RRIUM Patna

RRIUM Patna Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from RRIUM Patna, Medical Research Center, Guzri, Patna City, Patna.

Regional Research Institute of Unani Medicine (RRIUM) Patna is a leading Unani hospital and research institute (NABH and NABL accredited) functioning under the Central Council for Research in Unani Medicine (CCRUM), Ministry of Ayush, Government of India. क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, पटना की स्थापना वर्ष 1979 में की गई थी। यह संस्थान केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (CCRUM), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत एक प्रमुख अनुसंधान केंद्र है। संस्थान का उद्देश्य यूनानी चिकित्सा पद्धति के वैज्ञानिक मूल्यांकन, औषधीय संयोजनों की प्रभावकारिता एवं सुरक्षा का परीक्षण, तथा नैदानिक एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देना है। संस्थान रोगियों को प्रमाण आधारित यूनानी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य से जुड़े अनुसंधान कार्यक्रमों और शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।
Established in 1979, the Regional Research Institute of Unani Medicine (RRIUM), Patna, is a leading research institute functioning under the Central Council for Research in Unani Medicine (CCRUM), Ministry of AYUSH, Government of India (www.ccrum.res.in). The institute is dedicated to the scientific validation of Unani medicine, assessment of the efficacy and safety of Unani formulations, and promotion of clinical and applied research. In addition to offering evidence-based Unani healthcare services, the institute is actively involved in public health research initiatives and academic activities.

दिनांक 01 दिसम्बर 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त) में “...
04/12/2025

दिनांक 01 दिसम्बर 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त) में “रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance – AMR)” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को AMR के बढ़ते खतरे से अवगत कराना तथा एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करना था । कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश था – “दो बार सोचें, सलाह लें – एंटीबायोटिक हमेशा समाधान नहीं होता । आज कार्रवाई नहीं, तो कल इलाज नहीं।” इसमें 125 से अधिक रोगियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की ।
मुख्य वक्ता डॉ. अब्दुर्रशीद, अनुसंधान अधिकारी (यू), वैज्ञानिक–II ने AMR के कारणों एवं दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श एंटीबायोटिक लेना, दवा का पूरा कोर्स न करना तथा स्व-चिकित्सा की प्रवृत्ति रोगाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, जिससे सामान्य संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकते हैं । उन्होंने उपस्थितजनों से दवाओं का सेवन केवल चिकित्सकीय परामर्श से करने, पूरा कोर्स लेने तथा स्वच्छता एवं यूनानी सिद्धांतों पर आधारित जीवनशैली अपनाने की अपील की ।
यह कार्यक्रम AMR के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ यूनानी चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता को प्रदर्शित करने में सफल रहा। RRIUM, पटना भविष्य में भी इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन हेतु प्रतिबद्ध है ।

On 4 December 2025, RRIUM Patna (NABH-accredited & NABL M(EL)T certified) conducted a training session on “NABL 112: Med...
04/12/2025

On 4 December 2025, RRIUM Patna (NABH-accredited & NABL M(EL)T certified) conducted a training session on “NABL 112: Medical Lab Accreditation Essentials” as part of the NABL training calendar.

The session was led by Dr Zaryab Zaki, Research Officer (Pathology), Scientist-I, and was attended by laboratory staff from the Department of Biochemistry and the Department of Pathology. The interactive training included pre- and post-assessment activities, followed by valuable feedback from participants to strengthen future capacity-building efforts.

Continuous learning for continuous quality improvement! 💡🔬

🌍 विश्व एड्स दिवस – 1 दिसम्बर 2025RRIUM, Patna एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भेदभाव को कम करने और प्रभावित व्यक्...
01/12/2025

🌍 विश्व एड्स दिवस – 1 दिसम्बर 2025
RRIUM, Patna एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भेदभाव को कम करने और प्रभावित व्यक्तियों के समर्थन के लिए वैश्विक समुदाय के साथ खड़ा है।

इस वर्ष का संदेश हमें याद दिलाता है कि समय पर जांच, समय पर उपचार और संवेदनशीलता ही एक स्वस्थ समाज की नींव हैं।

यदि आप कभी अपनी सुरक्षा को लेकर असमंजस में रहे हों या किसी जोखिम भरे व्यवहार में शामिल हुए हों, तो याद रखें:

