30/01/2026
भारत में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन या सख्त कंट्रोल❓ 📱🚫
आजकल हर बच्चे के हाथ में फोन है, लेकिन यह 'मनोरंजन' उनकी सेहत को अंदर से खराब कर रहा है। जिसे हम छोटा सा शौक समझ रहे हैं, वो असल में बड़ी बीमारियों की जड़ बन रहा है।
सोशल मीडिया बच्चों को कैसे नुकसान पहुँचा रहा है?
⚠️ दिमागी सेहत: दूसरों को देखकर खुद को कम समझना बच्चों में Anxiety और चिड़चिड़ापन बढ़ा रहा है।
⚠️ नींद की बर्बादी: देर रात तक फोन चलाने से बच्चों की नींद पूरी नहीं होती, जिससे पढ़ाई में मन नहीं लगता।
⚠️ शरीर पर असर: घंटों एक जगह बैठे रहने से कम उम्र में ही मोटापा, गर्दन में दर्द और आँखों पर चश्मा लग रहा है।
Karma Ayurveda का आसान सुझाव:
✅ स्क्रीन से दूरी: सोने से कम से कम 1 घंटा पहले फोन बच्चों से दूर रखें।
✅ खेल-कूद और योग: उन्हें बाहर खेलने और योग करने के लिए कहें ताकि शरीर फुर्तीला रहे।
✅ असली दुनिया से जुड़ाव: फोन छोड़कर परिवार के साथ वक्त बिताना सबसे अच्छी दवा है।
अपने बच्चों के बचपन को स्क्रीन में कैद होने से बचाएं!
आपको क्या लगता है? क्या भारत में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह बंद (BAN) होना चाहिए या सिर्फ कम इस्तेमाल करना चाहिए? 👇
अपनी बात नीचे COMMENTS में जरूर लिखें! अगर आप अपने बच्चे की सेहत को लेकर परेशान हैं, तो मदद के लिए हमें मैसेज करें। 📩
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