17/03/2026
#कुंभ_लग्न_व_राशि_के_जातकों_के_गुण_व_विशेषताएँ-
यह भचक्र की ग्याहरवीं राशि है | इसका विस्तार 300° से 330° तक होता है | इस राशि का स्वामी ग्रह शनि है | यह वायु तत्व राशि है | स्थिर , शीर्षोदय, पुरुष राशि है | विषम राशि है | राशि की दिशा पश्चिम, वर्ण शूद्र है |
इसका प्रतीक चिह्न एक व्यक्ति है जिसके कंधे पर घड़ा है | व्यक्ति ने धोती पहनी है ,घड़े में से पानी छलक कर व्यक्ति के ऊपर भी गिर रहा है |
मध्यम कद किन्तु लम्बेपन की तरफ झुका हुआ प्रायः सुगठित और सुदृढ़ शरीर होता है | उच्च परिभाषित ललाट, आकर्षक चेहरा, सीधे बाल, चमकदार आंखें | मजबूत और सुडोल पैर, कूल्हे और कंधे चौड़े होते हैं | तीखी नाक, दूर तक चल सकता है | शरीर पतला, सुंदर, आकर्षक बाह्यकृति, मांसल होंठ होते हैं | दयालु मनोवृत्ति हेती है | सदैव सतर्क व बेचैन रहते हैं | दिमाग सतर्क रहता है, घबराहट हो जाती है |
आकर्षक व्यक्तित्व होता है | लोग इनकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं |जो सिद्धांत एक बार बना लेते हैं उन्हे बदलना मुश्किल है | सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति हैं | अत्यधिक प्रतिभावान होते हैं, दूसरों को बहुत जल्दी अपना मित्र बना लेते हैं , निर्मल व कोमल ह्रदय होता है सदैव दूसरों की सहायता को तत्पर रहते हैं | दार्शनिक विचारों के होते हैं | दूसरों के दुखः से स्वंय दुखी हो जाते हैं | किसी को तड़पते नहीं देख सकते हैं | शत्रुओं का भी हित सोचते हैं | दूसरों की सहायता को सदैव तत्पर रहते हैं |
स्मरण शक्ति काफी अच्छी होती है | दूसरों से बहुत चतुराई से अपना काम निकलवा लेते हैं | वह लेखक व अच्छे वक्ता होते हैं | चरित्र की अच्छी परख रखते हैं | अन्तर्ज्ञान होता है |
परिवार व जीवनसाथी के प्रति निष्ठावान और पूर्ण रूप से समर्पित होते हैं | सप्तम भाव में सूर्य की राशि है या तो जीवनसाथी खुल कर पैसे खर्च करता है या कंजूस होता है | जीवनसाथी अधिकतर विरोधी विचारधारा का होता है| आप आसानी से कोई भी चीज निकलवा नहीं सकते चाहे ज्ञान हो या धन | कई बार मांगने पर ही देंगे | अगर कुंभ लग्न का है आपका जीवनसाथी तो आसानी से धन निकाल कर नहीं देगा | ज्ञान भी जब कई बार मांगेंगे तब देंगे|
कुंभ लग्न वालों को लोग सनकी समझते हैं | उम्र के साथ संपत्ति बढ़ती है | इन लोगों के पिता के साथ बहुत अच्छे संबंध नहीं होते या पिता के साथ रहना नहीं हो पाता है |
इनको समझना अन्य लोगों के लिए कठिन है क्योंकि कुंभ का अर्थ है घड़ा जब तक भीतर न झांका जाए तब तक पता नहीं चलता कितना खाली है और कितना भरा है | इसलिए करीबी लोग ही इन्हे समझ सकते हैं |
स्थिर लग्न होने के कारण जीवन स्थिरता बनी रहती है | स्थायी निशान सभी जगह छोड़ते हैं | वायु तत्व होने के कारण हवा की तरह स्वतंत्र विचारों के होते हैं | बहुत सी इच्छायें मन में होती है | मानवतावादी विचारों के तथा मानव कल्याण चहाने वाले होते हैं | ईमानदार व्यक्ति होते हैं | वायु तत्व होने के कारण सोचते बहुत हैं गंभीर चिंतन में डूबे रहते हैं | शर्मीले होते हैं आसानी से बात किसी से बाँटते भी नहीं हैं |
कुशाग्र बुद्धि होते हैं , ज्ञान पिपासु होते हैं | आलस्य होता है लेकिन शुरु किए गए कार्य को पूरा करके ही दम लेते हैं | चीज़ों को अपने अंदर समा लेते हैं | सामाजिक व्यक्ति व यात्रा के शौकीन होते हैं | बौद्धिक शौक होते हैं जैसे पढ़ना, लिखना,बहस व लंबी चर्चा करना |
इस लग्न के लोग भाग्यशाली होते हैं | ग्रह अगर अच्छी स्थिति में हो तो जातक इतना धनी हो सकता है कि जैसे वह इस जन्म में घड़ा भरने आया है | धन के मामले में अन्य लोगों से अधिक भाग्यशाली होते हैं | आध्यात्मिक होते हैं किसी जीव को कुंभ तभी प्राप्त होता है जब उसका संचित कर्म फलित होने की स्थिति में होता है |
इनकी बात स्वीकार न की जाये तो बहुत क्रोध आता है | किस बात पर नाराज हो जाये तो पता लगाना मुश्किल होता ह कि क्रोध क्यों आया | गुस्से में उग्र हो जाते हैं अपना नुकसान कर लेते हैं | गुस्सा ठंडा भी बहुत जल्दी हो जाता है | शक होने पर किसी बात की सच्चाई तक पहुंच कर ही दम लेते हैं | सफलता प्राप्त करने का जुनून होता है | सफलता पाने के लिए बहुत मेहनत करते हैं |
खोजी स्वभाव होता है कड़ी मेहनत करते हैं तो शनि उन्हें सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचा देता है | पारीवारिक परिस्थितियों को तोड़कर आगे बढ़ते हैं | सुंदरता के पुजारी, इत्र के शौकीन होते हैं |
जिस प्रकार पानी अपना रास्ता स्वंय बनाते है और कभी अपना रास्ता बदल देते है यह लोग अपने जीवन में कब रास्ता बदल दें पता नहीं चलता है | वर्तमान में यह शिक्षक हैं तो कुछ समय बाद चित्रकार बन जायेंगे और कुछ समय बाद ज्योतिषी बन जायेंगे | उम्र के साथ संपत्ति बढ़ती है |
धन और लाभ दोनों भाव के स्वामी गुरु हैं अतः लाभ को संचित करने का तारतम्य बहुत होता है |धर्म के कामों में खर्च करते हैं| काम करने की बहुत लग्न होती है | अपनी बात बहुत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हैं | कुंभ वालों के प्राकृतिक मित्र सिंह राशि वाले होते हैं | यह परोपकारी होते हैं |
शनि की राशि द्वादश भाव में आती है अपने शरीर का व्यय करते हैं | बिमारियों के विरूद्ध अपनी सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी रखनी चाहिए | तंत्रिका तंत्र, न्यूरोलोजिकल विकार, मिर्गी, मस्तिष्क ट्यूमर या पीड़ा हो सकती है |