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02/01/2026

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आयुर्वेद और योग में नाभि (पेट का केंद्र / मणिपूर चक्र) को शरीर की ऊर्जा का मुख्य केंद्र माना गया है। नाभि को स्वस्थ रखने...
02/01/2026

आयुर्वेद और योग में नाभि (पेट का केंद्र / मणिपूर चक्र) को शरीर की ऊर्जा का मुख्य केंद्र माना गया है। नाभि को स्वस्थ रखने से पाचन, रक्तसंचार, हार्मोन संतुलन और कई अंगों का स्वास्थ्य बेहतर होता है। नीचे नाभि के माध्यम से शरीर के अंगों को स्वस्थ रखने के उपाय बताए जा रहे हैं—

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🌿 1. नाभि में तेल डालने के लाभ (नाभि चिकित्सा)

🔹 नाभि में घी डालना

लाभ:

पाचन तंत्र मजबूत

गैस, कब्ज, एसिडिटी में राहत

आंखों की कमजोरी में लाभ

तरीका:
रात को सोने से पहले 2–3 बूंद देसी गाय का घी नाभि में डालें।

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🔹 सरसों का तेल

लाभ:

जोड़ों और कमर दर्द में आराम

शरीर में गर्माहट बढ़ाता है

सर्दी-जुकाम में सहायक

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🔹 नारियल तेल

लाभ:

त्वचा रोग

शरीर की जलन

हार्मोन संतुलन में मदद

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🔹 अरंडी का तेल

लाभ:

कब्ज

पेट दर्द

लिवर की कमजोरी

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🧘 2. नाभि से जुड़े प्रमुख अंग (आयुर्वेद अनुसार)

नाभि से प्रभावित अंग लाभ

पेट व आंतें पाचन सुधरता है
लिवर डिटॉक्स बेहतर
किडनी मूत्र संबंधी समस्याएं कम
अग्न्याशय शुगर संतुलन
प्रजनन अंग कमजोरी दूर

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🧘‍♂️ 3. योग व प्राणायाम (नाभि शक्ति बढ़ाने हेतु)

✔ कपालभाति

पेट की चर्बी घटती

पाचन मजबूत

✔ नौकासन

अग्नि बढ़ाता है

पेट और कमर मजबूत

✔ भस्त्रिका प्राणायाम

रक्त संचार तेज

अंगों में ऊर्जा बढ़ती

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🍽 4. नाभि को स्वस्थ रखने का आहार

गुनगुना पानी सुबह खाली पेट

जीरा, सौंफ, अजवाइन का पानी

अधिक तला-भुना और ठंडा भोजन कम करें

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⚠️ सावधानियां

गर्भावस्था में नाभि में तेल न डालें

त्वचा पर एलर्जी हो तो प्रयोग न करें

Disclaimer - गंभीर रोग में डॉक्टर से सलाह लें

31/12/2025

शरीर ही धर्म, कर्म,और जीवन के सभी श्रेष्ठ कार्यों का साधन है
Acharya Manish Ji

18/12/2025

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नीम के पत्ते सदियों से आयुर्वेद में अपने शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीवायरल, रक्त-शोधक और त्वचा-उपचारक गुणों ...
15/12/2025

नीम के पत्ते सदियों से आयुर्वेद में अपने शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीवायरल, रक्त-शोधक और त्वचा-उपचारक गुणों के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं। इसके औषधीय लाभों के बारे में अधिकांश लोग जानते तो हैं, लेकिन कड़वे स्वाद के कारण अक्सर इसे अनदेखा कर देते हैं। जबकि सच यह है कि यदि हम नीम के पत्तों का प्रयोग शुरू कर दें, तो केवल 1–2 दिनों में ही इसका स्वाद सहज लगने लगता है और शरीर को स्वाभाविक रूप से अधिक स्वस्थ और रोग-प्रतिरोधी शक्ति मिलती है।

