19/07/2021
गिलोय के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of Gilo
गिलोय (Giloy) क्या है?
गिलोय का पौधा एक आयुर्वेदिक हर्ब है, जिसका इस्तेमाल भारत में सालों से दवाओं के लिए किया जा रहा है। क्रोनिक फीवर से लेकर, डायजेशन को बूस्ट और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इसे उपयोगी माना जाता है। इसका वानस्पातिक नाम टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया (Tinospora cordifolia) है। यह मेनिस्पर्मेसीए (Menispermaceae) परिवार से ताल्लुक रखता है। संस्कृत में इसे अमृता के नाम से जाना जाता है। इसे अमृतबेल, इण्डियन टिनोस्पोरा (Indian tinospora) और गडुची के नाम से भी जाना जाता है।
गिलोय का उपयोग किस लिए किया जाता है?
गिलोय (Giloy) का सेवन निम्नलिखित स्थितियों में किया जाता है। जैसे:
क्रोनिक फीवर के इलाज में मददगार (Treats Chronic Fever)
बुखार से निजात पाने के लिए भी गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एंटी-पायरेटिक प्रॉपर्टीज होती हैं, जो जानलेवा बुखार को दूर करने में मददगार है।
स्ट्रेस और एंग्जायटी को दूर करता है (Reduces Stress and Anxiety)
गिलोय को नियमित तौर पर लेने से मेंटल स्ट्रेस और एंग्जायटी को दूर किया जा सकता है। यह शरीर से टॉक्सिन्स को दूर करने के साथ मेमोरी को बूस्ट करता है। साथ ही दिमाग को रिलैक्स करता है।
सांस संबंधित परेशानी को दूर करता है (Fights Respiratory Problems)
गिलोय में एंटी-इन्फलामेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो सांस संबंधित परेशानिय़ां जैसे कोल्ड, कफ और टॉन्सिल्स से निजात दिलाती है।
डायबिटीज के इलाज में फायदेमंद (Treats Diabetes)
गिलोय में हायपोग्लाइसेमिक एजेंट होते हैं, जो टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में मदद करता है। गिलोय जूस पीने से शुगर लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है।
डायजेशन में सुधार करता है (Improves Digestion)
नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के रिसर्च अनुसार गिलोय डायजेशन को सुधारने के लिए अच्छा माना जाता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार कब्ज की समस्या होने पर गिलोय के पाउडर को आंवले के साथ लेने की सलाह दी जाती है।