27/10/2025
आज, 27 अक्टूबर 2025 की सुहानी सुबह, वीएस मैक्स हॉस्पिटल के कमरे में खुशियों की एक नई किरण उतरी।
रोहिता, जिनकी आँखों में मातृत्व की चमक थी, ने एक प्यारे से नवजात बेटे को जन्म दिया।
पास ही खड़े अनुज की आँखों में खुशी के आँसू झलक रहे थे — जैसे सारी दुनिया की खुशियाँ आज उनके आँगन में उतर आई हों।
डॉक्टरों और नर्सों ने मुस्कुराते हुए कहा,
“बधाई हो! आपके घर नन्हा राजकुमार आया है।”
बाहर इंतज़ार करती दोनों परिवारों की दादी-दादा और नाना-नानी के चेहरे पर भी मुस्कान खिल उठी।
हर किसी के हाथ में मिठाइयाँ थीं, और दिल में सिर्फ एक ही बात —
“भगवान ने हमारे घर को आज सच में स्वर्ग बना दिया।”
छोटे बच्चे की कोमल उँगलियाँ जब रोहिता की उँगली को थामती हैं, तो मानो एक नया जीवन, एक नई शुरुआत का वादा करती हैं।
अनुज धीरे से उसके माथे को चूमते हुए कहते हैं,
“तुम हमारे जीवन का सबसे सुंदर उपहार हो।”
आज का दिन, 27 अक्टूबर 2025, हमेशा याद रहेगा —
वो दिन जब रोहिता और अनुज के घर खुशियों का चाँद उतरा। 🌙👶💫