✔ एचआईवी एवं एसटीआई जांच आपके नज़दीकी सरकारी अस्पताल में पूरी तरह निःशुल्क और गोपनीय उपलब्ध है।
✔ समय पर पहचान जीवन बचाती है और आपके प्रियजनों की रक्षा करती है।
✔ उपचार प्रभावी है और आसानी से उपलब्ध है।

आइए मिलकर एक जानकारीपूर्ण, संवेदनशील और भेदभाव-रहित समाज बनाने का संकल्प लें।

RRIUM, Patna जन स्वास्थ्य और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

If you’ve ever been unsure about your safety or engaged in any risky behaviour, don’t delay your HIV & STI test.

It’s a smart and safe choice for your health.

HIV and STI testing is available free of cost at your nearest government hospital.
It’s confidential, it’s free, and it’s reliable.



[ HIV Awareness, HIV Prevention, HIV Treatment, HIV Test ]

दिनांक 24 नवम्बर 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त संस्थान...
29/11/2025

दिनांक 24 नवम्बर 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त संस्थान) में “रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance - AMR)” विषय पर विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया । कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश था: दो बार सोचें, सलाह लें – एंटीबायोटिक हमेशा समाधान नहीं होता । आज कार्रवाई नहीं, तो कल इलाज नहीं । इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बढ़ते एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस (AMR) के खतरों के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में 100 से अधिक रोगियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. ज़िकरा तहसीन ए., अनुसंधान अधिकारी (यू०), वैज्ञा–I ने AMR के दुष्प्रभावों पर विस्तृत एवं प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया । उन्होंने बताया कि : बिना चिकित्सकीय परामर्श एंटीबायोटिक लेना, उपचार का पूरा कोर्स पूरा न करना, तथा स्व-चिकित्सा की बढ़ती प्रवृत्ति जैसे कारणों से रोगाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे सामान्य से संक्रमण भी कठिन इलाज योग्य हो जाते हैं ।
उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि आजकल लोग सर्दी, खाँसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों में स्वयं दवा दुकानों से एंटीबायोटिक खरीदकर सेवन करते हैं, जिससे तात्कालिक राहत तो मिलती है, लेकिन दीर्घकाल में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। डॉ. ज़िकरा तहसीन ए. ने सभी से जोर देकर कहा कि | दवाओं का सेवन सदैव डॉक्टर की सलाह से करें, उपचार का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें, तथा स्वच्छता एवं यूनानी चिकित्सा सिद्धांतों पर आधारित स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, जिससे शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और अनेक संक्रमणों से बचाव संभव हो पाता है ।
यह कार्यक्रम न केवल AMR के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ, बल्कि इसने यूनानी चिकित्सा प्रणाली की वैज्ञानिक उपयोगिता और सामुदायिक स्वास्थ्य में उसके महत्वपूर्ण योगदान को भी उजागर किया ।
RRIUM, पटना भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य संवर्धन, जिम्मेदार औषधि उपयोग, तथा परंपरागत चिकित्सा प्रणाली के आधुनिकीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए संकल्पित है ।

दिनांक: 24.11.2025 मोहिब्बाने उम्मुल अइम्मा एजुकेशनल एवं वेलफेयर ट्रस्ट (रजि.), पटना, मोगलपुरा, दोरुखी, पटना सिटी में क्...
28/11/2025

