Dhanvantari SEVA Sansthan

Dhanvantari SEVA Sansthan Mr.Ramjeet verma
sri ajay panda
swami gopal anand baba
manoj mishra Trustee

आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं
02/11/2021

आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं

75 वीं वर्षगांठ स्वतंत्रता दिवस पर अमृत महोत्सव की बधाई
15/08/2021

75 वीं वर्षगांठ स्वतंत्रता दिवस पर अमृत महोत्सव की बधाई

04/05/2021
जय हो धनवंतरी भगवान की
13/11/2020

जय हो धनवंतरी भगवान की

आप सभी को भगवान धन्वंतरि पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं
12/11/2020

आप सभी को भगवान धन्वंतरि पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं

12/11/2020
28/07/2020

#कुकड़ी_प्रथा_क्या_है??

एक लड़की शादी करके अपने ससुराल आती है. सुहागरात पर उसका पति कमरे में आता है, पति के हाथों में सफ़ेद धागे का एक गुच्छा है. देखकर लड़की घबरा जाती है. वो जानती है कि क्या होने वाला है. क्योंकि ऐसा वो अपने घर की औरतों से हमेशा से सुनती आई है. पति ये चेक करने वाला है कि उसकी बीवी वर्जिन है या नहीं. लड़की रोती रहती है. थोड़ी देर बाद उसका पति वो धागा लेकर बाहर जाता है. चीख-चीखकर सबको बताता है, ‘अरे, वो ख़राब है.’

लड़के के घर वाले अब उस नई दुल्हन से उसके पुराने बॉयफ्रेंड का नाम पूछते हैं. लड़की रो-रोकर कहती रह जाती है कि उसने कभी ऐसा कुछ नहीं किया है. ससुराल वाले उसको खूब पीटते हैं. कहते हैं, पंचायत के सामने वो लड़की मान ले कि उसके जीजा के साथ उसके फिजिकल रिलेशन थे. रोज़ की पिटाई से थककर एक दिन वो लड़की मान लेती है. अब ससुराल वाले लड़की के पिता और जीजा के पीछे पड़ जाते हैं. खूब सारा पैसा मांगते हैं. लड़की के वर्जिन ना होने की भरपाई के तौर पर. जब तक पैसा नहीं मिल जाता. लड़की को जानवरों से भी बुरी तरह पीटते हैं. जैसे ही पैसा मिल जाता है, वो बहू घर में सबकी दुलारी हो जाती है. सौ सालों से भी पुराने इस घटिया से तरीके को ‘कुकरी प्रथा’ कहते हैं. राजस्थान में रहने वाले ‘सांसी’ समुदाय के लोग आज भी इन प्रथा को मानते हैं

2014 में विजय एन शंकर की एक किताब आई थी शैडो बॉक्सिंग विद द गॉड्स. किताब में हमारे समाज की ऐसी बहुत सारी बुराइयों का ज़िक्र है. जो आज भी चली आ रही हैं. उसमें इन गलीज तरीकों का भी ज़िक्र है.

इसकी शुरुआत कुछ इस तरह से हुई थी कि जब विदेशी भारत आए. वो औरतों को उठाकर ले जाते थे. उनका रेप करते थे. फिर जहां मन करता था, फेंककर चले जाते थे. उस ज़माने मे नई बियाही बहुओं की वर्जिनिटी जांचने के लिए धागे का इस्तेमाल करते थे. चेक करना चाहते थे कि जो लड़की उनके घर बहू बनकर आई है. कहीं उसके साथ भी तो रेप नहीं हुआ था. फिर वक़्त के साथ सांसी समुदाय वालों ने इसको अपना बिज़नेस ही बना लिया.

