25/03/2026
दिनांक 18.03.2026 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, पटना में “फार्माकोविजिलेंस” विषय पर एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना, उनके संभावित दुष्प्रभावों (Adverse Drug Reactions – ADRs) की पहचान करना तथा समय पर उनकी रिपोर्टिंग के महत्व को जनसामान्य एवं स्वास्थ्य कर्मियों तक पहुँचाना था ।
कार्यक्रम में डॉ० मोहम्मद मनज़र आलम, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी), वैज्ञा–II द्वारा किया गया । अपने संबोधन में उन्होंने दवाओं के सुरक्षित उपयोग की अनिवार्यता पर विशेष बल देते हुए बताया कि फार्माकोविजिलेंस प्रणाली दवाओं से संबंधित दुष्प्रभावों की सतत निगरानी, मूल्यांकन एवं रोकथाम में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है । उन्होंने यह भी कहा कि सही समय पर ADR की पहचान और रिपोर्टिंग से रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है ।
कार्यक्रम के दौरान फार्माकोविजिलेंस की मूल अवधारणा, ADR रिपोर्टिंग की प्रक्रिया, तथा इसके व्यावहारिक महत्व पर विस्तृत एवं सरल रूप में प्रकाश डाला गया । प्रतिभागियों को यह जानकारी दी गई कि किसी भी दवा के सेवन के दौरान यदि कोई असामान्य या अप्रत्याशित लक्षण दिखाई दें, तो उसे तत्काल संबंधित स्वास्थ्य केंद्र अथवा फार्माकोविजिलेंस केंद्र में रिपोर्ट करना अत्यंत आवश्यक है ।
इस अवसर पर संस्थान के समस्त अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं रोगियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे कार्यक्रम सफल एवं प्रभावी सिद्ध हुआ ।