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17/08/2022

*मधुमेह के उपाय...*

जिन लोगों को शुगर है, उनसे विनम्र निवेदन है कि इस लेख को बिना देर किए पढ़ें और इसे अपने सभी व्हाट्सएप फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें।

डॉक्टरों का कहना है कि एक बार डायबिटीज हो जाने के बाद यह बीमारी दूर नहीं होती है। क्या मुझे उन डॉक्टर की गोलियों को सिर्फ नियंत्रित करने के लिए लेना चाहिए? क्या आप सिर्फ यह देखने के लिए प्रयोगशाला में जाना चाहते हैं कि यह कितना बढ़ गया है? क्या सब कुछ मजाकिया नहीं है?

कुछ दिन पहले मैंने *पनीर फूला* ट्राई किया। भावजय के पास चीनी भी है और बहुत ज्यादा। लगभग 250 से 300 खाली पेट और भोजन के बाद 450 से 500 (डॉक्टर द्वारा बताई गई गोलियां लेने से)। तब मैंने उन्हें यह उपाय भी बताया। उसने यह उपाय 15 दिनों तक किया और फिर काम पर भूल गया। लेकिन अगले दिन उन्होंने हर महीने डॉक्टर के पास आकर रिपोर्ट करने का फैसला किया। डॉक्टर ने शुगर को सामान्य किया।

मेरा कहना है, अगर आपको शुगर है तो घबराएं नहीं। कुदरत ने हमें कुछ ऐसी चीजें दी हैं जो हमें कोई मुफ्त में नहीं बताता। लेकिन यह बीमारी पूरी तरह से खत्म हो जाती है। वो भी सिर्फ 60 रुपये में। पनीर फूल 60 रुपये एक मसाले की दुकान में। एक किलो रोटी मिलती है। जो आपकी बीमारी को पूरी तरह से ठीक कर देता है।
लेने के लिए कैसे करें
एक गिलास में एक से दो कप पानी लें.
इसमें चार से पांच फूल रात भर भिगो दें
सुबह पानी को छानकर खाली पेट पिएं।
एक ही फूल को तीन दिन तक बार-बार इस्तेमाल करना चाहिए
पंद्रह दिन बाद एक बार चीनी की जांच करें।
जिन लोगों को कई वर्षों से मधुमेह है, यदि वे छह महीने तक इस उपाय को करते हैं तो उन्हें जीवन भर चीनी की गोली की आवश्यकता नहीं होगी। बस इस उपाय को करते समय मैदा खाने से बचें। (स्वतंत्र रूप से मिठाई खाओ)

अगर आपके आसपास कोई मधुमेह रोगी है तो उसे यह उपाय बताएं।
एक दिन हम पोलियो जैसी मधुमेह को खत्म कर देंगे और वो भी मुफ्त में।

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कृपया इस लेख को न भूलें और इसे अपने सभी व्हाट्सएप फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर साझा करें। मैं

कृपया कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें

15/07/2020

कैल्शियम की कमी दूर करे
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बढ़ती उम्र के साथ व्यक्ति का डाइजेशन कमजोर होने लगता है. आमतौर पर 30 की उम्र पार करने के बाद बॉडी आसानी से डाइट में शामिल Calcium को पूरी तरह से अब्जॉर्ब नहीं कर पाती है. ऐसे में शरीर में कैल्शियम की कमी होने का खतरा एक आम बात है. इसके अलावा ज्यादा मीठा खाने या अनहेल्दी डाइट होने के कारण भी शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है. वहीं महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान बेबी की बोन डेवलेपमेंट प्रोसेस के समय महिला के शरीर में कैल्शियम का लेवल कम होने लगता है. इसके साथ ही बच्चों को ब्रैस्ट फीड करने वाली मांओं के शरीर में भी
Calcium की कमी हो सकती है।
आईये इससे बचने के कुछ आसान और घरेलु उपाए हम आपको बताते हैं जो आपको आसानी से प्राप्त हो सकता है :
अदरक की चाय
डेढ़ कप पानी में एक इंच अदरक का टुकड़ा पीस कर डालें और उसे उबालें. जब पानी एक कप रह जाए तो उसे चाय की तरह पियें।
तिल
रोजाना 2 चम्मच भुने हुए तिल का सेवन करें. स्वाद बदलने के लिए तिल की चिक्की और लडडू भी खा सकते हैं.
जीरे का पानी
रात भर दो गिलास पानी में जीरा भिगो कर रखें. सुबह उस पानी को उबालें जब पानी आधा रह जाये तो उसे छान कर पियें।
अंजीर और बादाम
रात भर पानी में 4 बादाम और 2 अंजीर भिगो कर रखें. सुबह इन्हें चबा कर खा लें।
रागी
हफ्ते में कम से कम दो बार रागी से बनी इडली, दलिया या चीला खाएं. इससे पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलेगा।
सोयाबीन
सप्ताह में एक बार सोयाबीन की सब्जी खाएं या खाने में सोयाबीन की मात्रा बढ़ाएं।
सुबह की धूप
रोजाना सुबह प्रातः 8 बजे से पहले करीब 10 मिनट धूप में बिताएं।
नींबू पानी
रोजाना शाम को एक गिलास नींबू पानी पियें. दिन भर में कोई एक खट्टा फल खाने से भी फायदा मिल सकता🍏🍎 है।
स्प्राउट्स
नाश्ते या शाम के समय हलकी भूख में एक बाउल स्प्राउट्स खाएं।

