Doing over 1,45,000 eye surgeries annually, Akhand Jyoti stands as the largest super speciality eye hospital in eastern India.
Doing over 1,45,000 eye surgeries annually, with 5 eye hospitals and 46+ eye clinics in Bihar, Uttar Pradesh and Uttarakhand, Akhand Jyoti Eye Hospital stands as the largest super speciality eye hospital network in Eastern India. Akhand Jyoti has been providing comprehensive, high-quality, affordable eye care services and treatment to the community for the last 20+ years and is considered to be the most trusted and preferred eye hospital in the region. Akhand Jyoti Eye Hospital is working towards eliminating curable blindness. Akhand Jyoti is a charitable eye hospital. 80% of its services are free to the poor. The hospital provides free-of-cost eye surgeries to the poor and needy patients to give back sight and restore their dignity, hope and livelihood. Through its unique and signature programme, 'Football to Eyeball', Akhand Jyoti Eye Hospital educates and train underprivileged girls from rural Bihar, provide opportunities, and help them become highly skilled optometrists at the hospital. The education programme is completely free-of-cost and emply these girls at the hopsital after the completion of their formal optometry course. The goal is to developing these girls into role models and help them become change agents in the society. OUR VISION is to help eliminate curable blindness and visual impairment by providing affordable and accessible eye health services in low-income regions while empowering women to achieve this. OUR MISSION is to provide 2 million sight restoring eye surgeries and primary care to 12 million of the poorest sections; and engage and empower 1500 girls from these regions by 2030. STRATEGIC OBJECTIVES (TILL 2030)
We aim to :
• Make Bihar blind-free by 2030
• Eliminate curable blindness & visual impairment from 40 low-income districts by completing 2 million surgeries & 12 million screenings
• Empower 1500 young girls through eye health services
• To sustain, become the first choice in affordable eye health for rural communities
31/03/2026
👁️ मधुमेह और आपकी आँखों की सेहत आपस में जुड़ी हुई हैं!
क्या आप जानते हैं कि मधुमेह (डायबिटीज) आपकी आँखों को तब भी प्रभावित कर सकता है, जब आपको कोई लक्षण महसूस न हो रहा हो?
डायबिटिक रेटिनोपैथी एक गंभीर नेत्र रोग है, जो तब विकसित होता है जब लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुक़सान पहुँचाता है। यदि समय पर इसकी पहचान और उपचार न की जाए, तो यह दृष्टि हानि का कारण बन सकता है।
अखण्ड ज्योति दृष्टि केंद्र, अब मोतीपुर (बिहार) में भी!
बिहार को इलाज योग्य अंधापन और दृष्टि दोष से आज़ादी दिलाने की मंशा के साथ दिनांक 28 मार्च, 2026 को अखण्ड ज्योति दृष्टि केंद्र की नई शाखा का उद्घाटन बड़े ही धूम-धाम से संपन्न हुआ।
यह दृष्टि केंद्र सुनिश्चित करेगा कि मोतीपुर और उसके आस-पास रहने वालों को अत्याधुनिक नेत्र देखभाल सेवाओं का लाभ लेने के लिए अपने क्षेत्र से दूर न भटकना पड़े।
पिछले 20+ वर्षों से अखण्ड ज्योति समूह बिहार के दूर-दराज़ इलाकों तक सुलभ, किफ़ायती और उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र सेवाएँ पहुँचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। परिणामस्वरूप, अब तक हम 48+ दृष्टि केन्द्रों का मज़बूत नेटवर्क स्थापित कर चुके हैं।
अखण्ड ज्योति दृष्टि केंद्र में उपलब्ध सेवाएँ:
▪️ प्राथमिक नेत्र देखभाल सुविधाएँ
▪️अत्याधुनिक उपकरणों एवं तकनीक द्वारा नेत्र जाँच
▪️मोतियाबिंद व अन्य दृष्टि संबंधी समस्याओं की जाँच
▪️पॉवर का चश्मा बनाने की सुविधा
▪️टेली-ऑप्थैल्मोलॉजी द्वारा हमारे सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में
मौजूद विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों से परामर्श
आवश्यकता के अनुसार यह दृष्टि केंद्र मरीज़ों को पूर्वी भारत के सबसे बड़े सुपर स्पेशलिटी नेत्र अस्पताल, अखण्ड ज्योति ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’, में रेफ़र करने की सुविधा भी प्रदान करेगा।
हम ‘सेवा फाउंडेशन’ का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिनके आर्थिक व नैतिक सहयोग से इस दृष्टि केंद्र का निर्माण व संचालन संभव हो पाया।
आँखों को सालों-साल स्वस्थ रखने के लिए साल में कम से कम एक बार नेत्र जाँच ज़रूर कराएँ!