हाल तो ये है कि लड़के वाले दुआ करते हैं कि उनकी होने वाली बहू वर्जिन ना हो. ताकि उसके मायके वालों और पुराने बॉयफ्रेंड से लाखों रुपए वसूल किए जा सकें. अगर लड़की वर्जिन होती है, तब भी उसको मारपीट कर किसी का फर्जी नाम लेने के लिए मजबूर कर दिया जाता है. जब पैसे या ज़मीन मिल जाती है. लड़की घर की मालकिन बन जाती है. एक तरह से ये दहेज़ के बाद एक और दहेज़ चूसने का तरीका है.

इस मुद्दे पर पंचायत भी अक्सर लड़के वालों के परिवार की ही तरफदारी करता है. पंचायत की एक बैठक में बीस-पच्चीस हज़ार रूपए से ज्यादा पैसे लग जाते हैं. लड़की के परिवार वाले पहले ही शादी में इतना खर्च कर चुके होते हैं. पंचायत को बुलाने के पैसे अक्सर नहीं होते. फिर मुआवजा देने के लिए भी पच्चीस-तीस हज़ार चाहिए होते हैं. फिर एक तरफ वो लड़का होता है. जिसका नाम लड़की के ससुराल वालों ने जबरदस्ती उससे कुबूल करवाया होता है. भले उस लड़के के लड़की से फिजिकल रिलेशन ना भी हों. तब भी उसको पैसे देने ही पड़ जाते हैं.

25/07/2020

अजब संयोग:2019 में 5 अगस्त को कश्मीर से हटा था अनुच्छेद 370, 2020 में इसी दिन हो रहा अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास, घर-घर में दिवाली मनाने की तैयारी
भोपाल3 दिन पहले
Dainik Bhaskar
राम मंदिर और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना भाजपा के प्रमुख एजेंडे में शामिल थे। अब भाजपा इस तरीख को एक ऐतिहासिक रूप देना चाहती है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के लिए जो दिन तय हुआ है, उसकी तारीख पांच अगस्त है
5 अगस्त को ही बीते साल इसी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया था
तारीख 5 अगस्त एक बार फिर सुर्खियों में है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के लिए जो दिन तय हुआ है, उसकी तारीख पांच अगस्त है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या जाएंगे और मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। 5 अगस्त की तारीख इसलिए भी अहम है, क्योंकि बीते साल इसी तारीख को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया था।

5 अगस्त को यादगार बनाने के लिए हिंदू संगठनों ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी हैं। सोशल मीडिया पर इस दिन विशेष पूजा और शाम को अपने-अपने घरों पर दिवाली की तरह रोशनी करने और दिए जलाने के संदेश दिए जा रहे हैं। वहीं भोपाल में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में भी 5 अगस्त के बारे में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। दरअसल, राम मंदिर और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना भाजपा के प्रमुख एजेंडे में शामिल थे। अब भाजपा इस तरीख को एक ऐतिहासिक रूप देना चाहती है।

500 साल का इंतजार खत्म
पांच अगस्त को राम मंदिर बनने का 500 वर्षों का भक्तों का इंतजार खत्म हो जाएगा। संतों के मुताबिक वे वर्षों से राम मंदिर निर्माण का इंतजार रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन पर सभी संत उनका स्वागत के लिए तैयार होंगे। पीएम मोदी अयोध्या के विकास का खाका तैयार करने के लिए कई योजनाओं की सौगात भी दे सकते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को भी इस तारीख पर मंदिर का शिलान्यास किए जाने पर आपत्ति है।

पांच अगस्त को चांदी की ईंट से नींव रखेंगे पीएम मोदी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पांच अगस्त को प्रधानमंत्री के अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम तय किया है। भव्य मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आकर चांदी की ईट से नींव रखेंगे, जिसका वजन लगभग 40 किलो बताया जा रहा है।

