Benefits of Our Indian Cow

Benefits of Our Indian Cow Cow is like a mother for Mankind, helps in agriculture, transportation,food, medicine, sports, industry, religious functions and ECONOMY of our country.

09/01/2023
25/09/2022

पुराणों में यह बताया गया है कि गौ के शरीर में 33 कोटि देवता निवास करते हैं । कहा जाता है कि जब गाय के प्रत्येक अंग में देवता प्रतिष्ठित हो गये और अकेली लक्ष्मी जी को देर से आने के कारण स्थान न मिला तो वे बङी परेशान हुई । अन्त में उन्हें गोबर में स्थान दिया गया । लक्ष्मी जी ने सहर्ष गोबर को ही अपना निवास बना लिया । इसलिए ही कहा गया है--" गंग रमे गोमुत्र में, लक्ष्मी गोबर माहि । गोमाता तज के सब तीर्थन में भटकत काहि ।।
🙏💐🙏 ...जय गौ माता ...🙏💐🙏

Jinhone hmesha Gaay k utpadon ka prayog kiya... 🌺🌺🌺Jai Gau Mata🌺🌺🌺
11/02/2019

Jinhone hmesha Gaay k utpadon ka prayog kiya... 🌺🌺🌺Jai Gau Mata🌺🌺🌺

Jai baal Gopaal ...
11/02/2019

Jai baal Gopaal ...

09/02/2019

देशी गाय बहुत काम लोग पालते है क्यों की दूध काम देती हम लोग गाय के गोवर से जैविक खाद और गौ मूत्र से कीटनाशक बनाया सकते है गाय के घी और मूत्र से 50 प्रकार के बीमारी ठीक हो सकती है एक गाय से 25 एकर खेती किया जा सकती है हम लोग मिल कर इसको कर सकते है बस थोड़ा सा परीक्षण की आवस्यकता है - जी हाँ मित्रों गो मूत्र में तो गजब की औषधीय शक्ति होती जो हमारे शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता पैदा करती है गाय मानव को भगवान की ओर से दिया गया एक अनुपम उपहार है सनातन धर्म में गाय और गो मूत्र का विशेष महत्त्व है किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को शुरू करने से पहले भूमि का शुद्धिकरण गोमूत्र द्वारा ही किया जाता है,

ताजा गो मूत्र प्राप्त करके सीधे ही सेवन करने से तुरंत लाभ होता है गोमूत्र को फ़िल्टर या उबलाना नही चाहिए इसे तो कच्चा ही सेवन किया किया जाता है l गो मूत्र में सभी आवश्यक तत्त्व होते है जो हमारे शरीर के लिए जरुरी है, गो मूत्र हमारे शरीर के खनिज तत्वों की कमी को पूरा करता है, गोमूत्र बुढ़ापा रोकने में सहायक होता है, यह लिवर सम्बन्धी बिमारियों दो दूर करता है, खून का संचार व्यवस्थित करता है

आजकल के असंयमित जीवन और खानपान से हमारे शरीर में कई आवश्यक तत्वों की कमी हो जाती है, गो मूत्र उन सभी कमियों को दूर करके आप के शरीर को निरोग बनाता है गोमूत्र के नियमित सेवन से आपके चेहरे पर एक अलग ही तेज़ दिखाई देता है और दिनभर काम करने के बाद भी आपको तनिक भी थकान का अनुभव नहीं होगा l लेकिन एक कटु सत्य यह भी है की हम इतने आधुनिक हो चुके है की अब गाय पालना हमारे बस की बात नहीं है तो फिर हम गो मूत्र को कैसे प्राप्त करें l घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कई आयुर्वेदिक संस्थाएं और कम्पनियाँ बाजार में गोमूत्र का विक्रय करती है l हम इसे प्राप्त करके भी लाभ उठा सकते है l अंत में यही कहूँगा की आयुर्वेद को अपनाये और स्वस्थ रहें, खुश रहें

गोमूत्र में किसी भी प्रकार के कीटाणु नष्ट करने की चमत्कारी शक्ति है। सभी कीटानुजन्य व्याधियां नष्ट होती है।
गोमूत्र त्रिदोष को सामान्य बनाता है अतएव रोग नष्ट हो जाते है।
गोमूत्र शरीर में लिवर को सही क्र स्वच्छ खून बनाकर किसी भी रोग का विरोध करने की शक्ति प्रदान करता है।
गोमूत्र में सभी तत्व होते है जो हमारे शरीर के आरोग्यदायक तत्वों की कमी की पूर्ति करते है।
गोमूत्र में कई खनिज खासकर ताम्र होता है जिसकी पूर्ति से शरीर के खनिज तत्व पूर्ण हो जाते है। स्वर्ण छार भी होने से बचने की यह शक्ति देता है।
मानसिक छोभ से स्नायु तन्त्र (नर्वस सिस्टम) को आघात होता है। गोमूत्र को मेध्य और ह्रद्य कहा गया है। यानि मष्तिष्क और ह्रदय को शक्ति प्रदान करता है। अतएव मानसिक कारणों से होने वाले आघात से ह्रदय की रक्षा करता है और इन अंगो को होने वाले रोगों से बचत है।
किसी भी प्रकार की औषधि की मात्रा का अतिप्रयोग हो जाने से जी तत्व शरीर में रहकर किसी प्रकार से उपद्रव पैदा करते है उनको गोमूत्र अपनी विषनाशक शक्ति से नष्ट क्र रोगी को निरोग करता है।
विद्युत् तरंगे हमारे शरीर को स्वस्थ रखती है यह वातावरण में विद्यमान है सुक्षमाति सूक्ष्म रूप से तरंगे हमारे शरीर में गोमूत्र से प्राप्त ताम्र के रहम से ताम्र के अपने विद्युतीय आकर्षक गुण के कारण शरीर से आकर्षित होकर स्वास्थ्य प्रदान करती है।
गोमूत्र रसायन है यह बुढ़ापा रोकता है व्याधियो को नष्ट करता है
आहार में जो पोषक तत्व कम प्राप्त होते है उनकी पूर्ति गोमूत्र में विद्यमान तत्वों से होकर स्वास्थ्य लाभ होता है।
आत्मा के विरुद्ध कर्म करने से ह्रदय और मष्तिष्क संकुचित होता है जिससे शरीर में क्रिया कलापो पर प्रभाव पड़कर रिग हो जाते है। गोमूत्र सात्विक बुद्धि प्रदान कर सही कार्य कराकर इस तरह के रोगों से बचता है
शास्त्रो में पूर्व कर्मज व्याधियां भी कही गयी है जो हमे भुगतनी पड़ती है गोमूत्र में गंगा ने निवास किया है गंगा पाप नाशिनी है अतएव गोमूत्र पान से पूर्व जन्म के पाप क्षय होकर इस प्रकार के रोग नष्ट हो जाते है
शास्त्रो के अनुसार भूतो के शरीर प्रवेश के कारण होने वाले रोगों पर गोमूत्र इसलिए प्रभाव करता है की भूतो के अधिपति भगवान शंकर है। शंकर के शीश पर गंगा है गो मूत्र में गंगा है। अतः गोमूत्र पान से भूतगण अपने अधिपति के मश्तक पर गंगा के दर्शन कर शांत हो जाते है। और इस शरीर को नही सताते है।
जो रोगी वंश परम्परा से रोगी हो रोग के पहले ही गो मूत्र कुछ समय पान करने से रोगी के शरीर में इतनी विरोधी शक्ति हो जाती है की रोग नष्ट हो जाते है।
विषों के द्वारा रोग होने के कारणों पर गोमूत्र विष नाशक होने के चमत्कार के कारण ही रोग नाश करता है। बड़ी-बड़ी विषैली औषधियां गोमूत्र से शुद्ध होती है ...

🌺🌺🌺जय गौ माता.... 🌺🌺🌺

09/02/2019

🙏🙏🌺🌺🌺Jai Gau Mata 🌺🌺🌺🙏🙏

🙏🙏🙏Jai Gaumata🙏🙏🙏
08/01/2019

🙏🙏🙏Jai Gaumata🙏🙏🙏

11/10/2016
11/10/2016
23/05/2016

cow is everything for me

09/12/2015

गाय का दूध और घी अमृत के समान है. इसे नियमित रूप से अपने भोजन में शामिल करने से वजन कम होता है और किसी प्रकार की बीमारी भी नहीं होती.

गाय हिंदुओं में सबसे पूजनीय प्राणी मानी जाती है. माना जाता है कि एक गाय में कई देवी-देवताओं का वास होता है. इसी लिए गाय के गोबर से लेकर मूत्र तक सभी को पवित्र माना गया है. इसी संदर्भ में कहा गया है कि गाय का दूध और घी अमृत के समान है.

आयुर्वेद में भी गाय के घी को अमृत समान बताया गया है. अगर गाय के घी को नियमित रूप से अपने भोजन में शामिल किया जाए तो इससे वजन भी नियंत्रित रहता है और किसी प्रकार की बीमारी भी नहीं होती.

देशी घी का मतलब है गाय के दूध से बना शुद्ध घी, इसे एक प्रकार की दवा भी माना जाता है. जिस प्रकार गाय के दूध में खूब सारी ऊर्जा होती है उसी प्रकार से देशी घी खाने वाले भी ऊर्जावान होते हैं.

जो लोग गाय का घी खाते हैं उनमें एक अलग तरह की ताजगी दिखाई देती है. गाय के दूध से बुद्धि भी तेज होती है. गाय का घी बड़ा ही स्वादिष्ट और सुगंधित होता है.

गाय के घी के स्वास्थ्य सम्बंधी लाभ :

1. माइग्रेन दर्द दूर भगाए : गाय के घी को नाक में डालें, ये नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द दूर भगाता है.

2. बच्चों के लिए गुणवान : बच्चे के जन्म के बाद वात बढ़ जाता है जो घी के सेवन से निकल जाता है. अगर ये नहीं निकला तो मोटापा बढ़ जाता है.

3. हार्ट के लिए फायदेमंद : हार्ट की नलियों में जब ब्लॉकेज हो तो यह घी एक ल्यूब्रिकेंट का काम करता है.

4. कब्ज दूर करे : कब्ज को हटाने के लिए भी गाय का घी मददगार है.

5. पित्त की समस्या मिटाए : गर्मिंयों में जब पित्त बढ़ जाता है तो गाय का घी उसे शांत करता है. गाय का घी कई रोगों की सर्वोत्तम औषधि गाय के गोबर और मूत्र तक माने जाते हैं पवित्र जो लोग गाय का घी खाते हैं उनमें एक अलग तरह की ऊर्जा दिखाई देती है हार्ट की नलियों में जब ब्लॉकेज हो तो यह घी एक ल्यूब्रिकेंट का काम करता है

6. गैस दूर भगाए : दाल में गाय का घी डाल कर खाने से गैस नहीं बनती.

7. मोटापा कम करे : गाय का घी खाने से मोटापा कम होता है.

8. चेहरा बनाए चमकदार : इसमें बड़ी मात्रा में सारा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कि फ्री रेडिकल्स से लड़ता है और चेहरे की चमक बरकरार रखता है.

9. आंखों की ज्योति बढ़ाए : 1 चम्मच शुद्ध गाय का देशी घी, 1 चम्मच पिसी शकर, 1 चम्मच पिसी कालीमिर्च तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाटकर गर्म दूध पीने से आंखों की ज्योति बढ़ती है.

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SECTOR-D, G-2, BONDAMUNDA
Rourkera
770032

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