लेख आरंभ करने से पहले एक महत्वपूर्ण बात, यदि आप रोजाना नीम के पत्ते चबाते हैं, तो आपको कभी भी टूथपेस्ट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नीम प्राकृतिक रूप से दाँतों और मसूड़ों की सफाई, कीटाणु-नाश और कैविटी-रहित रखने में अत्यंत प्रभावी है। इससे न केवल आपका मौखिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि टूथपेस्ट पर होने वाला खर्च भी बचेगा और रसायनों से होने वाले अनचाहे दुष्प्रभावों से भी बचाव होगा।

अब आइए, नीम के पत्तों से मिलने वाले लाभों और उनके उपयोग के तरीकों को विस्तार से जानें, ताकि आप अपनी आवश्यकतानुसार इनके फायदे उठा सकें।

✴️ नीम के पत्ते के उपयोग

नीम के पत्ते एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करते हैं। इन्हें अलग-अलग रूपों में इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे काढ़ा, पेस्ट, फेसपैक, पानी, पाउडर, तेल, धूप, भाप, और हेयर-रिंस। हर तरीका अलग लाभ देता है।

✳️ नीम का काढ़ा

👉 कैसे बनाएं
🔹10–12 ताज़े नीम के पत्ते धोकर लें।
🔹2 कप पानी में डालकर धीमी आँच पर उबालें।
🔹पानी 1 कप रह जाए तब छान लें।
🔹हल्का ठंडा होने पर पी सकते हैं।
👉 फायदे
🔹खून साफ करता है
🔹पेट में कीड़े खत्म करता है
🔹मुंहासे, एलर्जी, फोड़े-फुंसियाँ कम करता है
🔹शरीर में सूजन कम करता है
🔹रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

✳️ नीम का पेस्ट

👉 कैसे बनाएं
🔹मुट्ठी भर ताजे पत्ते धोकर पीस लें।
🔹थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं।
👉 कहाँ उपयोग
🔹चेहरे पर
🔹फोड़े-फुंसी पर
🔹खुजली या एलर्जी पर
🔹घाव पर
👉 फायदे
🔹बैक्टीरिया मारता है
🔹स्किन को ठंडक देता है
🔹मुंहासे जल्दी सुखाता है
🔹खुजली और दाद-खुजली में त्वरित राहत

✳️ नीम फेसपैक

👉 कैसे बनाएं
✔️ विकल्प 1 – मुंहासों के लिए
🔹1 चम्मच नीम पेस्ट
🔹1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी
🔹1 चम्मच गुलाबजल मिलाकर 15 मिनट चेहरे पर लगाएं।
✔️विकल्प 2 – ऑयली स्किन के लिए
🔹नीम पाउडर + दही
👉फायदे
🔹मुंहासे, ब्लैकहेड्स, पिंपल्स कम
🔹स्किन ऑयल-फ्री
🔹ग्लो और टाइटनिंग
🔹दाग-धब्बे कम

✳️ नीम पानी

👉 कैसे बनाएं
🔹20–25 पत्ते 1 लीटर पानी में उबालें।
🔹ठंडा करें और स्टोर करें (2–3 दिन)।
👉 उपयोग
🔹नहाने के पानी में मिलाएं
🔹बाल धोने के बाद आख़िरी रिंस
🔹चेहरे को धोने के लिए
👉 फायदे
🔹शरीर की एलर्जी, खुजली, फंगल इंफेक्शन कम
🔹बालों में डैंड्रफ, खुश्की कम
🔹स्किन को क्लीन और जर्म-फ्री रखता है

✳️ सूखे नीम पत्ते

👉 कैसे बनाएं
🔹ताजे पत्तों को धूप में 2–3 दिन सुखाएँ।
🔹मिक्सर में पीसकर पाउडर बनाएं।
🔹एयरटाइट डिब्बे में रखें।
👉 उपयोग
🔹हर्बल फेसपैक
🔹हेयरपैक
🔹पानी में उबालकर दवा की तरह
🔹शरीर से दुर्गंध हटाने वाले पाउडर में
👉फायदे
🔹फंगल इंफेक्शन में असर
🔹त्वचा के छोटे-छोटे दानों का समाधान
🔹दाद-खुजली नियंत्रित
🔹बालों की जड़ें मजबूत

