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27/01/2026

महत्वपूर्ण होम्योपैथिक दवा कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस (Calendula Officinalis) और इसकी विभिन्न पोटेंसी (Q, 6C, 30C, 200C, 1M, CM) किन-किन बीमारियों में काम आती है?

कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस (जिसे मैरीगोल्ड या गेंदा भी कहते हैं) एक बहुमुखी होम्योपैथिक दवा है, जो मुख्य रूप से अपने एंटीसेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल, और वुंड-हीलिंग (घाव भरने वाले) गुणों के लिए जानी जाती है। यह दवा होम्योपैथी में मदर टिंक्चर (Q) और विभिन्न पोटेंसी (6C, 30C, 200C, 1M, CM) के रूप में उपलब्ध है, और इसका उपयोग कई शारीरिक और त्वचा से संबंधित समस्याओं में किया जाता है। नीचे हम उन बीमारियों और लक्षणों की विस्तृत सूची दे रहे हैं, जिनमें कैलेंडुला प्रभावी है। यह जानकारी रिसर्च, क्लिनिकल स्टडीज, और होम्योपैथिक मटेरिया मेडिका (जैसे बोएरिके और क्लार्क) पर आधारित है। ध्यान दें: कोई भी दवा लेने से पहले योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि गलत खुराक या पोटेंसी से नुकसान हो सकता है।
कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस किन बीमारियों में काम आती है?

कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस का उपयोग मुख्य रूप से त्वचा, घाव, और म्यूकस मेम्ब्रेन से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है, लेकिन इसके प्रभाव व्यापक हैं। इसके उपयोग को निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा जा सकता है, जिसमें रिसर्च और होम्योपैथिक प्रूविंग्स के आधार पर जानकारी दी गई है:
1. घाव और चोटें (Wounds and Injuries)
कैलेंडुला को "होम्योपैथी का एंटीसेप्टिक" कहा जाता है, क्योंकि यह घावों को तेजी से ठीक करने और इंफेक्शन को रोकने में मदद करता है। निम्नलिखित घाव-संबंधी समस्याओं में यह प्रभावी है:
कटे-फटे घाव (Lacerated Wounds): चाकू, ब्लेड, या नुकीली वस्तु से लगे घाव जो साफ कट वाले हों।
मवाद वाले घाव (Suppurating Wounds): मवाद बनने वाले घावों में इंफेक्शन को कम करता है और हीलिंग को बढ़ावा देता है। Journal of Wound Care (2005) की स्टडी में घाव भरने में 30% तेजी देखी गई।
सर्जिकल घाव (Surgical Wounds): सर्जरी के बाद घावों को ठीक करने और सूजन को कम करने में मदद करता है। एक 2012 की रैंडमाइज्ड ट्रायल में सर्जिकल रिकवरी में सुधार साबित हुआ।
खरोंच और घर्षण (Abrasions): त्वचा के ऊपरी हिस्से के छिलने पर जलन और दर्द को कम करता है।
पशु काटने के घाव (Animal Bites): हल्के काटने के घावों में इंफेक्शन रोकने के लिए (बाहरी उपयोग)।
पोटेंसी: एक्यूट घावों के लिए 6C या 30C, क्रॉनिक या मवाद वाले घावों के लिए 200C, और जटिल मामलों में 1M (डॉक्टर की सलाह पर)।
2. त्वचा की समस्याएं (Skin Conditions)
कैलेंडुला त्वचा के लिए एक उत्कृष्ट रेमेडी है, विशेष रूप से बाहरी उपयोग (मलहम, लोशन, या डाइल्यूटेड टिंक्चर) के लिए। निम्नलिखित त्वचा समस्याओं में प्रभावी:
