Herbal Engineer

Herbal Engineer Yashraj is brand under which there are many products like dhoop, hair oil, aura, herbal face pack I mixed up very nicely which is called "Shuri Yashraj Dhoop."

Dr.Pravin Kulkarni:
When I read Jyotish Shastra i saw lots of problem of many people and i analyze it. After long experiment to conquer these of these problems like Vastu, Grahdosh and for all over peice we should do Hawans in our home daily. For this i made a type of Dhoop i which different type of materials which are used to remove different types of problems. If you use Shuri Yashraj Dhoop in daily hawan in your home it removes vastu dosh, Remove Grah Kalah and family members live together with unity and it removes Ghost and negative energy sources. There are piece in your home. You can't imagine its results.. How to use Shuri Yashraj Dhoop
Burn Dhoop morning and evening. At the time of burning this dhoop please take 2 bars of Kapoor and little bit of Shuri Yashraj Dhoop and please don't think that it will give smoke but always remind that dhoop must be completely burn. Shuri Yashraj Dhoop uses as a Sanjeevani

- It removes vastu dosh of your home.
- It romoves small fights on your home.
- It removes useless fights in your home.
- It renovate your piece of home.
- Acomplishment of any mantra done properly.
- For good health of all family members with Shuri Yashraj Dhoop please read Mahamrityunjay Mantra.
- Happiness in your Home.
- It creates good atmosphere in your home by this Wealth stay for long time in your home.
- Negative thinking persons get weak by this Dhoop.
- To Remove problems in the yagya of Kalsarp we shuold read Surya Yogantari mantra with Shuri Yashraj Dhoop.
- If you are not getting your money by any person so take red clothth and tie it with Shuri Yashraj Dhoop and write his name and remind his face for 100 times and say i get my money, and continue this metohd for 21 days.
- To get contiontration of body please read Ganesh Satarottar path with Shuri Yashraj Dhoop.
- Please put Shree kuber Yantra in the direcion of North and arrange his face in the south and in front of this burn Shuri Yashraj Dhoop daily by this you will get richness like Kuber and you will get better opportunities in your life.
- If there are issues between your life partner then at 4 o' cloch at early morning in the East in front of shukra yantra burn Shuri Yashraj Dhoop by this your disputes wiil be removed.
- To get success in your love llife in front of Kamdev yantra write both names and burn Shuri Yashraj Dhoop you will get sure success.
- If you have lots of problems so p[lease keep Satguru Murti always and burn Shuri Yashraj Dhoop you will get energy to solve those problems.
- Please read Mahanvya Mantra when you want to wear Rudrakshand Shuri Yashraj Dhoop gives many effective results. Please take permission to read any mantra before reading any mantra by this your thinkings get new and possitive. But we are normal Human so take Shuri Yashraj Dhoop.
- In the starting of any type of programme use Shuri Yashraj Dhoop by this programme get great energy and your wishes get fulfill.
- To get together Vastu of savat with Shuri Yashraj Dhoop and Coconut do this thing for 31 days.

08/01/2026

डॉ. प्रवीण कुलकर्णी
निसर्गोपचार तज्ञ.
9226280158.

*शीर्षक: कंक्रीट के कारागार*
न नगर रहे, न डगर रही, बस मंजिलों के अंबार हैं,
लघु काष्ठ-पेटिका (माचिस) सदृश, ये कंक्रीट के कारागार हैं।
एक पर एक टिकी हुई, ये ईंटों की निर्जीव कतारें,
ढूँढ रही हैं खोया मानव, इस यांत्रिक युग की दीवारें।
कहाँ गया वह विस्तीर्ण आँगन, कहाँ गई वह मृदा की गंध?
जहाँ पवन सखा बन आती थी, अब सब द्वार यहाँ हैं बंद।
गगन विदीर्ण है खिड़की की उन लोह-शलाकाओं (ग्रिल) के पीछे,
पाँव थके हैं अब चलते-चलते, इस कृत्रिम फर्श के नीचे।
समीप हैं प्रासाद (महल) यहाँ, पर हृदय हुआ है अत्यंत दूर,
अपरिचित हैं पड़ोसी सब, निज निज विवशता में सब चूर।
संवाद हुआ अब मौन यहाँ, लुप्त हुई वह आत्मीयता,
सब बन गए मात्र एक संख्या, मर गई है कहीं मानवता।
लघु कक्षों में सिमटा जीवन, आभासी (डिजिटल) सपनों का संसार,
भूल गए हम धरा का वैभव, भूल गए हम स्नेह-सत्कार।
अग्नि-शलाका (माचिस) की डिब्बियों में, रूहें घुटकर रह गई हैं,
स्वयं की बनाई भीड़ में देखो, संवेदनाएं बह गई हैं।
आओ ढूँढें उस खोए मानव को, जो इन ढाचों में मौन खड़ा,
जिसका आत्म-बोध है सोया, जो अपनी ही माया में पड़ा।
मकान तो ऊंचे बन गए बहुत, पर घर अभी भी रिक्त हैं,
हम आधुनिकता के इस तम में, स्वयं से ही अनभिज्ञ हैं।