अखण्ड ज्योति मोतीपुर दृष्टि केंद्र का पता:
बरुराज रोड ऑटो स्टैंड, मोतीपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार-843111
(लैंडमार्क: बजाज एजेंसी से 100 मीटर पश्चिम)
अपॉइंटमेंट बुक करने या अधिक जानकारी के लिए व्हाट्सऐप करें: +919262971777
28/03/2026
👁️✨ मैक्युलर होल (छिद्र) क्या होता है?
मैक्युलर होल आँख के पीछे मौजूद रेटिना के केंद्रीय हिस्से (मैक्युला) में बनने वाला एक छोटा सा छेद होता है। मैक्युला हमारी स्पष्ट दृष्टि के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होता है, इसलिए इसमें होने वाली समस्या सीधे-सीधे देखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है, ख़ासकर सामने की चीज़ों को स्पष्ट देखने में।
जानना चाहते हैं कि यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हो सकते हैं और समय पर जाँच और निदान क्यों ज़रूरी है?
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के प्राकट्य दिवस के शुभ अवसर पर, अखण्ड ज्योति समूह, ईश्वर से यह कामना करता है कि आपके जीवन में अपार सुख, वैभव और उत्तम स्वास्थ्य का आगमन हो।
भगवान श्री राम का आदर्श जीवन हमें सत्य, धैर्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस पावन अवसर पर हम यही प्रार्थना करते हैं कि आपके जीवन में भी खुशियों की रोशनी और सफलता की नई किरणें जगमगाती रहें।
त्योहार की इस पावन बेला में अपने स्वास्थ्य, विशेषकर आँखों की सेहत का भी ध्यान रखें, ताकि आप जीवन के हर सुंदर पल को स्पष्ट रूप से देख और महसूस कर सकें।
नियमित नेत्र जाँच समय रहते आँखों की समस्याओं का पता लगाने में मदद करती है और दृष्टि को सुरक्षित रखने में सहायक होती है।
आज ही पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, की नज़दीकी शाखा में अत्याधुनिक उपकरणों द्वारा नेत्र जाँच कराएँ और निश्चिंत हो जाएँ।
मधुमेह (डायबिटीज) रेटिना से जुड़ी बीमारियों के प्रमुख कारणों में से एक है। यदि इसे समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे आपकी दृष्टि को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
लेकिन अच्छी बात यह है कि सही जानकारी और समय पर देखभाल से आप अपनी आँखों की रोशनी बचा सकते हैं।
👉 ब्लॉग (लेख) पढ़ें और जानें कि डायबिटीज रेटिना को कैसे प्रभावित करती है और अपनी दृष्टि को सुरक्षित रखने के लिए आपको क्या क़दम उठाने चाहिए: https://tinyurl.com/diabetes-and-retina
अगर आपको अपनी आँखों में छोटी-बड़ी कोई भी समस्या का एहसास हो तो चिंता न करें, अखण्ड ज्योति है ना!
अंधापन मुक्त बिहार बनाने के हमारे मिशन को मिला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार!
हमें यह बताते हुए बेहद प्रसन्नता और गर्व का अनुभव हो रहा है कि बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति द्वारा अखण्ड ज्योति आई हॉस्पीटल को “सर्टिफिकेट ऑफ़ एक्सीलेंस” से सम्मानित किया गया है। बिहार में मौजूद सभी नेत्र अस्पतालों में से सिर्फ़ अखण्ड ज्योति को यह गौरव प्राप्त हुआ।
यह सम्मान हमें आयुष्मान मंथन, बिहार (16 मार्च 2026, पटना) के अवसर पर प्रदान किया गया, जहाँ हमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन, विश्वस्तरीय नेत्र देखभाल सेवाओं और मरीज़ों के प्रति समर्पण के लिए सराहा गया।
अखण्ड ज्योति पिछले 20 वर्षों से लगातार ‘अंधापन मुक्त बिहार’ बनाने के लिए पूरी तत्परता के साथ प्रयासरत है। इसी क्रम में हम सशुल्क सेवाओं के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) के अंतर्गत ग़रीब एवं वंचित समुदायों को निःशुल्क नेत्र देखभाल सेवाएँ भी प्रदान करते हैं।
हम भविष्य में भी इसी समर्पण और उत्साह के साथ कार्य करते रहेंगे, ताकि हर व्यक्ति को साफ़ और स्वस्थ दृष्टि मिल सके।
पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, हर समय आपकी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए आपके साथ है।
डॉक्टर से परामर्श के लिए व्हाट्सऐप करें: 092629 71777
23/03/2026
👁️⚠️ रेटिनल टियर: क्या यह चिकित्सीय आपातकाल है?