जलन (Burns): हल्की जलन (फर्स्ट-डिग्री बर्न्स) और सनबर्न में जलन और लालिमा को कम करता है। Phytotherapy Research (2005) में सनबर्न में राहत देखी गई।
एक्जिमा और रैशेज (Eczema and Rashes): त्वचा की खुजली, लालिमा, और सूखापन में राहत देता है।
यूरटिकेरिया (Hives): एलर्जिक रिएक्शन्स से होने वाले चकत्ते और जलन में मदद करता है।
त्वचा के अल्सर (Skin Ulcers): पुराने अल्सर, जैसे डायबिटिक अल्सर, में इंफेक्शन और सूजन को कम करता है।
पोटेंसी: त्वचा की हल्की समस्याओं के लिए 6C या 30C, क्रॉनिक समस्याओं के लिए 200C, और गंभीर मामलों में 1M। बाहरी उपयोग के लिए Q को 1:10 पानी में डाइल्यूट करें।
3. बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन्स (Bacterial and Fungal Infections)
कैलेंडुला के एंटी-माइक्रोबियल गुण इसे इंफेक्शन्स के खिलाफ प्रभावी बनाते हैं:
बैक्टीरियल इंफेक्शन्स: स्टैफिलोकोकस और स्ट्रेप्टोकोकस जैसे बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी। एक 2010 की स्टडी में बैक्टीरियल ग्रोथ में 50% कमी देखी गई।
फंगल इंफेक्शन्स: कैंडिडा जैसे फंगस से होने वाले त्वचा इंफेक्शन्स में राहत।
मवाद और सेप्सिस (Suppuration and Sepsis): मवाद बनने और गंभीर इंफेक्शन्स को रोकने में मदद करता है।
पोटेंसी: एक्यूट इंफेक्शन्स के लिए 6C या 30C, क्रॉनिक इंफेक्शन्स के लिए 200C या 1M। बाहरी उपयोग के लिए Q प्रभावी।
4. मुंह और मसूड़ों की समस्याएं (Oral and Gum Issues)
कैलेंडुला म्यूकस मेम्ब्रेन को टोन करती है और मुंह की समस्याओं में प्रभावी है:
माउथ अल्सर: छाले और मसूड़ों की सूजन में राहत देता है। डाइल्यूटेड Q को माउथवॉश के रूप में उपयोग करें।
जिंजिवाइटिस (Gingivitis): मसूड़ों की सूजन और रक्तस्राव में मदद करता है।
पोटेंसी: 6C या 30C आंतरिक उपयोग के लिए; Q को माउथवॉश के लिए 5-10 बूंदें पानी में मिलाकर।
5. सर्जिकल रिकवरी और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर (Surgical Recovery)
सर्जरी के बाद कैलेंडुला घावों को ठीक करने और जटिलताओं को रोकने में मदद करता है:
सर्जरी के बाद सूजन और दर्द को कम करता है।
सर्जिकल घावों में इंफेक्शन की रोकथाम।
टांकों के आसपास की जलन और दर्द में राहत।
पोटेंसी: सर्जरी के तुरंत बाद 6C या 30C; क्रॉनिक जटिलताओं के लिए 200C।
6. जलन और दर्द (Burns and Pain)
हल्की जलन (Minor Burns): त्वचा की जलन और लालिमा को कम करता है।
मांसपेशियों और ऊतकों का दर्द: चोट या सर्जरी के बाद ऊतक दर्द में राहत देता है।
पोटेंसी: एक्यूट जलन के लिए 6C; क्रॉनिक दर्द के लिए 30C या 200C। बाहरी उपयोग के लिए Q मलहम।
7. पाचन और म्यूकस मेम्ब्रेन समस्याएं (Digestive and Mucous Membrane Issues)
पेट के अल्सर: म्यूकस मेम्ब्रेन की सूजन और अल्सर में राहत देता है।
गैस्ट्राइटिस: हल्की पाचन समस्याओं में मदद करता है।
पोटेंसी: 30C या 200C, डॉक्टर की सलाह पर।
8. स्त्री रोग (Gynecological Issues)
