27/10/2025
एसआरपी हॉस्पिटल ही नहीं, सीमाई क्षेत्र के लिए हो रहा वरदान भी साबित, हो रहे लगातार कठिन सफल ऑपरेशन
•आयुष्मान कार्ड से भी लाभुकों को मिल रहा फायदा
रक्सौल।(TOR) स्थानीय शहर के लक्ष्मीपुर स्थित एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल दिनों-दिन सीमाई क्षेत्र के लोगों सहित नेपाल के लिए भी एक बेहतर विकल्प बन कर उभरी है, एक छोटे से शहर रक्सौल जो महज बॉर्डर के कारण चर्चित है, यहां स्थित इस हॉस्पिटल में बिहार से बाहर के मरीजों का भी इलाज लगातार किया जा रहा है। यहां के मुख्य चिकित्सक सह निदेशक डॉ. सुजीत कुमार लगातार कई ऐसे ऑपरेशन को अंजाम दिए हैं, जो किसी चमत्कार से कम नहीं हुआ है। कुल मिलकर यूं कहें कि एसआरपी हॉस्पिटल एक हॉस्पिटल ही नहीं, अपितु वरदान साबित हो रहा है। कैंसर से लेकर गोली लगने एवं आर्थो से लेकर सिजेरियन तक यहां सकुशल ऑपरेशन किया जा रहा है। जिसमें आर्थो के लिए मशहूर सर्जन डॉ. चंदन कुमार द्वारा सकुशल ऑपरेशन किया जाता है। एक और खास बात यह है कि इस हॉस्पिटल के आयुष्मान लाभुकों को फायदा मिल रहा है, लोगों को पहले आयुष्मान कार्ड से लाभ लेने बाहर जाना पड़ता था, परंतु अब कई ऐसे ऑपरेशन हैं, जो आयुष्मान से भी किया जा रहा है। इससे बाहर जाकर कराने वाली परेशानी से लोग आसानी से बच जा रहे हैं। उधर कोरोना काल में भी हॉस्पिटल शहरवासियों के लिए सहारा बना था और इसने सरकार एवं प्रशासन की मदद में अहम भूमिका निभाई थी। कुल मिलाकर देखा जाए तो डॉ. सुजीत के कुशल व्यवहार एवं हॉस्पिटल में बेहतर ईलाज सहित कई सुविधाओं के कारण हॉस्पिटल आज शहर के लिए ही नहीं, बल्कि सीमाई क्षेत्र के लिए पूरी तरह से वरदान बन चुकी है।