनी अलग-अलग नामों से बेचती है. कोई इसे महंगे दामों में बेचती है तो कोई सस्ते. लेकिन इस साल्ट का जेनेरिक नाम साल्ट के कंपोजिशन और बीमारी का ध्यान रखते हुए एक विशेष समिति द्वारा निर्धारित किया जाता है. किसी भी साल्ट का जेनेरिक नाम पूरी दुनिया में एक ही रहता है.

क्या आप जानते हैं-
अधिकत्तर बड़े शहरों में एक्सक्लुसिव जेनेरिक मेडिकल स्टोर होते हैं, लेकिन इनका ठीक से प्रचार-प्रसार ना होने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाता. मजूबरी में ठीक जानकारी ना होने के कारण गरीब भी केमिस्ट से महंगी दवाएं खरीदने पर मजबूर हो जाता है.

सस्ती दवाएं मिल सकती हैं-
आमतौर पर डॉक्टर्स महंगी दवाएं लिखते हैं इससे ब्रांडेड दवा कंपनियां खूब मुनाफा कमाती हैं लेकिन क्या आप जानते हैं आप डॉ. की लिखी सस्ती दवाएं भी खरीद सकती हैं. जी हां, आपका डॉक्टर आपको जो दवा लिखकर देता है उसी साल्ट की जेनेरिक दवा आपको बहुत सस्ते में मिल सकती है. महंगी दवा और उसी साल्ट की जेनेरिक दवा की कीमत में कम से कम पांच से दस गुना का अंतर होता है. कई बार जेनरिक दवाओं और ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में 90 पर्सेंट तक का भी फर्क होता है.

जेनेरिक दवाएं और भ्रम-
जेनेरिक दवाएं बिना किसी पेटेंट के बनाई और सरकुलेट की जाती हैं. हां, जेनेरिक दवा के फॉर्मुलेशन पर पेटेंट हो सकता है लेकिन उसके मैटिरियल पर पेटेंट नहीं किया जा सकता. इंटरनेशनल स्टैंडर्ड से बनी जेनेरिक दवाइयों की क्वालिटी ब्रांडेड दवाओं से कम नहीं होती. ना ही इनका असर कुछ कम होता है. जेनेरिक दवाओं की डोज, उनके साइड-इफेक्ट्स सभी कुछ ब्रांडेड दवाओं जैसे ही होते हैं. जैसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए वियाग्रा बहुत पॉपुलर है लेकिन इसकी जेनेरिक दवा सिल्डेन्फिल नाम से मौजूद है. लेकिन लोग वियाग्रा लेना ही पसंद करते हैं क्योंकि ये बहुत पॉपुलर ब्रांड हो चुका है. इसकी खूब पब्लिसिटी इंटरनेशनल लेवल पर की गई है. वहीं जेनेरिक दवाइयों के प्रचार के लिए कंपनियां पब्लिसिटी नहीं करती. जेनेरिक दवाएं बाजार में आने से पहले हर तरह के डिफिकल्ट क्वालिटी स्टैं र्ड से गुजरती हैं.

ठीक इसी तरह से ब्लड कैंसर के लिए ‘ग्लाईकेव’ ब्राण्ड की दवा की कीमत महीनेभर में 1,14,400 रूपये होगी, जबकि दूसरे ब्रांड की ‘वीनेट’ दवा का महीने भर का खर्च 11,400 से भी कम आएगा.

क्यों सस्ती होती हैं जेनेरिक दवाएं-
जहां पेंटेट ब्रांडेड दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती हैं वहीं जेनेरिक दवाओं की कीमत को निर्धारित करने के लिए सरकार का हस्तक्षेप होता है. जेनेरिक दवाओं की मनमानी कीमत निर्धारित नहीं की जा सकती. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, डॉक्टर्स अगर मरीजों को जेनेरिक दवाएं प्रिस्क्राइब करें तो विकसित देशों में स्वास्थय खर्च 70 पर्सेंट और विकासशील देशों में और भी अधिक कम हो सकता है.

इन बीमारियों की जेनेरिक दवा होती है सस्ती-
कई बार डॉक्टर सिर्फ साल्ट का नाम लिखकर देते हैं तो कई बार सिर्फ ब्रांडेड दवा का नाम. कुछ खास बीमारियां हैं जिसमें जेनेरिक दवाएं मौजूद होती हैं लेकिन उसी सॉल्ट की ब्रांडेड दवाएं महंगी आती हैं. ये बीमारियां हैं जैसे- हार्ट डिजीज, न्यूरोलोजी, डायबिटीज, किडनी, यूरिन, बर्न प्रॉब्लम. इन बीमारियों की जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में भी बहुत ज्यादा अंतर देखने को मिलता है.

कैसे पता करें जेनेरिक और ब्रांडेड दवा में अंतर-
एक ही साल्ट की दो दवाओं की कीमत में बड़ा अंतर यूं तो जेनेरिक दवा का सबूत हो सकता है लेकिन इसके लिए कई मोबाइल ऐप जैसे Healthkart plus और Pharma Jan Samadhan भी मौजूद हैं. इनके जरिए आप आसानी से सस्ती दवाएं खरीद सकते हैं.

जेनेरिक दवाओं के लाभ-

जेनेरिक दवा ब्रांडेड दवाओं से सस्ती होती हैं. इससे आप हर माह अच्छी खासी कीमत बचा सकते हैं.

जेनेरिक दवाएं सीधे खरीददार तक पहुंचती हैं.

इन दवाओं की पब्लिसिटी के लिए कुछ खर्चा नहीं किया जाता. इसलिए ये सस्ती होती हैं.

सरकार इन दवाओं की कीमत खुद तय करती है.

जेनेरिक दवाओं का असर, डोज और इफेक्ट्स ब्रांडेड दवाओं की तरह ही होते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
एबीपी न्यूज़ ने जेनेरिक दवाओं के बारे में सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन डिपार्टमेंट हेड डॉ. दलिप कुमार से बात की. डॉ. कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जेनेरिक दवाओं को प्रिस्क्रिाइब करने वाली बात बहुत अच्छी है लेकिन डॉक्टेर्स दवा लिख भी देते हैं तो मेडिकल स्टोर्स किसी भी कंपनी की दवा ये कह कर मरीज को दे देते हैं कि उनके पास लिखी हुई मेडिसिन नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि मेडिकल स्टोर्स को जिस दवा कंपनी से अधिक मार्जन मिलता है वे वही कंपनी की दवा मरीज को देते हैं. ऐसे में कुछ ब्रांड्स को ही जेनेरिक मेडिसिन बनाने की परमिशन मिलनी चाहिए. कई बार डॉक्टर जो दवा लिखते हैं और मेडिकल स्टोर से जो दवा मरीज को मिलती है उसमें उतनी मात्रा में वैसी कंपोजिशन और साल्ट नहीं होता जितना कहा गया होता है. ऐसे में मरीज को पूरा फायदा नहीं मिलता. अगर सचमुच जेनेरिक दवा अनिवार्य हो जाए तो इससे मरीज को बजट और हेल्थ दोनों तरह से फायदा होगा. इतना ही नहीं, डॉ. ये भी कहते हैं कि मेडिकल स्टोर्स को अपनी मर्जी से कोई भी दवा देने पर बैन लगना चाहिए.

Address

Mina Complex, Taloda Rode Nandurbar
Nandurbar
425412

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