दिनांक: 24.11.2025 मोहिब्बाने उम्मुल अइम्मा एजुकेशनल एवं वेलफेयर ट्रस्ट (रजि.), पटना, मोगलपुरा, दोरुखी, पटना सिटी में क्षेत्रीय यूनानी अनुसंधान संस्थान, पटना द्वारा स्वास्थ्य शिविर समाज के वंचित एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगों की पहचान एवं उपचार प्रदान करने के लिए लगया गया | स्वास्थ्य शिविर में संस्थान की एक टीम ने सहभागिता की, जिसकी अध्यक्षता डॉ. अब्दुर्रशीद, अनुसंधान अधिकारी (यू०), वैज्ञा -II द्वारा की गई । टीम के अन्य सहकर्मियों ने भी सक्रिय रूप से सहयोग प्रदान किया ।
शिविर में की गई गतिविधियाँ : रोगियों का पंजीकरण एवं प्रारंभिक स्वास्थ्य मूल्यांकन, यूनानी चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत रोगों की जाँच, आवश्यकता अनुसार परामर्श एवं उपचार, निःशुल्क यूनानी औषधियों का वितरण
लाभान्वित रोगियों की संख्या : स्वास्थ्य शिविर में कुल लगभग 110 रोगियों की स्वास्थ्य जाँच की गई तथा उन्हें उपयुक्त यूनानी दवाओं का वितरण किया गया ।
स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ । डॉ. अब्दुर्रशीद एवं उनकी टीम द्वारा किए गए कार्य सराहनीय रहे । शिविर के माध्यम से स्थानीय समुदाय को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं, जिससे लोगों में विशेष उत्साह एवं संतुष्टि देखी गई ।

दिनांक 18 नवम्बर, 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना  (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त संस्थ...
28/11/2025

दिनांक 18 नवम्बर, 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त संस्थान) में “रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance - AMR)” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया । कार्यक्रम का प्रमुख संदेश था — “दो बार सोचें, सलाह लें – एंटीबायोटिक हमेशा समाधान नहीं होता, आज कार्यवाई नहीं, कल इलाज नहीं ।” कार्यक्रम का उद्देश्य रोगाणुरोधी प्रतिरोध के बढ़ते खतरों के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करना तथा एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना था । कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उप निदेशक डॉ. मुम्ताज़ अहमद ने की। इस अवसर पर 75 से अधिक रोगियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अब्दुर्रशीद, अनुसंधान अधिकारी (यू०), वैज्ञा–II ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) के दुष्प्रभावों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक का सेवन, उपचार का पूरा कोर्स पूरा न करना तथा स्व-चिकित्सा जैसी प्रवृत्तियाँ रोगाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर देती हैं, जिससे संक्रमणों का उपचार कठिन हो जाता है । डॉ. अब्दुर्रशीद ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आजकल लोग सर्दी, खाँसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों में स्वयं औषधि दुकानों से दवाएँ लेकर सेवन कर लेते हैं, जिससे तात्कालिक राहत तो मिलती है पर दीर्घकाल में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सदैव डॉक्टर की सलाह से ही दवाओं का सेवन करें और उपचार का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें । उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता बनाए रखना तथा यूनानी चिकित्सा सिद्धांतों के अनुरूप जीवनशैली अपनाना शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है, जिससे अनेक संक्रमणों से बचाव संभव है । यह कार्यक्रम न केवल AMR के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी सिद्ध हुआ, बल्कि इसने यूनानी चिकित्सा प्रणाली की वैज्ञानिक उपयोगिता एवं सामुदायिक स्वास्थ्य में उसके योगदान को भी रेखांकित किया । RRIUM, पटना इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य संवर्धन, जिम्मेदार औषधि उपयोग एवं परंपरागत चिकित्सा प्रणाली के आधुनिकीकरण के प्रति निरंतर रूप से प्रतिबद्ध है ।

"भ्रष्टाचार तब समाप्त होगा जब बड़ी संख्या में वे लोग, जिन्हें अयोग्य रूप से अधिकार मिले हैं, यह समझ जाएँगे कि राष्ट्र उन...
14/11/2025

"भ्रष्टाचार तब समाप्त होगा जब बड़ी संख्या में वे लोग, जिन्हें अयोग्य रूप से अधिकार मिले हैं, यह समझ जाएँगे कि राष्ट्र उनके शोषण के लिए नहीं है बल्कि वे राष्ट्र की सेवा के लिए हैं। इसके लिए नैतिकता तथा उन लोगों की अत्यंत सतर्कता आवश्यक है जो इस दोष से मुक्त हैं। उदासीनता अपराध होगी।" -महात्मा गांधी

