14/03/2026
“सर्वरोगहरण काढ़ा: आयुर्वेद की कषाय कल्पना जो शरीर से दोष और विष बाहर निकालती है!”
आयुर्वेद के अनुसार अधिकांश रोगों की जड़ पेट और पाचन तंत्र में मानी जाती है।
जब अग्नि (पाचन शक्ति) कमजोर हो जाती है तो शरीर में दोष और दुष्य जमा होने लगते हैं, जिससे अनेक रोग उत्पन्न होते हैं।
कुंजल आयुर्वेदिक अस्पताल में डॉ. ओमपाल आयुर्वेदाचार्य द्वारा तैयार किया गया सर्वरोगहरण काढ़ा (कषाय कल्पना) पेट पर तीक्ष्ण विरेचन के माध्यम से कार्य करता है।
यह कषाय शरीर से दोषों को निकालकर शुद्धि करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
यह आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार निम्न समस्याओं में सहायक उपचार की भूमिका निभा सकता है:
✔ पुरानी कब्ज
✔ थायरॉइड असंतुलन
✔ उच्च रक्तचाप
✔ मधुमेह
✔ त्वचा रोग
✔ मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ
✔ यकृत, गुर्दे और हृदय के स्वास्थ्य में सुधार
आयुर्वेद में माना जाता है कि यदि उपचार की शुरुआत कषाय कल्पना (काढ़ा चिकित्सा) से की जाए तो रोगों के उपचार की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
📍 कुंजल आयुर्वेदिक अस्पताल
👨⚕️ डॉ. ओमपाल आयुर्वेदाचार्य