Arogya Sanjeevani Sahu

Arogya Sanjeevani Sahu ऋषि संस्कृति का यह संदेश,
योग, स्वदेशी, आयुर्वेद।

10/01/2021

तुलसी की महिमा
उस की ताकत का लाइव प्रदर्शन देखिये
कैसे नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है
ऐसे ही हिन्दू तुलसी को माता नही मानते है
जय हो

11/12/2020

अब से 30-40 साल पहले तक जब दाल खुले बर्तन में उबाल कर बनाई जाती थी तब उसमें सफ़ेद झाग आने पर निकाल कर फेकने की प्रथा थी, उस झाग को अधन कहते थे, इसमे वह तत्व होते थे जो यूरिक एसिड बढ़ा देते है।
अब प्रेशरकुकर में बनाते हो बताओ कोन निकाल रहा है झाग भई जब यूरिक एसिड शरीर मे जमा होगा तो जोड़ो में दर्द तो होगा ही।
जोड़ो का दर्द, घुटनों व कमर के दर्द के पीड़ित पिछले 40 सालों से बहुत तेजी से बढ़े है, इसके 3 बड़े कारण है।
1:- भोजन बनाने के बर्तनों व तकनीक में परिवर्तन जब से **प्रेशरकुकर** का उपयोग बढ़ा है तब से मानव शरीर मे यूरिक एसिड बड़ा है।
2:- मौसम परिवर्तन के समय मे शरीर मे जो अनुकूल परिवर्तन होने चाहिये उनको A/C और रूमहीटर के प्रयोग से प्रतिकूल बना लिया हम लोगो ने।
3:- बिना मौसम की सब्ज़ी व खानपान शरीर को लाभ नही देती केवल हानि ही देती है। हम लोगो ने भोजन को गुणों के आधार पर चुनाव करना बन्द सा कर दिया अब स्वाद के दीवाने बन गए है जिसका परिणाम यह है कि अब हमारा शरीर न तो दीर्धायु रह पाता है और न ही निरोगी।

जिस तेल को आप अपने सिर पर नही लगा सकते या बच्चे का मालिश आदि नही कर सकते उस तेल को आप कैसे खा सकते ??
06/12/2020

जिस तेल को आप अपने सिर पर नही लगा सकते या बच्चे का मालिश आदि नही कर सकते उस तेल को आप कैसे खा सकते ??

एल्मुनियम के बर्तन आपके कैल्शियम व आयरनको शरीर से सोख लेंगे जिससे आप हमेशाबीमारियों में फंसे रहेंगे ..........
15/11/2020

एल्मुनियम के बर्तन आपके कैल्शियम व आयरन
को शरीर से सोख लेंगे जिससे आप हमेशा
बीमारियों में फंसे रहेंगे ..........

14/10/2020
08/09/2020

जिन्हें नींद नही आती उन्हें सबसे पहले दाहिनी तरफ लेटना चाहिए।
चंद्र नाड़ी सक्रिय है तो नींद अच्छी आएगी।

कुदरत_की_एक_अद्भुत_देन_हैं_नाभि,,,,,,,,,अवश्य पढ़ें      हमारा शरीर परमात्मा की अद्भुत कृति है...गर्भ की उत्पत्ति नाभी के...
12/08/2020

कुदरत_की_एक_अद्भुत_देन_हैं_नाभि,,,,,,,,,अवश्य पढ़ें

हमारा शरीर परमात्मा की अद्भुत कृति है...गर्भ की उत्पत्ति नाभी के पीछे होती है और उसको माता के साथ जुडी हुई नाडी से पोषण मिलता है और इसलिए मृत्यु के तीन घंटे तक नाभी गर्म रहती है।
गर्भधारण के नौ महीनों अर्थात 270 दिन बाद एक सम्पूर्ण बाल स्वरूप बनता है। नाभी के द्वारा सभी नसों का जुडाव गर्भ के साथ होता है। इसलिए नाभी एक अद्भुत भाग है।

नाभी के पीछे की ओर पेचूटी या navel button होता है।जिसमें 72000 से भी अधिक रक्त धमनियां स्थित होती है
नाभी में गाय का शुध्द घी या तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है :-

1. आँखों का शुष्क हो जाना, नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिये उपाय...सोने से पहले 3 से 7 बूँदें शुध्द घी और नारियल के तेल नाभी में डालें और नाभी के आसपास डेढ ईंच गोलाई में फैला देवें।

2. घुटने के दर्द में उपाय,,,,,,,,सोने से पहले तीन से सात बूंद अरंडी का तेल नाभी में डालें और उसके आसपास डेढ ईंच में फैला देवें।

3. शरीर में कमपन्न तथा जोड़ोँ में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए उपाय :- रात को सोने से पहले तीन से सात बूंद राई या सरसों कि तेल नाभी में डालें और उसके चारों ओर डेढ ईंच में फैला देवें।

4. मुँह और गाल पर होने वाले पिम्पल के लिए उपाय:- नीम का तेल तीन से सात बूंद नाभी में उपरोक्त तरीके से डालें।

नाभी में तेल डालने का कारण,,,,,,हमारी नाभी को मालूम रहता है कि हमारी कौनसी रक्तवाहिनी सूख रही है,इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है। जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है तब हम हिंग और पानी या तैल का मिश्रण उसके पेट और नाभी के आसपास लगाते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था।बस यही काम है तेल का।

