Dr. Manish Kumar - Pain physician

Dr. Manish Kumar - Pain physician RELIEVE YOUR PAIN WITHOUT SURGERY Dr. Manish Kumar ( MBBS DA DNB FIPM FIAPM ) completed his MBBS from NMCH Patna & DA from CNMCH Kolkata.

After that, he completed his DNB from CHRC Indore. He is a well-known interventional pain specialist in Patna. He did a pain fellowships program from Choithram Hospital& Research Center Indore. He is a consultant pain physician and intensivist specialist in neck, shoulder, back hip, and knee pain & joint regeneration therapy & arthritis. Dr. Manish Kumar is the most dynamic and renowned pain physician & treated more than ten thousand patients in OPD, suffering from pain in the last few years across India

19/11/2025

🏥 डॉ. मनीष कुमार आर्थराइटिस एवं पेन क्लिनिक, पटना

🌟 “जहाँ दर्द का अंत होता है और राहत की शुरुआत होती है” 🌟

डॉ. मनीष कुमार आर्थराइटिस एवं पेन क्लिनिक में हमारा विश्वास है कि कोई भी व्यक्ति दर्द के साथ जीवन जीने को मजबूर न हो।
यहाँ आधुनिक बिना सर्जरी वाले उपचार और संवेदनशील देखभाल के माध्यम से मरीजों को फिर से गतिशील, आत्मविश्वासी और दर्द-मुक्त बनाया जाता है।

उपलब्ध सेवाएँ –

जोड़ों का दर्द एवं गठिया (Arthritis)

पीठ, गर्दन एवं रीढ़ की हड्डी का दर्द

नसों एवं मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएँ

रूमेटोलॉजिकल बीमारियाँ

पुनर्जनन (Regenerative) एवं इंटरवेंशनल पेन थेरेपी

💠 आधुनिक – सुरक्षित – वैज्ञानिक उपचार
क्लिनिक में नवीनतम तकनीक, सटीक निदान और वैज्ञानिक पद्धति से इलाज किया जाता है — बिना किसी सर्जरी के।

📍 पता: राजेन्द्र नगर, रोड नं. 2, रवीन्द्र बालिका विद्यालय के पास, पटना – 800016

📞 अपॉइंटमेंट हेतु संपर्क करें: 7518930751 | 7970581751

⚠️ केवल अपॉइंटमेंट के माध्यम से ही विज़िट करें। क्लिनिक का समय आवश्यकतानुसार परिवर्तित हो सकता है।

Empowering pain management at Patna
30/10/2025

Empowering pain management at Patna



21/10/2025

🩺 SST Tear (Supraspinatus Tendon Tear) के प्रमुख लक्षण
कंधे में दर्द (Shoulder Pain)

हाथ उठाते या घुमाते समय तेज़ दर्द महसूस होता है।

दर्द अक्सर कंधे के ऊपरी हिस्से या बांह के ऊपर के भाग में महसूस होता है।

लंबे समय तक दर्द रहने पर रोज़मर्रा के काम — जैसे कपड़े पहनना या बाल बनाना — मुश्किल हो जाते हैं।

रात में दर्द बढ़ जाना (Night Pain)

लेटने पर दर्द बढ़ जाता है, खासकर उस साइड पर सोने पर।

नींद टूटती है या करवट बदलने में दिक्कत होती है।

यह संकेत है कि टेंडन में सूजन (inflammation) बढ़ी हुई है।

हाथ उठाने या पीछे ले जाने में कठिनाई (Limited Movement)

हाथ को ऊपर उठाने, पीछे ले जाने या साइड में फैलाने में दर्द और खिंचाव महसूस होता है।

धीरे-धीरे shoulder joint जकड़ने लगता है — इसे stiff shoulder या frozen shoulder की शुरुआत कहा जा सकता है।

कमजोरी (Weakness)