22/05/2020

आजकल की खराब जीवनशैली में पेट में गैस बनना, मरोड़ होना, बदहज़मी, पेट फूलना या खट्टी डकार होना एक एक आम बात हो गयी है. पर सबसे अच्छी बात यह है इन सब का इलाज भी आपके घर में ही मौजूद है, वह भी एक.
काला नमक, सोंठ, हींग, यवक्षार, अजवायन इन सभी को समान भाग में मिलाकर चूर्ण (Powder) बना लें. फिर 2-2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम नाश्ते और रात के खाने के बाद गुनगुने पानी से लिया करें.

01/05/2020

100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए

1. योग, भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है।
3. *हाई बी पी में* - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा-सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी ।
6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है, फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है। गुड व शहद खाएं
7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी।
8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन, कैल्शियम की कमी ।
9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें* ।
10. *अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें* ।
11. *जम्भाई*- शरीर में आक्सीजन की कमी।
12. *जुकाम* - जो प्रातःकाल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।
13. *ताम्बे का पानी* - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें।
14. *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये।
15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेस टेन्शन अधिक होता है। गिलास अंग्रेजो (पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है। अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेस टेन्शन होता है।
16. *अस्थमा, मधुमेह, कैंसर* से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।
17. *वास्तु* के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा, उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।
18. *परम्परायें* वहीं विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।
19. *पथरी* - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर हो जाती है।
20. *RO* का पानी कभी ना पियें। यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता। कुएँ का पानी पियें। बारिश का पानी सबसे अच्छा, पानी की सफाई के लिए *सहिजन* की फली सबसे बेहतर है।
21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।
22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है ।
23. *भोजन* के लिए पूर्व दिशा, *पढाई* के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।
24. *HDL* बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।
25. *गैस की समस्या* होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।
26. *चीनी* के अन्दर सल्फर होता है जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से *पित्त* बढ़ता है ।
27. *शुक्रोज* हजम नहीं होता है *फ्रेक्टोज* हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।
28. *वात* के असर में नींद कम आती है ।
29. *कफ* के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है।
30. *कफ* के असर में पढाई कम होती है ।
31. *पित्त* के असर में पढाई अधिक होती है ।
33. *आँखों के रोग* - कैट्रेक्टस, मोतियाबिन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।
34. *शाम को वात*-नाशक चीजें खानी चाहिए ।
35. *प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए* ।
36. *सोते समय* रक्त दबाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।
37. *व्यायाम* - *वात रोगियों* के लिए मालिश के बाद व्यायाम , *पित्त वालों* को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । *कफ के लोगों* को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।
38. *भारत की जलवायु* वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।
39. *जो माताएं* घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।
40. *निद्रा* से *पित्त* शांत होता है , मालिश से *वायु* शांति होती है , उल्टी से *कफ* शांत होता है तथा *उपवास* (लंघन) से बुखार शांत होता है ।
41. *भारी वस्तुयें* शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।
42. *दुनियां के महान* वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,
43. *माँस खाने वालों* के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।
44. *तेल हमेशा* गाढ़ा खाना चाहिएं, सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।
45. *छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है ।*
46. *कोलेस्ट्रोल की बढ़ी* हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं, अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।
47. *मिर्गी दौरे* में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए ।
48. *सिरदर्द* में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।
49. *भोजन के पहले* मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है ।
50. *भोजन* के आधे घंटे पहले सलाद खाएं, उसके बाद भोजन करें ।
51. *अवसाद* में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है
52. *पीले केले* में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।
53. *छोटे केले* में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।
54. *रसौली* की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।
55. हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।
56. *एंटी टिटनेस* के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।
57. *ऐसी चोट* जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें ।
58. *मोटे लोगों में कैल्शियम* की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट (सोंठ+ कालीमिर्च+ मघा पीपली) भी दे सकते हैं ।
59. *अस्थमा में नारियल दें।* नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।
60. *चूना* बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है ।
61. *दूध* का सर्फेस टेंशन कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।
62. *गाय का घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है ।*
63. *जिस भोजन* में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए।
64. *गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।*
65. *गाय के दूध* में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है ।
66. *मासिक के दौरान* वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।
67. *रात* में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।
68. *भोजन के* बाद वज्रासन में बैठने से *वात* नियंत्रित होता है ।
69. *भोजन* के बाद कंघी करें। कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगे ।
70. *अजवाईन* अपान वायु को बढ़ा देता है, जिससे पेट की समस्यायें कम होती है