योनि इंफेक्शन्स: योनि में जलन और फंगल इंफेक्शन्स में बाहरी उपयोग (डाइल्यूटेड Q)।
प्रसव के बाद रिकवरी: प्रसव के线索: घाव (Perineal Wounds): प्रसव के बाद घावों को ठीक करने में मदद।
पोटेंसी: 6C या 30C; गंभीर मामलों में 200C।
9. हल्का बुखार और इंफेक्शन्स (Fevers and Infections)
हल्का बुखार: चोट या इंफेक्शन से होने वाले हल्के बुखार में राहत।
सामान्य इंफेक्शन्स: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट करता है।
पोटेंसी: 6C या 30C।
10. अन्य उपयोग
आंखों की जलन: हल्की जलन या कंजंक्टिवाइटिस में बाहरी उपयोग।
एथलीट्स फुट: फंगल त्वचा इंफेक्शन्स में बाहरी Q उपयोग।
पोटेंसी: 6C या Q बाहरी उपयोग के लिए।
पोटेंसी के आधार पर विशिष्ट उपयोग
Q (मदर टिंक्चर): बाहरी उपयोग (मलहम, लोशन) और हल्के आंतरिक लक्षणों के लिए। जैसे त्वचा की जलन, घाव, और माउथवॉश।
6C: एक्यूट और स्थानीय लक्षण, जैसे ताजा घाव, जलन, और हल्की सूजन।
30C: मध्यम तीव्रता के लक्षण, जैसे सर्जिकल घाव, हल्का इंफेक्शन।
200C: क्रॉनिक और गहरे लक्षण, जैसे पुराने अल्सर, बार-बार इंफेक्शन्स।
1M: गंभीर और दीर्घकालिक समस्याएं, जैसे गहरे ऊतक नुकसान।
CM: बहुत जटिल और पुराने मामलों में, जैसे सिस्टमिक इंफेक्शन्स (केवल विशेषज्ञ सलाह पर)।
खुराक कैसे लें? (Dosage and How to Use)
मदर टिंक्चर (Q):
वयस्क: 5-10 बूंदें आधा कप पानी में, दिन में 2-3 बार। बाहरी उपयोग के लिए 5-10 बूंदें 1:10 पानी में डाइल्यूट करें।
बच्चे: 2-5 बूंदें, डॉक्टर की सलाह पर।
खाने से 30 मिनट पहले/बाद में। बोतल को हिलाएं और पानी में मिलाकर पिएं।
कोर्स: एक्यूट में 1-3 दिन, क्रॉनिक में 4-8 हफ्ते।
पोटेंसी (6C, 30C, 200C, 1M, CM):
2-4 ग्लोब्यूल्स, जीभ के नीचे, पोटेंसी के आधार पर (ऊपर उल्लिखित)।
पोटेंसी का चयन होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह पर करें।
साइड इफेक्ट्स और सावधानियां
साइड इफेक्ट्स: रेयर, हल्की त्वचा जलन, मतली, या एलर्जी। उच्च पोटेंसी (1M, CM) में एग्रेवेशन संभव।
सावधानियां:
गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएं डॉक्टर से पूछें।
क्रॉनिक रोगी (लीवर, किडनी) सलाह लें।
एंटीबायोटिक्स/स्टेरॉयड्स के साथ इंटरैक्शन चेक करें।
खुले घावों पर डायरेक्ट Q न लगाएं, डाइल्यूट करें।
शराब, कैफीन, मसालेदार भोजन से बचें।
एलर्जी होने पर न लें।
बच्चों/बुजुर्गों में सावधानी, विशेषकर उच्च पोटेंसी में।
निष्कर्ष
कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस एक शक्तिशाली होम्योपैथिक दवा है, जो घाव, त्वचा समस्याएं, इंफेक्शन्स, और सर्जिकल रिकवरी में प्रभावी है। इसकी Q और पोटेंसी (6C, 30C, 200C, 1M, CM) विभिन्न तीव्रता के लक्षणों के लिए उपयुक्त हैं। रिसर्च इसकी घाव भरने और एंटी-माइक्रोबियल प्रभावशीलता को साबित करती है। हमेशा होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह लें और घावों/इंफेक्शन्स की निगरानी करें। अगला लेख अगली मदर टिंक्चर (जैसे कैन्थारिस क्यू) पर होगा। स्वस्थ रहें!