रेटिनल टियर (आँख के पर्दे में दरार) तब होता है जब आँख के पीछे मौजूद पतली और प्रकाश संवेदनशील परत (रेटिना) में छोटा सा छेद हो जाता है।
इसके शुरुआती संकेतों में अचानक चमक (फ्लैशेस) दिखना, नए फ्लोटर्स दिखाई देना या देखते समय छाया/परछाई जैसा महसूस होना शामिल हो सकता है।
यह जानना बहुत ज़रूरी है कि क्या हर रेटिनल टियर एक आपात स्थिति होती है?
या
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी हो जाता है?
चेतावनी संकेतों को पहचानना और समय पर क़दम उठाना गंभीर जटिलताओं से बचने में मदद कर सकता है।
👉 ब्लॉग (लेख) पढ़ें और जानें कि रेटिनल टियर क्या है और किस स्थिति में तुरंत उपचार कराना चाहिए: https://tinyurl.com/retinal-tear
अपनी दृष्टि में अचानक होने वाले बदलावों को नज़र-अंदाज़ न करें। समय पर उपचार आपकी आँखों की रोशनी बचा सकता है। 👁️
अपनी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे अच्छा नेत्र अस्पताल ढूँढ रहे हैं? फ़िक्र न करें, पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, है ना!
अखण्ड ज्योति की ओर से आपको और आपके परिवार को ईद की दिल से मुबारकबाद। हम दुआ करते हैं कि ईद आपके जीवन में ख़ुशहाली, सेहत और बरकत लेकर आए।
इस ख़ुशी के मौके पर अपनों की मुस्कान और त्योहार की रौनक को एकदम साफ़ देखने के लिए अपनी आँखों का ख़ास ख़याल रखें।
हर साल, ईद के मुबारक मौक़े पर नियमित नेत्र जाँच कराना न भूलें, क्योंकि आँखों की कई बीमारियाँ बिना किसी शुरुआती लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती हैं। समय रहते जाँच और उपचार से स्थायी दृष्टि हानि से बचा जा सकता है।
नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-बड़ी हर समस्या को हल करने के लिए पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, हर वक़्त आपके साथ है।
इस शुभ अवसर पर अखण्ड ज्योति समूह यह प्रार्थना करता है कि नवरात्रि आपके जीवन में अपार समृद्धि, भक्ति और शक्ति की रोशनी लेकर आए।
माँ दुर्गा के आशीर्वाद से अपने जीवन में आने वाली ख़ुशियों को साफ़-साफ़ देखने के लिए अपनी आँखों का विशेष ख़याल रखें।
प्रतिवर्ष नेत्र जाँच कराना न भूलें, क्योंकि आँखों की कई बीमारियाँ छिपकर और बिना लक्षण दिखाए विकसित होती हैं। सिर्फ़ समय रहते उनकी पहचान होने से ही स्थायी दृष्टि हानि को रोका जा सकता है।
आँखों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता न करें। पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, हर समय आपकी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए आपके साथ है।
स्वस्थ हो नज़र तो त्यौहार में ख़ुशियों से भर जाएगा घर!
17/03/2026
💻👁️ क्या आप लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं?
आँखों में जलन, खुजली, धुँधला दिखाई देना या आँखों में थकान, ये सभी ड्राई आई (Dry Eyes) के संकेत हो सकते हैं। लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने वाले लोगों में यह समस्या काफ़ी आम हो गई है।
इस वीडियो में डॉ. कुमारी श्वेता, वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ, अखण्ड ज्योति आई हॉस्पीटल, कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करते हुए आँखों की सुरक्षा के लिए कुछ आसान और उपयोगी सुझाव साझा कर रही हैं।
आपकी रोज़मर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव भी आपकी आँखों की सेहत में बड़ा अंतर ला सकते हैं।
🎥 अपनी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए इस वीडियो को ज़रूर देखें।
आपकी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, हरदम आपकी सेवा में उपलब्ध है।
👁️ क्या आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है या आप मधुमेह, उच्च रक्तचाप या बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे हैं?