आप सभी से आग्रह हैंकि अपने स्नेहीजनों, मित्रों और परिजनों को इस नाभी में तेल और घी डालने के उपयोग और फायदों को बताने की कृपा करिये।

विशेष:- किसी भी तैल का उपयोग करने से पूर्व उसकी शुद्धता सुनिश्चित कर लें । घी सिर्फ देशी नस्ल की गौमाता का प्रयोग में लायें । भैंस या विदेशी नस्ल की गाय का नहीं ।
दूसरी बात लाभ प्रयोग करने से होता है ,केवल पढ़ने से नहीं ।

स्वदेसी भावना
एक कदम स्वस्थ भारत की ओर।

क्यूंकी धड़कन झूठ नहीं बोलती ............!!नाड़ी परीक्षण................ किसी भी व्यक्ति का शरीर का तापमान की जानकारी लेना...
04/08/2020

क्यूंकी धड़कन झूठ नहीं बोलती ............!!

नाड़ी परीक्षण................

किसी भी व्यक्ति का शरीर का तापमान की जानकारी लेना हो बिना किसी भी थर्मामीटर या किसी भी अन्य यंत्र के तो नीचे लिखे तरीके से जानकारी ले सकते है ।

पुरुष की नाड़ी परीक्षण हमेशा दाहिनी हाथ से किया जाता है और महिला की बायी हाथ से।

अगर किस भी व्यक्ति का शरीर का

60-65 पल्स है तो शरीर का तापमान 98 डिग्री फ़रेनहाएट
70 पल्स है तो 99 डिग्री फ़रेनहाएट तापमान
80 पल्स है तो 100 डिग्री तापमान
90 पल्स = 101 डिग्री फ़रेनहाएट
100 पल्स = 102 डिग्री फ़रेनहाएट
110 पल्स = 103 डिग्री फ़रेनहाएट
120 पल्स = 104 डिग्री फ़रेनहाएट
130 पल्स = 105 डिग्री फ़रेनहाएट
140 पल्स = 106 डिग्री फ़रेनहाएट

यानि हर 10 स्पंदन बढ़ने पर 10 डिग्री तापमान शरीर का बढ़ेगा
गर्भ में बच्चा का पल्स 140 से 150 होगा

सबसे अच्छा पल्स 70 से 74 के बीच होना चाहिए ।

उम्र के हिसाब से ब्लड प्रेसर नापने का अद्भुत तरीका । बिना किसी भी यंत्र के ।

गर्भ में बच्चा का बी पी माँ के बी पी के बराबर होगा
जन्म से 5 साल तक बी पी का हाईयर लिमिट 81 और लोअर लिमिट 45
5 साल से 10 साल तक बी पी का हाईयर लिमिट 90 और लोअर 50
10 साल से 15 साल तक हाई 100 और लोअर 62
15 साल से 20 साल तक हाई बी पी 110 और लोअर बी पी 71
20 साल से 30 साल तक हाई बी पी 120 और लोअर बी पी 80
30 साल से 35 साल तक हाई बी पी 124 और लोअर बी पी 82
35 साल से 40 साल तक हाई बी पी 126 और लोअर बी पी 83
40 साल से 50 साल तक हाई बी पी 128 और लोअर बी पी 84
50 साल से 60 साल तक हाई बी पी 132 और लोअर बी पी 86
60 साल से 65 साल तक हाई बी पी 136 और लोअर बी पी 88
65 साल से 80 साल तक हाई बी पी 140 और लोअर बी पी 90
80 साल से ऊपर तक हाई बी पी 145 और लोअर बी पी 92

किसी किसी का बी पी में + 5 या – 5 का अंतर हो सकता है तो किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी । उस से ज्यादा अंतर आने पर व्यक्ति बीमार कहलाएगा ।

*हमारी संस्कृति हमारा गौरव*

02/07/2020

रिफाइंड आयल क्यों सेहत के लिए हानिकारक है.. कृपया पूरा वीडियो देखे...

25/06/2020

"सांप" के डसने/ काटने से डरें ना बल्कि बड़ा आसान सरल तरीका देखें!!! घर पर भी रखें ! जहां सम्भावना /डर हो उन्हें भी बतायें ..."

12/06/2020

वैसे तो बहुत अधिक समय तक भूखे रहने पर किसी को भी पेट में असहजता हो जाती है और दुर्बल प्रकृति का व्यक्ति दर्द , ऐठन जलन आदि की शिकायत करेगा ही किन्तु यदि यह समस्या किसी व्यक्ति में इतनी सामान्य हो की जरा देर भी पेट खाली रहे और पेट में दर्द होने लगे और भोजन के बाद दर्द ठीक हो जाये तो यह एक असामान्य लक्षण है कतिपय व्यक्तियों में तो यह बहुत ही अधिक होता है इसी कारण वह दिन भर कुछ न कुछ खाते मिल जायेंगे . बार बार खाते रहने की आदत के कारण समय के साथ ऐसे व्यक्ति स्थूलकाय हो जाया करते हैं. बचपन से ही शुरू होने के कारण उनको याद ही नहीं रहता कि यह आदत कैसे विकसित हो गयी.

इन लक्षणों पर होमियोपैथी में anacardium 200 औषधि बहुत सफल है. तीन चार बूँद दिन में एक दो बार लेते रहने से बहुत लाभ देती है. आयुर्वेद में इसे भिलावा के नाम से जानते हैं

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