22/06/2021
भयभीत अथवा भयग्रस्त रोगियों के लक्षण देख होमियोपैथिक दवा द्वारा निदान संभव है ...
1. कुत्ता या बिल्ली के घर घुसने पर भयभीत हो जाना , रोगी कहता है इसे किसी ने भेजा है हमारा या हमारे परिवार का अनिष्ट होगा ... इत्यादि
2. किसी बीमारी में भय होने पर कहता है - " मैं अब नहीं जीऊंगा " या कहता है " मुझे अब कोई बचा नहीं सकता " रोगी अपने मरने का समय तक बताता है l
3. भय के कारण घर से बाहर नहीं निकलता है या किसी भीड़ - भाड़ की जगह जैसे - मेला, खेल, तमासा आदि में किसी भय से नहीं जाना चाहता है l
4. मरे हुवे (शव) के पास नहीं जाता है , न बाद में कभी वहाँ जाता है l
5. किसी कारण से भय होने पर गर्भवती को गर्भस्राव का उपक्रम l किसी को ऋतुस्राव तो किसी का पेशाब बंद हो जाता है l
6. निम्न गति से भय , जैसे - सीढ़ी से उतरने पर , झूले का नीचे जाने पर, पहाड़ से नीचे उतरने पर इत्यादि ..
7. बंदूक या बिजली गिरने की आवाज से बहुत डरना आदि ..
8. साँप काटने या अन्यान्य जंगली जानवरों के हमला कर देने भय बना रहता है ...
नोट - ऐसे भय जनित अन्यान्य रोगों में चिकित्सक के निर्देशानुसार होमियोपैथी की चुनी हुई दवाओं का कुछ दिनों तक सेवन करना चाहिए l 🙏