प्रभावित कंधे में ताकत कम लगती है।

कोई वस्तु उठाते या खींचते समय हाथ “ढीला” महसूस होता है।

कभी-कभी दर्द की वजह से मांसपेशियाँ कमजोर पड़ जाती हैं।

जकड़न या stiffness (Shoulder Tightness)

कंधा “भारी” या “जकड़ा हुआ” महसूस होता है।

लंबे समय तक एक स्थिति में रहने से दर्द और stiffness दोनों बढ़ जाते हैं।

Clicking या Popping आवाज़

हाथ घुमाने या उठाने पर “टक-टक” या “क्लिक” जैसी आवाज़ आती है।

यह तब होती है जब टेंडन हड्डी के ऊपर फिसलता है या आंशिक रूप से फटा होता है।

गतिशीलता में कमी (Reduced Range of Motion)

हाथ को पूरी तरह ऊपर या साइड में नहीं उठा पाते।

छोटे-छोटे मूवमेंट भी दर्दनाक हो जाते हैं।

⚠️ संकेत जो ध्यान देने योग्य हैं:

दर्द 2 हफ्ते से ज़्यादा बना रहे

रात में नींद प्रभावित हो

हाथ उठाने में लगातार दिक्कत

👉 ऐसे में डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी है, क्योंकि यह rotator cuff tear का संकेत हो सकता है।

22/09/2025

🩺 कॉक्सीडाइनिया जागरूकता (Coccydynia Awareness)
❓ कॉक्सीडाइनिया क्या है?

कॉक्सीडाइनिया यानी गुदास्थि (टेलबोन) में दर्द। यह रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में स्थित छोटे से हड्डी (Coccyx) में होने वाले दर्द को कहते हैं।

⚠️ मुख्य कारण

लंबे समय तक कठोर सतह पर बैठना

गिरने या चोट लगना

डिलीवरी के समय चोट लगना (महिलाओं में आम)

लंबे समय तक बाइक/गाड़ी चलाना

हड्डी या जोड़ में सूजन (आर्थराइटिस)

🩺 लक्षण

बैठने या उठने-बैठने पर दर्द

लंबे समय तक बैठने या खड़े होने पर असुविधा

मलत्याग के समय दर्द बढ़ना

कमर व नितंब के निचले हिस्से में भारीपन

✅ बचाव के उपाय

मुलायम कुशन / डोनट कुशन का उपयोग करें

सही मुद्रा (Posture) में बैठें

लंबे समय तक बैठने से बचें

हल्की एक्सरसाइज करें

दर्द बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें

💊 उपचार

दर्द निवारक दवाइयाँ

एक्सरसाइज (Stretching, Heat Therapy)

इंजेक्शन (Ganglionic Impar Block)

रेयर मामलों में सर्जरी (Coccygectomy)

📌 संदेश

👉 कॉक्सीडाइनिया कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन अनदेखा करने पर जीवन की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है।
👉 समय पर सही जांच और उपचार से अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

14/09/2025

साइटिका (Sciatica) में व्यायाम करने के मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:

🔹 साइटिका में व्यायाम के फायदे

दर्द और सूजन कम करता है

हल्के स्ट्रेच और व्यायाम से नस पर दबाव कम होता है।

रक्त संचार बेहतर होता है जिससे सूजन घटती है।

रीढ़ और कोर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है

पेट और पीठ की मांसपेशियाँ मजबूत होकर रीढ़ की हड्डी को सहारा देती हैं।

नस पर दबाव कम होता है।

लचीलापन और पॉश्चर सुधारता है

स्ट्रेचिंग से कमर, कूल्हों और पैरों की जकड़न कम होती है।

झुकने-बैठने की आदत सुधरती है जिससे नस पर दबाव घटता है।

जल्दी रिकवरी और दोबारा समस्या रोकता है

नियमित व्यायाम से नस और डिस्क की हीलिंग तेज होती है।

भविष्य में साइटिका दोबारा होने की संभावना कम होती है।

प्राकृतिक पेनकिलर (एंडोर्फिन) रिलीज करता है

व्यायाम से शरीर में ऐसे हार्मोन बनते हैं जो दर्द कम महसूस कराते हैं।

चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाता है

जकड़न कम होकर आसानी से चलना-उठना-बैठना संभव होता है।

वज़न नियंत्रण में मदद करता है

अधिक वज़न रीढ़ पर दबाव डालता है।

व्यायाम से वज़न संतुलित रहता है और नस पर दबाव कम होता है।

⚠️ ध्यान देने योग्य बातें:

अगर दर्द बहुत तेज है तो शुरुआत में केवल हल्की वॉक और स्ट्रेच करें।

अचानक झटके वाले या भारी व्यायाम से बचें।

15/08/2025

PRP (प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा) थेरेपी – जोड़ों की मरम्मत के लिए

1. PRP क्या है?

PRP का मतलब है Platelet Rich Plasma — यानी आपके अपने खून से तैयार किया गया एक ऐसा सॉल्यूशन जिसमें प्लेटलेट्स की मात्रा सामान्य से कई गुना ज्यादा होती है।
प्लेटलेट्स में ग्रोथ फैक्टर्स होते हैं जो ऊतक (tissue) की मरम्मत और पुनर्निर्माण (regeneration) में मदद करते हैं।

2. PRP कैसे तैयार किया जाता है?

ब्लड सैंपल लेना – मरीज से लगभग 10–30 ml खून लिया जाता है।

सेंट्रीफ्यूज मशीन में घुमाना – इस मशीन में खून को तेज़ गति से घुमाकर लाल रक्त कोशिकाएँ (RBC), सफेद रक्त कोशिकाएँ (WBC) और प्लाज़्मा को अलग किया जाता है।

प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा निकालना – ऊपर की परत से प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज़्मा निकाला जाता है।

इंजेक्शन की तैयारी – इसे तुरंत लक्षित जोड़ों में इंजेक्ट किया जाता है।

3. PRP जोड़ों में कैसे काम करता है?

ग्रोथ फैक्टर्स रिलीज़ → जोड़ों के क्षतिग्रस्त कार्टिलेज और टेंडन को रिपेयर करने का सिग्नल देते हैं।

सूजन कम करना → लंबे समय से चल रहे सूजन (chronic inflammation) को घटाते हैं।

कोलाजन उत्पादन बढ़ाना → जोड़ों को मजबूत और लचीला बनाते हैं।

हीलिंग प्रक्रिया तेज करना → शरीर की प्राकृतिक मरम्मत क्षमता को बढ़ाते हैं।

4. किन स्थितियों में PRP उपयोगी है?

ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) – घुटना, कंधा, कूल्हा आदि

लिगामेंट या टेंडन चोटें

खेल संबंधी चोटें (Sports injuries)

मेनिस्कस (Meniscus) डैमेज

पुराने जोड़ों का दर्द जहां दवाइयों से आराम नहीं मिल रहा

5. प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)

जोड़ों का क्लिनिकल और इमेजिंग मूल्यांकन (X-ray/MRI)

ब्लड कलेक्शन और PRP तैयार करना

स्थानीय एनेस्थीसिया (अगर जरूरी हो)

अल्ट्रासाउंड गाइडेंस से PRP का इंजेक्शन

इंजेक्शन के बाद आराम और हल्के व्यायाम की सलाह

6. लाभ

अपने ही शरीर के खून से, इसलिए एलर्जी या रिएक्शन का खतरा बहुत कम

स्टेरॉयड की तरह सिर्फ दर्द दबाता नहीं, बल्कि हीलिंग को बढ़ावा देता है

लंबा असर (कई महीनों तक सुधार दिख सकता है)

सर्जरी का विकल्प या सर्जरी को देर तक टालने में सहायक

7. सावधानियां

PRP के बाद 24–48 घंटे जोड़ों पर ज्यादा भार न डालें

इंजेक्शन साइट पर हल्की सूजन या दर्द हो सकता है (सामान्य है)

ब्लड थिनर दवा लेने वालों को पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए

संक्रमण या बुखार होने पर टालना चाहिए

8. PRP के बाद सुधार का समय

पहले 1–2 हफ्तों में हल्का सुधार

4–6 हफ्तों में दर्द और सूजन में कमी

3–6 महीनों में ऊतक की मरम्मत से बेहतर मूवमेंट

12/08/2025

घुटने के दर्द में व्यायाम (Exercise) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है, खासकर जब दर्द गठिया (osteoarthritis), चोट, या लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से हो रहा हो। सही तरीके से किया गया व्यायाम घुटनों को मज़बूत, लचीला और दर्द-मुक्त रखने में मदद करता है।

घुटने के दर्द में व्यायाम के मुख्य फायदे
मांसपेशियों की मज़बूती –
व्यायाम से जांघ और पिंडली की मांसपेशियां (quadriceps, hamstrings) मज़बूत होती हैं, जिससे घुटनों पर पड़ने वाला भार कम होता है।

जोड़ों की लचीलापन –
हल्के स्ट्रेचिंग और मूवमेंट से जॉइंट्स में जकड़न (stiffness) कम होती है और चलने-फिरने में आसानी होती है।

रक्त संचार में सुधार –
व्यायाम से घुटने के आसपास ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे सूजन और दर्द घटाने में मदद मिलती है।

वजन नियंत्रण –
वजन कम होने से घुटनों पर दबाव कम पड़ता है, खासकर सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय।

फंक्शनल मूवमेंट में सुधार –
रोज़मर्रा के काम जैसे चलना, बैठना, खड़े होना, सीढ़ी चढ़ना आसान हो जाता है।

घुटने के दर्द में लाभकारी व्यायाम

क्वाड्रिसेप्स सेट्स (Quadriceps sets) – सीधा पैर रखते हुए जांघ की मांसपेशी को कसना।

सीधा पैर उठाना (Straight Leg Raise) – पीठ के बल लेटकर पैर धीरे-धीरे उठाना।

हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच – जांघ के पीछे की मांसपेशियों को खींचना।

हील एंड टो रेज़ – खड़े होकर एड़ी और पंजों को बारी-बारी से उठाना।

स्टेशनरी साइकलिंग या स्विमिंग – लो-इम्पैक्ट कार्डियो एक्सरसाइज।

सावधानियां
दर्द बहुत ज्यादा हो तो व्यायाम न करें, पहले आराम करें।

हाई-इम्पैक्ट एक्सरसाइज (जैसे दौड़ना, कूदना) से बचें।

सही पोज़ीशन और तकनीक में ही करें, ताकि चोट न लगे।

16/07/2025
08/04/2025

PIVD (Pr*****ed Intervertebral Disc) – रोचक तथ्य

बुल्जिंग डिस्क उतनी ही दर्दनाक हो सकती है जितनी हर्निएटेड डिस्क
डिस्क सिर्फ बाहर निकलना (bulge) भी उतना ही दर्द दे सकता है जितना फटा या हर्निएटेड डिस्क।

एक्स-रे से PIVD का पता नहीं चलता
सही डायग्नोसिस के लिए MRI स्कैन जरूरी है, क्योंकि एक्स-रे सिर्फ हड्डियों को दिखाता है, डिस्क को नहीं।

कई बार डिस्क से जुड़े दर्द की गलत पहचान हो जाती है
मसल स्ट्रेन या आर्थराइटिस समझकर इलाज गलत हो सकता है।

MRI पर चौंकाने वाले आँकड़े (45 साल औसत उम्र, बिना बैक पेन वालों में)

अगर हम ऐसे लोगों का MRI करें जिनको कभी पीठ दर्द नहीं हुआ:

38% – डिस्क बुल्ज

37% – डिस्क प्रोट्रूज़न (Contained Herniation)

11% – डिस्क एक्सट्रूज़न (Non-contained Herniation)

0% – डिस्क सीक्वेस्ट्रेशन (Free Fragment)