07/01/2026

डॉ. प्रवीण कुलकर्णी
रेकी ग्रँड मास्टर.
9226280158.

रेकी (Reiki) एक प्राचीन जापानी चिकित्सा पद्धति है जो 'प्राण ऊर्जा' (Life Force Energy) के सिद्धांत पर काम करती है। यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: 'रे' (Rei) जिसका अर्थ है 'सर्वव्यापी' और 'की' (Ki) जिसका अर्थ है 'ऊर्जा'।
शुभ ऊर्जा (Positive Energy) उत्पन्न करने के लिए रेकी निम्नलिखित चरणों और सिद्धांतों के माध्यम से कार्य करती है:
1. ऊर्जा का संतुलन (Balancing Energy)
हमारे शरीर में सात मुख्य चक्र होते हैं। जब ये चक्र असंतुलित होते हैं, तो नकारात्मकता महसूस होती है। रेकी के माध्यम से एक अभ्यासी (Practitioner) ब्रह्मांडीय ऊर्जा को अपने हाथों के जरिए शरीर के इन केंद्रों तक पहुँचाता है, जिससे ऊर्जा का प्रवाह सुचारू हो जाता है और शुभ ऊर्जा का संचार होता है।
2. अवरोधों को हटाना (Removing Blockages)
तनाव, चिंता और पुरानी बीमारियाँ शरीर में ऊर्जा के मार्ग को रोक देती हैं। रेकी इन अवरोधों को धीरे-धीरे पिघलाने का काम करती है। जैसे ही ये 'ब्लॉक' हटते हैं, व्यक्ति शांति और सकारात्मकता का अनुभव करने लगता है।
3. इरादे की शक्ति (The Power of Intention)
रेकी केवल शारीरिक स्पर्श नहीं है, बल्कि यह इरादे (Affirmations) पर भी आधारित है। अभ्यास के दौरान सकारात्मक विचारों और संकल्पों का उपयोग किया जाता है, जो मानसिक स्तर पर शुभ ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
रेकी द्वारा शुभ ऊर्जा उत्पन्न करने के तरीके
* स्वयं की चिकित्सा (Self-Healing): प्रतिदिन स्वयं को रेकी देने से मानसिक स्पष्टता आती है और आत्म-बल बढ़ता है।
* स्थान की शुद्धि (Cleansing Spaces): रेकी का उपयोग घर या कार्यस्थल की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी किया जाता है। इससे वातावरण में सुख-शांति बनी रहती है।
* दूरी पर उपचार (Distance Healing): रेकी समय और स्थान की सीमाओं से परे है। इसके प्रतीकों (Symbols) का उपयोग करके दूर बैठे व्यक्ति या भविष्य की किसी घटना के लिए भी शुभ ऊर्जा भेजी जा सकती है।
रेकी के लाभ जो शुभ ऊर्जा बढ़ाते हैं:
लाभ प्रभाव
तनाव में कमी मन को गहरा विश्राम मिलता है।
भावनात्मक शुद्धि दबे हुए डर और क्रोध से मुक्ति मिलती है।
बेहतर नींद शरीर शांत होता है, जिससे गहरी और सुखद नींद आती है।
प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
> विशेष टिप: रेकी सीखने के लिए किसी अनुभवी 'रेकी मास्टर' से दीक्षा (Attunement) लेना अनिवार्य माना जाता है, ताकि आप इस ऊर्जा को सही ढंग से महसूस और प्रवाहित कर सकें।
>
क्या आप रेकी के किसी विशिष्ट प्रतीक (Symbol) के बारे में जानना चाहते हैं, या यह जानना चाहते हैं कि इसे घर पर कैसे शुरू करें?