25/07/2020

अजब संयोग:2019 में 5 अगस्त को कश्मीर से हटा था अनुच्छेद 370, 2020 में इसी दिन हो रहा अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास, घर-घर में दिवाली मनाने की तैयारी
राम मंदिर और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना भाजपा के प्रमुख एजेंडे में शामिल थे। अब भाजपा इस तरीख को एक ऐतिहासिक रूप देना चाहती है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के लिए जो दिन तय हुआ है, उसकी तारीख पांच अगस्त है
5 अगस्त को ही बीते साल इसी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया था
तारीख 5 अगस्त एक बार फिर सुर्खियों में है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के लिए जो दिन तय हुआ है, उसकी तारीख पांच अगस्त है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या जाएंगे और मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। 5 अगस्त की तारीख इसलिए भी अहम है, क्योंकि बीते साल इसी तारीख को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया था।

5 अगस्त को यादगार बनाने के लिए हिंदू संगठनों ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी हैं। सोशल मीडिया पर इस दिन विशेष पूजा और शाम को अपने-अपने घरों पर दिवाली की तरह रोशनी करने और दिए जलाने के संदेश दिए जा रहे हैं। वहीं भोपाल में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में भी 5 अगस्त के बारे में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। दरअसल, राम मंदिर और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना भाजपा के प्रमुख एजेंडे में शामिल थे। अब भाजपा इस तरीख को एक ऐतिहासिक रूप देना चाहती है।

500 साल का इंतजार खत्म
पांच अगस्त को राम मंदिर बनने का 500 वर्षों का भक्तों का इंतजार खत्म हो जाएगा। संतों के मुताबिक वे वर्षों से राम मंदिर निर्माण का इंतजार रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन पर सभी संत उनका स्वागत के लिए तैयार होंगे। पीएम मोदी अयोध्या के विकास का खाका तैयार करने के लिए कई योजनाओं की सौगात भी दे सकते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को भी इस तारीख पर मंदिर का शिलान्यास किए जाने पर आपत्ति है।

पांच अगस्त को चांदी की ईंट से नींव रखेंगे पीएम मोदी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पांच अगस्त को प्रधानमंत्री के अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम तय किया है। भव्य मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आकर चांदी की ईट से नींव रखेंगे, जिसका वजन लगभग 40 किलो बताया जा रहा है।

25/07/2020

अभिजीत मुहूर्त का समय
एक दिन में कुल मिलाकर 30 मुहूर्त होते हैं। इन 30 मुहूर्तों में कुछ शुभ कार्यों के लिए फलदायी होते हैं तो कुछ शुभ कार्यों में वर्जित माने गए हैं। सभी 30 मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त को बहुत ही शुभ और कल्याणकारी माना गया है। अभिजीत मुहूर्त प्रत्येक दिन दोपहर होने से करीब 24 मिनट पहले प्रारम्भ होकर मध्यान्ह के 24 मिनट बाद समाप्त हो जाता है। उदाहरण के तौर पर समझा जाए तो अगर दिन में सूर्योदय ठीक 6 बजे होता है तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से ठीक 24 मिनट पहले प्रारम्भ होगा और दोपहर 12 बजकर 24 पर समाप्त हो जाएगा। अभिजीत मुहूर्त का समय प्रत्येक दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता रहता है।

अभिजीत मुहूर्त में कौन कौन से शुभ कार्य किए जा सकते हैं
वैसे तो सभी तरह के शुभ कार्यो के लिए अभिजीत मुहूर्त बहुत शुभ और मंगलकारी माने गए हैं। अभिजीत मुहूर्त में यात्रा करना, नये कार्य का शुभारंभ करना, व्यापार शुरू करने का और पूजा करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। परन्तु कुछ लोगों का मानना है कि मांगलिक कार्य और ग्रह प्रवेश जैसे प्रमुख कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त के साथ और भी योगों को देखना आवश्यक है।

अभिजीत मुहूर्त में क्या न करें
अभिजीत मुहूर्त में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचें। इसके अलावा बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

Address

Maharishi Ayurvedic Kendra , Bijulia
Ramgarh
829122

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