19/01/2026
Anxiety : mind past की चोटों में फँस जाए और future का डर साथ चलने लगे, तब जीवन सच में नीरस लगने लगता है। नीरसता का मतलब ये नहीं कि आपके भीतर कुछ गलत है… नीरसता का मतलब है कि आपकी ऊर्जा “जीने” की जगह “सोचने” में फँस गई है। और anxiety का सबसे बड़ा खेल यही है—ये आपको वर्तमान से काट देती है।
सबसे पहले ये समझिए कि depression और anxiety में आपको बड़े-बड़े नियम नहीं चाहिए… आपको छोटे-छोटे ऐसे काम चाहिए जो रोज़ आपको धीरे-धीरे वापस जीवन से जोड़ दें। मन को जितना प्रकृति, शरीर और सरलता से जोड़ेंगे, उतना वह अंदर से heal होने लगेगा। 🌿
नीरसता से बाहर निकलने का पहला तरीका है—जीवन में “सेवा भाव” जगाना। इसलिए आप कम से कम एक पेड़ लगाइए और उसे बड़ा करने का संकल्प लीजिए। रोज़ 10 मिनट उस पेड़/पौधे के पास बैठिए, उसे पानी दीजिए, उसकी पत्तियाँ देखिए। ये छोटी बात नहीं है… पौधा आपको स्थिरता सिखाता है। वो बिना भागे, बिना शिकायत किए, धीरे-धीरे बढ़ता है। उसी तरह आपकी भीतर की ऊर्जा भी वापस steady होने लगती है। 🌱
दूसरा बहुत असरदार उपाय है—Daily गाय को अपने हाथ से खिलाना। 🐄🙏
गाय को रोटी या हरा चारा देना सिर्फ धार्मिक क्रिया नहीं है, ये मन को करुणा और अपनापन देता है। जब आप किसी जीव को अपने हाथ से खिलाते हैं, तब आपके भीतर “मैं अकेली हूँ” वाला भाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। अंदर एक warmth पैदा होती है, और वही warmth जीवन की नीरसता को तोड़ती है।
अब आपके शरीर और mind के लिए सबसे जरूरी चीज़—गहरी साँस और प्राणायाम। 😮💨
जब anxiety बढ़ती है, तो सांस अपने आप छोटी हो जाती है और शरीर alarm mode में चला जाता है। इसलिए आपको सांस को फिर से लंबा करना है। रोज़ सिर्फ 10 मिनट ये करिए:
पहले 2 मिनट धीरे-धीरे लंबी सांस बाहर छोड़िए।
फिर 5 मिनट अनुलोम-विलोम करिए।
और अंत में 3 मिनट बस सांस को आते-जाते देखिए।
इससे mind का overthinking धीरे-धीरे कम होता है और शरीर में स्थिरता आती है।
एक और छोटी सी बात जो बहुत मदद करेगी—जब भी मन past या future में भागे, उस समय खुद को एक soft reminder दीजिए: “अभी जो है, वही जीवन है।” बस इतना कहते ही आप थोड़ी देर के लिए वर्तमान में लौट आएँगे। यही लौटना धीरे-धीरे आपकी healing बनेगा।
आपको ये भी याद रखना है कि आप कमजोर नहीं हैं। आप बस लंबे समय से अंदर ही अंदर लड़ रही हैं। अब लड़ने की जगह धीरे-धीरे खुद को संभालना है। पेड़, पौधे, गाय की सेवा, और सांस—ये चार चीज़ें आपको जमीन से जोड़ देंगी और नीरसता कम होने लगेगी। 🌿🙏
आपके. लिए प्रार्थना रोज रात सुबह की
प्रार्थना-- 🙏✨
हे प्रभु, मेरे भीतर शांति का प्रकाश धीरे-धीरे बढ़ता रहे।
मेरे मन को स्थिरता मिले और मेरी साँसों में सुकून उतरता रहे।
मेरे भीतर भरोसा जागे, मेरा हृदय हल्का हो, और मेरा मन शांत रहे।
मेरी सोच साफ हो, मेरी ऊर्जा पवित्र हो, और मेरा जीवन फिर से रस से भर जाए।
मेरे अंदर साहस बना रहे, धैर्य बना रहे, और हर दिन एक नई उम्मीद के साथ शुरू हो।
मेरे शरीर को स्वास्थ्य मिले, मेरे मन को संतुलन मिले, और मेरे जीवन में शुभता बढ़ती रहे।
मैं प्रेम में रहूँ, कृतज्ञता में रहूँ, और भीतर से सुरक्षित महसूस करूँ। 🙏🌿
आपके हिसाब से आपकी नीरसता की सबसे बड़ी वजह क्या है—past की यादें, future का डर, या शरीर की कमजोरी? अपनी राय कमेंट में लिखिए 🙂