06/01/2026

डॉ. प्रवीण कुलकर्णी.
निसर्गोपचार तज्ञ.
9226280158

निसर्गोपचार (Naturopathy) एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो इस सिद्धांत पर आधारित है कि हमारा शरीर खुद को ठीक करने की अद्भुत क्षमता रखता है। इसमें दवाओं के बजाय प्रकृति के पाँच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—का उपयोग करके बीमारियों का इलाज किया जाता है।
दवाइयों के बिना स्वस्थ होने के लिए निसर्गोपचार इन मुख्य तरीकों पर जोर देता है:
1. आहार ही औषधि है (Dietary Changes)
निसर्गोपचार में माना जाता है कि "गलत खान-पान ही बीमारी की जड़ है।"
* जीवित भोजन: ताजे फल, कच्ची सब्जियाँ, अंकुरित अनाज और सूखे मेवे अधिक लें। इनमें जीवन शक्ति (Prana) होती है।
* विषाक्त पदार्थों से दूरी: चीनी, मैदा, रिफाइंड तेल और पैकेट बंद खाने (Processed food) को पूरी तरह बंद करें।
* उपवास (Fasting): शरीर की गंदगी (Toxins) बाहर निकालने के लिए हफ्ते में एक दिन तरल आहार या नींबू पानी पर रहना बहुत फायदेमंद होता है।
2. पंचतत्व चिकित्सा (Five Elements Therapy)
* मिट्टी (Earth): पेट पर मिट्टी की पट्टी लगाने से पाचन सुधरता है और शरीर की गर्मी शांत होती है।
* पानी (Water): ठंडे-गर्म पानी का सेंक, कटि स्नान (Hip bath) और एनीमा के जरिए शरीर की अंदरूनी सफाई की जाती है।
* धूप (Fire/Sun): सुबह की 15-20 मिनट की धूप विटामिन-D और ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है।
* हवा (Air): ताजी हवा में टहलना और प्राणायाम करना फेफड़ों को शुद्ध करता है।
* आकाश (Ether): मन को शांत रखना और उपवास करना इस तत्व के अंतर्गत आता है।
3. जीवनशैली में सुधार (Lifestyle Habits)
* सही समय पर भोजन: सूर्यास्त के आसपास या उससे पहले रात का भोजन कर लें।
* पर्याप्त नींद: शरीर की मरम्मत (Repair) तभी होती है जब आप गहरी और सही समय पर नींद लेते हैं।
* व्यायाम और योग: शरीर को सक्रिय रखने के लिए योग और पैदल चलना अनिवार्य है।
दवाइयों के बिना ठीक होने के नियम:
* धैर्य रखें: एलोपैथी की तरह यह तुरंत दर्द नहीं दबाता, बल्कि बीमारी को जड़ से खत्म करता है। इसमें समय लग सकता है।
* दमन नहीं, निष्कासन: निसर्गोपचार लक्षणों को दबाता नहीं है। अगर बुखार या दस्त होता है, तो इसे शरीर की सफाई की प्रक्रिया माना जाता है।
* सकारात्मक सोच: मानसिक स्वास्थ्य का शरीर पर सीधा असर पड़ता है। तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें।
> महत्वपूर्ण नोट: यदि आप पहले से ही किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो उन्हें अचानक बंद न करें। किसी विशेषज्ञ निसर्गोपचार चिकित्सक (Naturopath) की देखरेख में ही बदलाव शुरू करें।
>
क्या आप किसी विशेष बीमारी (जैसे गैस, मोटापा, या शुगर) के लिए प्राकृतिक उपाय जानना चाहते हैं? मैं उसके अनुसार आपको डाइट चार्ट या सुझाव बता सकता हूँ।