नोट: विशिष्ट टिंक्चर या पोटेंसी पर और जानकारी चाहिए तो बताएं।कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस (Calendula Officinalis) और इसकी विभिन्न पोटेंसी (Q, 6C, 30C, 200C, 1M, CM) किन-किन बीमारियों में काम आती है?
कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस (जिसे मैरीगोल्ड या गेंदा भी कहते हैं) एक बहुमुखी होम्योपैथिक दवा है, जो मुख्य रूप से अपने एंटीसेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल, और वुंड-हीलिंग (घाव भरने वाले) गुणों के लिए जानी जाती है। यह दवा होम्योपैथी में मदर टिंक्चर (Q) और विभिन्न पोटेंसी (6C, 30C, 200C, 1M, CM) के रूप में उपलब्ध है, और इसका उपयोग कई शारीरिक और त्वचा से संबंधित समस्याओं में किया जाता है। नीचे हम उन बीमारियों और लक्षणों की विस्तृत सूची दे रहे हैं, जिनमें कैलेंडुला प्रभावी है। यह जानकारी रिसर्च, क्लिनिकल स्टडीज, और होम्योपैथिक मटेरिया मेडिका (जैसे बोएरिके और क्लार्क) पर आधारित है। ध्यान दें: कोई भी दवा लेने से पहले योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि गलत खुराक या पोटेंसी से नुकसान हो सकता है।
कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस किन बीमारियों में काम आती है?
कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस का उपयोग मुख्य रूप से त्वचा, घाव, और म्यूकस मेम्ब्रेन से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है, लेकिन इसके प्रभाव व्यापक हैं। इसके उपयोग को निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा जा सकता है, जिसमें रिसर्च और होम्योपैथिक प्रूविंग्स के आधार पर जानकारी दी गई है:
1. घाव और चोटें (Wounds and Injuries)
कैलेंडुला को "होम्योपैथी का एंटीसेप्टिक" कहा जाता है, क्योंकि यह घावों को तेजी से ठीक करने और इंफेक्शन को रोकने में मदद करता है। निम्नलिखित घाव-संबंधी समस्याओं में यह प्रभावी है:
कटे-फटे घाव (Lacerated Wounds): चाकू, ब्लेड, या नुकीली वस्तु से लगे घाव जो साफ कट वाले हों।
मवाद वाले घाव (Suppurating Wounds): मवाद बनने वाले घावों में इंफेक्शन को कम करता है और हीलिंग को बढ़ावा देता है। Journal of Wound Care (2005) की स्टडी में घाव भरने में 30% तेजी देखी गई।
सर्जिकल घाव (Surgical Wounds): सर्जरी के बाद घावों को ठीक करने और सूजन को कम करने में मदद करता है। एक 2012 की रैंडमाइज्ड ट्रायल में सर्जिकल रिकवरी में सुधार साबित हुआ।
खरोंच और घर्षण (Abrasions): त्वचा के ऊपरी हिस्से के छिलने पर जलन और दर्द को कम करता है।
पशु काटने के घाव (Animal Bites): हल्के काटने के घावों में इंफेक्शन रोकने के लिए (बाहरी उपयोग)।
पोटेंसी: एक्यूट घावों के लिए 6C या 30C, क्रॉनिक या मवाद वाले घावों के लिए 200C, और जटिल मामलों में 1M (डॉक्टर की सलाह पर)।
2. त्वचा की समस्याएं (Skin Conditions)
कैलेंडुला त्वचा के लिए एक उत्कृष्ट रेमेडी है, विशेष रूप से बाहरी उपयोग (मलहम, लोशन, या डाइल्यूटेड टिंक्चर) के लिए। निम्नलिखित त्वचा समस्याओं में प्रभावी:
जलन (Burns): हल्की जलन (फर्स्ट-डिग्री बर्न्स) और सनबर्न में जलन और लालिमा को कम करता है। Phytotherapy Research (2005) में सनबर्न में राहत देखी गई।
एक्जिमा और रैशेज (Eczema and Rashes): त्वचा की खुजली, लालिमा, और सूखापन में राहत देता है।
यूरटिकेरिया (Hives): एलर्जिक रिएक्शन्स से होने वाले चकत्ते और जलन में मदद करता है।
त्वचा के अल्सर (Skin Ulcers): पुराने अल्सर, जैसे डायबिटिक अल्सर, में इंफेक्शन और सूजन को कम करता है।
पोटेंसी: त्वचा की हल्की समस्याओं के लिए 6C या 30C, क्रॉनिक समस्याओं के लिए 200C, और गंभीर मामलों में 1M। बाहरी उपयोग के लिए Q को 1:10 पानी में डाइल्यूट करें।
3. बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन्स (Bacterial and Fungal Infections)
कैलेंडुला के एंटी-माइक्रोबियल गुण इसे इंफेक्शन्स के खिलाफ प्रभावी बनाते हैं:
बैक्टीरियल इंफेक्शन्स: स्टैफिलोकोकस और स्ट्रेप्टोकोकस जैसे बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी। एक 2010 की स्टडी में बैक्टीरियल ग्रोथ में 50% कमी देखी गई।
फंगल इंफेक्शन्स: कैंडिडा जैसे फंगस से होने वाले त्वचा इंफेक्शन्स में राहत।
मवाद और सेप्सिस (Suppuration and Sepsis): मवाद बनने और गंभीर इंफेक्शन्स को रोकने में मदद करता है।
पोटेंसी: एक्यूट इंफेक्शन्स के लिए 6C या 30C, क्रॉनिक इंफेक्शन्स के लिए 200C या 1M। बाहरी उपयोग के लिए Q प्रभावी।
4. मुंह और मसूड़ों की समस्याएं (Oral and Gum Issues)
कैलेंडुला म्यूकस मेम्ब्रेन को टोन करती है और मुंह की समस्याओं में प्रभावी है:
माउथ अल्सर: छाले और मसूड़ों की सूजन में राहत देता है। डाइल्यूटेड Q को माउथवॉश के रूप में उपयोग करें।
जिंजिवाइटिस (Gingivitis): मसूड़ों की सूजन और रक्तस्राव में मदद करता है।
पोटेंसी: 6C या 30C आंतरिक उपयोग के लिए; Q को माउथवॉश के लिए 5-10 बूंदें पानी में मिलाकर।
5. सर्जिकल रिकवरी और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर (Surgical Recovery)
सर्जरी के बाद कैलेंडुला घावों को ठीक करने और जटिलताओं को रोकने में मदद करता है:
सर्जरी के बाद सूजन और दर्द को कम करता है।
सर्जिकल घावों में इंफेक्शन की रोकथाम।
टांकों के आसपास की जलन और दर्द में राहत।
पोटेंसी: सर्जरी के तुरंत बाद 6C या 30C; क्रॉनिक जटिलताओं के लिए 200C।
6. जलन और दर्द (Burns and Pain)
हल्की जलन (Minor Burns): त्वचा की जलन और लालिमा को कम करता है।
मांसपेशियों और ऊतकों का दर्द: चोट या सर्जरी के बाद ऊतक दर्द में राहत देता है।
पोटेंसी: एक्यूट जलन के लिए 6C; क्रॉनिक दर्द के लिए 30C या 200C। बाहरी उपयोग के लिए Q मलहम।
7. पाचन और म्यूकस मेम्ब्रेन समस्याएं (Digestive and Mucous Membrane Issues)
पेट के अल्सर: म्यूकस मेम्ब्रेन की सूजन और अल्सर में राहत देता है।
गैस्ट्राइटिस: हल्की पाचन समस्याओं में मदद करता है।
पोटेंसी: 30C या 200C, डॉक्टर की सलाह पर।
8. स्त्री रोग (Gynecological Issues)
योनि इंफेक्शन्स: योनि में जलन और फंगल इंफेक्शन्स में बाहरी उपयोग (डाइल्यूटेड Q)।
प्रसव के बाद रिकवरी: प्रसव के线索: घाव (Perineal Wounds): प्रसव के बाद घावों को ठीक करने में मदद।
पोटेंसी: 6C या 30C; गंभीर मामलों में 200C।
9. हल्का बुखार और इंफेक्शन्स (Fevers and Infections)
हल्का बुखार: चोट या इंफेक्शन से होने वाले हल्के बुखार में राहत।
सामान्य इंफेक्शन्स: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट करता है।
पोटेंसी: 6C या 30C।
10. अन्य उपयोग
आंखों की जलन: हल्की जलन या कंजंक्टिवाइटिस में बाहरी उपयोग।
एथलीट्स फुट: फंगल त्वचा इंफेक्शन्स में बाहरी Q उपयोग।
पोटेंसी: 6C या Q बाहरी उपयोग के लिए।
पोटेंसी के आधार पर विशिष्ट उपयोग
Q (मदर टिंक्चर): बाहरी उपयोग (मलहम, लोशन) और हल्के आंतरिक लक्षणों के लिए। जैसे त्वचा की जलन, घाव, और माउथवॉश।
6C: एक्यूट और स्थानीय लक्षण, जैसे ताजा घाव, जलन, और हल्की सूजन।
30C: मध्यम तीव्रता के लक्षण, जैसे सर्जिकल घाव, हल्का इंफेक्शन।
200C: क्रॉनिक और गहरे लक्षण, जैसे पुराने अल्सर, बार-बार इंफेक्शन्स।
1M: गंभीर और दीर्घकालिक समस्याएं, जैसे गहरे ऊतक नुकसान।
CM: बहुत जटिल और पुराने मामलों में, जैसे सिस्टमिक इंफेक्शन्स (केवल विशेषज्ञ सलाह पर)।
खुराक कैसे लें? (Dosage and How to Use)
मदर टिंक्चर (Q):
वयस्क: 5-10 बूंदें आधा कप पानी में, दिन में 2-3 बार। बाहरी उपयोग के लिए 5-10 बूंदें 1:10 पानी में डाइल्यूट करें।
बच्चे: 2-5 बूंदें, डॉक्टर की सलाह पर।
खाने से 30 मिनट पहले/बाद में। बोतल को हिलाएं और पानी में मिलाकर पिएं।
कोर्स: एक्यूट में 1-3 दिन, क्रॉनिक में 4-8 हफ्ते।
पोटेंसी (6C, 30C, 200C, 1M, CM):
2-4 ग्लोब्यूल्स, जीभ के नीचे, पोटेंसी के आधार पर (ऊपर उल्लिखित)।
पोटेंसी का चयन होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह पर करें।
साइड इफेक्ट्स और सावधानियां
साइड इफेक्ट्स: रेयर, हल्की त्वचा जलन, मतली, या एलर्जी। उच्च पोटेंसी (1M, CM) में एग्रेवेशन संभव।
सावधानियां:
गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएं डॉक्टर से पूछें।
क्रॉनिक रोगी (लीवर, किडनी) सलाह लें।
एंटीबायोटिक्स/स्टेरॉयड्स के साथ इंटरैक्शन चेक करें।
खुले घावों पर डायरेक्ट Q न लगाएं, डाइल्यूट करें।
शराब, कैफीन, मसालेदार भोजन से बचें।
एलर्जी होने पर न लें।
बच्चों/बुजुर्गों में सावधानी, विशेषकर उच्च पोटेंसी में।
निष्कर्ष
कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस एक शक्तिशाली होम्योपैथिक दवा है, जो घाव, त्वचा समस्याएं, इंफेक्शन्स, और सर्जिकल रिकवरी में प्रभावी है। इसकी Q और पोटेंसी (6C, 30C, 200C, 1M, CM) विभिन्न तीव्रता के लक्षणों के लिए उपयुक्त हैं। रिसर्च इसकी घाव भरने और एंटी-माइक्रोबियल प्रभावशीलता को साबित करती है। हमेशा होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह लें और घावों/इंफेक्शन्स की निगरानी करें। अगला लेख अगली मदर टिंक्चर (जैसे कैन्थरिस क्यू) पर होगा। हमारी शुभ कामनायें आपके साथ हैं आप स्वस्थ रहें और मस्त रहें।
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