71. *अगर पेट* में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें।

72. *कब्ज* होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए ।

73. *रास्ता चलने*, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए ।

74. *जो दिन मे दायीं करवट पर सोता है तथा रात्रि में बायीं करवट पर सोता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है।

75. *बिना कैल्शियम* की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।

76. *स्वस्थ व्यक्त सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।

77. *भोजन* करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।

78. *सुबह के नाश्ते* में फल , *दोपहर को दही* व *रात्रि को दूध* का सेवन करना चाहिए ।

79. *रात्रि* को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि ।

80. *शौच और भोजन* के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें ।

81. *मासिक चक्र* के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान, व आग से दूर रहना चाहिए ।

82. *जो बीमारी जितनी देर से आती है, वह उतनी देर से जाती भी है ।

83. *जो बीमारी अंदर से आती है, उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए।

84. *एलोपैथी* ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी, लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है ।

85. *खाने* की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए, ब्लड-प्रेशर बढ़ता है ।

86 . *रंगों द्वारा* चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ... अंत में लाल रंग ।

87 . *छोटे* बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृत्ति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए।

88. *जो सूर्य निकलने* के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है ।

89. *बिना शरीर की गंदगी* निकाले स्वस्थ शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने से लगभग 70 % विजातीय तत्व शरीर से निकलते हैं ।

90. *चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बवासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उत्पन् होती है ।

91. *गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।

92. *प्रसव* के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । यदि यह मिलता है तो बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती है ।

93. *रात को सोते समय* सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें, त्वचा में निखार आएगा।

94. *दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए*।

95. *जो अपने दुखों* को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है ।

96. *सोने से* आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है, लकवा, हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है ।

97. *स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है*।

98 . *तेज धूप* में चलने के बाद, शारीरिक श्रम करने के बाद, शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है।

99. *त्रिफला अमृत है* जिससे *वात, पित्त, कफ* तीनो शांत होते हैं। इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना।

100. इस विश्व की सबसे मँहगी *दवा "लार"* है, जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है, इसे तंबाकू, पान पराग के साथ व्यर्थ ना करें ।
*जनजागृति हेतु लेख को पढ़ने के बाद साझा अवश्य करे।*
*🙏🌹 || हर हर महादेव || 🌹🙏*

23/04/2020

*कफ, सर्दी, जुकाम से लेकर पेट दर्द तक बड़ी इलायची के फायदे आपको हैरान कर सकते हैं*

1. बड़ी इलायची सांस लेने संबंधी बीमारियों को दूर रखने में मददगार होती है। अगर आपको अस्थमा, फेफड़े में संकुचन जैसी कोई समस्या है तो बड़ी इलायची का सेवन करना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा। सर्दी-खांसी में भी इसका इस्तेमाल आपको राहत देगा। भूनी इलायची आयुर्वेद में सर्दी खांसी के लिए कारगर ओौषधि मानी गई है।

2. विषाक्त पदार्थों को दूर करने के लिए भी बड़ी इलायची का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है। हमारे शरीर में कई ऐसे विषाक्त पदार्थ बनते हैं जिनका बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है। बड़ी इलायची इन विषाक्त पदार्थों को दूर निकालने का काम करती है।

3. अगर आपके मुंह से दुर्गंध आती है तो बड़ी इलायची चबाना एक अच्छा उपाय है। इसके अलावा मुंह के घावों को ठीक करने के लिए भी बड़ी इलायची को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

4. अगर आपको अक्सर सिर दर्द की शिकायत रहती है तो बड़ी इलायची के तेल से मसाज करना फायदेमंद रहेगा।

5. बड़ी इलायची में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर के खतरे को दूर रखने में सहायक होते हैं. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसर कोशिकाओं को विकसित नहीं होने देते.

6. बड़ी इलायची को पीसकर ललाट पर लेप करने से एवं बीजों को पीसकर सूंघने से सिरदर्द ठीक होता है।

7. बड़ी इलायची को पीसकर शहद में मिलाकर मुंह के छालों पर लगाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं।

8.बड़ी इलायची और लौंग तेल को बराबर-बराबर मात्रा में लें। इसे दांतों पर मलने से दांत का दर्द ठीक होता है।

9. 4-5 बड़ी इलायची के फल को 400 मिली पानी में उबाल लें। इस काढ़ा से कुल्ला करने से दांत दर्द ठीक होता है।

10. 2-3 बड़ी इलायची के छिलकों को पीसकर खाने से दांत की बीमारियों तथा मुँह के सूजन में लाभ होता है।

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