04/01/2026

प्रवीण आनंदी अनंत.
9226280158.
पांडवों के पक्ष में श्रीकृष्ण द्वारा शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा के बावजूद, केवल उनके साथ खड़े रहकर अधर्म का विनाश करने पर आधारित वीर रस से ओतप्रोत काव्य:
महाभारत का सारथी: श्रीकृष्ण
रणभेरी गूंजी कुरुक्षेत्र में, काल सामने खड़ा था,
एक ओर कौरव सेना, दूजी ओर देव अकेला खड़ा था!
हाथ में न शस्त्र था कोई, फिर भी युद्ध का आधार था,
पांडवों की विजय का, वही एकमात्र निर्धार था!
भीष्म-द्रोण भी सहम गए, जब कर्ण के छूटे बाण,
पर जिसके रथ पर 'केशव', उसे कैसी आन-बान?
पार्थ का वो सारथी बना, जो चराचर का स्वामी,
अधर्म के समूल नाश को, बना स्वयं अंतर्यामी!
जब गांडीव छूटा हाथों से, अर्जुन व्याकुल हार गया,
तब मुख से 'गोविंद' के, गीता का महामंत्र बह गया!
"मत डरो पार्थ तुम, यह युद्ध तुम्हारा कर्तव्य है,
जो मेरे चरणों में लीन, उसकी विजय ही सत्य है!"
नारायणी सेना उधर गई, इधर रह गया नारायण,
एक ओर सत्ता का मद, दूजी ओर धर्म का पारायण!
पाँच पांडव नहीं जीते, यह तो 'माधव' की ही माया थी,
धर्म के इस महायुद्ध में, वही सत्य की काया थी!
शस्त्र बिना भी रणभूमि में, जिसने काल को बदल दिया,
वही मेरा 'यदुवीर', जिसने पांडव भाग्य को सँवार दिया!

01/01/2026

डॉ.प्रवीण कुलकर्णी.
निसर्गोपचार तज्ञ
9226280158

यह एक बहुत ही गहरा और दिलचस्प विचार है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम मशीनों और तकनीक पर इतने निर्भर हो गए हैं कि हम 'सादा जीवन' जीना भूल गए हैं।
'नो डे' (No Day) जैसे संकल्पों के पीछे का उद्देश्य खुद को फिर से तरोताजा करना और प्रकृति के करीब लाना होता है। आइए देखते हैं कि ऐसे 'डे' होने के क्या फायदे और चुनौतियां हो सकती हैं:
1. इन विशेष दिनों के संभावित फायदे
* नो इंटरनेट डे (Digital Detox): यह आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे मानसिक शांति मिलती है, आंखों को आराम मिलता है और हम वर्चुअल दुनिया के बजाय अपने परिवार और दोस्तों के साथ 'क्वालिटी टाइम' बिता पाते हैं।
* नो फ्रिज डे (Fresh Food Day): फ्रिज के आने से हम बासी खाना खाने लगे हैं। एक दिन बिना फ्रिज के रहने का मतलब है—ताजा फल, ताजी सब्जियां खरीदना और उन्हें तुरंत बनाकर खाना। यह स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन है।
* नो कुकर डे (Slow Cooking Day): प्रेशर कुकर समय तो बचाता है, लेकिन धीमी आंच पर मिट्टी के बर्तन या कड़ाही में पके खाने का स्वाद और पोषण (Nutrition) कुकर से कहीं ज्यादा होता है। यह हमें धैर्य सिखाता है।
2. क्या वाकई ऐसे बहुत सारे 'डे' होने चाहिए?
हाँ, इसके कई सकारात्मक कारण हैं:
* आत्मनिर्भरता (Self-Reliance): अगर कभी बिजली न हो या तकनीक काम न करे, तो हम बिना संसाधनों के जीना सीख जाते हैं।
* पर्यावरण की सुरक्षा: फ्रिज, एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बिजली की खपत करते हैं। महीने में एक दिन भी इन्हें बंद रखना पर्यावरण (Carbon Footprint कम करने) के लिए अच्छा है।
* सजगता (Mindfulness): जब हम सुख-सुविधाओं से दूर होते हैं, तब हमें उनकी असली कीमत समझ आती है।
3. संतुलन जरूरी है
हालांकि ये विचार सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन इन्हें लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है:
* नो कुकर/फ्रिज डे उन लोगों के लिए मुश्किल है जो बहुत व्यस्त रहते हैं।
* नो इंटरनेट डे आज के दौर में ऑफिस के काम या इमरजेंसी सेवाओं के लिए बाधा बन सकता है।
मेरा सुझाव (A Small Step):
हमें साल में एक बार नहीं, बल्कि महीने में एक दिन या हफ्ते में कुछ घंटे ऐसे रखने चाहिए। जैसे:
* 'अनप्लग्ड संडे': कोई फोन नहीं, कोई सोशल मीडिया नहीं।
* 'मिट्टी की महक डे': सिर्फ ताज़ा और पारंपरिक तरीके से बना भोजन।
निष्कर्ष: ऐसे 'डे' हमें मशीनों से हटाकर फिर से इंसान बनाने में मदद करते हैं। यह एक तरह का 'रीसेट बटन' है जो हमारी सेहत और रिश्तों को बेहतर बना सकता है।
क्या आप आने वाले मकर संक्रांति (14 जनवरी) पर इनमें से कोई एक प्रयोग (जैसे 'नो इंटरनेट डे') करना चाहेंगे? मैं आपकी योजना बनाने में मदद कर सकता हूँ!