आज दिनांक 14 नवम्बर 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के अंतर्गत एक जन-जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अब्दुर रशीद, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी) ने की तथा व्याख्यान डॉ. मंगल सिंह द्वारा दिया गया।
डॉ. सिंह ने इस वर्ष की थीम “सतर्कता – हमारी साझा जिम्मेदारी” पर बोलते हुए बताया कि भ्रष्टाचार का उन्मूलन सामूहिक प्रयास से ही संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सरकारी सेवाएँ करदाताओं (taxpayers) के धन से संचालित होती हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक का सतर्क एवं जागरूक रहना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि सरकार नागरिकों को शिकायत निवारण के लिए विभिन्न माध्यम और ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराती है, जिनका उपयोग करके समस्याओं को उचित स्तर पर उठाया जा सकता है।
व्याख्यान में महात्मा गांधी के सत्य और ईमानदारी संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार एवं समाज के लिए आदर्श बनते हुए ईमानदारी को अपनाना चाहिए।

आज दिनांक 11 नवम्बर 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के...
11/11/2025

आज दिनांक 11 नवम्बर 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के अंतर्गत एक जन-जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मुमताज़ अहमद, उप निदेशक ने की तथा व्याख्यान डॉ. मंगल सिंह द्वारा दिया गया।

डॉ. सिंह ने इस वर्ष की थीम “सतर्कता – हमारी साझा जिम्मेदारी” पर बोलते हुए बताया कि भ्रष्टाचार का उन्मूलन सामूहिक प्रयास से ही संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सरकारी सेवाएँ करदाताओं (taxpayers) के धन से संचालित होती हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक का सतर्क एवं जागरूक रहना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि सरकार नागरिकों को शिकायत निवारण के लिए विभिन्न माध्यम और ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराती है, जिनका उपयोग करके समस्याओं को उचित स्तर पर उठाया जा सकता है।
व्याख्यान में महात्मा गांधी के सत्य और ईमानदारी संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार एवं समाज के लिए आदर्श बनते हुए ईमानदारी को अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सतर्कता एवं नागरिक सहायता से संबंधित विभिन्न पोर्टल और हेल्पलाइन की जानकारी वाला दो-पृष्ठीय सूचना पत्रक वितरित किया गया।

दिनांक 10 नवम्बर, 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना  (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त संस्थ...
10/11/2025

दिनांक 10 नवम्बर, 2025 को क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना (NABH एवं NABL मान्यता प्राप्त संस्थान) में “रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance - AMR)” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रोगाणुरोधी प्रतिरोध के बढ़ते खतरों के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करना तथा एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना था । कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उप निदेशक डॉ. मुम्ताज़ अहमद ने की। इस अवसर पर रोगियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अब्दुर्रशीद, अनुसंधान अधिकारी (यू०), वैज्ञा–II ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) के दुष्प्रभावों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक का सेवन, उपचार का पूरा कोर्स पूरा न करना तथा स्व-चिकित्सा जैसी प्रवृत्तियाँ रोगाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर देती हैं, जिससे संक्रमणों का उपचार कठिन हो जाता है । डॉ. अब्दुर्रशीद ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आजकल लोग सर्दी, खाँसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों में स्वयं औषधि दुकानों से दवाएँ लेकर सेवन कर लेते हैं, जिससे तात्कालिक राहत तो मिलती है पर दीर्घकाल में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सदैव डॉक्टर की सलाह से ही दवाओं का सेवन करें और उपचार का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें । उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता बनाए रखना तथा यूनानी चिकित्सा सिद्धांतों के अनुरूप जीवनशैली अपनाना शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है, जिससे अनेक संक्रमणों से बचाव संभव है । यह कार्यक्रम न केवल AMR के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी सिद्ध हुआ, बल्कि इसने यूनानी चिकित्सा प्रणाली की वैज्ञानिक उपयोगिता एवं सामुदायिक स्वास्थ्य में उसके योगदान को भी रेखांकित किया । RRIUM, पटना इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य संवर्धन, जिम्मेदार औषधि उपयोग एवं परंपरागत चिकित्सा प्रणाली के आधुनिकीकरण के प्रति निरंतर रूप से प्रतिबद्ध है ।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह – 2025 के अंतर्गत, जिसका विषय “सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी” निर्धारित किया गया है, क्षेत्रीय ...
07/11/2025