4% – नर्व रूट कम्प्रेशन डिस्क के कारण

📊 कुल 60% ऐसे लोग जिनको कोई लक्षण नहीं, उनके MRI में डिस्क बुल्ज या उससे गंभीर समस्या (प्रोट्रूज़न/एक्सट्रूज़न) दिखेगी।

सकारात्मक संदेश

अगर आपको PIVD, LBP (Low Back Pain) या स्लिप डिस्क है —
👉 जीवन भर दर्द झेलना जरूरी नहीं
👉 सही इलाज, व्यायाम और थेरेपी से आप अपनी सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं
👉 हमारे अनुभव में कई मरीजों ने पूर्ण सुधार पाया है

Consult your Pain Physician

Dr. Manish Kumar
Whatsaapp 075189 30751
Rajender Nagar Rode no. 2 Patna

"Thank you RadioMirchi FM for this recognition. It's an honor to be acknowledged for my contributions to healthcare Pain...
02/04/2025

"Thank you RadioMirchi FM for this recognition. It's an honor to be acknowledged for my contributions to healthcare Pain Medicine, and I'm extremely grateful for this award. This is not just for me, but for everyone who works tirelessly to improve patient care.

13/03/2025

रुमेटीइड गठिया (आरए) एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसका मतलब है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों पर हमला करती है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और विकृति हो सकती है। हालांकि, सही दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के साथ, आरए के मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।

दवाएं:

आरए के इलाज के लिए कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं:
* रोग-संशोधित एंटीरुमेटिक ड्रग्स (डीएमएआरडी): ये दवाएं आरए की प्रगति को धीमा करने और जोड़ों को नुकसान से बचाने में मदद करती हैं।
* जैविक दवाएं: ये दवाएं प्रतिरक्षा प्रणाली के विशिष्ट हिस्सों को लक्षित करती हैं जो सूजन का कारण बनते हैं।
* कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स: ये दवाएं सूजन और दर्द को कम करने में मदद करती हैं, लेकिन इनका उपयोग आमतौर पर केवल थोड़े समय के लिए किया जाता है।
* दर्द निवारक: ये दवाएं दर्द को कम करने में मदद करती हैं, लेकिन वे आरए की प्रगति को नहीं रोकती हैं।

जीवनशैली में बदलाव:

दवाओं के अलावा, आरए के मरीज निम्नलिखित जीवनशैली में बदलाव करके अपने लक्षणों को प्रबंधित कर सकते हैं:
* नियमित व्यायाम: व्यायाम जोड़ों को मजबूत और लचीला रखने में मदद करता है।
* स्वस्थ आहार: एक स्वस्थ आहार सूजन को कम करने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता है।
* तनाव प्रबंधन: तनाव आरए के लक्षणों को बढ़ा सकता है, इसलिए तनाव प्रबंधन तकनीकें महत्वपूर्ण हैं।
* पर्याप्त नींद: पर्याप्त नींद लेने से दर्द और थकान को कम करने में मदद मिल सकती है।
* धूम्रपान छोड़ना: धूम्रपान आरए के लक्षणों को खराब कर सकता है।

यहां कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए गए हैं:

* अपने डॉक्टर के साथ नियमित रूप से मिलें: आपका डॉक्टर आपकी दवाओं को समायोजित करने और आपकी प्रगति की निगरानी करने में मदद कर सकता है।
* एक सहायता समूह में शामिल हों: अन्य लोगों से जुड़ना जो आरए से पीड़ित हैं, सहायक हो सकता है।
* सकारात्मक दृष्टिकोण रखें: आरए एक चुनौतीपूर्ण बीमारी हो सकती है, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण रखने से आपको अपने लक्षणों को प्रबंधित करने और एक पूर्ण जीवन जीने में मदद मिल सकती है।
याद रखें:
* हर व्यक्ति का आरए अलग-अलग होता है, इसलिए आपके लिए सबसे अच्छा उपचार योजना खोजने के लिए अपने डॉक्टर के साथ काम करना महत्वपूर्ण है।

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