31/12/2025

डॉ. प्रवीण कुलकर्णी
ज्योतिषाचार्य.
9226280158
( सर रविवार दिनांक 4 जानेवारी 2026 ला दादर ऑफिसला अपॉइंटमेट नुसार भेटतील )

आने वाला वर्ष 2026 कई मायनों में महत्वपूर्ण और ऊर्जावान होने वाला है। आपके अनुरोध के अनुसार, आगामी वर्ष और मकर संक्रांति की विस्तृत नीचे दी गई है:
1. मकर संक्रांति 2026: तिथि और मुहूर्त
वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी।
* पुण्यकाल मुहूर्त: दोपहर 03:13 से सूर्यास्त तक।
* महापुण्य काल: दोपहर 03:13 से शाम 04:58 तक। (इस समय में दान और स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है)।
* महत्व: इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे 'उत्तरायण' की शुरुआत माना जाता है।
2. 'फायरी हॉर्स' (अग्नि अश्व) वर्ष 2026 क्या है?
चीनी ज्योतिष (Chinese Zodiac) के अनुसार, 17 फरवरी 2026 से 'अग्नि अश्व' (Fire Horse) वर्ष की शुरुआत होगी। यह वर्ष पिछले वर्ष (2025 - लकड़ी का सांप) की तुलना में बहुत अलग और गतिशील होगा।
2025 (सांप वर्ष) बनाम 2026 (अश्व वर्ष) के बीच अंतर:
विशेषताएँ 2025: लकड़ी का सांप (Wood Snake) 2026: अग्नि अश्व (Fire Horse) ऊर्जा (Energy) शांत, संयमित और विचारशील। अत्यंत तीव्र, उत्साही और साहसी।
कार्य (Action) सावधानी बरतना और योजना बनाना। नई शुरुआत करना और जोखिम लेना।
स्वभाव लोग अंतर्मुखी और चिंतनशील थे। लोग अधिक सामाजिक और सक्रिय होंगे।
3. अग्नि अश्व वर्ष की मुख्य विशेषताएं और प्रभाव
यह वर्ष 'डबल फायर' (घोड़ा स्वयं अग्नि तत्व का है और वर्ष का तत्व भी अग्नि है) होने के कारण इसकी तीव्रता काफी अधिक होगी:
* प्रगति की गति: यह वर्ष विकास के लिए बहुत तेज होगा। रुके हुए काम गति पकड़ेंगे।
* उत्साह और जुनून: लोगों में कुछ नया करने का जुनून बढ़ेगा। विशेष रूप से व्यापार और करियर के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
* सावधानी: चूंकि अग्नि तत्व प्रधान है, इसलिए जल्दी गुस्सा आना, विवाद होना या जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से नुकसान होने की संभावना रहती है। ऐसे में धैर्य बनाए रखना जरूरी है।
* आर्थिक पक्ष: पैसा जिस गति से आएगा, उसी गति से खर्च होने की संभावना भी रहेगी। इसलिए बचत पर ध्यान देना अनिवार्य होगा।
4. यह वर्ष आपके लिए कैसा रहेगा?
* यदि आप कोई नया प्रोजेक्ट या स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो 2026 साहसी कदम उठाने के लिए एक बेहतरीन वर्ष है।
* स्वास्थ्य के लिहाज से, इस वर्ष मानसिक शांति के लिए 'नीला' या 'सफेद' रंग का उपयोग करना और ध्यान (Meditation) करना फायदेमंद होगा, ताकि अग्नि तत्व की अधिकता से होने वाले तनाव को कम किया जा सके।
अगला कदम: क्या आप अपनी विशेष राशि के अनुसार 2026 का भविष्यफल जानना चाहेंगे? यदि हाँ, तो अपनी राशि बताएं!

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