सतर्कता जागरूकता सप्ताह – 2025 के अंतर्गत, जिसका विषय “सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी” निर्धारित किया गया है, क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), पटना द्वारा दिनांक 07 नवम्बर, 2025 को एक जन-जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उप निदेशक डॉ० मुम्ताज़ अहमद द्वारा की गई। इस अवसर पर डॉ० मोहम्मद उसामा, अनुसंधान अधिकारी (यू०), वैज्ञा–I द्वारा “भ्रष्टाचार-मुक्त राष्ट्र” विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया गया ।
अपने व्याख्यान में डॉ० मोहम्मद उसामा ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सतर्कता, सार्वजनिक एवं व्यावसायिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नैतिकता को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि किसी भी संस्था में यदि किसी नियुक्ति प्रक्रिया में योग्य अभ्यर्थी की उपेक्षा कर केवल अनुशंसा या प्रभाव के आधार पर अयोग्य अभ्यर्थी की नियुक्ति की जाती है, तो यह भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है तथा इससे किसी योग्य व्यक्ति का अधिकार प्रभावित होता है ।
उन्होंने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि यदि किसी नागरिक को किसी संस्थान में पक्षपात या भ्रष्टाचार की जानकारी प्राप्त होती है, तो वह Central Vigilance Commission के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल के जरिए इसकी सूचना दे सकता है । यह प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी सूचना को संबंधित प्राधिकरण तक पहुंचाए ।
डॉ० उसामा ने आगे कहा कि राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक का शिक्षित एवं साक्षर होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि साक्षर समाज ही अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों का निर्वहन सही रूप में कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को भ्रष्टाचार-मुक्त राष्ट्र बनाना प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है ।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सतर्कता जागरूकता समाज में नैतिक मूल्यों की रक्षा एवं प्रशासनिक तथा तकनीकी संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक संयुक्त नैतिक कवच के रूप में कार्य करती है। अंत में उन्होंने उपस्थित अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं रोगीगण से आग्रह किया कि वे अपने मोबाइल उपकरणों के माध्यम से सतर्कता प्रतिज्ञा प्रमाणपत्र प्राप्त कर “भ्रष्टाचार-मुक्त भारत” के निर्माण में सक्रिय योगदान दें ।
इस अवसर पर संस्थान के अनुसंधान अधिकारी, कर्मचारी एवं रोगी सम्मिलित थे ।
यह आयोजन संस्थान की नैतिक प्रशासन, पारदर्शिता एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रति प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है ।

क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, पटना में 4 नवम्बर 2025 को सम्मेलन कक्ष में बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन समिति ...
05/11/2025

क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, पटना में 4 नवम्बर 2025 को सम्मेलन कक्ष में बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. मंगल सिंह, सहायक अनुसंधान अधिकारी (जैव रसायन) द्वारा की गई। इस बैठक में समिति के सदस्य डॉ. जरयाब जकी (अनुसंधान अधिकारी, पैथोलॉजी), डॉ. मोहम्मद उसामा (अनुसंधान अधिकारी, यूनानी), सुश्री नीता कुमारी (सिस्टर-इन-चार्ज) तथा श्री मेहदी अली उपस्थित रहे। बैठक में पिछली बैठक की कार्यवृत्ति की समीक्षा एवं अनुमोदन किया गया तथा बायोमेडिकल अपशिष्ट के प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें अपशिष्ट के पृथक्करण, संग्रहण, भंडारण, परिवहन, उपचार एवं निस्तारण की प्रक्रियाओं की समीक्षा, सुरक्षा उपकरणों (पी.पी.ई.) के उपयोग की स्थिति, तथा कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति पर विचार किया गया। साथ ही अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित घटनाओं की समीक्षा भी की गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राधिकरण, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता, भंडारण सुविधाओं की स्थिति तथा निरीक्षण, लेखा-परीक्षण एवं रिपोर्टिंग की योजना पर भी चर्चा हुई। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि संस्थान में बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए सतत निगरानी, प्रशिक्षण और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सी.पी.सी.बी.) के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

Address

Guzri, Patna City
Patna
800008

Opening Hours

Monday 9am - 4:30pm
Tuesday 9am - 4:30pm
Wednesday 9am - 4:30pm
Thursday 9am - 4:30pm
Friday 9am - 4:30pm
Saturday 9am - 2pm

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when RRIUM Patna posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram