राष्ट्रीय जाट महासभा भारत राजस्थान

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राष्ट्रीय महासचिव किसान

16/04/2026

17 मैडल 🥇 आये 140 करोड़ भारतीयों मे से और लाने वाले 17 के 17 जाट 🦁 जो इनका मात्र 2% है!

एक दिन शाम के समय  महाराजा सूरजमल जी घोड़े पर सवार होकर आस-पास के जंगलों में निकले। वह एक झील पर जा पहुंचे। वहां एक सिंह...
16/04/2026

एक दिन शाम के समय महाराजा सूरजमल जी घोड़े पर सवार होकर आस-पास के जंगलों में निकले। वह एक झील पर जा पहुंचे। वहां एक सिंह और एक गाय बिलकुल पास खड़े पानी पी रहे थे। इस अद्भुत दृश्य का उस पर गहरा प्रभाव पड़ा। निकट ही एक नागा साधु (महात्मा प्रीतमदास) का डेरा था। महाराजा सूरजमल ने उस महात्मा के पास जाकर उसे प्रणाम किया। महात्मा ने सूरजमल जी को आशीर्वाद दिया और अपनी राजधानी भरतपुर में बनाने की सलाह दी, जो वहीं पर बनाई गई*।

इस किले को बनाने का काम सन् 1732 ई० में आरम्भ हुआ। एक बार शुरु हो जाने के बाद निर्माण कार्य 60 वर्ष तक रुका ही नहीं। मुख्य किलेबंदियां आठ वर्षों में पूरी हो गयीं। इसमें दो खाइयां भी सम्मिलित थीं, एक तो शहर की बाहर वाली चारदीवारी के पास थी और दूसरी कम चौड़ी, पर ज्यादा गहरी खाई किले को घेरे हुई थी। परिवर्धन, परिवर्तन, रूपान्तर और विस्तार का

कार्य महाराजा सूरजमल से नौवीं पीढ़ी में उसके वंशज महाराजा जसवंतसिंह (1853-1893 ई०) के राज्य-काल तक चलता रहा।

महाराजा बदन सिंह (शासन: 1722-21 मई 1755)। वह चूड़ामन के भतीजे थे, चूड़ामन की मृत्यु के बाद बदन सिंह को राजा की तौर पर मा...
16/04/2026

महाराजा बदन सिंह (शासन: 1722-21 मई 1755)।
वह चूड़ामन के भतीजे थे, चूड़ामन की मृत्यु के बाद बदन सिंह को राजा की तौर पर मान्यता को स्वीकार किया|
बदनसिंह धार्मिक प्रवृति के व्यक्ति थे। उन्होंने वृंदावन में एक मंदिर एवं डीग के किले में कुछ महलों का निर्माण करवाया। बदनसिंह के पुत्र सूरजमल थे, जिन्होंने 1733 ई. , में भरतपुर के दुर्ग की नीवं रखी जो बाद में लोहागढ़ कहलाया एवं इसे भरतपुर राज्य की बाद राजधानी बनाया गया। यह दुर्ग इतना मजबूत व अभेद्य है कि अपने निर्माण से लेकर देश की स्वाधीनता प्राप्ति तक अंग्रेजों जैसा ताकतवर दुश्मन भी दुर्ग को लड़कर नहीं जीत पाया। 1805 में लॉर्ड लेक विशाल अंग्रेजी सेना लेकर 5 माह तक दुर्ग का घेरा डाले रहा तथा जी-जान लगाने के बावजूद लोहागढ़ दुर्ग पर कब्जा नहीं कर पाया बदनसिंह ने अपने जीवन काल में ही सन् 1755 ई. में राज्य की बागडोर अपने योग्य पुत्र सूरजमल को सौंप दी थी।

14/04/2026

ब्रेकिंग न्यूज़ -
कभी भी युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ नरेश मदेरणा राजस्थान दौरे की घोषणा कर सकते है ।।

लेटर जारी होते ही प्रदेश जिला अध्यक्ष तैयारी मै जुट जाए

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14/04/2026

राष्ट्रीय जाट महासभा भारत राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष K L Ola जी एवं समस्त कार्यकारणी ने आज देश के महान शिक्षित समाजसेवी भीम राव अम्बेडकर जी की जन्म जयंती धूम धाम से मनाई ।।

#भाईचारा_कायम_रहे

झुंझुनू जिलाध्यक्ष पहुंचे जन्म जयंती मनाने भाईचारा कायम रखे
14/04/2026

झुंझुनू जिलाध्यक्ष पहुंचे जन्म जयंती मनाने

भाईचारा कायम रखे

14/04/2026

सिर्फ़ आज के लिए नहीं हमेशा अपने जाट समाज के लिए जुनून रखा करो मेरे जाट भाइयों और अपने महापुरुषों को याद रखा करो !!
#राष्ट्रीय_जाट_महासभा_भारत

13/04/2026

हिसाब में रहियो लाला
जाट सबर में है कब्र में नहीं🥷☠️

जाट बुद्धि 💪☠️

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