✳️ नीम का तेल (पत्तों से बना हल्का तेल)

👉 कैसे बनाएं (घर पर सरल तरीका)
🔹1 कप ताजे पत्ते हल्का कूटें।
🔹1 कप नारियल या सरसों का तेल गर्म करें।
🔹पत्ते डालकर 10–12 मिनट धीमी आँच पर पकाएं।
🔹हरा रंग गहरा होते ही छान लें।
👉 उपयोग
🔹बालों की मसाज
🔹डैंड्रफ हटाने
🔹स्किन के घाव/दाद/मुंहासे पर
👉 फायदे
🔹डैंड्रफ खत्म
🔹स्कैल्प स्वस्थ
🔹एंटीफंगल गुण
🔹स्किन इन्फेक्शन जल्दी ठीक

✳️ नीम की भाप

👉 कैसे लें
🔹उबलते पानी में 8–10 पत्ते डालें।
🔹तौलिया से चेहरा ढककर भाप लें।
👉 फायदे
🔹रोमछिद्र साफ
🔹मुंहासे कम
🔹स्किन ग्लो बढ़े
🔹फंगल बैक्टीरिया नष्ट

✳️ नीम का जूस (ताज़ा, कड़वा पर प्रभावी)

👉 कैसे बनाएं
🔹6–8 पत्ते पीसकर ½ गिलास पानी में मिलाएं।
🔹छानकर सुबह खाली पेट पिएँ।
👉 फायदे
🔹ब्लड प्यूरिफायर
🔹मुंहासे घटाता है
🔹शुगर कंट्रोल में मदद
🔹शरीर की गर्मी कम करता है

✳️ नीम धूप / नीम धुआँ

👉 कैसे बनाएं
🔹सूखे पत्ते या नीम की लीफ रेजिन हल्की आंच पर जलाएं।
🔹कमरे या घर में धुआँ फैलाएं।
👉 फायदे
🔹मच्छर-कीड़े दूर
🔹घर की हवा शुद्ध
🔹एलर्जी-कारक कीटाणु कम

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करना न भूलें। अपने सवाल आप नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं—हम आपकी हर प्रतिक्रिया का स्वागत करते हैं।

14/12/2025

#भूमिआंवला

चूना अमृत हैतंबाकू वाला चुना नहीं,,, पनवाड़ी वाला चूना जो आप पान में खाते है वो सत्तर बीमारी ठीक करदेते है ।जैसे किसी को...
14/12/2025

चूना अमृत है

तंबाकू वाला चुना नहीं,,, पनवाड़ी वाला चूना जो आप पान में खाते है वो सत्तर बीमारी ठीक कर
देते है ।

जैसे किसी को पीलिया हो जाये माने जॉन्डिस
उसकी सबसे अच्छी दवा है चूना ;
गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक कर देता है ।
और ये ही चूना नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है -

अगर किसी के शुक्राणु नही बनता उसको अगर गन्ने के रस के साथ चूना पिलाया जाये तो
साल डेढ़ साल में भरपूर शुक्राणु बनने लगेंगे; और
जिन माताओं के शरीर में अन्डे नही बनते उनकी बहुत अच्छी दवा है ये चूना ।

बिद्यार्थीओ के लिए चूना बहुत अच्छा है जो लम्बाई बढाता है -

गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोज दही में मिला के खाना चाहिए,
दही नही है तो दाल में मिला के खाओ,
दाल नही है तो पानी में मिला के पियो - इससे लम्बाई बढने के साथ स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छा होता है ।