अगर हाँ, तो आपकी आँखें ख़तरे में हो सकती हैं। भले ही आपको अपनी दृष्टि अभी बिल्कुल सामान्य लग रही हो, इस वीडियो को नज़र-अंदाज़ न करें।
इस वीडियो में अखण्ड ज्योति आई हॉस्पीटल के मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. अजीत कुमार पोद्दार, बता रहे हैं कि 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों के लिए व्यापक नेत्र जाँच (Comprehensive Eye Examination) क्यों ज़रूरी है।
कई शारीरिक बीमारियाँ चुपचाप आँखों को प्रभावित करती हैं और अक्सर शुरुआती चरण में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे में सालाना विस्तृत नेत्र जाँच कराने से समय रहते समस्या का पता लग सकता है और आपकी दृष्टि बच सकती है।
👁️ स्वस्थ आँखों के लिए टेस्ट है बेस्ट!
यह वीडियो देखें और जानकारी प्राप्त करें कि नियमित नेत्र जाँच कैसे आपकी दृष्टि को सालों साल सुरक्षित रख सकती है।
अपनी आँखों के लिए सबसे अच्छा नेत्र अस्पताल ढूँढ रहे हैं? पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, है ना!
👁️ विश्व ग्लूकोमा दिवस पर शुरू करें नेत्र आरोग्यता का सफ़र!
ग्लूकोमा, जिसे आम बोलचाल की भाषा में काला मोतियाबिंद भी कहा जाता है। यह “दृष्टि चोर रोग” के नाम से भी प्रचलित है, क्योंकि यह अक्सर शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता।
यदि:
✔️ आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है
✔️आपके परिवार में किसी को ग्लूकोमा हो या पारिवारिक इतिहास हो
✔️ आप मधुमेह, उच्च रक्तचाप या बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे हैं
तो आपको ग्लूकोमा होने का अधिक जोखिम हो सकता है। ऐसे में समय-समय पर आँखों की जाँच कराना बेहद ज़रूरी है। याद रखें, समय पर पहचान ही स्थायी दृष्टि हानि को रोकने का सबसे आसान उपाय है।
हमारे ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ नेत्र अस्पताल में समर्पित ग्लूकोमा स्पेशलिटी क्लिनिक उपलब्ध है, जहाँ अत्याधुनिक जाँच उपकरणों और अनुभवी विशेषज्ञों की टीम के साथ सुरक्षित वातावरण में संपूर्ण ग्लूकोमा उपचार प्रदान किया जाता है।
लक्षणों का इंतज़ार न करें। आज ही अपनी दृष्टि की सुरक्षा के लिए नेत्र जाँच कराएँ।
विश्वस्तरीय नेत्र देखभाल के लिए पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नेत्र अस्पताल नेटवर्क, अखण्ड ज्योति, हमेशा आपके पास और साथ है!
📍 अस्पताल का पता: श्रीरमेशपुरम, मस्तीचक, सारण, बिहार – 841219
📲 अपॉइंटमेंट के लिए व्हाट्सऐप करें: 092629 71777
🌐 ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें: https://tinyurl.com/ajeh-website
Be the first to know and let us send you an email when Akhand Jyoti Eye Hospital posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.
Akhand Jyoti reaches out to the remotest communities in India’s poorest states to eradicate blindness, and although village based, has become one of the top 5 hospitals in India. Akhand Jyoti not only restores sight (and therefore income and dignity) to the most deprived sections of society but also incorporates an active gender equality programme aimed at empowering women & girls in strong patriarchies. Did you know that 1 out of 3 blind people in the world live in India, and Bihar shares a significant burden of this population. Akhand Jyoti Eye Hospital aims to at least double it’s operational capacity so that it spearheads the efforts to make Bihar blind free by 2022. We also intend to establish the world’s first Centre of Excellence in eye care in a rural area (in Bihar of course), thereby bringing speciality world-class treatment to the doorsteps of the most deprived sections of our population. In summary:
AJEH is currently doing 65,000 eyes (cataract) surgeries each year. 80% of these are provided free of charge to people who cannot afford the treatment cost.
AJEH started in 2006 and is now one of the top five eye hospitals of India.
AJEH has a unique “Football to Eyeball” programme. Under this, village girls are encouraged to play football and trained to qualify as an Optometrist professionally. This empowers local girls to cure blindness and to make a broader societal impact in a very patriarchal society.
As there is an enormous number (approximately 650,000) of blind people in Bihar, who can easily be given sight, AJEH plans to at least double its surgical capacity over the next five years.
AJEH is predominantly reliant on donations for its funding, while it focuses on eradicating blindness over the next five years in Bihar.
After this period, AJEH expects to expand its operations in other poor states of India while becoming financially self-sustainable.