जिन बच्चों की बुद्धि कम काम करती है मतिमंद बच्चे
उनकी सबसे अच्छी दवा है चूना

जो बच्चे बुद्धि से कम है, दिमाग देर में काम करते है, देर में सोचते है हर चीज
उनकी स्लो है उन सभी बच्चे को चूना खिलाने से अच्छे
हो जायेंगे ।

बहनों को अपने मासिक धर्म के समय अगर कुछ भी तकलीफ होती हो तो उसका सबसे अच्छी दवा है चूना ।
हमारे घर में जो माताएं है जिनकी उम्र पचास वर्ष हो गयी और उनका मासिक धर्म बंध हुआ उनकी सबसे अच्छी दवा है चूना; गेहूँ के दाने के बराबर चूना हर दिन खाना दाल में, लस्सी में, नही तो पानी में घोल के पीना । जब कोई माँ गर्भावस्था में है तो चूना रोज खाना चाहिए क्योंकि गर्भवती माँ को सबसे ज्यादा केल्शियम की जरुरत होती है और चूना केल्शियम का सबसे बड़ा भंडार है ।

गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए
अनार के रस में - अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाके रोज पिलाइए नौ महीने तक लगातार दीजिये
तो चार फायदे होंगे -

पहला फायदा :-
माँ को बच्चे के जनम के समय कोई तकलीफ नही होगी और नॉर्मल डीलिवरी होगा,

दूसरा :-
बच्चा जो पैदा होगा वो बहुत हृष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त
होगा ,

तीसरा फ़ायदा :-
बच्चा जिन्दगी में जल्दी बीमार नही पड़ता जिसकी माँ ने चूना खाया ,

चौथा सबसे बड़ा लाभ :-
बच्चा बहुत होशियार होता है बहुत Intelligent और Brilliant होता है उसका IQ बहुत अच्छा होता है ।
चूना घुटने का दर्द ठीक करता है , ■ कमर का दर्द ठीक करता है ,

कंधे का दर्द ठीक करता है,

एक खतरनाक बीमारी है Spondylitis वो चुने से ठीक होता है ।
कई बार हमारे रीढ़की हड्डी में जो मनके होते है उसमे दुरी बढ़ जाती है Gap आ जाता है - ये चूना ही ठीक करता है
उसको; रीड़ की हड्डी की सब बीमारिया चूने से ठीक होता है ।
अगर आपकी हड्डी टूट जाये तो टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की ताकत सबसे ज्यादा चूने में है ।
चूना खाइए सुबह को खाली पेट ।

मुंह में ठंडा गरम पानी लगता है तो चूना खाओ बिलकुल ठीक हो जाता है ,

मुंह में अगर छाले हो गए है
तो चूने का पानी पियो तुरन्त ठीक हो जाता है ।

शरीर में जब खून कम हो जाये तो चूना जरुर लेना चाहिए ,

एनीमिया है खून की कमी है उसकी सबसे अच्छी दवा है ये चूना ,
चूना पीते रहो गन्ने के रस में , या संतरे के रस में नही तो सबसे अच्छा है अनार के रस में - अनार के रस में चूना पिए खून बहुत बढता है ,
बहुत जल्दी खून बनता है -

एक कप अनार का रस गेहूँ के दाने के बराबर चूना सुबह
खाली पेट ।

भारत के जो लोग चूने से पान खाते है, बहुत होशियार लोग
है पर तम्बाकू नही खाना, तम्बाकू ज़हर है और चूना अमृत है ..
तो चूना खाइए तम्बाकू मत खाइए और पान खाइए चूने का उसमे कत्था मत लगाइए, कत्था केन्सर करता है,

पान में सुपारी मत डालिए ● सोंट डालिए उसमे ,
इलाइची डालिए ,
लौंग डालिए.
केशर डालिए ;
ये सब डालिए पान में चूना लगा के पर तम्बाकू नही , सुपारी नही और कत्था नही ।
घुटने में घिसाव आ गया और डॉक्टर कहे के घुटना बदल दो तो भी जरुरत नही चूना खाते रहिये

14/12/2025

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845305

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